शलाह से कुनिहार (SH -16 ) का सफर जानलेवा, सड़क किनारे न पैरापिट न ही रेलिंग

0
328

10 किलोमीटर का सफर जानलेवा — सड़क किनारे एक भी पैरापिट नहीं
जानलेवा हैं पट्टा-बरौरी -कुनिहार के बीच के तीखे मोड़ | कभी भी हो सकती है गंभीर दुर्घटना
व्यस्त मार्गों की श्रेणी में आता है यह शिमला-कुनिहार-नालागढ़ मार्ग

वॉट्सऐप पर दर्शाये गए ब्लैक स्पॉट्स पर टिका-टिप्पणी नहीं –ठीक करने के लिए अमल करें –फील्ड इंजीनियरों को सुझाव

अर्की मंडल के अधीन शिमला -नालागढ़ राज्य मार्ग संख्या -16 का शलाह से कुनिहार का सफर किसी दिन जानलेवा साबित न हो जाए ! यह संभावना विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने व्यक्त की है ! मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस मार्ग को राज्य मार्ग का दर्जा मिले लगभग तीन दशक बीत चुके हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग के अर्की डिवीजन के अधीन आने वाले इस मार्ग का ममलीग -शलाह से कुनिहार का सफर अभी भी सुरक्षित नहीं किया गया है ! गुप्ता ने कहा कि बहुत ही खेद का विषय है कि इस भाग में एक भी पैरापिट सड़क किनारे दूर -दूर तक देखने को नहीं मिलता है ! उन्होंने कहा की प्रतिवर्ष सड़कों के उचित रख-रखाव के लिए प्रदेश सरकारें बजट का प्रावधान करती हैं लेकिन मार्ग के इस हिस्से को देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि पी.डब्ल्यू.डी विभाग का सड़क सुरक्षा की ओर ध्यान कम है और सिर्फ सड़क को पक्का करने की ओर ही प्रतिवर्ष फील्ड कर्मचारियों रहता है जो कि एक चिंता का विषय है ! उन्होंने कहा की हिमाचल में रोजाना सड़क दुर्घटनाओं में वृधि होने पर विभाग को ब्लैक स्पॉट्स तुरंत सुरक्षित करने के लिए कदम उठाने चाहिए !
उन्होंने कहा कि इस मार्ग को देखने से लगता है कि विभाग ने पैरापिट /रेलिंग लगाना तो दूर आजतक चुने के पत्थर लगाने की भी जहमत नहीं उठाई है !

shimla-mamligh

गुप्ता ने उन इंजीनियरों को आड़े हाथों लिया है जो अपने सेक्शनों में जनहित कार्यों के लिए गंभीर नहीं हैं ! उन्होंने कहा कि विभाग को कई मर्तवा इस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए लिखित व् मौखिक तौर पर निवेदन किया गया है लेकिन कुछ मंडलों के इंजीनियर सिर्फ टाइम पास कर एक -दूसरे स्थान को अपनी सहूलियत अनुसार तबादला करवा लेते हैं और जनहित कार्यों के लिए गभीर नजर नहीं आते हैं जिस कारण सड़क सुरक्षा में इस प्रकार की चूक पाई जाती है ! ज्ञात रहे कि विकास समिति टुटू सड़क सुरक्षा के मध्यनजर समय-समय पर विभाग तथा सरकार को सुझाव भेजती रहती है तथा हिमाचल की सड़कों के ब्लैक स्पॉट्स भी हाई-लाईट करती रहती है ताकि राहगीरों की जान -माल की रक्षा की जा सके !

नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि उन्होंने हिमाचल के लोक निर्माण विभाग के कुछ आला अधिकारियों व् फील्ड इंजीनियरों का एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया हुआ है जो कि ब्लैक स्पाटस को संबंधित अधिकारी तक तुरंत पहुंचाने में सेतु का काम कर रहा है परन्तु विभाग के कुछ फील्ड इंजीनियर वॉट्सऐप पर ब्लैक स्पॉट्स हाईलाईट करने पर उन्हें समय पर ठीक करने का सुझाव देने की बजाय फिजूल की टिक्का -टिप्पणी करते हैं जो कि जनहित में बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है ! उन्होंने कहा की विभाग के इन फील्ड इंजीनियरों को मोबाइल भत्ता भी मिलता है और उसके बावजूद भी वॉट्सऐप जैसी आधुनिक सुविधा का लाभ उठाने की बजाय टिका-टिप्पणी करने में विश्वास रखते हैं !
state-highway-16-himachal

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS