देवता ने दस मिनट पहले कर दिया था आगाह

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कुल्लू — बंजार विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले कोटला गांव में रविवार शाम पांच बजे भयानक आग ने पूरे गांव को देखते ही देखते अपनी चपेट में ले लिया। गांव में अपशगुन होने के संकेत यहां देवता बड़ा छमाहूं ने देव खेल के माध्यम से कोटला गांव से कुछ दूरी पर स्थित दूसरी जगह पर दिए थे। देवता ने देव खेल में गूर के माध्यम से साफ कहा कि आज यहां कोई बड़ा अपशगुन होने वाला है। देव खेल में देवता के साथ गए बालीचौकी के नवीन शर्मा ने बताया कि देव खेल में देवता के ऐसा कहने के 10 मिनट बाद ही मालूम पड़ा कि कोटला गांव में आग लग गई है। उन्होंने बताया कि देवता के पास 4:30 पर देउली शुरू हुई थी।

गांव में लगी आग की खबर मिलते ही सभी प्रभावित इलाके में लोगों की मदद के लिए पहुंचे, लेकिन गांव तक अग्निशमन केंद्र की कोई भी गाड़ी न पहुंचने के चलते देखते ही देखते गांव का एक-एक घर राख के ढेर में तबदील होते चला गया। ग्रामीणों की आंखों के सामने उनके आशियाने खाक हो रहे थे, सपनों का घर जलता देख लोग विलाप कर रहे थे, लेकिन आग पर काबू पाने के लिए कोई भी साधन न होने के चलते सभी खुद को लाचार महसूस कर रहे थे। महिलाएं, गांव के बुजुर्ग व बच्चे अपने आशियानों को जलता देख बस आंसू बहाने के लिए मजबूर थे।

वहीं, दूर-दूर से गांवों के लोग मदद के यहां पहुंचे थे, लेकिन आग पर काबू पाने के लिए कोई साधन न होने के चलते मात्र मूक दर्शक बन प्रभावित लोगों को ढाढस बंधा रहे थे। हालांकि आग पर काबू पाने के लिए महिलाओं की हिम्मत यहां देखने वाली थी। हाथों में डंडे लिए जले हुए छतों को महिलाएं तोड़ने में जिस कद्र से हिम्मत दिखा रही थीं। उसे देख यहां मदद के लिए पहुंचे लोग भी उनके बचे हुए आशियानों को बचाने में देर रात तक जुटे रहे।

बहरहाल, आग लगने का कारण चाहे जो भी रहा हो, लेकिन ऐसे हालातों में आपदा प्रबंधन के काम पर भी सवाल उठता है और सवाल यह भी है कि अब गांववासी आगे क्या करेंगे।

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