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	<title>SFI Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>SFI Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>एचपीयू: एसएफआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, लगभग 8 छात्र घायल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/03/11/clash-between-sfi-and-abvp-activists/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 17:43:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; 11 मार्च &#8211; 2025 &#8211;  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम आठ छात्र घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ,जिसके बाद पुलिस ने परिसर में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211; <em>11 मार्च &#8211; 2025 &#8211; </em></strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसमें कम से कम आठ छात्र घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ,जिसके बाद पुलिस ने परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी है।</p>
<p><strong>धारदार हथियारों से हमला</strong><br />
<iframe title="Clash Between ABVP and SFI Activists at HP University, 8 Students Injured." width="740" height="555" src="https://www.youtube.com/embed/xzurXRQmBa8?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe><br />
पुलिस के अनुसार सुबह करीब 11 बजे दोनों छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच बहस शुरू हुई,जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस के अनुसार झड़प के पीछे का  कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है,लेकिन दोनों छात्र संगठनों के सदस्यों ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय परिसर में वॉल राइटिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर धारदार हथियारों से हमला करने के आरोप लगाए है।</p>
<p><strong>क्रॉस एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच जारी</strong></p>
<p>झड़प के बाद दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ बालूगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। हालांकि दोनों छात्र संगठनों के खिलाफ प्रशासन ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी है, जबकि घायल छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>एसएफआई ने एबीवीपी पर लगाया हमला करने का आरोप</strong></p>
<p>एसएफआई ने दावा किया कि उनके संगठन ने 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की योजना बनाई थी, जिसे बाधित करने के लिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एसएफआई कार्यकर्ता प्रशासनिक ब्लॉक के पास नाश्ता कर रहे थे, तब एबीवीपी सदस्यों ने उन पर दरांट, रॉड और चाकू से हमला किया। इस दौरान समरहिल चौकी के इंचार्ज ASI भारत भूषण व अन्य तीन पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थे। घायलों की पहचान पविंदर, अंकुश, आर्यन, जतिन, संजय और अन्य के रूप में हुई है।</p>
<p>एसएफआई  का आरोप है विश्वविद्यालय परिसर में वॉल राइटिंग के विवाद पर समझौता होने के बाद भी सांगटी इलाके में रात के वक्त एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने तेजधार हथियार के साथ एसएफआई कार्यकर्ताओं का पीछा भी किया था।</p>
<p><strong>एबीवीपी ने एसएफआई पर लगाया हिंसा भड़काने का आरोप</strong></p>
<p>वहीं एबीवीपी ने एसएफआई कार्यकर्ताओं पर उनके समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसएफआई सदस्यों ने पहले उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिससे उन्हें कई को चोटें आईं है। एबीवीपी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कारवाई है।</p>
<p><strong>एचपीयू में पुलिस बल तैनात, सुरक्षा कड़ी</strong></p>
<p>हिंसा के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल है। एचपीयू में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा हिंसा न भड़के। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी जीडी शर्मा ने बताया कि वॉल राइटिंग विवाद को लेकर सोमवार को दोनों संगठनों के बीच समझौता हुआ था, लेकिन मंगलवार सुबह फिर से झड़प हो गई। मामले की जांच बालूगंज थाना पुलिस द्वारा जारी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>वी वी की कक्षाओं में छत से टपक रहा पानी, खिड़कियों के शीशे टूटे हुए, पीने के पानी की भी नहीं है कोई सुविधा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/08/21/hpu-departments-deprived-of-basic-amenities/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Aug 2019 10:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[HP Univeristy]]></category>
		<category><![CDATA[HPU SFI]]></category>
		<category><![CDATA[Law Deptt]]></category>
		<category><![CDATA[SFI]]></category>
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		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एसएफआई की लॉ फैकल्टी कमेटी ने विभाग की समस्याओं के मद्देनजर विभाग के अध्यक्ष सुनील देष्ट्टा को मांग पत्र सौंपा। लॉ विभाग एसएफआई सचिव अमरीश का कहना है कि विभाग में टॉप फ्लोर में पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन प्रशासन इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।छात्रों को [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एसएफआई की लॉ फैकल्टी कमेटी ने विभाग की समस्याओं के मद्देनजर विभाग के अध्यक्ष सुनील देष्ट्टा को मांग पत्र सौंपा।</p>
<p>लॉ विभाग एसएफआई सचिव अमरीश का कहना है कि विभाग में टॉप फ्लोर में पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन प्रशासन इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।छात्रों को टपकती छतो तथा पानी से तर कमरों में अपनी शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। छात्रों ने कहा कि सोशियोलॉजी विभाग की कक्षाओं की भी यही स्थिति है।</p>
<p>विभाग में छात्रों को कंप्यूटर लैब की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। क्लास रूम की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं।विभाग में एक्वागार्ड की उचित सुविधा नहीं है। छात्रों ने मांग कि है कि लॉ विभाग के हर फ्लोर पर एक एक्वागार्ड लगाया जाए।</p>
<p>फैकल्टी अध्यक्ष करण ने कहा कि विभाग में बिना एंट्रेंस एग्जाम दिए एडमिशन देने की कवायद हो रही है जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने पहले ही बहुत कम अंक लिए हुए छात्रों को एडमिशन दे दी है।अब बिना एंट्रेस एग्जाम एडमिशन देना तर्कसंगत नहीं है।</p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो विभाग के छात्रों को लामबंद कर आंदोलन का रास्ता इख्तियार किया जायेगा।</p>
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		<item>
		<title>छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशाशन पर लगाए ये 7 गंभीर आरोप, कहा 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार इतना चरमारया प्रशासनिक ढ़ांचा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/27/sfis-allegations-on-hpu-administration-and-top-officials/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2019 16:34:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[Corruptoin]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई व एस एफ आई शिमला जिला कमेटी ने संयुक्त प्रैस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रैस वार्ता के माध्यम से एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढ़ांचा पूरी तरह से चरमरा गया है जिसके लिए कुलपति,वि वि प्रशासन [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई व एस एफ आई शिमला जिला कमेटी ने संयुक्त प्रैस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रैस वार्ता के माध्यम से एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढ़ांचा पूरी तरह से चरमरा गया है जिसके लिए कुलपति,वि वि प्रशासन व प्रदेश सरकार समान रूप से जिम्मेवार हैं।</p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार वि।वि। का प्रशासनिक ढ़ांचा इतना चरमरा चुका है कि वि वि के कुलपति के रूप में सिकंदर कुमार जी ने शपथ ली तो उन्होंने पहला बयान यह दिया कि मैं आरएसएस की वजह से यहां तक पहुंचा हूँ और ता उम्र इस विचार के लिए काम करूँगा। इस बात का सिकंदर साहब समय-समय पर खूबी सबूत भी देते रहते है। विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज श्रीमान अरविन्द कालिया भष्टाचार में संलिप्त है। एस एफ आई ने आरोप लगाया कि ICDEOL के निदेशक कुलवंत पठानिया 10 महीनों में Ph.D करवाने का कारनामा कर चुके है।</p>
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<p>विश्वविद्यालय के कुलसचिव ऑउटसोर्स के माध्यम से वि।वि। में आर ऐस ऐस   (RSS) और बी जे पी के लोगों की भर्तियां करवाने में लीन है। प्रदेश के ज्यादातर कॉलेजों में प्रिंसिपल की कुर्सी पर ऐसे लोगो को बिठाया गया है जो अपने-अपने कॉलेज में ए बी वी पी का काम प्रत्यक्ष रूप से कर रहे हैं। एस एफ आई ने कहा कि ऐसे लोगो का विश्वविद्यालय व कॉलेज के प्रशासन में होना यह दर्शाता है कि ये किस मंशा से इन पदों पर आसीन है। विश्वविद्यालय प्रशासन की बागड़ोर इस तरह के लोगो के हाथ में होने के कारण पिछले एक साल से विश्वविद्यालय का स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। एस।एफ। आई। ने कहा कि यह बातें वह अनुमान के आधार पर नहीं बल्कि तथ्यों के साथ बोल रही है और संस्था ने निम्नलिखित तथ्य पेश किये:-</p>
<h3>एच पी यू ऑनलाईन प्रणाली के खस्ताहालात</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने ऑफलाईन की जगह ऑनलाईन प्रणाली को लागू किया है तब से लेकर आज तक परीक्षा परिणाम एक भी बार समय पर घोषित नहीं हुए है और न ही सही परिणाम घोषित किए है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट के हालात दयनीय है जिसका कारण कंप्यूटर शाखा का ठेकाकरण व नियमित की जगह ऑउटसोर्स भर्तियां का होना है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 में करोड़ ERP(Enterprise Resource Programme) लागू किया है लेकिन इस प्रणाली को चलाने के लिए योग्य कर्मचारियों की जगह अपने चहेते बिठाये है। जर्जर हो चुके इस ऑनलाईन सिस्टम के कारण छात्रों के परिणाम समय पर नहीं आ रहे है और न ही काउंसलिंग के परिणाम समय पर आ रहे है, न तो हॉस्टल फॉर्म समय पर भरे जा रहे है और न ही फिसे जमा हो पा रही है। इसके साथ-साथ परीक्षा परिणामो का दुरुस्तीकरण भी समय पर नहीं हो रहा है जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई वाधित हो रही है।एस एफ आई ने कहा कि इन सभी कारणों की वजह से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र भी लगभग 20 दिन देरी से शुरू होगा।</p>
<h3>विश्वविद्यालय के अधीन सभी कॉलेजों के छात्रों के हालात दयनीय</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कॉलेज के अधिकतर छात्र आजकल विश्वविद्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। छात्रों के परीक्षा परिणाम प्रशासन की नालायकी के कारण लंबे समय से लंबित है। छात्रों की Internal Assessment(I A) अभी तक विश्वविद्यालय नहीं पहुंची है। बहुत सारे छात्रों के Term end marks एक साल बीते जाने के बाद भी अपडेट नहीं किए गए है। हद तो तब हो जाती है जब छात्र एक ग्रेड कार्ड में पास और उसी सत्र के दूसरे ग्रेड कार्ड में फेल हो जाता है। कॉलेज में प्राध्यापकों की कमी के कारण सरेआम छात्रों के भविष्य को रौंदा जा रहा है। एस एफ आई ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र अपने शिक्षण संस्थान नहीं जा पा रहा है या समय पर नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि बसों में ओवरलोडिंग मान्य नहीं है और कॉलेज के पास छत्रों के लिए विशेष बसों का प्रावधान नहीं है और न ही प्रशासन द्वारा बसों का प्रावधान करने की जहमत उठाई जाती है न तो बस पास काउंटर खोले जा रहे है जिससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि प्रदेश का छात्र किन विपरीत परिस्थितियों में अपनी शिक्षा ग्रहण करने के लिए मज़बूर है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय में भगवाकरण की मुहिम को तेज़ करना</h3>
<p>एस एफ आई ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय से भर्तियों की प्रकिया नियमित न करवाकर ऑउटसोर्स के माध्यम से करवाई जा रही है। जिस कारण विश्वविद्यालय में आरएसएस व भाजपा की राजनीतिक विचारधारा के व्यक्तियों की भर्तियाँ धड़ल्ले से करवाई जा रही है। ऑउटसोर्स प्रणाली के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने गैर कानूनी तरीके ऑउटसोर्स भर्तियों का टेंडर आरएसएस से तलूक रखने वाले व्यक्ति को दिया जिसने आरएसएस व भाजपा से सम्बन्ध रखने वाले लगभग 70 लोगों की भर्ती की। इसके साथ-साथ प्रशासन और प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय व कॉलेजों में प्राध्यापकों के ए बी वी पी का प्रचार-प्रसार करने की खुली छूट दी गई है। एस एफ आई ने कहा कि परिसर में बहुत से प्राध्यापक सरेआम ए बी वी पी की बैठकें आयोजित करवाते हैं व विचारधारा के आधार पर छात्रों को Internal Assessment व प्रैक्टिकल मार्क्स देते है। जिसके कारण विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और साथ ही साथ विश्वविद्यालय का भगवाकरण जोर पकड़ता जा रहा है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय में ए बी वी पी को मिलता संघ-रक्षण</h3>
<p>एस एफ आई का यह भी कहना है की जब से प्रदेश में भाजपा सरकार आई है और जब से विश्वविद्यालय में सिकंदर कुमार कुलपति के पद पर आसीन हुए है तब से लेकर प्रशासन व कुलपति द्वारा ए बी वी पी के नेताओं को पूरा संरक्षण दिया जा रहा है। इसका उदाहरण हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व ए बी वी पी के गठजोड़ के द्वारा तैयार किया गया निष्कासन का ढोंग है। प्रशासन ने परिसर में घेराव व धरना प्रदर्शन पर प्रतिबन्ध लगाया है। ऐसे में जब ए बी वी पी रजिस्ट्रार का घेराव करती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन व कुलपति महाशय अपने आप को निष्पक्ष दिखाने व ए बी वी पी को छात्रहितैषी दिखाने के लिए ए बी वी पी के नेताओं को निष्काषित करने का ढोंग रचती है पर यह स्वांग कथा मात्र तीन दिनों में सिमट गया और निष्कासन वापिस ले लिया जाता है जिस निर्णय का हम स्वागत करते है। एस एफ आई ने कहा कि लेकिन यह निर्णय ए बी वी पी , कुलपति व प्रशासन के कूटनीतिक चेहरे के मुखौटे को उतार देता है और यह भी साबित करता है कि परिसर में घेराव व प्रदर्शन पर प्रतिबन्ध केवल SFI के लिए है। पिछले 5 सालों से SFI के 7 छात्रों का विश्वविद्यालय से निष्कासन इस बात का साक्ष है। निष्कासन की बहाली का पैमाना भी विशेष विचारधारा पर मेहरबान है। एस एफ आई ने कहा कि विश्वविद्यालय में आरएसएस सम्बंधित विचारधारा पूरी तरह से प्रशासनिक अमले में घुल गई है और यही आर ऐस ऐस  युक्त प्रशासन ए बी वी पी को संरक्षण प्रदान कर रहा है।</p>
<h3>कोटशेरा कॉलेज में प्रिंसिपल द्वारा एस एफ आई के नेताओ पर एक तरफा कारवाई</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि बीते दिनो कोटशेरा कॉलेज में ए बी वी पी के छात्रों द्वारा एक छात्र के साथ रैगिंग जैसी गैर कानूनी वारदात को अंजाम दिया जाता है।जिसकी बाकायदा पीड़ित छात्र द्वारा प्रशासन के समक्ष शिक़ायत की जाती है।अगले दिन रैगिंग लेने वाले उन्ही छात्रों में से पांच छात्र शराब के नशे में चूर होकर कॉलेज में हथियार लहराते है।दो शराबी छात्रों को एस एफ आई ने आम छात्रों की मदद से पुलिस के हवाले किया लेकिन तीन शराबी छात्र वहां से रफू चक्कर होने में कामयाब रहे। एस एफ आई ने आरोप लगाया है कि इन तीन छात्रों के कारनामे यही नहीं थमे बल्कि उसी दिन एक छात्रा के साथ छेड़खानी की। छात्रा ने प्रशासन के समक्ष इस प्रकरण की शिकायत की। कहां तो कॉलेज के प्रिंसिपल को शराबी और गुंडागर्दी करने वाले छात्रों पर कार्रवाई अम्ल में लानी चाहिए थी ,लेकिन उल्टा रैगिंग पीड़ित छात्र और छेड़खानी की शिकार छात्रा को प्रताड़ित किया गया। छात्र अब कॉलेज से माइग्रेशन करने को मजबूर है। एस एफ आई ने कहा कि वही छात्रा के अभिभावकों को बुलाकर छात्रा के संदर्भ में बेबुनियाद बाते कही गई।प्रिंसिपल पी के सलारिया सरेआम ए बी वी पी के कार्यकर्ता की भूमिका अदा करते हुए ए बी वी पी के स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में जाते है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विवि तथा कॉलेजों में लोकतंत्र की हत्या कर केन्द्रीय छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाकर प्रशासन पहले ही छात्रों की आवाज़ को दबा चुका है व अब छात्रों की आज़ादी को पूरी तरह से कुचलने पर आमादा है। कन्या छात्रावासों में छत्राओं की इंटर होस्टल आउटिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है जो कि पहले रात 11 बजे तक होती थी। कन्या छात्रावास में बेवजह गेस्ट एंट्री को बढ़ाया गया है जो कि प्रशासनिक डकैती की एक जीता जागता उदाहरण है। विवि में छात्रों को पढ़ाई से दूर करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।बॉयज होस्टल के छात्रों को 24 ऑवर लाइब्रेरी में नही जाने दिया जा रहा है और रात 10 बजे ही होस्टल के गेट पर ताले जड़ दिए जाते हैं। एस एफ आई ने कहा कि ये गेट पहले कभी बन्द ही नहीं होते थे। छात्र रात भर आ जा सकते थे पर अब नहीं। अब छात्र रात भर पिंजरे में रहने को मज़बूर हैं। छात्रों के धरने प्रदर्शन करने के अधिकार पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और न ही विवि प्रशासन से सवाल पूछने का अधिकार है। एस एफ आई ने कहा कि यदि प्रशासन इसका विरोध करता है तो उसे कक्षाओं से सस्पेंड किया जाता है व उसके अभिभावकों को बुलाकर उस छात्र के साथ साथ उन्हें भी प्रताड़ित किया जाता है।</p>
<h3>पीएचडी में फ़र्ज़ी प्रवेश की बाढ़</h3>
<p>एस एफ आई ने यह भी आरोप लगाया है कि किविश्वविद्यालय का एमसीए विभाग पीएचडी में अवैध प्रवेश के लिए बदनाम हो चुका है। एचपीयू के डीन ऑफ स्टडीज अरविंद कालिया इसी विभाग में कार्यरत है लेकिन शर्म की बात है कि इन फ़र्ज़ी प्रवेशों को करवाने में इनकी भी एक बड़ी भूमिका है। नियमों को दरकिनार कर अपने एक चहेते को टीचर कोटे से पीएचडी में प्रवेश दिलाना उनके भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। एस एफ आई ने कहा कि उन्ही के चलते ऐसे लोगों को पीएचडी में प्रवेश दिया गया है जिनकी योग्यता एमसीए के अनूरूप भी नहीं थी। आज वो ही लोग प्राध्यापक बन कर विवि में बैठे हैं। हैरानी की बात तो तब सामने आई जब डीएस के एक करीबी को उसकी एमसीए पूरी हाने से पहले ही पीएचडी में प्रवेश दिया गया। वाणिज्य विभाग में 10 महीने में पीएचडी पूरी करवाने का कारनामा भी वर्तमान इक्डोल निदेशक द्वारा ही किया गया है। इस समय भी एमसीए विभाग में NET/JRF को दरकिनार कर अपने चहेतों को प्रवेश देने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि इन तमाम तथ्यों से यह साबित होता है कि एचपीयू में प्रदेश सरकार के संरक्षण में कुलपति व प्रशासन द्वारा सरेआम इसके व्यापारीकरण व भगवाकरण की मुहिम को पूरी ताक़त के साथ लागू किया जा रहा व एचपीयू के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से खस्ताहाल बना दिया है।</p>
<p>एस एफ आई एचपीयू में व्याप्त इन तमाम समस्याओं, भ्रष्टाचार व नाइंसाफी के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत 29 जुलाई को कोटशेरा कॉलेज प्रिंसिपल पी के सलारिया की तानाशाही के खिलाफ कॉलेगर में धरना प्रदर्शन व प्रिंसिपल का घेराव करके करेगी। एस एफ आई ने कहा कि 30 व 31 जुलाई को प्रदेश के तमाम कॉलेज व विवि में इन सभी मुद्दों को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसे कुलपति तक पहुंचाया जाएगा।</p>
<p>एक अगस्त को हिमाचल के प्रत्येक कॉलेज व विवि में इन तमाम मुद्दों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एस एफ आई ने कहा कि अगर प्रशासन फिर भी नहीं मानता है तो इस आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा जिसके ज़िम्मेदार कुलपति, प्रशासन व प्रदेश सरकार होंगे</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/27/sfis-allegations-on-hpu-administration-and-top-officials/">छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशाशन पर लगाए ये 7 गंभीर आरोप, कहा 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार इतना चरमारया प्रशासनिक ढ़ांचा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>एच.पी.यू. के ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह न चलने से छात्र नहीं करवा पा रहे फीस जमा, तिथि बढाने की मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/23/hp-university-online-fee-deposit-portal-not-operational/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2019 10:46:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों को पीजी कोर्सेज की फीस जमा करते वक़्त छात्रों को पेश आ रही है। छात्रों का कहना है कि अभी तक भी फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से एक्टिवेट नहीं हुआ है।अभी तक केमिस्ट्री, फिजिक्स,माइक्रोबायोलॉजी, का पोर्टल एक्टिवेट नहीं हुआ है।आर्ट्स ब्लॉक के अन्तर्गत एम कॉम, एम [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों को पीजी कोर्सेज की फीस जमा करते वक़्त छात्रों को पेश आ रही है। छात्रों का कहना है कि अभी तक भी फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से एक्टिवेट नहीं हुआ है।अभी तक केमिस्ट्री, फिजिक्स,माइक्रोबायोलॉजी, का पोर्टल एक्टिवेट नहीं हुआ है।आर्ट्स ब्लॉक के अन्तर्गत एम कॉम, एम ए इंग्लिश, एम ए लोक प्रशासन,एम ए म्यूज़िक,एम ए संस्कृत,एम ए राजनीतिक शास्त्र जैसे विभागो की फीस का पोर्टल अभी तक नहीं खुला है।</p>
<p>विश्विद्यालय के अधिकतर विभागो की फीस जमा नहीं हो रही है।छात्र परेशान हो रहे है क्योंकि प्रशासन ने फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल अभी तक भी एक्टिव नहीं किया है।जिन विभागों का पोर्टल एक्टिव हुआ है वहां के चालान भी संशय से भरपूर है क्योंकि विश्वविद्यालय के प्रॉस्पेक्टस में फीस स्ट्रक्चर तथा चालान में फीस अलग है। ऐसे में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता में है तथा दुविधा में रहने को मजबूर है।</p>
<p>इसी समस्या को लेकर आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर कर फीस जमा करने में आ रही दिक्कतों से रूबरू कराया। उन्होंने फीस जमा करने की तिथि को बढाने की मांग की।कैंपस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि हालांकि एस एफ आई पहले डी एस के समक्ष उठाने गई लेकिन डी एस अपने कार्यालय से नदारद थे।इसके साथ साथ 2015 बैच के यू जी के छात्रों की मांगो को लेकर भी रजिस्ट्रार के समक्ष रखा गया।</p>
<p>इसके साथ ही एस एफ आई ने 2015 बैच के छात्रों के लिए पासिंग परसेंटेज को 45% से घटाकर 40% करने की मांग की है। इंटरनल एसेसमेंट तथा थेओरी के अंकों को कंबाइन करके एग्रीगेट परसेंटेज बनाई जाने कि मांग भी की।</p>
<p>कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन की नलायकी तथा लेटलातीफी की वजह से छात्र फीस जमा नहीं करवा पाए हैं। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द पोर्टल को सुचारू रूप से एक्टिवेट करे और फीस जमा करने की तिथि को भी तुरंत प्रभाव से एक्सटेंड किया जाए।</p>
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		<title>विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2019 13:07:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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		<category><![CDATA[Jai Ram Thakur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व प्रदेश सरकार का लगातार छात्रों की समस्यायों को नज़रंदाज़ करने व लगातार छात्र विरोधी फरमान जारी करने के विरोध में समरहिल चौक पर मुंह पर काली पटिया बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही एस एफ आई के छात्र हाथो में विभिन्न मांगो को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/">विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व प्रदेश सरकार का लगातार छात्रों की समस्यायों को नज़रंदाज़ करने व लगातार छात्र विरोधी फरमान जारी करने के विरोध में समरहिल चौक पर मुंह पर काली पटिया बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>सुबह से ही एस एफ आई के छात्र हाथो में विभिन्न मांगो को प्रदर्शित करते पोस्टर पकड़कर खड़े रहे।कैंपस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि आज विश्वविद्यालय अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहा है,ओर दूसरी ओर छात्र मांगो को लेकर आंदोलनरत है। छात्रों ने प्रदर्शन का अनूठा रूप दिखाया,क्योंकि कुलपति ने कैंपस में तानाशाह एजेंडा लागू कर धरने प्रदर्शन पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा रखा है। एस एफ आई ने कहा कि छात्र मुख्यत कैंपस में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे है क्योंकि लगातार कैंपस में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12777" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg" alt="Corruption at its peak at hpu campus 2" width="1032" height="477" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg 1032w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-300x139.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-768x355.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-1024x473.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1032px) 100vw, 1032px" /></a></p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है । पी एच डी के अंदर अवैध रूप से फर्जी प्रवेश हो रहा है ।एस एफ आई ने प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश भी किए लेकिन प्रशासन अपने चहेते अधिकारियों को सरंक्षण दे रहा है । स्थापना दिवस के अवसर पर आज एस एफ आई ने मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र सौंपकर छात्र मांगो को उठाया।एस एफ आई ने मांगपत्र के माध्यम से एस सी ए चुनाव को जल्द बहाल करने की मांग की। इसके साथ साथ एस एफ आई के छात्रों से हो रहे सौतेले व्यवहार को भी प्रमुखता से उठाया ।</p>
<p>एस एफ आई ने आरोप लगाया कि क्योंकि कुलपति विशेष विचारधारा को सरंक्षण दे रहे है।जिसका जीता जागता प्रमाण पिछले कल ए बी वी पी के छात्रों का निष्काषन बहाली करना है।हालांकि एस एफ आई निष्काषन बहाली के विरोध में नहीं है,लेकिन विचारधारा को निष्काषन बहाली का पैमाना बनाना आखिर कहां तक जायज है?एस एफ आई के सात छात्र पिछले पांच सालों से निष्कासित है ।एस एफ आई ने मांग की है कि इन छात्रों का निष्काषन भी जल्द से जल्द बहाल किया जाए।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12778" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg" alt="Corruption at its peak at hpu campus 3" width="1032" height="477" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg 1032w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-300x139.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-768x355.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-1024x473.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1032px) 100vw, 1032px" /></a></p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक संघ संबंधित छात्र संगठन के पदाधिकारियों में शामिल है।कैंपस में बिना किसी डर के प्राध्यापक छात्र राजनीति में सरेआम हिस्सा ले रहे है। एस एफ आई मांग की है कि ऐसे प्राध्यापको पर कड़ी कार्रवाई की जाए।कैंपस को धांधलियों का गढ़ बनाने वाले अधिकारियों पर भी एस एफ आई ने करवाई की मांग की है क्योंकि इन लोगो की वजह से शैक्षणिक स्तर में भारी गिरावट आई है ,तथा विश्विद्यालय की छवि भी धूमिल हो रही है।विश्वविद्यालय में छात्रावासो का आभाव है। प्रशासन सभी छात्रों को हॉस्टल सुविधा देने में नाकाम है।</p>
<p>एस एफ आई नए हॉस्टलों के निर्माण की मांग की है तथा वर्तमान में गर्ल्स होस्टल में बन्द हुई इंटर हॉस्टल आउटिंग ,तथा ब्वॉयज हॉस्टल के छात्रों को रात के समय लाइब्रेरी ना देने वाले निर्णय को जल्द वापिस लेने की मांग की है।कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा कि लंबे समय से इन्हीं मांगो को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष उठाया था।लेकिन फिर भी अभी तक प्रशासन ने कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की।बल्कि आवाज़ उठाने वाले छात्रों को प्रताड़ित करने में ही ध्यान दिया। एस एफ आई ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से उम्मीद करते है कि इन मांगो पर जल्द से जल्द छात्र हितेषी पहल को अंजाम दिया जाएगा । छात्रों ने चेतावनी कि यदि ऐसा नहीं होता तो एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के अंदर आंदोलन को खड़ा करेगी</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/">विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>शिक्षा मंत्री के कहने पर नियमों को दरकिनार कर भाजपा कार्यकर्ता को  दे दिया टेंडर, विरोध दबाने के लिए ली हिंसा की आड़: एस.एफ.आई.</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/09/scam-in-hp-university-outsourcing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Apr 2019 16:00:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-गौरतलब है कि 24 मार्च से लेकर प्रदेश वि. वि.में जो हिंसा और तनाव का माहौल है जिसके लिए लगातार छात्र राजनीति को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है परन्तु असल में यदि हम पूरे प्रकरण को ध्यान से समझने का प्रयास करें तो हम पाते है कि इस घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि प्रदेश वि. [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/09/scam-in-hp-university-outsourcing/">शिक्षा मंत्री के कहने पर नियमों को दरकिनार कर भाजपा कार्यकर्ता को  दे दिया टेंडर, विरोध दबाने के लिए ली हिंसा की आड़: एस.एफ.आई.</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>गौरतलब है कि 24 मार्च से लेकर प्रदेश वि. वि.में जो हिंसा और तनाव का माहौल है जिसके लिए लगातार छात्र राजनीति को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है परन्तु असल में यदि हम पूरे प्रकरण को ध्यान से समझने का प्रयास करें तो हम पाते है कि इस घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि प्रदेश वि. वि. प्रशासन और प्रदेश की सरकार द्वारा पहले से ही सुनियोजित थी। यह कहना है एस.एफ.आई. का।</p>
<p>आज दिनांक 9 अप्रैल, 2019 को एस.एफ.आई. ने एक प्रैस वार्ता के माध्यम से हि. प्र. वि. वि. में 24 मार्च से अभी तक घटित हो रहे घटनाक्रम व उसके बाद पुलिस तथा वि.वि. प्रशासन की एकतरफा कार्यवाही की निन्दा की व मीडिया के माध्यम से कुछ सवाल उठाएं।</p>
<p>इस पत्रकार वार्ता को अखिल भारतीय सह सचिव दिनित दैन्टा, राज्य सचिव अमित ठाकुर, वि.वि. इकाई सचिव जीवन ठाकुर व अखिल भारतीय कमेटी सदस्या रूचिका वजीर ने सम्बोधित किया।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया है कि यह सुनियोजित हमला इसलिए हुआ क्योंकि गत मार्च महीने की शुरूआत में वि. वि. प्रशासन व प्रदेश की सरकार द्वारा वि. वि. में आऊटसोर्स के तहत कर्मचारियों की गैर कानूनी तरीके से भर्तियां की गई। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई। जिसमें वि. वि. प्रशासन के साथ शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की मिलीभगत भी बेनकाब हुई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया है कि शुरूआत में जब इस आऊटसोर्स प्रक्रिया के टेंडर मार्च 2018 में आॅपरेटिव केयर कम्पनी को पास हुआ तो शिक्षा मंत्री के कहने पर बड़े सुनियोजित तरीके से नियमों को दरकिनार करते हुए इस टेंडर को उत्तम हिमाचल नाम की कम्पनी को दे दिया गया जिसका मालिक संजीव देष्टा है जो वि. वि. में केन्द्रिय छात्र संघ का पदाधिकारी और ए.बी.वी.पी. का कार्यकर्ता रह चुका है और वर्तमान में भाजपा का कार्यकर्ता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस घटनाक्रम के सामने आते ही एस.एफ.आई.ने वि. वि. प्रशासन और शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जिसमें एस।एफ।आई। ने शिक्षा मंत्री के पुतला दहन के साथ-2 रजिस्ट्रार वि. वि. का घेराव कर इस भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस विरोध के चलते वि. वि. प्रशासन और प्रदेश सरकार जनता के सामने बेनकाब हो चुकी थी और किसी भी प्रकार से इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटी थी।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया कि अपनी कोई भी कोशिश कामयाब न होती देख वि. वि. प्रशासन और प्रदेश सरकार ने छात्र आन्दोलन को कुचलने की सुनियोजित कोशिश शुरू कर दी। जिसके तहत 19 मार्च से वि. वि. छात्रावास के नज़दीक पोटर हिल मैदान में आर।एस।एस। की शाखाओं को लगाना शुरू किया गया। इसी दौरान एस।एफ।आई। का मानना है कि वि. वि. परिसर में एक के बाद एक गतिविधियों के आयोजन द्वारा छात्रों का भारी समर्थन व लोकप्रियता जीत रही थी।</p>
<p>एस.एफ.आई. का यह भी आरोप है कि इस बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर 24 मार्च की सुबह पोटरहिल मैदान में क्रिकेट खेल रहे छात्रों पर लगभग चालीस से पच्चास लोगों द्वारा तेज़धार हथियारों व डंडों के साथ सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जिसमें आर।एस।एस। व ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ता शामिल थे।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस हमले में अनेकों छात्रों को गम्भीर चोटें आई और अस्पताल में भर्ती हुए। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह हमला छात्रों में भय का माहौल तैयार करने के लिए किया गया था। इस भय और हिंसा के माहौल को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार व वि. वि. प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन का प्रयोग करते हुए छात्रों पर एकतरफा कानूनी कार्रवाई की गई। जिसके तहत एस.एफ.आई. कार्यकर्ताओं को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया वहीं दूसरी तरफ इस पूरे उपद्रव के लिए जिम्मेवार आर.एस.एस. व ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ताओं पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि अगले दिन 25 मार्च सुबह 4 बजे छात्रों को हाॅस्टल से खदेड़ने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग करते हुए हाॅस्टलों में रेड़ डलवाई गई और छात्रों को जबरदस्ती बसों में डालकर थाने ले जाया गया। इसके तुरन्त बाद पुलिस का सहारा लेते हुए आर.एस.एस। के कार्यकर्ता जिसमें अनेक वि. वि. के प्राध्यापक व कर्मचारी भी शामिल थे, ने डंडों व पत्थरों द्वारा छात्रों पर हमला किया और वि. वि.के छात्रावासों में तोड़फोड़ भी की गई। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस वहां मूकदर्शक बनी रही और आर.एस.एस. के कार्यकर्ताओं का साथ देती नज़र आई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन और वि. वि. प्रशासन का रवैया देख कर छात्र समुदाय भड़क उठा और इसके खिलाफ वि. वि. परिसर में विरोध प्रदर्शन कर इसका विरोध किया। उसी दिन जिन छात्रों को पुलिस हाॅस्टल से उठा कर ले गई थी शाम के वक्त जब उन छात्रों को थाने से छोड़ा जाता है तो उन पर थाने से पांच मिनट की दूरी पर बालुगंज चौक पर ही ए.बी.वी.पी. कार्यकर्ताओं द्वारा नुकीले व धारदार हथियारों द्वारा हमला किया जाता है जिसमें अनेकों छात्रों को गम्भीर चोटें आती है। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरी घटना में पुलिस छात्रों को हाॅस्टल से तो बसों में भरकर लाती है परन्तु इस हिंसा के माहौल में थाने से बिना किसी सुरक्षा के छोड़ देती है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस घटना में संलिप्त आर.एस.एस. व ए.बी.वी.पी. के एक भी छात्र को अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है जो पुलिस प्रशासन की एकतरफा कार्यवाही को दर्शाता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि जब पुलिस प्रशासन से ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की मांग की गयी तो ए.बी.वी.पी. के कुछ छात्रों को मात्र पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और सुबह होने से पहले ही छोड़ दिया गया।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 25 मार्च की शाम समरहिल चौक पर ए.बी.वी.पी.की लड़कियों द्वारा एस.एफ.आई की छात्राओं पर हमला किया गया। साथ ही छात्राओं को हाॅस्टल न आने की धमकी भी दी गई। परन्तु इस सबके बावजूद जब छात्राएं अपने -2 हाॅस्टल में गई तो विद्योत्तमा हाॅस्टल में एक छात्रा को अकेला पा कर ए.बी.वी.पी. की छात्राओं द्वारा हमला किया गया जिसमें हाॅस्टल की बाकी छात्राओं ने वक्त पर आकर बीच बचाव किया। एस.एफ.आई. ने कहा कि इसी रात लगभग आठ बजे के करीब ए.बी.वी.पी. का एक कार्यकर्ता हाथ में दराट लेकर शराब के नशे में कन्या छात्रावासों में घुस आया जहां पर उसे पुलिस और छात्राओं द्वारा धर दबोचा गया। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे<br />
घटनाक्रम के बाद भी पुलिस प्रशासन के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। एस.एफ.आई. ने कहा कि जहां एक तरफ हाॅस्टल में घुसकर हमला करने वाली छात्राओं पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई वहीं दूसरी तरफ हाॅस्टल की आऊटिंग खत्म होने के बाद शराब के नशे में दराट ले कर हाॅस्टल में घुसने वाले छात्र को भी सिर्फ सामान्य धाराओं के तहत गिरफ्तार करके सुबह तक छोड़ दिया गया।</p>
<p>संगठन ने आरोप लगाया कि जहां एक तरफ 24 मार्च और 25 मार्च के घटनाक्रम के बाद पुलिस व वि. वि.प्रशासन द्वारा एस.एफ.आई. कार्यकर्ताओं पर मुकद्दमें बनाकर गिरफ्तार किया गया वहीं दूसरी तरफ छात्रों को जख्मी करने वाले व कन्या छात्रावासों में दराट लेकर घुसने वाले ए.बी.वी.पी. कार्यकर्ता पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस मामले को लेकर छात्रों द्वारा 26 मार्च को चीफ वार्डन का घेराव करने व उन पर दवाब बनाने के बाद वि. वि.प्रशासन द्वारा तोड़फोड़ करने व दराट लेकर गल्र्ज़ हाॅस्टल में जाने वाले गुण्डों के खिलाफ शिकायत दी गई परन्तु पुलिस द्वारा अभी तक इस मामले कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 29 मार्च को गैर लोकतान्त्रिक तरीके से वि. वि. प्रशासन द्वारा न्यायालय का हवाला देकर वि. वि. परिसर में बैज़ पहनने, विरोध प्रदर्शन करने, कक्षाओं को संबोधित करने व प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। एस.एफ.आई. का आरोप है कि वि. वि.कि परिसर में बैज़ पहनने, विरोध प्रदर्शन करने, कक्षाओं को संबोधित करने व प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने पर यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है ताकि परिसर के अन्दर जनवादी लोकतान्त्रिक माहौल को खत्म किया जा सके और छात्र वि. वि. प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ न उठा सकें व वि. वि. प्रशासन घोटालों व छात्र विरोधी निर्णयों को आसानी से लागू कर सके।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि बैज़ को बहाना बना कर वि. वि. प्रशासन द्वारा अपने दमन चक्र को तेज करते हुए परिसर में बेज़ पहनने वाले छात्रों को निलंबित किया जाता है। वर्तमान में निलंबित छात्रों की संख्या 35 से ज्यादा हो गई है। निलंबित छात्रों में कुछ छात्र ऐसे भी हैं जिन्होंने बेज़ नहीं पहना था या कुछ छात्र इस दौरान परिसर में थे ही नहीं। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह दर्शाता है कि वि. वि. प्रशासन ए.बी.वी.पी. के साथ मिल कर पूरे घटनाक्रम को अन्जाम दे रहा है।</p>
<p>इसी बीच 1 अप्रैल को एस.एफ.आई. द्वारा वि. वि. प्रशासन का एक और गैर कानूनी कारनामा सामने लाया जाता है जिसमें एम।सी।ए। विभाग में पी।एच।डी। में अयोग्य भर्ती की जाती है। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह भर्ती सीधे तौर से डी.एस. द्वारा करवाई गई जिसमें सेन्ट बिड्स काॅलेज में काॅन्ट्रेक्ट पर पढ़ाने वाली अध्यापिका को प्राध्यापक कोटे से पी।एच।डी। में प्रवेश दिया जाता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि यह प्रवेश गैर कानूनी इसलिए है क्योंकि इस सीट को विज्ञापित नहीं किया गया था, प्राध्यापक कोटे के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले को प्राथमिकता दी जाती है व डी.एस. द्वारा मात्र स्टैंडिंग कमेटी के माध्यम से अधिसूचना में रेगुलर के स्थान पर रेगुलर, काॅन्ट्रेक्ट व एडहाॅक शब्द जोड़ दिए गए जो कि वि. वि. आॅर्डिनांस की अवहेलना है। 2 अप्रैल को वि. वि.प्रशासन द्वारा एक और छात्र विरोधी फरमान जारी किया गया जिसके तहत कुलपति द्वारा वि. वि. में 10 प्रतिशत फीस वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 3 अप्रैल को सुनियोजित तरीके से डी.एस.पी. द्वारा छात्रों के साथ दुव्र्यवहार किया गया। एस.एफ.आई. राज्याध्यक्ष को निशाना बना कर डी.एस.पी. सुरेश चैहान द्वारा राज्याध्यक्ष के साथ गाली &#8211; गलौच व जान से मारने की धमकी दी जाती है व झूठा मुकद्दमा बना कर गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरी तरफ वि. वि. प्रशासन द्वारा छात्रावास में रह रहे छात्रों को प्रताड़ित किया जाता रहा व 24 घण्टे खुले रहने वाले हाॅस्टलों को पुलिस के सहारे सुबह 6 से रात 10 बजे तक खुला रखा जाता है व 24 घण्टे खुली रहने वाली लाईब्रेरी को रात 9 बजे बंद किया जा रहा है।</p>
<p>एस.एफ.आई. मानती है कि 2014 के बाद आर.एस.एस. व भाजपा द्वारा देश भर में विश्वविद्यालयों, प्रगतिशील विचार, जनवादी और लोकतान्त्रिक संस्थानों पर हमले कर रही है। हि. प्र. में भी प्रदेश सरकार व आर.एस.एस. वि. वि.प्रशासन के साथ मिलकर वि. वि. में अपने चहेतों को भर्ती कर व उन्हें फायदा पहुंचा कर भगवाकरण के एजैण्डे को लागू करना चाहती है व शिक्षा के निजीकरण व व्यवसायिकरण की मुहिम को तेज कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का रवैया निन्दनीय है। मुख्यमंत्री द्वारा बिना किसी जांच के एस.एफ.आई. को गलत ठहराना उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।</p>
<h4>एस.एफ.आई. ने मांग कि है कि:-</h4>
<ol>
<li>आऊटसोर्स के नाम पर गैर कानूनी तरीके से हुई भर्तियों को रद्द किया जाए और इस प्रक्रिया में संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>छात्रों पर हुए हमले और वि. वि. में हिंसा और भय के माहौल बनाने वाले ए.बी.वी.पी./आर.एस.एस. के कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>एम।सी।ए। विभाग में गैर कानूनी तरीके से हुई पी।एच।डी। में प्रवेश को वापिस लिया जाए और इस प्रक्रिया में संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>कुलपति द्वारा प्रस्तावित किए गए 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वापिस लिया जाए।</li>
<li>छात्रों के जनवादी अधिकारों को परिसर के अन्दर बहाल किया जाए।</li>
<li>हाॅस्टल से पुलिस के पहरे को हटाया जाए और 10 बजे की बाध्यता को हटाया जाए। ताकि छात्रों में भय का माहौल न रहें।</li>
<li>बैज़ के नाम पर निलंबित किए गए छात्रों का निलम्बन तुरन्त वापिस लिया जाए।</li>
<li>वि. वि. में प्रशासनिक नियुक्तियां राजनीतिक स्तर पर न हो कर वरिष्ठता के आधार पर की जाए।</li>
<li>छात्रों के साथ दुव्र्यवहार और उन्हें डराने वाले डी.एस.पी. पर कार्यवाही की जाए।</li>
</ol>
<p><strong>एस.एफ.आई. प्रदेश सरकार व वि. वि. कुलाधिपति से  पूछा है:-</strong></p>
<ol>
<li>बैज़ पहनने पर छात्रों का निलंबन परन्तु गल्र्ज़ हाॅस्टल में शराब पी कर व दराट लेकर जाने वाले ए.बी.वी.पी.कार्यकर्ता पर अब तक कोर्यवाई क्यों नहीं?</li>
<li>वि. वि.में हुए पी।एच।डी। फर्जीवाड़े (यू।जी।सी। के नियमों को दरकिनार करते हुए 10 महीने में पूर्व कुलपति के बेटे की पी।एच।डी। थिसिज को जमा करवाया गया) व एम। काॅम प्रश्न प्रत्र फर्जीवाड़े (अपनी एक ही किताब से लगभग 80 प्रश्न प्रवेश परीक्षा में शामिल किए गए जो परीक्षा बाद में रद्द की गई) में संलिप्त प्रो। कुलवंत पठानियां जो कि वर्तमान में दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र के निदेशक है, पर कोई कार्यवाही कुलाधिपति महोदय द्वारा क्यों नहीं की गई?</li>
<li>वि. वि. में पढ़ाने वाले प्राध्यापक जोकि ए.बी.वी.पी. के पदाधिकारी है और वि. वि. में होने वाली हिंसा के लिए जिम्मेवार है पर कुलाधिपति महोदय द्वारा अभी तक कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया गया?</li>
<li>वि. वि. द्वारा विभिन्न मामलों में गठित की जाने वाली जांच कमेटी में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों जो कि किसी एक राजनीतिक दल से जुड़े होते हैं, द्वारा निष्पक्ष जांच कैसे की जा सकती है?</li>
<li>अन्तर्राष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र में हुए करोड़ों के प्रोस्पेक्टस घोटाले में संलिप्त एक ही कर्मचारी से जांच पड़ताल क्यों?</li>
<li>वि. वि.में चल रहे म्त्च् ;म्दजमतचतपेम त्मेवनतबम च्संददपदहद्ध प्रोजेक्ट जो कि 8।5 करोड़ की लागत का है, को पूरा करने की समय सीमा 2018 में समाप्त हो चुकी है परन्तु अभी भी प्रोजेक्ट अधर में लटका है इस पर अब तक जांच कमेटी क्यों नहीं गठित की गई?</li>
<li>पिछले कल छप्त्थ् ;छंजपवदंस प्देजपजनजपवदंस त्ंदापदह थ्तंउमूवताद्ध द्वारा जारी की गई छप्त्थ् त्ंदापदह 2019 में प्रदेश वि. वि.का स्थान 150 &#8211; 200 के बीच में है जो कि वर्ष 2017 में 100 &#8211; 150 के बीच था जिसमें लगातार गिरावट आई है इस रैंकिंग में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार, कुलाधिपति महोदय, वि. वि. प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाएं जा रहे हैं?</li>
<li>वि. वि. परिसर में छात्रों द्वारा पहने जाने वाले बैज़ से तनाव का माहौल कैसे बनता है? वि. वि.प्रशासन अपने इस बेतुके फरमान पर जवाब दे।</li>
<li>वि. वि. परिसर में न्यायालय का हवाला देकर छात्रों को धरना &#8211; प्रदर्शन करने से रोक दिया गया परन्तु वि. वि. कुलपति ने जिस दिन अपना कार्यभार ग्रहण किया उस दिन नारों के साथ समरहिल चैक से कुलपति कार्यालय तक गए। क्या न्यायालय के आदेश केवल छात्रों पर ही लागू होते हैं?</li>
</ol>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/09/scam-in-hp-university-outsourcing/">शिक्षा मंत्री के कहने पर नियमों को दरकिनार कर भाजपा कार्यकर्ता को  दे दिया टेंडर, विरोध दबाने के लिए ली हिंसा की आड़: एस.एफ.आई.</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>वीडियो:2 दिन में  छात्राओं सहित विश्वविद्यालय से 36 निष्कासित, एक तरफ़ा करवाई के खिलाफ छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/05/hpu-suspends-36-students-in-2-days-sfi-protest-against-one-sided-action/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Apr 2019 17:15:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज एस०एफ०आई० हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी तरीके से लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य रूप से सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। छात्र [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज एस०एफ०आई०  हिमाचल  प्रदेश  विश्वविद्यालय  इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय  परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी  तरीके से  लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य  रूप  से सरकार के इशारे  पर किया जा रहा है। छात्र संगठन ने कहा कि बीते कुछ दिन पहले वि०वि० इकाई  के द्वारा परिसर में आउटसोर्स के मुद्दे का कड़ा विरोध किया था और उसके बाद विश्वविद्यालय में एस०एफ०आई०की जितनी भी गतिविधियां हुई उसमें तमाम छात्र समुदाय ने बढ़ चढ़कर भाग लिया!  एस०एफ० आई का कहना है कि तमाम नीतियों को लेकर छात्रों का विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार को रास नहीं आया और बड़ी सुनियोजित तरीके से परिसर के अंदर छात्र गुटों में लड़ाई करवाई और बाद में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सुनियोजित तरीके से रोक लगा दी ।</p>
<p><iframe loading="lazy" width="661" height="364" src="https://www.youtube.com/embed/ZpuGmZ_iAl8" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में न तो कोई विरोध प्रदर्शन करने दिया जा रहा है और न ही छात्रों को किसी भी अथॉरिटी के साथ मिलने दिया जा रहा है जिसके चलते प्रशासन के द्वारा दो दिनों के भीतर ही 36 छात्रों को निष्कासित किया जा चुका है जिनका कसूर बस इतना है कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रश्न उठा रहा थे।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि इसी कड़ी के चलते जो भी छात्र निष्कासित है उन्हें न तो सुचारू रूप से कक्षाओं में आने दिया जा रहा है और न ही हॉस्टल में रहने की अनुमति प्रशासन के द्वारा दी जा रही है जिसके चलते तमाम छात्र समुदाय को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही साथ जो भी लड़कियां इस  निष्कासन के चलते हॉस्टल में नहीं रह पा रही है उन्हें भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि दूसरे छात्र संगठन की तो अभी तक दोषी छात्रों पर कोई भी कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के द्वारा नहीं की गई है जो कि यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और ए०बी०वी०पी०  दोनों मिलकर छात्र राजनीति को बदनाम कर रहे हैं और साथ ही साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा भी एक तरफा कार्रवाई तमाम घटनाक्रम पर की जा रही है।</p>
<p>एस०एफ०आई ने तमाम विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से यह मांग की है कि बीते दिनों विश्विधालय में जो घटनाक्रम हुए हैं उस  पर एक तरफा कार्रवाई न करके न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग की कि जिन छात्रों का निष्कासन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया है उसे एक दिन के भीतर वापिस लिया जाए अन्यथा आने वाले दूसरे दिन कोई भी अथॉरिटी विश्वविद्यालय परिसर के अंदर मान्य नहीं की जाएगी जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा! </p>
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		<item>
		<title>हिमाचल को नही बनने देंगे वामपंथी विचारधारा का पश्चिम बंगाल या जे.एन.यू : बजरंग दल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/26/bajrang-dals-himachal-pradesh-unit-issue-statement-over-hpu-clash/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Mar 2019 06:42:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में रविवार को शुरू हुई हिंसा की कड़ी थमने का नाम नहीं ले रही! सोमवार को दो गुटों की छात्रओं की बीच हाथा पायी हुई जिसमे कुछ छात्रायें घायल हुई!इसके चलते कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है! हिमाचल के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के बयानों के बाद अब  बजरंग दल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong>हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में रविवार को शुरू हुई हिंसा की कड़ी थमने का नाम नहीं ले रही! सोमवार को दो गुटों की छात्रओं की बीच हाथा पायी हुई जिसमे कुछ छात्रायें घायल हुई!इसके चलते कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है!</p>
<p>हिमाचल के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के बयानों के बाद अब  बजरंग दल की हिमाचल प्रदेश यूनिट ने रविवार को समरहिल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस ) की शाखा और स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एस. एफ. आई.) के बीच हुई झड़प को लेकर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटना का विरोध किया! बजरंग दल के प्रांत सह सयोंजक पवन समेला ने एस. एफ. आई के सदस्यों को गुंडा तत्व करार देते हुए प्रदेश सरका तथा प्रशासन से एस.एफ.आई. के सदस्य जो इस हमले शामिल थे उन्हें यथाशीघ्र गिरफ्तार कर उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी करवाई करने की मांग की है।</p>
<p>समेला ने कहा कि एस. एफ. आई के लोग देश विरोधी है और आपराधिक मानसिकता रखते हैं और उन पर नकेल कसी जानी चाहिए!</p>
<p>पवन समेला ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 1925 से देश सेवा में लगा हुआ है। पूरे भारत वर्ष में शाखा के माध्यम से लोगो में राष्ट्रभक्ति का भाव तथा वौद्धिक, मानसिक, शारिरिक विकास किया जाता है।</p>
<p>उनहोने आरोप लगया कि वामपंथी विचारधारा हमेंशा से देश विरोधी तथा धर्म विरोधी रही है। केरल में भी वामपंथी विचाराधारा के लोगों ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले कर कई स्वयं सेवक बन्धुओं की निर्मम हत्या है।</p>
<p>पवन समेला ने कहा कि देश विरोधी प्रदेश को किसी भी कीमत पर वामपथियों की विचारधारा का पश्चिम बंगाल या जे.एन.यू. नही बनाने दिया जाएगा। ऐसे देश विरोधी लोगों तथा देश विरोधी विचारधारा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा।</p>
<p>पवन समेला ने कहा कि बजरंग दल प्रदेश सरकार से माॅग करता है कि स्वयं सेवको पर हमला करने वालों को शीघ्र गिरफ्तार कर उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कारवाई करे! उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो बजरंग दल पूरे प्रदेश में ऐसे देश विरोधी लोगो पर स्वयं कारवाई करने को बाध्य होगा।</p>
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		<item>
		<title>प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रों  का 40 मूलभूत मांगो को लेकर क्रमिक अनशन 20 वें दिन जारी, जन आंदोलन की दी चेतावनी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/26/hp-university-chain-hunger-strike-enter-20th-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Apr 2016 14:33:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की 40 मूलभूत मांगो को लेकर अपना क्रमिक अनशन को 20 वें दिन जारी रखते हुए आज 24 घण्टे का धरना दिया! धरना आज दोपहर 2 बजे शुरू हुआ व कल दोपहर 2 बजे तक चलेगा! भूख हड़ताल के 20 वें दिन आज कृतिका, नितिका, और प्रियंका [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की 40 मूलभूत मांगो को लेकर अपना क्रमिक अनशन को 20 वें दिन जारी रखते हुए आज 24 घण्टे का धरना दिया! धरना आज दोपहर 2 बजे शुरू हुआ व कल दोपहर 2 बजे तक चलेगा! भूख हड़ताल के 20 वें दिन आज कृतिका, नितिका, और प्रियंका भूख हड़ताल पर है!</p>
<p>छात्रों ने कहा कि विवि प्रशाशन ने छात्र संघ को बातचीत के लिए बुला कर सभी मांगो पर सिर्फ आश्वासन दिए हैं , जबकि छात्र  संघठन ने   उसमे  समयबद्ध कार्यवाही की मांग की थी!</p>
<p>प्रशासन सिर्फ छात्रों को बहला कर भूख हड़ताल तुड़वाना चाहता है, जबकि एसएफआई इस भूख हड़ताल को सभी मांगो पर जमीनी कार्यवाही शुरू होने तक जारी रखेगा! छात्र संघठन ने यह भी कहा कि प्रशासन ने सुविधाओं के नाम पर विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि की थी पर प्रशासन छात्रों को  कक्षाओं के लिए कमरे तक उपलब्ध करवाने में नाकाम रहा है!</p>
<p>एमसीऐ विभाग में पिछले तीन महीनों से एक भी कक्षा नही लगी है और ना ही कम्प्यूटर लैब की प्रयाप्त सुविधा है! जबकि एमसीऐ के छात्रों से भरी- भरकम फीस वसूली जा रही है! इसी तरह एमबीए (RD), (एमएससी एनवायरनमेंट विज्ञानं) समते भी कई विभागों में कक्षाओं के लिए कमरे उपलब्ध नही हैं!  </p>
<p>छात्र संघठन ने साफ किया है कि या तो प्रशासन सभी मांगे मांग ले या या फिर छात्रों व जनता के आक्रोश को सहने को तैयार रहे! छात्र संघठन इस आंदोलन को निर्णायक स्तर तक लड़ने की तैयारी कर चुकी है व जल्द हे इस छात्र आंदोलन को जन आंदोलन में तब्दील करेगी!</p>
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		<item>
		<title>एचपीयू में विचारधाराओं के टकराव ने लिया हिंसक रूप, संगठनों के बीच बहस, मारपीट और पत्थरबाजी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/sfi-and-abvp-clash-at-hp-university/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2016 14:05:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में विचारधाराओं के टकराव से भड़की आंग की चिंगारी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तक आ पहुंची और हिंसक हो गई। सोमवार को शहीदी दिवस पर अपने-अपने संगठनों को शहीदों के सम्मान में अधिक समर्पित साबित करने से शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एसएफआई की बहस मारपीट, लात घूसे [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/sfi-and-abvp-clash-at-hp-university/">एचपीयू में विचारधाराओं के टकराव ने लिया हिंसक रूप, संगठनों के बीच बहस, मारपीट और पत्थरबाजी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में विचारधाराओं के टकराव से भड़की आंग की चिंगारी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तक आ पहुंची और हिंसक हो गई। सोमवार को शहीदी दिवस पर अपने-अपने संगठनों को शहीदों के सम्मान में अधिक समर्पित साबित करने से शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एसएफआई की बहस मारपीट, लात घूसे और पत्थरबाजी में बदल गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय छावनी में तबदील हो गया है और स्थिति तनावपूर्ण रही।</p>
<p>सोमवार को एबीवीपी ने रक्तदान शिविर के आयोजन के अतिरिक्त विभिन्न विभागों में शहीदों के सम्मान में व्याख्यान रखे थे। इस बीच जब विधि विभाग में एबीवीपी कार्यकर्ता एक कक्षा में छात्रों को संबोधित कर रहे थे तो एक छात्र ने सवाल कर दिया कि शहीदों का इतना सम्मान है तो चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम भगत सिंह से बदलकर संघ के कार्यकर्ता मंगलसेन के नाम पर क्यों रख दिया? सवाल करने वाला छात्र एसएफआई समर्थित बताया जा रहा है जिससे दोनों तरफ से इस सवाल पर बात कहासुनी तक पहुंच गई। संबोधित कर रहे छात्र कक्षा से चले गए। उसके बाद आ‌र्ट्स ब्लॉक के बाहर चल रहे एबीवीपी के रक्तदान शिविर के बीच एबीवीपी व एसएफआई के कार्यकर्ताओं में फिर बहस हुई जो मारपीट तक जा पहुंची।</p>
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<p>दोपहर करीब तीन बजे एसएफआई के 70 कार्यकर्ताओं के साथ एबीवीपी कार्यकर्ता चेतन गुलेरिया, नवनीत कौशल, प्रदीप आदि कार्यकर्ताओं के बीच ये झड़प हुई है और दोनों तरफ से हाथापाई शुरू हई। जब दोनों संगठनों में हाथापाई और पत्थरबाजी होने लगी। परिसर में तैनात पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। फिर दोनों संगठनों को शांत करवाया गया। इसके बाद एबीवीपी और एसएफआई ने विवि परिसर के भीतर उग्र धरना प्रदर्शन करते हुए एक दूसरे पर आरोप लगाए। लेकिन उक्त झड़क के बाद एक बार फिर विवि में माहौल तनावपूर्ण हो गया</p>
<p><strong>ये हुए घायल</strong></p>
<p>हाथापाई के दौरान एबीवीपी की कार्यकर्ता हेमा, आरती प्रीति घायल हुई है। एबीवीपी ने आरोप लगाए है कि सबसे पहले हेमा पर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इसके साथ ही चेतन गुलेरिया, नवनीत कौशल, सन्नी शुक्ला, हेमा को चोटें आई। दोनों छात्र संगठनों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस मे शिकायत दर्ज करवा दी है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash.jpeg" alt="SFI and ABVP Clash" width="989" height="460" class="alignnone size-full wp-image-4517" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash.jpeg 989w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash-300x140.jpeg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash-768x357.jpeg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash-696x324.jpeg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/SFI-and-ABVP-Clash-903x420.jpeg 903w" sizes="auto, (max-width: 989px) 100vw, 989px" /><br />
<strong>हाइपावर कमेटी का किया गठन</strong></p>
<p>विवि प्रशासन ने इस मामले में अधिष्ठाता अध्ययन प्रो.गिरिजा की अध्यक्षता में हाइपावर कमेटी का गठन कर दिया है जो तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ प्रति कुलपति, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता और एक अन्य प्रोफेसर कमेटी में हैं। कमेटी ने दोनों छात्रों के कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर पक्ष मांगा है।</p>
<p><strong>केंद्र के इशारे पर चल रही एबीवीपी</strong></p>
<p>एबीवीपी के कार्यकर्ता से पूछा गया कि चंडीगढ़ के एयरपोर्ट का नाम बदल संघ के कार्यकर्ता के नाम पर क्यों रखा गया? इसी बात पर एबीवीपी का कार्यकर्ता उग्र हो गया और एसएफआई कार्यकर्ता को कक्षा से बाहर मिलने को कहा। आ‌र्ट्स ब्लॉक से गुजरते वक्त एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। एबीवीपी घटते जनाधार की वजह से ये सब कर रही है। केंद्र सरकार के इशारे पर इस तरह के हमले सभी विश्वविद्यालयों में हो रहे हैं, जहां पर एबीवीपी हाशिये पर है।&#8217;</p>
<p>नोबल ठाकुर,अध्यक्ष एसएफआई</p>
<p><strong>यह एसएफआई का सुनियोजित हमला</strong></p>
<p>एसएफआई ने सुनियोजित तरीके से पूरी वारदात को अंजाम दिया। सोमवार को सभी कक्षाओं में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं से एसएफआई कार्यकर्ता पूछ रहे थे। वहीं समरहिल चौक पर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं को एसएफआई कार्यकर्ता घूर रहे थे। जब लॉ विभाग में एक कार्यकर्ता ने सवाल पूछा तो उसका जबाव एबीवीपी ने दिया। मगर एसएफआई कार्यकर्ता ने बाहर देख लेने की धमकी दी। दोपहर बाद एसएफआई 50 से अधिक कार्यकर्ता शिविर में पहुंच कर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। &#8216;</p>
<p>गौरव अत्री, इकाई अध्यक्ष एबीवीपी </p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla.jpeg" alt="Summerhill Shimla" width="989" height="460" class="alignnone size-full wp-image-4518" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla.jpeg 989w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla-300x140.jpeg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla-768x357.jpeg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla-696x324.jpeg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/Summerhill-Shimla-903x420.jpeg 903w" sizes="auto, (max-width: 989px) 100vw, 989px" /></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/23/sfi-and-abvp-clash-at-hp-university/">एचपीयू में विचारधाराओं के टकराव ने लिया हिंसक रूप, संगठनों के बीच बहस, मारपीट और पत्थरबाजी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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