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शिक्षकों के भरे जायेंगे 4000 पद, पढ़ें प्रदेश मंत्रिमंडल के अन्य निर्णय
शिमला- प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गयी जिसमे कई अहम फैंसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में ड्राइंग शिक्षकों के 820 पदों और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के 870 पदों सहित शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के 4000 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। इन 4000 पदों में से 2640 पद प्रारम्भिक शिक्षा विभाग जबकि 1360 पद उच्चतर शिक्षा विभाग में अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। बैठक में फैसला किया गया कि शिक्षकों के विभिन्न पद बैच आधार पर शीघ्रता से भरे जाएंगे।
मंत्रिमण्डल ने शहरी विकास विभाग द्वारा विश्व बैंक और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के साथ नेगोशिएशन पैकेज के प्रारूप को मंजूरी दी। सरकार ने कहा है कि ग्रेटर शिमला क्षेत्र में जल आपूर्ति योजना सेवाओं में सुधार के लिए शिमला जलापूर्ति एवं सीवरेज सेवा वितरण कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए विश्व बैंक के माध्यम से 250 मिलियन डाॅलर (1813 करोड़ रुपये) का वित्त पोषण किया जायेगा। कुल 250 मिलियन डाॅलर में से विश्व बैंक 160 मिलियन डाॅलर (1160.32 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा और शेष राशि 90 मिलियन डाॅलर (652.68 करोड़ रुपये) का वहन हिमाचल सरकार द्वारा किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि शिमला जल आपूर्ति और मल निकासी परियोजना के मुख्य उद्देश्य वर्ष 2050 तक पानी की मांग को पूरा करने के लिए सतलुज नदी से अतिरिक्त 67 एमएलडी के साथ शिमला जल आपूर्ति में संवर्द्धन, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण कुफरी, शोघी, घणाहट्टी और अतिरिक्त योजना क्षेत्र के लिए 2050 तक शिमला नगर निगम क्षेत्र में सभी घरेलू और व्यवसायी उपभोक्ताओं के लिए सप्ताह भर 24 घंटे जलापूर्ति और शिमला नगर निगम क्षेत्र में बेहतर मल निकासी सेवाएं प्रदान की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना में शिमला जिले की सुन्नी तहसील के शकरोड़ी गांव के पास सतलुज नदी से पानी उठाने की योजना बनाई गई है जिसमें संजौली में 1.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक उठाने और 22 कि.मी की पाइप बिछाने से 67 एमएलडी पानी की वृद्धि शामिल है। इसके अतिरिक्त, शिमला के मैहली, पंथाघाटी, टूटू और मशोबरा क्षेत्रों में मल निकासी प्रणाली प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमण्डल ने जिला बिलासपुर की सदर तहसील के लाड़ाघाट में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने सैद्धान्तिक रूप से नई पेंशन योजना के अन्तर्गत आने वाले शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु ग्रेच्यूटी का लाभ देने का निर्णय लिया।
मंत्रिमण्डल ने जिला मण्डी के चुराग में नया विकास खण्ड कार्यालय को खोलने की मंजूरी प्रदान की।
बैठक में जिला मण्डी के सिराज विधानसभा क्षेत्र के बगस्याड़ में अटल आदर्श विद्यालय खोलने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर, हमीरपुर, रिकांगपिओ और नाहन के एडीआर केन्द्रों के लिए अनुबंध आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से आशुलिपिकों के चार पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने जेबीटी के रिक्त पदों पर जेबीटी के समकक्ष योग्यता वाले 24 गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण शिक्षकों की अनुबंध आधार पर नियुक्ति का निर्णय लिया।
मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिला में प्रारम्भिक शिक्षा खण्ड बल्ह और सुन्दरनगर-1 को अलग कर सलवाहन में नया प्रारम्भिक शिक्षा खण्ड कार्यालय सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की।
जिला चम्बा के राजकीय माध्यमिक पाठशाला दारवीं को राजकीय उच्च पाठशाला और राजकीय उच्च पाठशाला लामू और बडग्रां को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने के साथ इन स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 16 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई ।
मंत्रिमण्डल ने जिला मण्डी के करसोग क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बलधार को 30 बिस्तरों की क्षमता वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने के साथ विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित करने की मंजूरी प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रक्कड़ को 24 घण्टे सेवाएं प्रदान करने वाले आपातकालीन चिकित्सा संस्थान के रूप में स्तरोन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमण्डल ने आईजीएमसी शिमला के चमयाणा में निर्माणाधीन सुपरस्पेशलिटी ब्लाॅक के ब्लड बैंक, शवगृह, जैव चिकित्सा कचरा प्रबन्धन स्थान और कैन्टीन तथा कैफेटेरिया के लिए अतिरिक्त भवन के निर्माण कार्य को एचएससीसी प्राइवेट इण्डिया लिमिटेड को सौंपने का निर्णय लिया, जिसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और कार्यान्वयन करने वाली एजेंसी के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जाएगा।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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