हिमाचल को मिली 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की स्वीकृति,पर रोहतांग सीएनजी बसें चलाना बना गले की फांस

0
243

शिमला- प्रदेश में जल्द इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। केंद्र ने 50 बसें खरीदने की स्वीकृति दी है। ये बसें 90:10 के अनुपात से खरीदी जाएंगी। 90 फीसदी शेयर केंद्र, दस फीसदी राशि प्रदेश सरकार का होगा।

निगम ने 25 और इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। केंद्र ने 75: 25 के अनुपात से राशि उपलब्ध करवाने की बात कही है, लेकिन प्रदेश सरकार 90:10 के अनुपात से राशि उपलब्ध करवाने की मांग कर रही है।

पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि देश भर में हिमाचल इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने वाला पहला पर्वतीय राज्य होगा। एचआरटीसी के बेड़े में जल्द 300 नई बसें जुड़ेंगी। शुक्रवार को परचेजिंग कमेटी की बैठक बुलाई है।

निगम ने जनवरी माह में जीरो वैल्यू की 188 बसों को रोड ऑफ किया है। इनसे निगम को 3 करोड़ 40 लाख की राशि मिली है। मंत्री ने बताया कि नई बसों की खरीद के साथ 200 बसों को रोड ऑफ किया जाएगा। ऐसा होने से निगम के पास जीरो वैल्यू की 173 बसें शेष रहेंगी।

मंत्री ने कहा कि वोल्वो बसों के चालकों-परिचालकों की वर्दी लाइट ब्लू और ग्रे कलर की होगी। निगम ने 15 नई वोल्वो बसें खरीदने का निर्णय लिया है। जल्द औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। वोल्वो बसों में सौम्य स्वभाव के चालक तैनात किए जाएंगे।

हरिद्वार में एक जून से होने वाले अर्धकुंभ के लिए निगम विशेष बसें चलाएगा। लोगों को एडवांस बुकिंग की सुविधा भी दी जाएगी। 25 व्यक्तियों के समूह की मांग पर बस उपलब्ध करवाई जाएगी।

यात्रियों की मांग पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। बसों में एक पुलिस कर्मी और एक गाइड तैनात किया जाएगा। यात्रियों के खाने-पीने, पूजा और रहने की व्यवस्था की जाएगी।

पहले प्लांट लगाएं, फिर चलाएंगे सीएनजी बसें-

रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाना सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। ट्रायल पर लाखों खर्च करने के बाद अब सरकार पहले सीएनजी प्लांट लगाने की बात कर रही है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने दो टूक कहा कि पहले रोहतांग के लिए सीएनजी प्लांट की व्यवस्था हो जाए, बसें चलाने में निगम देरी नहीं करेगा।

एनजीटी के आदेशानुसार सरकार ने रोहतांग के लिए दो बार सीएनजी बसों का ट्रायल किया। इसमें लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक रोहतांग के लिए 20 सीएनजी बसें चलाई जानी थीं। बाकायदा, निगम ने इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित कर दिए थे। अब सरकार बसें लाने से पहले गैस उपलब्ध करवाने की बात कर रही है।

सरकार टाहलीवाल और मनाली में सीएनजी का प्लांट लगाने की बात कर रही है, लेकिन यह योजना अभी ठंडे बस्ते में है। कैसे मनाली तक सीएनजी पहुंचेगी, इस पर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। रोहतांग के लिए सीएनजी ही नहीं, बल्कि बसों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप भी बड़ी चुनौती रहेगी।

सरकार भले ही टाहलीवाल और मनाली में गैस प्लांट लगाने की बात करती रही हो, लेकिन अगर बस खराब हो जाती है तो उसे ठीक करने के लिए वर्कशॉप, उपकरण और मेकेनिक का होना आवश्यक होगा। ऐसे में बसें चंडीगढ़ या दिल्ली रिपेयर के लिए भेजनी पड़ेंगी।

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने से पहले सीएनजी की आवश्यकता है। पहले गैस के लिए प्लांट लगाए जाएं, सरकार बसें लेने में देरी नहीं करेगी।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS