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पंचायत चुनाव के इतिहास में पहली बार 12 ,000 से अधिक मतदाताओं ने किया चुनाव का बहिष्कार
शिमला- सत्ता के प्रतिनिधि या कोई सरकार अपनी जिद्द से जनता पर कुछ भी थोप नहीं सकती हैं, इसके दो साक्षात प्रमाण मंडी जिला के 12 हजार से अधिक मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार करके दे दिए हैं। पंचायती राज चुनाव के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ। नाराज मतदाताओं ने फिर नगर निकायों के लिए भी मतदान नहीं किया। सत्ता की इसी जिद्द के खिलाफ मंडी जिला की नई बनी व अधर में लटकी नेरचौक नगर परिषद के 10799 मतदाताओं और करसोग नगर पंचायत के तीन वार्डों के 1171 मतदाताओं ने वोट के अधिकार को ही छोड़ दिया।
उल्लेखनीय है कि आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी ने नेरचौक को नगर परिषद का दर्जा तो दिला दिया, लेकिन पहले दिन से इसका विरोध चल रहा है। नतीजा यह निकला कि डडौर, नेर, मलथेहड़, कसारला, भंगरोटू, नागचला पंचायतों के एक भी मतदाता ने इस बार वोट नहीं डाले। नौ वार्डों में किसी ने नामांकन नहीं किया और एक वार्ड स्योहली में दो प्रत्याशी होने के बाद भी वोट डालने कोई नहीं आया। इसी तरह से नगर पंचायत करसोग के वार्ड ममेल, बरल वार्ड और न्यारा वार्ड किसी ने नामांकन ही नहीं भरा था और यहां भी जनता वोट के अधिकार से वंचित हो गई। बहरहाल 12000 मतदाता मतदान से वंचित रह गए।
नप में मिलाने का विरोध
नगर परिषद नेरचौक की छह पंचायतों को उनकी इच्छा के विरुद्ध नगर परिषद में नहीं मिलाया जाता तो शायद दस हजार से अधिक मतदाता वोट के अधिकार का प्रयोग करते। सत्ता से लड़ाई के चलते जनता ने लोकतांत्रिक अधिकार ही छोड़ दिया।
स्योहली में मतदान ही नहीं
नेरचौक नगर परिषद के एक वार्ड स्योहली पर दो प्रत्याशियों में से एक चुना जाना था, ताकि 100 से अधिक पुलिस कर्मियों का पहरा होने के बाद भी एक भी मतदाता वोट डालने के लिए नहीं आया। पूरा दिन मतदान केंद्र पर ईवीएम लेकर पार्टी बैठी रही, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
कांग्रेस ने गंवा दी तीन सीटें
इस सारे मामले में मंडी से आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी की राजनीतिक पकड़ भी बल्ह में ढीली हुई है। बल्ह में इस कारण कांग्रेस को जिला परिषद की तीनों सीटें गवानी पड़ी तो बीडीसी में भी कांग्रेस का प्रदर्शन खराब है। जनता में इस मुद्दे को लेकर अब रोष और बढ़ता जा रहा है। जिसका खामियाजा आने वाले समय में कांग्रेस को फिर भुगतना पडे़गा। उपायुक्त मंडी ने स्योहली वार्ड में एक भी मतदाता द्वारा वोट न डालने की पुष्टि की है।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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