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बेसहारा पशुओं की सड़कों पर बढ़ती संख्या पर चला कोर्ट का डंडा , शिमला प्रशासन आया हरकत में
शिमला – 29 जनवरी 2026 — सड़कों पर बढ़ती बेसहारा और लावारिस पशुओं को संख्या को लेकर कोर्ट का डंडा पड़ने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रशासन ने अब तक कुल 472 बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू कर गौशालाओं तक सुरक्षित पहुंचाया है। प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक सर्वेक्षण में जिला में बेसहारा पशुओं की संख्या 272 थी, लेकिन अभियान के दौरान यह संख्या इससे अधिक पाई गई है।
ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई-वे, एक्सप्रेस-वे और अन्य सड़कों से बेसहारा मवेशियों और आवारा कुत्तों को हटाने के सख्त आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को आंशिक रूप से बरकरार रखते हुए निर्देश दिए कि सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नगर निगम, सड़क परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यह सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे से सभी आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं को हटाया जाए और उचित आश्रयों में रखा जाए और उन्हें वापस सड़क पर न छोड़ा जाए।
इसके साथ ही कोर्ट ने पशु-चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने, सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 24 घंटे सक्रिय पेट्रोल टीमें तैनात करने और हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से 8 हफ्तों के भीतर इन निर्देशों को लागू करने की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी।
वहीं हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 10 नवंबर 2025 को राज्य सरकार को सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले पशुओं की जिलावार गणना करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने सभी गो अभयारण्यों में पहले से रखे गए पशुओं का विवरण मांगा और बेसहारा पशुओं को टैग करने के लिए कदम उठाने के निर्देश भी दिए थे।
उपायुक्त अनुपम कश्यप का कहना है कि एक महीने में लोगों द्वारा करीब 200 पशु सड़कों पर बेसहारा छोड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य 1 जनवरी 2026 तक जिला को बेसहारा पशु मुक्त बनाना था और चिन्हित सभी 272 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचा भी दिया गया था। इसके बावजूद लगातार नई सूचनाएं मिलने पर अभियान जारी रखा गया। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी तक कुल 472 बेसहारा पशुओं को सड़कों से रेस्क्यू कर गौसदनों में सुरक्षित पहुंचाया गया है।
पशुओं को बेसहारा छोड़ने पर उपायुक्त कार्यालय को दें सूचना –
उपायुक्त ने बताया कि अभियान शुरु होते ही लोगों ने पशुओं को सड़कों पर छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है, इन्हें बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने पशु मालिकों से अपील की है कि जिन्होंने अपने पशु छोड़े हैं, वे उन्हें वापस ले जाएं।
सर्दियों में बेसहारा पशुओं की जान को भी खतरा बना रहता है। इसके साथ ही प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई पशु छोड़ता है तो इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
472 पशुओं को कौन -कौन से गौ सदनों में पहुंचाया गया –
शिमला: 5 बेसहारा पशु सुन्नी और टुटू गौशालाओं में पहुंचाए गए।
ठियोग : 118 बेसहारा पशुओं को छैला, मतियाना, शिलारू, कोटखाई, कलबोग से रेस्कयू करके घुंड बलसन वासी गौसदन बलघर, श्री कृष्णा गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ़ पहुंचाया गया।
ज्यूरी : 175 बेसहारा पशुओं को नारकंडा, ओडी, ज्यूरी, कंडयाली, तकलेच, पिपटी, बधाल, नगर परिषद रामपुर, कुमारसैन क्षेत्र से रेस्कयू करके ज्यूरी के विभिन्न गौसदनों, श्री कृष्ण गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ जिला सोलन पहुंचाया गया।
रोहड़ू : 51 बेसहारा पशुओं को नगर परिषद रोहड़ू, मेंहदली, समाला, हाटकोटी, जुब्बल क्षेत्र से रेस्कूय करके रोहड़ू के गौसदन में छोड़ा गया
चौपाल : 123 बेसहारा पशुओं को नेरवा बाजार और चैपाल क्षेत्र से रेस्कयू करके विभिन्न गौसदनों में छोड़ा गया।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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