तार के सहारे सड़क सुरक्षा — रेलिंग टूटने से व्यक्ति घायल

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तार के सहारे टिकी है सड़क किनारे की रेलिंग —
क्विंटल वजन की गार्डर रेलिंग –एक तार के सहारे
सड़क सुरक्षा एक रेलिंग नहीं –तार के सहारे
रेलिंग गिरने से एक राहगीर को लगी चोट —
आर.टी.ओ आफिस शिमला के पास टंगी है रेलिंग

शनिवार दोपहर आर.टी.ओ आफिस के साथ डोगरालॉज की ओर लगी सड़क किनारे की रेलिंग अचानक एक व्यक्ति के ऊपर गिर जाने से राहगीर पैदल रास्ते पर गिर गया और उसके सिर पर गहरी चोट आ गई ! यह कहना है विकास समिति टूटू अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता का ! समिति अध्यक्ष ने कहा की वह भी किसी निजी कार्य से डोगरालॉज से परिवहन भवन की ओर पैदल जा रहे थे तो कुछ लोगों को एक व्यक्ति की मदद करते हुए उन्होंने पूछा की क्या हुआ ! गुप्ता ने कहा की उन्हें एक मददगार ने बताया की उक्त घायल व्यक्ति ने सड़क किनारे लगी रेलिंग का सहारा जैसे ही पैदल रास्ते से सड़क पर आने के लिए लिया वह पैदल रास्ते पर रेलिंग सहित गिर गया और इनके सिर पर गहरी अंदरूनी चोट आई है तथा अब पहले से बेहतर हैं !

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नागेन्द्र गुप्ता ने कहा की जब मौके पर रेलिंग टूटने का कारण जांचा गया तो वह लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को कोसने के बिना न रह पाये ! उन्होंने कहा की उन्होंने पाया की अधिकतर सड़क किनारे की लोहे की रेलिंग नट-बोल्टों की जगह मात्र लोहे की तारों से बांधी गयी है ! गुप्ता ने कहा की यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है की क्विंटल तक के वजन की चैनल -गार्डर रेलिंग भी लोक निर्माण विभाग ने एक हल्की सी तार से टांग रखी है जो यदि किसी की टांग पर गिर जाए तो टांग ही टूट जाएगी ! उन्होंने कहा की रेलिंग को नट -बोल्ट या वैल्डिंग से जोड़ा जाना चाहिए ताकि कोेई शरारती तत्व भी रेलिंग का लोहा चोरी करके न ले जाये !

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समिति अध्यक्ष ने कहा की या तो पी.डब्ल्यू.डी.विभाग के फील्ड इंजीनियर समय-समय पर अपने कार्य क्षेत्र का दौरा नहीं करते या कार्यों में कोताही बरतते हैं जिस कारण अभी भी राजधानी की अधिकतर सड़कों की रेलिंगे अभी तक कई सालों से लटकी पडी हैं और अधिकत्तर ब्लैक स्पॉट भी अभी तक ठीक नहीं किये गए हैं !

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समिति अध्यक्ष ने कहा की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है की अभी भी शिमला के फील्ड इंजीनियर खलीनी क्षेत्र या नए स्थानो पर जो पैदलपथों का निर्माण कर रहे हैं वहां पर पाईप-रेलिंग का ही प्रावधान लिया जा रहा है जो की सुरक्षा के दृष्टिगत उचित नहीं है जबकि पुरानी पाईप रेलिंग को जगह -जगह अब जाली लगा कर सुरक्षित और दरुस्त किया जा रहा है !

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उन्होने जनहित में प्रदेश के मुख्यमंत्री जिनके पास लोक निर्माण मंत्रालय का कार्यभार भी है उनसे गुहार लगाई है की शिमला शहर के फील्ड इंजीनियरों को जल्द शिमला के पैदल मार्ग व् सड़क किनारे की रेलिंग ठीक करने के निर्देश दिए जाएँ ताकि भविष्य में कोई अप्रिय दुर्घटना न घट सके !
नागेन्द्र गुप्ता

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