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विश्व दृष्टि दिवस: हिमाचल में वर्ष 2020-21 में सफेद मोतियाबिंद के करवाए गए 25213 मुफ्त ऑपरेशन
शिमला– आज प्रदेश भर में विश्व दृष्टि दिवस मनाया गया। यह दिवस हर वर्ष अक्तूबर माह में दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस वर्ष का थीम ‘Love Yours Eyes’ ‘अपनी आंखो से प्यार करो’ है। प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि विश्व में 1 अरब लोग कमज़ोर नज़र या दृष्टिहीनता से ग्रसित हैं। इसका मुख्य कारण अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) एवं मोतियाबिंद है।
प्रवक्ता ने कहा कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 1976 से राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य लोगों का अंधेपन से बचाव, निदान व उपचार करना है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 50 वर्ष से अधिक आयु के होने वाले मोतियाबिंद का ऑपरेशन मुफ्त करवाया जाता है। इसके अतिरिक्त अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) होने पर मुफ्त चश्में वितरित किए जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है व स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न NGO एवं निजी अस्पतालों की सहभागिता से भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाने का प्रावधान है। वर्ष 2020-21 में 25213 सफेद मोतियाबिंद के ऑपरेशन मुफ्त करवाए गए हैं। इस वर्ष जुलाई 2021 तक 7393 मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाए जा चुके है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईजीएमसी शिमला (IGMC Shimla) व डॉ.राजेंदर प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा (Dr. RPGMC Tanda) में 2 नेत्र बैंक कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक मंडी (SLBSGMC Ner Chowk) में तीसरा नेत्र बैंक स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला जिला कांगडा व डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नाहन (Dr. YSPGMC Nahan) में नेत्र संग्रह केन्द्र इस कार्यक्रम के अन्तर्गत चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2016 से आज तक 131 नेत्र गोलक (eye balls) नेत्र दान के स्वरूप लिए जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत मिशन दृष्टि अभियान शीघ्र ही चलाया जाएगा। इस अभियान मे कक्षा छः से बारहवीं के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की आंखों की जांच करवाकर उन्हें अपवर्तक त्रुटि (Refractive error) पाए जाने पर मुफ्त चश्में बांटने का प्रावधान किया गया है।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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