हिमाचल विवि कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी , लाखों रुपये के कंप्यूटर फांक रहे धूल

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HP University Campus

विवि के मुख्य पुस्तकालय में दो साल पहले कंप्यूटरीकरण को लाखों की राशि मंजूर हुई। उसका काम शुरू भी किया गया। चार लाख से कंप्यूटर खरीदे गए, ये कंप्यूटर आज तक किसी इस्तेमाल में नहीं लाए गए हैं। इनका छात्रों के लिए कोई लाभ नहीं हुआ है।

शिमला-छात्रों ने विवि के पुस्तकालयों के लिए कंप्यूटर खरीद को आए फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। एचपीयू के पुस्तकालयों में लाखों रुपये के कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। ये किसी काम के नहीं। छात्रों के लिए प्रयोग के लिए लाइब्रेरी में रखे गए कंप्यूटर शोपीस बनकर रह गए हैं।

पुस्तकालयों के कंप्यूटरीकरण और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर जारी लाखों की राशि का सही इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसमें उन्होंने गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनका कहना है कि बिना स्टाफ और बंद पड़े कंप्यूटरों से साफ है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आम छात्रों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर कितना संजीदा है।

विवि के मुख्य पुस्तकालय में दो साल पहले कंप्यूटरीकरण को लाखों की राशि मंजूर हुई। उसका काम शुरू भी किया गया। चार लाख से कंप्यूटर खरीदे गए, ये कंप्यूटर आज तक किसी इस्तेमाल में नहीं लाए गए हैं। इनका छात्रों के लिए कोई लाभ नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट में फंडों का दुरुपयोग होने की पूरी संभावनाएं हैं!
पुस्तकालयों में नाममात्र स्टाफ से ही काम चलाया जा रहा है। पुस्तकालयों के लिए स्वीकृत 52 कर्मचारियों के पदों में से सिर्फ बारह कर्मियों से काम चलाया जा रहा है। विवि कार्यकारी परिषद ने सिर्फ पुस्तकालय सहायकों के पदों को भरने को हरी झंडी जरूर दी है, मगर इसे भरने की दिशा में कोई कदम अब तक विवि प्रशासन ने नहीं बढ़ाया है।

हजारों छात्रों, कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ
परीक्षा की तैयारी और सिलेबस की जानकारी के लिए हर रोज हजारों छात्र पुस्तकालय आते हैं। पुस्तकालय में स्टाफ की कमी के चलते छात्रों को एक किताब लेने के लिए मुश्किलें हो रही हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त काम का बोझ पड़ रहा है।

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