अन्य खबरे
आपदा से बचाव की नीतियां दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को ध्यान में रख कर बनाई जानी चाहिए: नवनीत यादव
शिमला- आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में आज उमंग फाउंडेशन की ओर से “आपदा जोखिम से बचाव का अधिकार” विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।
आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के लिए कार्य कर चुके इस वेबिनार में बतौर विशेषज्ञ वक्ता नवनीत यादव ने कहा है कि आपदा से बचाव की नीतियां दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को ध्यान में रख कर बनाई जानी चाहिए। अधिक जोखिम वाले इन वर्गों को विशेष रुप से जागरूक करने की जरुरत है।
उन्होंने कहा कि आपदाओं के जोखिम से बचाव का अधिकार वास्तव में एक मानवाधिकार है। लेकिन इस बारे में देश और हिमाचल में जागरूकता की काफी कमी है। उन्होंने कहा कि बाढ़, भूकंप या अन्य व्यापक जोखिम वाले संकट तब आपदा में परिवर्तित हो कर नुकसान पहुंचाते हैं जब मनुष्य उनसे बचाव के लिए पहले से तैयार नहीं होता है।
विशेषज्ञ नवनीत ने बताया कि समूचा हिमालय क्षेत्र भूकंप के लिए अत्यंत संवेदनशील है। यह जोखिम आपदा को बड़ा न्योता दे रहा है क्योंकि शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और अन्य सरकारी एवं निजी भवनों में जोखिम को कम से कम करने की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां रिक्टर स्केल पर 9 तीव्रता वाले भूकंप से भी जानमाल का कोई नुकसान नहीं होता, जबकि कुछ वर्ष पूर्व नेपाल में 7 तीव्रता वाले भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली थी।
उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप के अधिक जोखिम वाले हिमालय क्षेत्रों में सभी प्रकार के भवन भूकंप रोधी होने चाहिए इसके लिए कानूनन अनिवार्य किया जाना चाहिए।
यादव ने कहा कि आपका प्रबंधन में फर्स्ट एड की जानकारी भी अत्यंत आवश्यक है। स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के विद्यार्थियों और अन्य सभी वर्गों को इस बारे में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। आपदा की स्थिति में यह जीवन बचाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।
कार्यक्रम के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि मानवाधिकार संरक्षण पर वेबिनारों की साप्ताहिक श्रृंखला में यह 22वां कार्यक्रम था। इसमें हिमाचल प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों के लगभग 60 युवाओं ने हिस्सा लिया।
अन्य खबरे
LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
अन्य खबरे
हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अन्य खबरे
शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
-
अन्य खबरे4 weeks agoहिमाचल कैबिनेट के निर्णय : 1000 से ज्यादा पद भरने को मंजूरी ,पढें सभी महत्तवपूर्ण निर्णय
-
अन्य खबरे1 month agoबेसहारा पशुओं की सड़कों पर बढ़ती संख्या पर चला कोर्ट का डंडा , शिमला प्रशासन आया हरकत में
-
अन्य खबरे1 month agoराज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट के लिए जनता से मांगे सुझाव
-
अन्य खबरे3 weeks agoहिमाचल में बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए बढ़ा शुल्क, जानें किस वाहन पर कितना शुल्क लगेगा
-
कैम्पस वॉच4 weeks agoHP University: 8 से सिर्फ 3 रह गई बसें, छात्रावासों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी
-
मौसम1 month agoप्रदेश में बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी
-
अन्य खबरे4 weeks agoशिमला: रोहड़ू में किसानों-बागवानों का प्रदर्शन, हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने MSP लागू करने, विदेशी सेब पर शुल्क और लेबर कोड रद्द करने की उठाई मांग
-
अन्य खबरे4 weeks agoकांगड़ा : चनौर स्कूल में दिन-दिहाड़ें मिड डे मिल वर्कर की दराती से बच्चों के सामने हत्या, आरोपी गिरफ्तार
