हिमाचल प्रदेश 12 वीं विधानसभा पहला का बजट सत्र शुरु

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“आज बजट सत्र के पहले दिन हंगामे भरा रहा विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों अपने प्रस्तावों में देरी करने के विरोध में सदन में नारेबाजी की और भाजपा ने फोन टेपिंग विवाद और सरकार की अटल योजनाओं के नाम बदलने के विवाद को को लेकर सही कार्यवाही की मांग की”

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन ही प्रबल वक्ता के रूप में विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों ने अपने स्थगन प्रस्तावों के निर्णय में देरी के चलते सदन में जोरदार विरोध प्रर्दशन किया। जैसे ही सुबह सदन में सब इकट्ठे हुए तो भाजपा सदस्यों रविंदर रवि, राजीव बिंदल और सुरेश भारद्वाज ने स्थगन प्रस्तावों पर अपने नोटिस की कार्यवाही के बारे में पूछा।

अध्यक्ष बी.बी बुटेल ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए नोटिस विचाराधीन है जिसके खिलाफ विपक्षी दलों के सदस्यों ने उत्तेजित हो कर सरकार के खिलाफ नारे बाजी शुरू कर दि और अपने दो प्रस्तावों में भाजपा फोन टेपिंग विवाद और सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम के बाद नामित योजनाओं के नाम बदलने का फैसला पर चर्चा की मांग की

प्रश्नकाल और सदन की कार्यवाही को हंगामे और बहस के बीच में भी जारी रखा गया।

राज्य विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को शुरू हुआ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्षी दल द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्तावों के विष्य में अपना व्यक्तव्य दिया और कहा कि भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के 1885 के तहत फोन टेपिंग के बारे में किसी भी तरह की जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले साल दिस्बर 25-26 तारिख की रात को सीआईडी और सतर्कता ब्यूरो कार्यालयों में कंप्यूटर को जब्त किया गया था ।

मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था कि राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों के 1371 फोन को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान टैप किया गया है जब्कि गृह विभाग ने केवल 170 फोन टेपिंग करने के लिए अनुमति दी थी।
पुलिस महानिदेशक आई डी भंडारी को अवैध रूप से फोन टेपिंग मामले के सामने आने के बाद पिछले महीने अपने पद से हटा दिया गया था।

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