Himachal Congress vs Himachal BJP

शिमला- कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के बारे में दी गई टिप्पणियों का पूर्णतया खंडन करते हुए प्रदेश भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप, राम स्वरुप शर्मा समेत विधायक श सुरेश भारद्वाजए श्री जय राम ठाकुर एवं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ0 राजीव बिंदल ने अपने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों को इस तरह के बयान देने से पहले स्वयं को मुद्दों के तथ्यों की जानकारी कर लेनी चाहिए!

भाजपा ने कहा कि इस प्रकार की बेतुकी बयानबाज़ी करके और कुछ नहीं अपितु ये मंत्रीगण अपने सीमित एवं सतही ज्ञान का प्रदर्शन कर रहे हैं! तथा यह मंत्रीगण राज्य के मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए मीडिया के समक्ष किसी भी प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं और भ्रष्टाचार मुक्त विकसित हिमाचल के लिए अनेक नई परियोजनाओं के प्रस्ताव को मंज़ूरी एवं बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त करने की बजाय ये मंत्रीगण अपनी क्षुद्र राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं!

भाजपा ने यह भी कहा कि नड्डा द्वारा दिए गए बयान के समर्थन में कहा गया कि नड्डा ने किसी भी प्रकार से राज्य के मुख्यमंत्री के चुनाव पर प्रश्न नहीं उठाया है बल्कि उन्होंने सार्वजानिक जीवन में जनता के प्रति आपकी जवाबदेही और नैतिकता के न्यूनतम स्तर को कायम रखने का स्मरण कराया है!पार्टी ने कहा कि एक व्यक्ति जो प्रदेश सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठा हुआ हैए वो भ्रष्टाचार ए नॉन गवर्नेंस (A non-governance) एवं भाई भतीजावाद की सहायता से सरकार को चलाने वाले विफ़ल नेता का पर्याय बन कर रह गया है! ऐसे में नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए!

मुख्यमंत्री एवं उनके परिवार पर आरोप लगाते हुए भाजपा ने कहा कि आय से अधिक सम्पति का तथ्यों पर आधारित मामला सभी के सामने है! तथा इस मामले के खिलाफ कोर्ट में मुकदमे का सामना करते हुए अपनी बेगुनाही साबित करने की बजाय मुख्यमंत्री भावनात्मक खेल खेलकर जनता की आँखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं! परंतु मुख्यमंत्री यह समझने में भूल कर रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश के लोगों को हर बार मूर्ख नहीं बनाया जा सकता!

भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के लिए अनेक नई परियोजनाओं के प्रस्ताव को मंज़ूरी एवं बढ़ावा दिया है जिसका प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार का आभार प्रकट करना चाहिए था जबकि ये मंत्रीगण तथ्यविहीन राजनीति का खेल रहे हैं जो की हिमाचल प्रदेश के वासियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है! उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों ने 61 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से जुड़े डीपीआर(DPR)की मंज़ूरी के तथ्यों की जाँच किए बगैर बयान दिए!

भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के चलते ही भूतल परिवहन मंत्रालय ने 20 अक्टूबर 2016 में में राज्य द्वारा प्रस्तावित 229 69 करोड़ रुपये की राशि को 27 अक्टूबर 2016 को ही सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी थी! भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेता अपनी खामियों के लिए केंद्रीय सरकार पर दोष मंढने की बजाय राज्य सरकार को डीपीआर(DPR) के सम्बन्ध में तेज़ी से काम करना शुरू कर देना चाहिए!

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS