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Photo: Punjab Kesari

सोलन- गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए सरकारी योजनाओं की लिस्ट लंबी है लेकिन क्या वाकई इन योजनाओं का फायदा जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है। यह सवाल आज इसलिए खड़ा हो गया है क्योंकि सोलन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

सिरमौर जिला के धरोट की रहने वाली 52 साल की महिला तारा देवी के पेट से प्लास्टिक के गुच्छे (a collection of matter in the shape of nest ) निकले हैं। महिला न बोल सकती है और न ही सुन सकती है। जब इस महिला के हाथ पैर सूजने लगे, भूख बिल्कुल बंद हो गई और पेट में दर्द रहने लगा तो पड़ोसी की मदद से इसे सोलन में जाने माने सर्जन संजय अग्रवाल के पास लाया गया। चिकित्सक ने तारा देवी के जरूरी टेस्ट करवाए। जिसमें महिला के पेट में उन्हें गुच्छा सा नजर आने लगा। डॉक्टर को शक हुआ कि महिला के पेट में बालों का गुच्छा हो सकता है। चिकित्सक ने तुरंत ऑप्रेशन की सलाह दी।

ऑप्रेशन में महिला के पेट से सीमेंट की बोरियों के प्लास्टिक के धागे भारी मात्रा में निकले। यह सभी धागे इस तरह लग रहे थे कि जैसे चिड़िया ने महिला के पेट में कोई घोंसला बना दिया हो। इसे देखकर ऑप्रेशन करने वाला चिकित्सक भी हैरान रह गए।

चिकित्सक संजय अग्रवाल ने बताया कि तारादेवी के पेट से लेकर इलियम तक करीब सात फीट लंबे प्लास्टिक के गुच्छे ने अवरोध पैदा किया हुआ था जिसकी वजह से महिला को भूख नहीं लग रही थी और सूजन बढ़ती जा रही थी। उन्होंने बड़े एहतियात से महिला का ऑप्रेशन किया। चूंकि महिला बोल नहीं पाती थी इसलिए एनेथिस्या देना भी एक उनके लिए चुनौती थी। इसके बावजूद सफल ऑप्रेशन को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि अब महिला की हालत सुधरने लगी है।

तारा देवी के साथ आई पडो़सी महिला ने बताया कि वह गरीब है और घर पर अकेली रहती है। इस दुनिया में उसका कोई सहारा नहीं है। अपनी भूख मिटाने के लिए वह प्लास्टिक खाने लगी। क्योंकि तारा देवी बोल नहीं सकती इसलिए उन्हें भी उसकी हालत का अंदाजा नहीं था लेकिन जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो वह उसे सोलन अस्पताल ले आए।

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