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स्कूल खुले,5-डे वीक खत्म,पढ़ें मंत्रिमंडल के अन्य फैसले
हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 15 मार्च तक चलेगा। 4 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वित्त वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश करेंगे।
शिमला- आज सोमवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
जिसके अंतर्गत गर्मियों के अवकाश वाले 9 वीं से 12वीं कक्षा सभी शैक्षणिक संस्थानों को 3 फरवरी से खोलने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त सभी उच्च शैक्षणिक संस्थान,कोचिंग संस्थान और पुस्तकालय भी 3 फरवरी से खुल जाएंगे।
30 जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल में पिछले 24 घंटो में 4915 कोविड टेस्ट हुए थे जिनमें से 787 नए कोरोना पॉजिटिव केस आए थे,और 9 मौतें हुईं थी।
कक्षाओं की क्षमता के 50 फीसदी हिसाब से विद्यार्थी बिठाये जाएंगे। शिक्षा उपनिदेशकों के माध्यम से स्कूलों के प्रिंसिपल को आदेश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों के स्कूल आने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाए।
वहीं सरकार ने सभी कार्यालयों के फाइव डे वीक की व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया है। अब सभी सरकारी कार्यालय सप्ताह के 6 दिन 100 प्रतिशित क्षमता के साथ खुले रहेंगे, हालांकि दिव्यांग व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को घर से ही कार्य करने की छूट दी गई है।
सरकार ने फ़िलहाल आगामी आदेशों तक लंगर आयोजन पर रोक रहेगी।तो वहीं सभी ज़िम और क्लब खोलने का भी निर्णय लिया गया।
कोविड मानकों और कोविड अनुरूप व्यवहार के साथ सभी सामाजिक समारोह में आउटडोर में 500 लोगों की क्षमता के साथ और इंडोर में 250 लोगों और 50 फीसदी क्षमता के साथ कार्यक्रम हो सकेंगे।
आपको बता दें कि प्रदेश में कोरोना से हर दिन 8 से 9 मौतें हो रही हैं,अगर पूरी जनवरी माह की बात करें तो कोरोना से कुल 124 लोगों ने अपनी जान गवाई है जो कि काफी अधिक है और यह आकंड़ों दिन ब दिन बढ़ रहे है।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश में कोविड टेस्टिंग में भी कमी आई है, फिर भी प्रदेश सरकार ने स्कूलों कोचिंग संस्थान,पुस्तकाल,ज़िम,क्लब इत्यादि को खोलने का फैसला लिया है।
रात्रि कफ्र्यू पूर्व की भांति रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक जारी रहेगा और दुकानें सामान्य तौर पर ही खुली और बन्द होंगी, इसमें सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है।
कैबिनेट की इस बैठक में ड्रग प्रिवेंशन पॉलिसी को मंजूरी दी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की आय सीमा बढ़ा दी गई है। इस सीमा को 35 हजार से बढ़ाकर अब 50 हजार कर दिया गया है। मंडी के बालीचौकी में बागवानी विकास कार्यालय खोलने और आवश्यक पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने खुली निविदा के आधार पर सफल बोलीदाता एल-1 मैसर्ज कृष्णा डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड पुणे को आईजीएमसी-आरकेएस/सीजीएचएस दरों पर 40.50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव पर एचयूबी और स्पोक माॅडल अनुसार 236 जांच जिनमें 53 निःशुल्क जांच शामिल हैं,को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक नैदानिक सेवाएं प्रदान करने को भी अनुमति प्रदान की है।
अभी तक राज्य में प्रयोगशाला सेवाएं केवल 24 स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपलब्ध करवाई जा रही थीं और इस निर्णय से रोगियों को उनके घर के समीप नैदानिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मंत्रिमंडल बैठक में हिमाचल भवन, नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग का उपमंडल खोलने और इसमें विभिन्न वर्गों के नौ पदों को भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने 14 जनवरी 2022 को कांगड़ा जिला के शाहपुर में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग का नया मंडल खोलने के बारे में लिए गए अपने निर्णय में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए तीन अनुभागों चड़ी, गग्गल और रजौल को उपमंडल गग्गल के तहत लाने के लिए आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया।
मंडी जिला के चच्योट क्षेत्र में राजकीय माध्यमिक विद्यालय बाहवा को राजकीय उच्च विद्यालय तथा सराज क्षेत्र में राजकीय उच्च विद्यालय मागी, सेरी भटवारा और बागी भनवास को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्तरोन्नत करने तथा इनके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन व उन्हें भरने का निर्णय लिया।
बैठक में मंडी जिला के बाली चैकी विकास खंड में बागवानी विकास अधिकारी का कार्यालय खोलने तथा चार पदों के सृजन और उन्हें भरने का निर्णय लिया।
राशन कार्ड धारकों पर आधार प्रमाणीकरण शुल्क के रूप में अधिरोपित 25 पैसे प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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