हिप्पा से मशोबरा -नालदेहरा तक अभी भी नंगे हैं ब्लैक स्पॉट्स -क्रैशबार रेलिंग लगाईं जाये

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SH-13 Shimla-Suni (14)

आरोप –समय पर कार्यों को अंजाम नहीं दिया जाता –तीन साल पूरे होने का रहता है इन्तजार —
हिप्पा से मशोबरा -नालदेहरा तक अभी भी नंगे हैं ब्लैक स्पॉट्स
तीखे मोड़ों पर तुरन्त क्रैशबार रेलिंग लगाईं जाये —
कई सड़क हादसे हो चुके हैं –विभाग बेखबर
2009 से लगातार रेलिंग /पैरापिट मांग कर रहे हैं –फिर भी कान पर जूं नहीं रेंगती

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​अचानक ​सोमवार को शिमला – करसोग मार्ग नंबर SH-13 में जाना हुआ तो हमने पाया कि शिमला से नालदेहरा तक यह मार्ग बहुत ही तंग है तथा हिप्पा से आगे इस मार्ग के तीखे मोड़ अभी भी सुरक्षित नहीं हैं! विकास समिति टूटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि इस मार्ग पर हिप्पा से नालदेहरा तक पिछले पांच वर्षों में किसी भी प्रकार के सुरक्षा कवच विभाग ने लगाने की जहमत नहीं उठाई है जिस कारण इस सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं!

नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि टूरिष्ट सीजन शुरु होने पर वाहनों की आवाहजाही अब और अधिक बढ़ गयी है परन्तु विभाग तीखे मोड़ो को सुरक्षित न कर हादसों को न्योता दे रहा है!

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उन्होंने कहा कि बहुत शर्म की बात है कि तीन वर्ष पहले मशोबरा के नजदीक आर.डी संख्या -9 के पास सी.पी.मेले के दौरान एक पिक-अप गहरी खाई में गिर गईं थी जिसमे सांगटी (समरहिल) निवासी एक युवा की मौत गई थीं परन्तु पी.डब्ल्यू .डी. के संबधित सेक्शन ने अभी तक उस भाग को रेलिंग /पैरापिट लगा कर सूरक्षित करने की जहमत नहीं उठाई!

गुप्ता ने कहा कि शिमला में ज्यादात्तर कार्यरत फील्ड इंजीनयर अपना तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा होने से पूर्व ही शिमला के आसपास ही किसी न किसी सर्कल /डिवीजन /सबडिवीजन में अपनी ट्रासंसफर या एडजस्टमेंट तो करवा लेते है और सिर्फ़ टाइम पास कर रहे हैं और जनहित कार्यों को सही समय पर अंजाम नहीं देते हैं जिस कारण सड़कों की उचित रख रखाव नहीं हो रहा है और वर्षों से बताये गये ब्लैक स्पॉट्स जैसे के तैसे पड़े हैं जो सड़क हादसों को न्योता दे रहे हैं! समिति अध्यक्ष ने कहा कि इस कारण जनहित कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं जिसके लिये सरकार को भी ध्यान देना चाहिये!

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नागेन्द्र गुप्ता ने कहा उनकी समिति और वह लगभग पिछलें दस वर्षों से सडक़ हादसों को कम करने के उद्देश्य से सरकार तथा विभाग के ध्यान में सड़कों डिफेक्ट/ब्लैक स्पॉट्स लाती हैं परन्तू उन्हे तब बहुत दुख होता है जब बतायेँ गये सड़क डिफेक्ट/ब्लैक स्पॉट को विभाग के कुछ फील्ड इंजीनियर समय पर ठीक नहीं करते हैं और उस स्पॉट पर हादसा हो जाता है तथा किसी न किसी बेगुनाह की मौत हो जाती है जिस कारण कई मर्तवा ईमानदारी से कार्य करने वाले फील्ड इंजीनियरों पर भी उनका गुस्सा फूट जाता है!
-नागेन्द्र गुप्ता

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