न बिजली, न घडी,न फोन, फिर भी जंगली जानवरों से भरे हिमालयन नेशनल पार्क में अकेली रहती है 80 साल की यह महिला

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चित्र: आईएएनएस

कुल्लू- करीब 80 साल की एक बुजुर्ग महिला घने जंगल के बीच अकेले अपने कच्चे घर में रहती है। यह मामला 754 वर्ग किमी में फैले कुल्लू के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का है। 1999 में इस इलाके को नेशनल पार्क घोषित कर दिया गया, बाकी परिवार तो इलाका खाली करके यहां से चले गए लेकिन 80 साल की चतरी देवी ने अपना घर छोड़ने से इनकार कर दिया। क्योंकि जिस घर में उसके पति ने अंतिम सांस ली, वह भी वहीं दम तोड़ना चाहती है। अब वो जंगली जानवरों से भरे इस नेशनल पार्क में अकेली रहती है। अधिकारियों ने उसे हिमाचल नैशनल पार्क के बाहर जमीन देने की पेशकश भी की लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं है।

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चित्र: आईएएनएस
अपना घर नहीं छोड़ना चाहती महिला

चतरी देवी अपना कच्चा मकान खाली करने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि यह घर 20 साल पहले उसके पति चंदे राम ने बनाया था। सारी जिंदगी उसने यहीं काटी। इसी जमीन पर खेती की तो अब वह यहां से क्यों जाए। उसके पति की पति की फेफड़ों के कैंसर से मौत हो चुकी है। उसके तीन बेटे, उनकी पत्नियां और 9 पोते-पोतियां भी नेशनल पार्क के बाहर जाकर बस गए हैं। ऐसे में बस वही अकेली उस घर में रह रही है। महिला का कहना है कि घर का कोई न कोई सदस्य सूर्य ढलने से पहले उसके पास रहने के लिए आता है और सुबह होते ही वहां से चला जाता है।

नैशनल पार्क में खतरनाक जानवर

साल 2014 को यूनेस्को ने नेशनल पार्क को धरोहर घोषित कर दिया था। पार्क का कोर एरिया 250 वर्ग किमी में फैला है। इस पार्क में तेंदुए और भालू जैसे खतरनाक जानवर हैं। लेकिन चतरी देवी को उनसे डर नहीं लगता।

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बुजुर्ग महिला का कहना है कि कई बार यह जानवर घूमते-घूमते उसके घर तक आ जाते हैं, लेकिन वह मुझ पर हमला नहीं करते। मैं उनके रास्ते में नहीं आती और वह मेरे रास्ते में नहीं आते। चतरी देवी का कहना है कि अधिकारी मुझे मेरी मौत के बाद ही इस जगह से अलग कर पाएंगे।

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