शिमला और धर्मशाला में चलाई जाएंगी पीआरटी पौडसः मुख्यमंत्री

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“शिमला और धर्मशाला शहरी जैसे विख्यात पर्यटक स्थलों में वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट (पीआरटी) पौड स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है जिससे इन शहरों की परिवहन आवश्यकताएं पूरी होने के साथ साथ यह पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी”

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राजधानी शिमला तथा धर्मशाला में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधन विकसित करने पर विचार कर रही है। इन शहरों में पर्सनल रेपिड ट्रांजि़ट (पीआरटी) पौड स्थापित करने के लिए व्यावहारिक रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि त्वरित एवं व्यक्तिगत टैक्सी सेवा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी।

मुख्यमंत्री आज यहां शहर एवं नगर नियोजन ए हिमुडा एवं शहरी विकास विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीआरटी वैकल्पिक परिवहन क्षेत्र में आधुनिक हरित समाधान है ,जिसमें मोनोरेल के लिए 10 मीटर ट्रैक की आवश्यकता के मुकाबले 2 1 मीटर टैक की ही आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि चार से छः सीट की स्वचलित पौड बैटरी से चलने वाला चालक रहित वाहन है, जो एलिवेटिड मार्ग पर चलता है। इसे आसानी से स्थापित किया जा सकता है, क्योंकि इसकी ज्यादातर अधोसंरचना पहले से ही तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक पीआरटी प्रणाली लंदन के हिथरो एयरपोर्ट में सफलतापूर्वक प्रयोग में लाई जा रही है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शहरी सचल परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) स्थापित किया जाएगा ताकि पीआरटी एवं रज्जू मार्ग इत्यादि जैसे शहरी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिनियम तैयार किया जा रहा है। इससे शहरी क्षेत्रों जो विख्यात पर्यटक स्थल हैं, में वाहनों के दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी और शहरों की परिवहन आवश्यकताएं भी पूरी की जा सकेंगी।

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