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हिमाचल मंत्रीमंडल निर्णय: विभिन्न विभागों में 90 से अधिक पद भरने को मंजूरी, जानिए कौन महिलाएं होंगी निराश्रित श्रेणी में शामिल
शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में पंचायती राज, सामाजिक सुरक्षा पेंशन , रिक्त पदों को भरने, शिक्षा, परिवहन और प्रशासन से जुड़े अनेक प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन रहेगा जारी
मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन फिलहाल राज्य सरकार के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया, क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से इस मिशन के तहत धनराशि अभी तक जारी नहीं की गई है। मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग के अंशकालिक जल वाहकों, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक सात वर्ष अंशकालिक और चार वर्ष दैनिक वेतनभोगी के रूप में कुल 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवाओं को नियमित करने का भी निर्णय लिया गया।
ये रिक्त पद भरे जाएंगे
बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी महाविद्यालयों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ताओं, सहकारिता विभाग में सहायक पंजीयक सहकारी समिति के दो तथा निरीक्षक सहकारी समिति के 30 पदों को भरने का निर्णय लिया गया।
शिक्षा विभाग के खेल छात्रावासों में 16 कोच तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के तीन पद भरने को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वर्ष 2016 में चयनित पटवारी पद के शेष सात अभ्यर्थियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में रिक्त पदों के तहत नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।
ये महिलाएं होंगी ‘निराश्रित श्रेणी’ में शामिल
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत ‘निराश्रित’ शब्द की स्पष्ट परिभाषा तय की गई है और लाभ प्राप्त करने की प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार वे महिलाएं जिन्हें उनके पति छोड़ चुके हैं, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, उन्हें निराश्रित महिला की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा की उड़ानों में वृद्धि
चंडीगढ़–शिमला–चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का निर्णय लिया गया है। अब यह सेवा सप्ताह में छह दिन प्रतिदिन दो उड़ानों के साथ संचालित होगी और इसके संचालन को सुचारु रखने के लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान करेगी।
पंचायती राज (निर्वाचन) नियम संशोधन में सुझाव आमंत्रित
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन के प्रस्ताव पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 को आधार वर्ष मानते हुए जो पंचायतें लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षित नहीं किया जाएगा।
बैठक में सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम के तहत गांवों में स्थापित पेयजल अधोसंरचना के संचालन और रख-रखाव को ग्राम पंचायतों को सौंपने की नीति को भी मंजूरी दी गई।
15 जलविद्युत परियोजनाएं होंगी रद्द
मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के अंतर्गत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 40 प्रतिशत हिस्सा ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को वित्तीय सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया।इसके अलावा एकमुश्त माफी योजना का लाभ लेने के बावजूद समय पर शुरू न होने वाली 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द करने को भी मंजूरी दी गई।
वहीं पंडोह में 10 मेगावाट क्षमता की लघु जलविद्युत परियोजना को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होगी।
अन्य फैसले
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने बैठक में ऊना जिले के गगरेट में उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय स्थापित करने, पुलिस जिला नूरपुर में कोटला पुलिस पोस्ट को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और ऊना के टाहलीवाल फायर पोस्ट को उप अग्निशमन केंद्र में स्तरोन्नत करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और इसे राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। शिक्षा क्षेत्र में जिला शिमला के कोटखाई में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए मौजा कुफ्टू की भूमि भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने ढगवार में क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के गठन को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादक शामिल होंगे। साथ ही ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के प्रबंधन और संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने हिमुडा को 80 वर्ष की भूमि लीज प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 के नियम 7 में संशोधन करने का भी निर्णय लिया।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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