सेब से लदे पेड़ों को काटने का आदेश गलत और कठोर है – मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

0
357

शिमला- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सेब से लदे पेड़ों को काटने का आदेश गलत और कठोर है। हिमाचल सरकार बुधवार को हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है। राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति तो छोटे कृषकों को भूमि प्रदान करने की रही है।

फलदार पौधों को काटने की बात कहां लिखी गई है। अगर छोटे बागवानों के अवैध कब्जे पाए भी जाते हैं तो पेड़ों को काटने जरूरत क्या है। प्रदेश सरकार की वन भूमि पर अगर अवैध घर भी हो तो उसे मौका दिया जाता है। हम भी चाहते हैं कि हिमाचल ग्रीन हो। अगर कल पैमाइश में ये कब्जे सही निकलते हैं तो काटे पेड़ों का क्या होगा।

बताते चलें कि हिमाचल हाईकोर्ट ने जंगल की जमीन में अतिक्रमण कर लगाए गए सभी पौधों को काटने के आदेश दिए हैं। इसके तहत वन विभाग पूरे प्रदेश में सेब से लदे पेड़ काटने का अभियान शुरू कर दिया है। जिससे अवैध कब्जादारों में आक्रोश है।

विधायकों ने उठाया सेब कटान का मामला

नई दिल्ली से लौटते ही सीएम से बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स, मुख्य संसदीय सचिव कृषि रोहित ठाकुर, विधायक नंद लाल, मोहन लाल ब्राक्टा, पूर्व विधायक डॉ. सुभाष मंगलेट आदि नेताओं ने भेंट की और सेब से लदे पेड़ों के अंधाधुंध कटान पर चिंता जताते हुए छोटे बागवानों को राहत देने का मामला उठाया।

भाजपा ने पैदा की मौजूदा स्थिति

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि पेड़ कटान पर मौजूदा स्थिति भाजपा ने ही पैदा की है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में जब राजन सुशांत राजस्व मंत्री थे तो उन्होंने लोगों को अवैध कब्जों के लिए प्रेरित किया। उस समय जिन्होंने कब्जे नहीं किए थे, उन्होंने भी धड़ाधड़ वन भूमि कब्जाई। एक लाख से अधिक आवेदन आज भी पेंडिंग हैं। अगर ऐसा गलत आश्वासन न दिया गया होता तो यह नौबत न आती।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS