Digital Ration card in Himachla Pradesh
Photo: Representational/ News 18

सरकार ने कड़वे तेल की कीमत 90 रू0 तय की है जबकि थोक बाजार में यह 80-85 रू0 में उपलब्ध है। सरकार फिर यह बताये कि कहां और किसे दी जा रही है सबसिडी

शिमला-भाजपा प्रदेश महामंत्री कृपाल परमार, चंद्रमोहन ठाकुर व राम सिंह ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस राज में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है। गरीबों के नाम राजनीति करने वाली कांग्रेस ने सबसे ज्यादा धोखा गरीबों को ही दिया है। सस्ते राशन के डिपुओं में खाने का तेल पिछले चार महीनो से नहीं मिल रहा है। यही हाल दालों का और नमक का भी है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार झूठे दावे करके अपनी पीठ थपथपा रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार ने कड़वे तेल की कीमत 90 रू0 तय की है जबकि थोक बाजार में यह 80-85 रू0 में उपलब्ध है। सरकार फिर यह बताये कि सबसिडी कहां और किसे दी जा रही है। इसी तरह डिजीटल राशन कार्ड का शोर मंत्री महोदय पिछले तीन वर्षों से मचा रहे हैं। केन्द्र सरकार इसके लिए धन भी उपलब्ध करवा चुकी है, परन्तु लोगों को अभी तक डिजीटल राशन कार्ड नहीं मिल रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत केन्द्र सरकार प्रदेश को वर्ष 2014-15 में 941.36 करोड़ व 2015-16 में 1017.17 करोड़ रू0 उपलब्ध करवा चुकी है। इसके बावजूद लोगों को समय पर और पूरा राशन न मिलना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्दी योजना के तहत छात्रों को अभी तक वर्दी नहीं मिली है और साथ में मुख्यमंत्री का यह कहना कि सरकार इस बार वर्दी के लिए सिलाई नहीं देगी जिसका भाजपा विरोध करती है और मांग करती है कि इसे पूर्व की भांति यथावत जारी रखा जाए।

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