Modi Himachal Visit

शिमला- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केन्द्रीय क्षेत्र जल विद्युत परियोजनाओं के लोकार्पण के लिये मण्डी आगमन पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हिमाचल प्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

सोमवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की उपस्थिति में एनटीपीसी की कोल डैम (800 मैगावाट), एनएचपीसी की पावर्ती जल विद्युत परियोजना (520 मैगावाट) तथा रामपुर (412 मैगावाट) हाईड्रो परियोजना को आज मण्डी से राष्ट्र को समर्पित की।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने मण्डी पहुंचने पर प्रधानमंत्री का अभिनन्दन किया और उन्हें राज्य के विकास से संबंधित सुझावों पर विचार करने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

1000 करोड़ रुपये का विशेष क्षतिपूर्ति अनुदान 

हरित आवरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा पर्वतीय राज्यों में वनों के संरक्षण के लिये बहुमूल्य पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को 1000 करोड़ रुपये की विशेष क्षतिपूर्ति अनुदान प्रदान करने की मांग की गई।

जल विद्युत परियोजनाओं को त्वरित पर्यावरण स्वीकृतियां प्रदान करना

प्रदेश सरकार द्वारा जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए शीघ्र पर्यावरण मंजूरी का भी अनुरोध किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्धारित कुल भौगोलिक क्षेत्र के 33 प्रतिशत क्षेत्र में वन क्षेत्र होने की शर्त को पूरा करता है तथा प्रदेश में 66.5 प्रतिशत क्षेत्र को वन परिक्षेत्र वर्गीकृत किया गया है।

शिमला हवाई अड्डे से सुविधाएं बहाल करना

शिमला देश के बहुत कम राज्यों की राजधानियों में हैं, जहां कोई भी हवाई सुविधा नहीं है। शिमला हवाई अड्डे की अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का भी स्तर ऊँचा किया गया है।ज्ञापन में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि वह केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा अन्य संबंधित संगठनों को शिमला हवाई अड्डे से व्यावसायिक हवाई सुविधाएं बहाल करने के निर्देश जारी करें।

भांग के पौधों को उखाड़ना भी मनरेगा की पात्र गतिविधि शामिल करना

प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से आग्रह कर कहा कि भांग के पौधे हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में प्राकृतिक तौर पर उगते हैं। यह एक गंभीर सामाजिक खतरा बन जाता है। प्रदेश भांग के पौधों को उखाड़ना भी मनरेगा की पात्र गतिविधि शामिल किया जाए। प्रदेश में छोटे तथा मझौले किसानों द्वारा चाय की खेती की जाती है, न कि असम एवं पश्चिम बंगाल राज्यों की तरह जहां बड़े किसान इस व्यवसाय से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि चाय बागानों के पुनर्जीवन को भी मनरेगा गतिविधि में शामिल किया जाए।

हिमालयन सर्किट (स्वदेश दर्शन योजना) के अंतर्गत धनराशि जारी करना

प्रदेश सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत हिमालयन सर्किट के तहत 100 करोड़ रुपये की परियोजनाऐं केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय को वित्त पोषण हेतु सौंपी हैं। मुख्यमंत्री ने हिमालयन सर्किट योजना के अंतर्गत धनराशि जारी करने के लिये भी केन्द्र सरकार से आग्रह किया।

ज्ञापन में प्रधानमंत्री के समक्ष प्रदेश सरकार द्वारा राखी गयी अन्य मांगे 

प्रदेश सरकार ने सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा अतिरिक्त भूमि को इंजीनियरिंग कालेज कोटला (ज्यूरी) के उपयोग के लिये हिमाचल प्रदेश को हस्तांतरित करना हिमाचल को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के पूर्ण कालीन सदस्य के रूप में शामिल करना, हिमाचल परिक्षेत्र में बीबीएमबी परियोजनाओं से जलापूर्ति के लिये अनापत्ति प्रमाण पत्र की शर्त को समाप्त करना तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य को विद्युत एरियर दावों का भुगतान करने का आग्रह किया

ज्ञापन में भारत सरकार द्वारा एआईबीपी तथा एफएमपी के अंतर्गत पूर्व स्वीकृत योजनाओं के लिये धनराशि जारी करने का आग्रह भी किया गया!

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