अभिभावकों के बढ़ते विरोध के चलते हिमाचल के निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने जारी किये मनमानी बंद करने के आदेश

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Private schools in Shimla

शिमला- हिमाचल के निजी स्कूलों की मनमानी और लूट के खिलाफ अभिवावकों के विरोध प्रदर्शन का असर दिखने लगा है। पहले कुछ स्कूलों ने फीसों में कटौती की व अब शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है।

शिक्षा विभाग व छात्र अभिभावक मंच के मध्य सम्पन्न 16 मार्च की मीटिंग के बाद दिनांक 18 मार्च को हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशक ने यह अधिसूचना जारी की। निदेशक शिक्षा ने सभी निजी स्कूलों को कुछ आदेश जारी किये!

जारी की गयी अधिसूचना में हिमाचल के निजी स्कूलों को अब अधिनियम 1997 व शिक्षा का अधिकार 2009 का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।

जारी की गयी अधिसूचना में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं:

  1. निदेशक ने प्राइवेट स्कूलों को फीसों के मामले में मनमानी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं व कहा है कि फीसें तर्कसंगत होनी चाहिए।
  2. प्राइवेट स्कूलों में वर्दी व किताबों की दुकानों पर पाबंदी लगा दी गई है।
  3. प्राइवेट स्कूलों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों को वर्दी व किताबें खरीदने के लिए किसी विशेष दुकान से बाध्य न करें।
  4. अधिसूचना में स्पष्ट कर दिया गया है कि पिकनिक,टूअर व ट्रिप के नाम पर अभिभावकों से पैसे की जबरन उगाही नहीं की जाए व इसकी अनिवार्यता खत्म करके इसे स्वैच्छिक बनाया जाए।
  5. स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम-1997 के अंतर्गत निर्मित नियम-2003 के अनुसार हर प्राइवेट स्कूल में पीटीए का गठन अनिवार्य कर दिया गया है जिसमें लोकतांत्रिक तरीके से अभिभावकों की संख्या दो तिहाई होगी।

निदेशक ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाए व अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधनों पर सख्त कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने इसे मंच के आंदोलन की जीत बताते हुए छात्र अभिभावक मंच ने जारी किए गए आदेशों का स्वागत किया है! मंच ने मांग की है कि इस अधिसूचना को अक्षरतः लागू किया जाए।

मंच ने आशा व्यक्त की है कि अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी व लूट पर शिकंजा कसेगा व हज़ारों अभिभावकों को न्याय मिलेगा। उन्होंने शिक्षा सचिव को चेताया है कि प्राइवेट स्कूलों पर नकेल न लगाई गई तो मंच के पास निर्णायक आंदोलन करेगा।

उन्होंने कहा है कि मंच के दूसरे चरण का आन्दोलन अगले दो-तीन दिनों के भीतर शुरू होगा जिसकी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी,लूट व भारी फीसों पर अंकुश लगाने के लिए कानून व पॉलिसी न बनाई गई। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कॉलेजों व विश्वविद्यालयों की तर्ज़ पर निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए रेगुलेटरी कमिशन बनाया जाए।

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