अन्य खबरे
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में टोल- फ्री नम्बर का शुभारम्भ
“हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के हजारों अभ्यार्थियों की सहायता के लिए एक टोल फ्री नम्बर 1800-180-8004 का शुभारम्भ किया। इस आयोग के कार्यालय में प्रातः 10 बजे से सांय 5 बजे तक एक सहायता केन्द्र कार्यरत रहेगा जहां इच्छुक उम्मीदवारों के प्रश्नों के उत्तर अनुभवी एवं व्यवसायी कर्मियों द्वारा दिए जाएंगे , टोल फ्री नम्बर के माध्यम से आवेदकों को आवेदन प्रपत्र भरने, विज्ञापन की विस्तृत जानकारी, परीक्षा की तिथि और अन्य सम्बद्ध सूचनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी”
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के .एस. तोमर ने आज यहां आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के हजारों अभ्यार्थियों की सहायता के लिए एक टोल फ्री नम्बर 1800-180-8004 का शुभारम्भ किया। राजकीय अवकाश वाले दिन यह सहायता केन्द्र बन्द रहेगा।
तोमर ने कहा कि टोल फ्री नम्बर की यह सुविधा प्रदेश के उन सभी अभ्यर्थियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी ,जिन्हें आॅन लाईन आवेदन पत्र भरने में असुविधा का करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभी तक अभ्यार्थियों के पास ऐसी कोई सहायता अथवा साधन उपलब्ध नहीं था, जहां से वे आॅन लाईन आवेदन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर सकें।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रयोग में लाई जा रही आधुनिक तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए हाल ही में उन्होंने अजमेर स्थित राजस्थान लोक सेवा आयोग का दौरा किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग में बढ़ौतरी, सिस्टेमेटाइजेशन और लिखित परीक्षा में पेपर वर्क को शून्य स्तर तक लाने के लिए पद्धति में बदलाव जैसे नवीन प्रयास किए हैं।
तोमर ने कहा कि ‘ष्परीक्षा पद्धति की वर्तमान प्रणाली को अगले स्तर तक जहां नवीन तकनीक का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा सकेए तक ले जाने के लिए हमें लम्बा रास्ता तय करना होगा। ‘उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास रहेगा कि परीक्षा के लिए पूर्ण रूप से आॅन लाईन प्रणाली अपनाई जाए ताकि पेपर वर्क को शून्य किया जा सके। देश के अनेक लोक सेवा आयोग आॅन लाईन परीक्षा प्रणाली अपना रहे हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश लोक सेवा आयोग के पास हिमाचल प्रशासनिक सेवाएं, हिमाचल न्यायिक सेवाए काॅलेज काॅडर प्रवक्ता, नायब तहसीलदार तथा ऐलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सकों सहित अन्य पदों के लिए लगभग 80 हजार आॅन लाईन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इन आवेदनों में से 33 हजार आवेदन हिमाचल प्रशासनिक सेवाएं एवं अन्य सम्बद्ध सेवाओं के लिए प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि आॅन लाईन आवेदन करने वाले सभी अभ्यार्थी इस टोल फ्री नम्बर सुविधा से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा कि इस टोल फ्री नम्बर के माध्यम से आवेदकों को आवेदन प्रपत्र भरने, विज्ञापन की विस्तृत जानकारी, परीक्षा की तिथि और अन्य सम्बद्ध सूचनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।
अध्यक्ष ने कहा कि 4 जुलाई, 2013 को पदभार ग्रहण करने के उपरांत आरम्भ की जाने वाली एक अन्य नवीन योजना के सम्बन्ध में उन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखा है कि विद्यालयों ए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में ऐप्टीटयूड परीक्षा के सम्बन्ध में कोचिंग आरम्भ किया जाना अत्यन्त आवश्यक है ताकि विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभागों को निर्देश दिए जाएं कि राष्ट्रीय सेवा योजना तथा राष्ट्रीय केडेट काॅप्र्स की तर्ज पर ऐप्टीटयूड परीक्षा के लिए कोचिंग आरम्भ की जाए।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश में स्कूलों एवं काॅलेजों में विद्यार्थियों में अभिविन्यास दक्षता विकसित नहीं की जाती, जिस कारण वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने की दक्षता विकसित नहीं कर पाते।
तोमर ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों को इस कारण अधिक नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि वित्तीय स्थिति, बेहतर शिक्षा के अवसर और कोचिंग सुविधाओं इत्यादि के मामले में वे शहरी छात्रों के समकक्ष नहीं ठहरते।
राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव संदीप भटनागर ने इस अवसर पर टोल फ्री सुविधा की प्रमुख विशेषाओं की विस्तृत जानकारी की।
आयोग के सदस्य डाॅ. डी. सी. कटोच एवं जे. पी. सिंह, संयुक्त सचिव संजीव पठानिया तथा आयोग के अन्य कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अन्य खबरे
LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
अन्य खबरे
हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अन्य खबरे
शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
-
अन्य खबरे1 month agoहिमाचल कैबिनेट के निर्णय : 1000 से ज्यादा पद भरने को मंजूरी ,पढें सभी महत्तवपूर्ण निर्णय
-
अन्य खबरे1 month agoबेसहारा पशुओं की सड़कों पर बढ़ती संख्या पर चला कोर्ट का डंडा , शिमला प्रशासन आया हरकत में
-
अन्य खबरे1 month agoराज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट के लिए जनता से मांगे सुझाव
-
कैम्पस वॉच4 weeks agoHP University: 8 से सिर्फ 3 रह गई बसें, छात्रावासों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी
-
अन्य खबरे3 weeks agoहिमाचल में बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए बढ़ा शुल्क, जानें किस वाहन पर कितना शुल्क लगेगा
-
मौसम1 month agoप्रदेश में बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी
-
अन्य खबरे4 weeks agoशिमला: रोहड़ू में किसानों-बागवानों का प्रदर्शन, हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने MSP लागू करने, विदेशी सेब पर शुल्क और लेबर कोड रद्द करने की उठाई मांग
-
अन्य खबरे1 month agoकांगड़ा : चनौर स्कूल में दिन-दिहाड़ें मिड डे मिल वर्कर की दराती से बच्चों के सामने हत्या, आरोपी गिरफ्तार
