राजनितिक बयानबाजी
पुलिसकर्मियों के मुद्दे को लेकर अपनी गलतियों का ठीकरा बीजेपी सरकार पर फोड़ रही कांग्रेस: नंदा
शिमला– हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस बेतुके मुद्दों पर लगातार वाक आउट कर रही है, कांग्रेस के पास ना कोई नीति है और ना ही कोई नेता कांग्रेस केवल एक पोलिटिकल स्टंट पार्टी बन कर रह गयी है। नंदा ने कहा कि वर्तमान समय मे कांग्रेस के हर ज़िले से एक मुख्यमंत्री उम्मीदवार है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा कल सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया जिससे कांग्रेस का ही मज़ाक बन कर रह गया। इस दौरान कांग्रेस के तीन विधायक विधानसभा में अनुपस्थित रहे। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि एक नेता की तबीयत खराब थी हम समझ सकते है पर बाकी दो नेता क्या अपने नेतृत्व के साथ नहीं थे।
भाजपा सह मीडिया प्रभारी ने यह भी कहा कि जनता को भाजपा के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है और जिस प्रकार से सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है उससे 2022 में निश्चित रूप से भाजपा की सरकार प्रदेश में फिर से बनेगी।
उन्होंने कहा कि जो पुलिसकर्मियों का मुद्दा है वह कांग्रेस की कुनीति की उपज है । कांग्रेस शासनकाल में 2015 में पुलिस भर्ती के लिए इस तरह की व्यवस्था की गई थी और अब कांग्रेस अपनी गलतियों का ठीकरा बीजेपी सरकार पर फोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय में पुलिस जवानों के लिए भर्ती के बाद आठ साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही वित्तीय लाभ जारी किए जाते थे।उन्होंने कहा कि ये काला कानून कांग्रेस की देन है और अन्य अनुबंध कर्मियों से इन पुलिस कर्मियों का कॉन्ट्रैक्ट बिल्कुल अलग है।
राजनितिक बयानबाजी
राजेंद्र राणा के बाद अब जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार पर राज्यसभा सीट बेचने के लगाए आरोप
शिमला : हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी कांग्रेस सरकार के राज्यसभा चुनाव पर सवाल उठाए है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार इस समय भारी अस्थिरता और भय के माहौल में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर इतनी अस्थिरता है कि खुद उसके नेता भी आशंकित हैं कि कब क्या स्थिति बन जाए।
कांग्रेस के भीतर सम्मान और संवाद की भावना समाप्त: जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस पार्टी के भीतर सम्मान और संवाद की भावना समाप्त हो चुकी है। आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता ने स्वयं कहा कि उन्होंने जीवनभर आत्मसम्मान के साथ राजनीति की है और सच बोलने की कीमत चुका रहे हैं।
चुने गए राज्यसभा उम्मीदवार के शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि “मित्र मंडल” से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने साधारण कार्यकर्ता बताकर टिकट दिया, उसके शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आई है। वर्तमान सरकार में उनके पास कई करोड़ रुपये के ठेके भी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही कई नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि यही साधारण कार्यकर्ता की परिभाषा है तो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को भी ऐसा अवसर क्यों नहीं मिला।
मुख्यमंत्री के दौरों पर भी उठाए सवाल
उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार मुख्यमंत्री का आधिकारिक टूर कार्यक्रम जारी होता है लेकिन बाद में वह किसी अन्य स्थान पर चले जाते हैं और इसकी जानकारी न तो प्रशासन को होती है और न ही जनता को। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस प्रकार की कार्यप्रणाली कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने भी उठाए सवाल
वहीं इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने भी हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया “संदिग्ध परिस्थितियों” में तय की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सीट को लेकर पहले दुबई में समझौता हुआ और बाद में नई दिल्ली में एक होटल के बंद कमरे में इसे अंतिम रूप दिया गया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 1 मार्च को दिल्ली दौरे पर गए थे और 2 मार्च को शिमला लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन तय कार्यक्रम के बावजूद वे समय पर वापस नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 24 घंटे तक मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए और इसी दौरान दिल्ली के एक होटल में राज्यसभा सीट को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया।
राजेंद्र राणा ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में कई गंभीर अनियमितताएं और तथ्यों को छिपाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सारे मामले को ध्यान में रखते हुए इस चुनाव पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए, वही पर केंद्र सरकार से व केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी मांग की है कि राज्यसभा के इस चुनाव में भारी लेनदेन कि अंशका को देखते हुए जो साकस्य पाए गए है सरकार तुरंत इसकी केंद्रीय एजेंसी से जाँच करवाई जाए।
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भाजपा अध्यक्ष सत्ती के प्रचार पर बैन नहीं लगा तो हर जगह किया जायेगा घेराव,दिखाए जाएंगे काले झंडे:सुखविंदर सुक्खू
शिमला– कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती घिर गए हैं। बद्दी में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के लिए चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद भाजपा के राज्य अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती अब दुबारा राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की वजह से चुनाव आयोग के निशाने पर आ गए हैं। आयोग ने सत्ती को एक और नोटिस ज़ारी कर 48 घंटों में जवाब माँगा है।
भाजपा के लिए चिंता की बात ये है कि इस बार यह मामला किसी की शिकायत पर सामने नहीं आया। बल्कि आयोग की सरवेलिएन्स (surveillance) टीम ने खुद ऊना जिले के गगरेट विधानसभा के भंजाल में सत्ती की एक सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग की जिसके आधार पर उन्हें दूसरा नोटिस भेजा गया है। इस बार सत्ती पर प्रियंका के पहनावे व राहुल के शादी न करने को लेकर आपत्तिजनक बयानबाज़ी करने का आरोप है।
इसके अलावा सत्ती पर इस बयानबाज़ी को लेकर एक एफआईआर भी दर्ज़ हो चुकी है।
कांग्रेस ने वीरवार को उनके खिलाफ आंदोलन का एलान किया है! वीरवार को सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस का एक प्रतिनिमण्डल मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से मिला।
इन्होंने देवेश कुमार के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को ज्ञापन भेजा। जिसमें सत्ती के प्रचार पर बैन लगाने और उन पर कड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। सुक्खू ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर सत्ती के प्रचार पर बैन नहीं लगाया गया तो शुक्रवार से सत्ती का हर जगह घेराव किया जाएगा व काले झंडे दिखाए जाएंगे।
सुक्खू ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा उनकी मांग पर तत्काल कार्रवाई करें। चूंकि, सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती सभी मर्यादाएं तोड़ते हुए चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं व सामाजिक संस्थाओं के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।
सुक्खू ने कहा कि ताजा उदाहरण भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती की सोलन जिले के बद्दी व ऊना जिले के भंजाल में हुई चुनावी जनसभा है। सूक्खू ने कहा है कि सतपाल सत्ती ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध न केवल अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि सामाजिक संस्था राधा स्वामी के अनुयायियों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।
बद्दी के ही रामशहर में सतपाल सत्ती कि एक वीडियो में वे आरोपण ये कहते सुनाई दिए थे कि “राजनीति बहुत टफ है। बहुत पैसे लगते हैं, घर बिक जाते हैं। चुनाव के दिनों में वो लोग जो राधा स्वामी होते हैं, वे भी कहते हैं कि कुछ दे दो तो ही ठीक है।”
सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेता ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पहनावे को लेकर भी बेहुदा टिप्पणियां कर रहे हैं। ये नाकाबिले बर्दास्त है। सुक्खू ने कहा कि इस तरह की बदजुबानी से कांग्रेस जनों के साथ ही आम जनमानस की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसलिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती पर चुनाव आयोग कड़ी कार्रवाई करे। क्योंकि, उन्होंने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
सत्ती की सफाई
सत्ती का कहना है कि उनके वीडियो और बयां को तोड़ मरोड़ के मीडिया में पेश किया जा रहा है। उनका मानना है कि वो तो सिर्फ एक फेसबुक कमेंट पढ़ रहे थे जो किसी और ने राहुल गाँधी के ऊपर किया था। भाजपा भी राहुल गाँधी के चुनाव प्रचार पर रोक लगाने हेतु चुनाव आयोग को अपनी शिकायत दे चुके हैं।
निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से मिलने वाले परदिनिधि मंडल में पूर्व सीपीएस रोहित ठाकुर, प्रदेश महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, चेयरमैन मीडिया समन्वय समिति नरेश चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र चौहान, प्रदेश सचिव रितेश कपरेट, शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अरुण शर्मा, कांग्रेस लीगल सेल के चेयरमैन आईएन मेहता, एससी सेल के वाईस चेयरमैन सुरेंद्र गर्ग, अमरजीत सिंह, अनूप रत्न व राजेन्द्र शर्मा शामिल थे।
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भाजपा के अध्यक्ष सत्ती की अभद्र टिप्पणी पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा, हिमाचल में जगह-2 प्रदर्शन
शिमला-अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के लिए सोलन के जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी सोलन विनोद कुमार ने नोटिस जारी किया है! नोटिस के जरिये 24 घंटे के भीतर आयोग ने सतपाल सत्ती से सफाई मांगी है|
वंही भाजपा के अध्यक्ष ने अपनी टिपण्णी को लेकर माफ़ी मांगने से इंकार किया है। सत्ती अपने बचाव में निरंतर यही कहते आ रहे हैं कि वे तो सिर्फ फेसबुक पर किसी के द्वारा किया गया कमेंट पढ़ रहे थे। सत्ती का कहना है कि कांग्रेस पूरा बयान न सुनकर सर एक लाइन को लेकर बिना बात राई का पहाड़ बना रही है है।
वंही दूसरी और सत्ती के विरोध में कॉंग्रेस ने राज्य में जगह-2 धरना प्रदर्शन किये और उनके पुतले जलाये! सोमवार को युवा कांग्रेस ने भी सत्ती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और शिमला में लगे भाजपा के पोस्टरों पर सत्ती के चेहरे पर कला रंग पोथ कर अपना विरोध व्यक्त किया।
जिला कमेटी शिमला शहरी व शिमला ग्रामीण द्वारा शिमला में धरना प्रदर्शन किया गया। शहरी अध्यक्ष अरुण शर्मा की अगुवाई मे सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित हुए तथा नारेबाजी करते हुए लोवर बाज़ार से होते हुए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे| इस मौके पर कार्यकर्ताओ ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व उनके द्वारा मंच से दिये गए ब्यान की कड़े शब्दों में भर्त्सना कीl सत्ती के ब्यान से गुस्साये कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पुतला भी फूंका।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा पर देश में राजनैतिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत मे लोकतंत्र के लिए यह बड़ी खतरे की घंटी है।अगर इसे अभी नही रोका गया तो भारत का संविधान भी खतरे में पड़ सकता हैं।कथित तौर पर सर्जीकल स्ट्राइक हो या सीमा पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे सेनिको की शाहदत पर किसी भी प्रकार की राजनैतिक उद्देश्य के लिए वयान बाजी निदंनीय है।
कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने कहा है कि भाजपा के पास वोट मांगने के लिये अपनी कोई उपलब्धि नही है।2014 कि तरह इस बार भी मोदी के नाम पर भाजपा वोट मांग रही है।भाजपा के पूर्व नेता लालकृष्ण आडवाणी की तरह अब शांता कुमार भी मोदी को नसीहत दे रहे है कि राजनीति में न तो तानाशाह बनो और न ही घमंड करो।
शिमला में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शहरी अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि राजनीति का इस से निम्न स्तर उन्होने आज तक नही देखा है जहां एक प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान व्यक्ति अपने शब्दों का चयन भी सही ढंग से न कर पाये । विपक्ष से विचारधारा की लड़ाई सदियों से चली आ रही है परंतु भाजपा द्वारा ये अनोखी पौध तैयार की जा रही है जहां न शब्दो की मर्यादा है न बड़े छोटे का कोई मान सम्मान ही है ।
शर्मा ने कहा की भाजपा अध्यक्ष सस्ती लोकप्रियता हासिल करने हेतु मंच से जिस तरह के आपत्तीजनक शब्दों का प्रयोग कर रहें है यह उनका मानसिक दिवालियापन दर्शा रहा है। उन्होने सत्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि एक प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते न सही एक हिमाचली होने के नाते ही वह यह सोच लेते की वह जो भाषा इस्तेमाल कर रहें हैं। क्या कोई सभ्य समाज उसे स्वीकार करेगा? सत्ती ने इस अमर्यादित टिप्पणी ने सारे हिमाचल को शर्मसार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शायद ये भी भूल गए कि राजनीति में विपक्ष को मुद्दो पर घेरा जाता है गालियों और ओछी बातों से नही ।
अरुण शर्मा ने कहा कि ये भाजपा के संस्कार है जहां एक प्रदेश अध्यक्ष एक राष्ट्रीय अध्यक्ष को मंच से भद्दी गलियाँ दे सकता है और भाजपा के वरिष्ठ नेता उनके खिलाफ कोई कार्यवाही तो दूर उनके ब्यान की निंदा तक नही करते ।
अरुण शर्मा ने पूछा है कि किस कारण भाजपा अध्यक्ष इतने बोखलाए हुए हैं कि उनको अपने शब्दों पर ही नियंत्रण नही रखा जा रहा है ।
अरुण शर्मा मे चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग हार देख कर इतने चिंतित हैं कि अब गाली गलौच पर उतर आए हैं। चुनाव आते आते ये लोग मार पीट पर भी उतर आएंगे। न भाजपा को सत्ता पर पहुँच कर सभ्य रहना आता है न हार को पचाना ही आता है।
शर्मा ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता व मुख्यमंत्री जनता के सामने अपनी स्तिथि स्पष्ट करे उनकी अपने अध्यक्ष के ब्यान पर क्या प्रतिक्रिया है ।
अरुण शर्मा ने कहा कि शहरी कॉंग्रेस सत्ती के इस ब्यान व कृत्य कि कड़े शब्दो में निंदा करती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कि मांग करती है , उन्होने कहा कि चुनाव आयोग के साथ साथ महिला आयोग के समक्ष ये मामला उठाया जाएगा व सत्ती जब तक अपने ब्यान पर मंच से माफी नही मांगते उनके खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेंगे ।
इस अवसर पर प्रदेश महिला अध्यक्ष जैनब चंदेल ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
चंदेल ने कहा कि महिला सम्मान के नाम पर बड़े बड़े होर्डिंग लगाने वाले भाजपा के लोग ,महिलाओं और बुजुर्गों का कैसा सम्मान करते हैं ये देश देख रहा है , हिमाचल प्रदेश एक शांत राज्य है यहाँ हर पाँच वर्ष में सत्ता परिवर्तन होता आया है परंतु ऐसी अभद्रता न कभी हुई न सुनी , ये बेहद शर्मनाक है और कोई भी सभ्य समाज ऐसे बयानों का समर्थन नही कर सकता। सत्ती कौन सी नई राजनीति प्रदेश के अंदर लाना चाहते हैं क्या अब विपक्ष को गालियां देकर चुनाव प्रचार किया जाएगा ?
कांग्रेस ने कहा कि सत्ता में आए हो तो जवाब देने कि हिम्मत दिखाएँ। कांग्रेस ने पूछा है कि जनता 5 वर्ष का हिसाब मांग रही है और आप गालियां देकर उन्हे चुप करवाना चाहते हो?
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