हिमाचल में मैगी के 34 सैंपल फेल, 6 पास

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हिमाचल में जांच के लिए भेजे गए मैगी के 34 सैंपल फेल हो गए हैं। इन सैंपल में लैड की उपस्थिति निर्धारित मात्रा से अधिक पाई गई है। बिलासपुर जिला से जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लिए मैगी नूडल के भेजे छह नमूने प्रयोगशाला में सही पाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय जांच केंद्र पंचकूला (हरियाणा) से प्राप्त परिणाम के अनुसार जांच के लिए भेजे गए सभी नमूनों में हानिकारक लैड और मोनोसोडियम ग्लुटामेट की उपस्थिति खाद्य सुरक्षा मानक कानून 2006 में निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

जिसके उपयोग पर लोगों की सेहत पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके चैधरी ने बताया कि कार्यालय निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन हिमाचल प्रदेश शिमला के निर्देंषों की अनुपालना के तहत गत माह मैगी नूडल के छह नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच हेतु यह जानने के लिए भेजे थे कि मैगी नूडल का उपयोग मानव सेहत के लिए लाभकारी है या नहीं।

नेसले प्लांट टाहलीवाल के 34 सैंपल फेल

उन्होंने बताया कि इसी संदर्भ में कार्यालय संयुक्त आयुक्त एवं निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन हिमाचल प्रदेश शिमला से प्राप्त सूचनानुसार गत माह नेसले प्लांट टाहलीवाल जिला ऊना से मैगी जांच हेतु लिए गए 34 नमूनों की अंतरराष्ट्रीय जांच प्रयोगशाला के परिणामानुसार बैच सं. 51446640 सीसी निर्माण तिथि 05. 2015 एच और बैच संख्या 51536640 बीए निर्माण तिथि 06. 2015 एच में लैड की उपस्थिति निर्धारित मात्रा से अधिक है।

इन दोनों बैचों की मैगी का उपयोग सेहत के लिए हानिकारक है। डा. चौधरी ने बताया कि इस संबंध में कार्यालय संयुक्त आयुक्त एवं निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन शिमला के निर्देशानुसार जिला में खाद्य सुरक्षा कानून-2006 के तहत शीघ्र्र कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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