कृष्णानगर में आवास निर्माण परियोजना को मिली केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी

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“राजीव गांधी आवास योजना के तहत कृष्णानगर क्षेत्र में तीन स्थानों पर 300 आवास बनाए जाएगें और एक स्थान पर सामुदायिक केंन्द्र का निर्माण किया जाएगा जिसमें सामुदायिक सभागारए औषधालयए वृद्ध देखभाल गृह , पुस्ताकलय , क्रच , सौलर लाइटों और सोलर हीटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी”

राजधानी शिमला के कृष्णानगर क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी और आधुनिक सुविधाओं से युक्त सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने राजीव आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस पायलट परियोजना के अंतर्गत 300 मकानों का निर्माण प्रस्तावित है जिनमें से 224 मकान रहने के लिए और 76 किराए पर दिए जाएंगे।

आवास एंव नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय आवास एंव गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन से इस परियोजना को स्वीकृत करने का आग्रह किया था और प्रदेश में इस परियोजना के लिए लगभग 34.10 करोड़ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना को मंजूरी प्रदान करने के लिए आवास एंव नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया ।

प्रदेश सरकार राजीव आवास के अंतर्गत लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है और इस तरह की योजनाओं को नगर निगम के बाद नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी कार्यान्वित किया जाएगा जिससे स्लम में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं और रहने के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाया जा सके।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कृष्णानगर में इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए चार स्थान चयनित किए गए हैं। तीन स्थानों पर कुल 300 आवास बनाए जाएंगे जबकि एक स्थान पर सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। 224 मकान उन स्थानीय निवासियों को रहने के लिए दिए जाएंगे जिनके पास रहने लायक घर नहीं हैं। सामुदायिक केंद्र में सामुदायिक सभागारए औषधालयए वृद्ध देखभाल गृहए पुस्ताकलयए क्रचए सौलर लाइटों और सोलर हीटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

उन्होंने कहा की इस तरह की योजनाओं से पिछड़े क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।

आवास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई स्थानों पर बिल्डरों ने अनिवार्यता प्रमाण पत्र लिए बिना और नगर नियोजन की स्वीकृति के बगैर निर्माण कार्य आरंभ किए हैंए जिस पर सरकार बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा कि विभाग को ऐसे मामलों की छानबीन करने के निर्देश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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