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	<title>himachal tourism Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>himachal tourism Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल में सोलो फीमेल टूरिज्म को बढ़ावा, ‘SHE पॉलिसी’ लाएगा पर्यटन विभाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 16:28:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: सोलो फीमेल पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पर्यटन विभाग महिला पर्यटकों के लिए ‘SHE पॉलिसी’ लाने जा रहा है। इस नीति के तहत अब सोलो महिला पर्यटक अपनी पसंद के होटल और होम-स्टे में स्वतंत्र रूप से ठहर सकेंगी। जमीनी सुधारों की आवश्यकता विभाग का कहना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> सोलो फीमेल पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पर्यटन विभाग महिला पर्यटकों के लिए ‘SHE पॉलिसी’ लाने जा रहा है। इस नीति के तहत अब सोलो महिला पर्यटक अपनी पसंद के होटल और होम-स्टे में स्वतंत्र रूप से ठहर सकेंगी।</p>
<h3><strong>जमीनी सुधारों की आवश्यकता</strong></h3>
<p>विभाग का कहना है कि नीति को प्रभावी बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर सुधार जरूरी हैं। खासतौर पर शिमला में पर्यटकों की गाड़ियों के पीछे दौड़ने वाले गाइड, टाउट्स और पोर्टर्स की अव्यवस्थित प्रणाली से पर्यटकों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है और यातायात भी बाधित होता है। कई बार यह पर्यटकों को मिस गाइड करके जबरदस्ती अपनी मर्जी के ठहरने वाले स्थानों में ठहराते है। पर्यटकों को ठहरने तथा ट्रैवल करने की फ्री चॉइस से वंचित करना पर्यटन एक्ट के अंतर्गत कदाचार की परिभाषा में आता है तथा एक दंडनीय अपराध है।</p>
<h3><strong>होटल एसोसिएशन हस्ताक्षर अभियान करेगी शुरु</strong></h3>
<p>पर्यटन विभाग के अनुसार, इस तरह की समस्या (मिस्लीडिंग )से पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ती है और इससे शहर की छवि भी धूमिल होती है। इसे ध्यान में रखते हुए शिलमा होटल एसोसिएशन एक हस्ताक्षर कैंपेन करने जा रही है,जिसमें सरकार से सड़कों पर गाइडों,टाउट्स तथा पोर्ट्स को पर्यटकों  की गाड़ियों के पीछे दौड़ने तथा सड़कों पर गाइडिंग करने के सिस्टम को पूरी तरह बंद करने का आग्रह किया जाएगा। इसका उद्देश्य एक अच्छे पर्यटन माहौल को विकसित करना है।</p>
<h3>टूरिस्ट गाइडों के लिए डिजिटल पोर्टल</h3>
<p>विभाग ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में पर्यटन विभाग ने टूरिस्ट गाइडों के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया है, जिसके माध्यम से पर्यटक आवश्यकता अनुसार गाइड सेवाएं ले सकते हैं। इसी तरह, हिमाचल पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत गाइडों के लिए भी ऐसा ही पोर्टल विकसित करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, पंजीकृत गाइडों को सरकारी टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन ऑफिसों के माध्यम से संचालित करने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है, ताकि पर्यटक आधिकारिक माध्यम से ही गाइड हायर कर सकें।</p>
<p>इस व्यवस्था से जहां सोलो फीमेल ट्रैवलर्स को सुरक्षित महसूस होगा, वहीं आम पर्यटक भी अपनी पसंद के होटल, होम-स्टे और पर्यटन स्थलों का चयन पूरी स्वतंत्रता के साथ कर सकेंगे।</p>
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		<title>नोटबंदी के बाद हिमाचल में पर्यटकों की संख्या में गिरावट, उद्योग, परिवहन और राजस्व महकमे से जुड़ा कामकाज भी प्रभावित</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/demonetization-effects-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Nov 2016 10:06:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[जिला]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[Demonetization]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पुरे देश में नोटबंदी की मार है जिसका असर हिमाचल में हर तरह के कारोबार पर भी पड़ा है। सूबे में उद्योग, पर्यटन, परिवहन और राजस्व महकमे से जुड़ा कामकाज काफी चरमरा गया है। उद्योगों में उत्पादित माल की मांग कम हो गई है। नोटबंदी के कारण हिमाचल में पर्यटकों की संख्या संख्या में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  पुरे देश में नोटबंदी की मार है जिसका असर हिमाचल में हर तरह के कारोबार पर भी पड़ा है। सूबे में उद्योग, पर्यटन, परिवहन और राजस्व महकमे से जुड़ा कामकाज काफी चरमरा गया है। उद्योगों में उत्पादित माल की मांग कम हो गई है।  नोटबंदी के कारण  हिमाचल में  पर्यटकों की संख्या संख्या में भी गिरावट आयी  है!  परिवहन व्यवसाय पर भी इसका असर दिखा है। राजस्व महकमे में नई जमीनों की रजिस्ट्रियां कम हो रही हैं। आबकारी विभाग महकमे को भी आगे नुकसान होगा। </p>
<p><strong>उद्योग</strong><br />
नोटबंदी का हिमाचल में के उद्योगों व कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है। हालांकि दवा उद्योगों पर इसका आंशिक प्रभाव है, लेकिन अन्य तमाम उद्योगों में उत्पादित माल ठिकाने नहीं लग पा रहा है, वहीं उत्पादन भी काफी गिर गया है। औद्योगिक क्षेत्रों जैसे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, कालाअंब आदि में उद्योगों का काम मांग कम होने से प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार के उद्योग सलाहकार राजेंद्र चौहान ने भी माना है कि नोटबंदी से उद्योगों से उत्पादों की मांग कम हुई है। छोटे-बडे़ सभी उद्योगों पर इसका असर है। </p>
<p><strong>पर्यटन</strong><br />
हिमाचल में पर्यटन कारोबार भी 50 फीसदी तक घट गया है। सूबे के मुख्य पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी आने वाले सैलानियों की संख्या में भारी कमी आई है। होटलों की ऑनलाइन बुकिंग गिरने के साथ पुरानी बुकिंग भी रद्द की जा रही है। नवंबर महीने में शिमला के होटलों में 70 से 80 फीसदी ऑक्यूपेंसी रहती थी, मगर ये गिरकर 40 से 50 फीसदी रह गई है। होटलियर एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष हरनाम सिंह कुकरेजा ने बताया कि नोटबंदी से पर्यटन कारोबार में 40 से 50 फीसदी तक गिरावट आई है। </p>
<p><strong>परिवहन</strong><br />
बाहरी राज्यों से पर्यटकों के कम आने से परिवहन निगम को भी राजस्व घाटा हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि परिवहन निगम की प्रतिदिन एक करोड़ 75 लाख से दो करोड़ 15 लाख रुपये तक कमाई होती थी। अब 50 से 60 हजार रुपये प्रतिदिन की कमाई कम हो रही है। परिवहन निगम के निदेशक मंडल के सदस्य वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि नोटबंदी का असर हिमाचल में भी पड़ा है। वहीं, निजी टैक्सी चालक भी सवारियां न मिलने से घाटा उठा रहे हैं।<br />
<strong>राजस्व</strong><br />
राजस्व विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्रियां पिछले दस दिन में नहीं के बराबर हुई हैं। इसके चलते विभाग को स्टांप से होने वाली आय भी आधी हो गई है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट आई है, उससे अभी रजिस्ट्री से होने वाली आय में और कमी आने की संभावना है।</p>
<p><strong>आबकारी एवं कराधान</strong><br />
आबकारी विभाग को भले ही फौरी तौर पर फायदा हुआ है, लेकिन आगे नुकसान होने की आशंका है। मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि 8 नवंबर के बाद से बाजार गिरा है, इसलिए आने वाले समय में बिक्री और खरीद से होने वाली आबकारी विभाग की आय पर इसका प्रतिकूल असर पड़ना स्वाभाविक है।</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल एसी सुपर डीलक्स स्कानिया (Scania) बसें चलने वाला पहला पहाड़ी राज्य</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/28/hrtc-ac-super-deluxe-bus-service-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Sep 2016 13:15:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रदेश में पहली बार एसी सुपर डीलक्स स्कानिया (AC Super Deluxe Scania buses) बसें चलाई जा रही हैं। निगम प्रबंधन 6 एसी सुपर डीलक्स स्कानियां बसें खरीदने जा रहा है। ट्रायल के तौर पर दो बसें बुधवार को हिमाचल पहुंच रही हैं। वीरवार को इन दोनों बसों को मनाली से दिल्ली और दिल्ली से मनाली [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रदेश में पहली बार एसी सुपर डीलक्स स्कानिया (AC Super Deluxe Scania buses) बसें चलाई जा रही हैं। निगम प्रबंधन 6 एसी सुपर डीलक्स स्कानियां बसें खरीदने जा रहा है। ट्रायल के तौर पर दो बसें बुधवार को हिमाचल पहुंच रही हैं। वीरवार को इन दोनों बसों को मनाली से दिल्ली और दिल्ली से मनाली ऑन ट्रायल चलाया जाएगा।</p>
<p>अगले एक सप्ताह में यह बसें निगम के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। अभी यह बसें केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन चला रहा है। उनके पास 18 एसी मल्टी एक्सल स्कानिया बसें हैं। पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है जहां इन बसों को चलाया जा रहा है। इन बसों में हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>बस में आपातकालीन निकास के अलावा सुरक्षा के लिहाज से भी पूरा ध्यान रखा गया है। बस में पहली बार हाई डेफिनेशन आईपी कैमरा लगा होगा। महिलाओं की सुरक्षा और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए इस कैमरे को नाइट विजन के साथ लगाया गया है। इसी तरह से आरामदायक सीटों के अलावा फुट रेस्ट की भी बस में सुविधा मिलेगी। इस बस के आगे और मध्य में रेडियो और टीवी लगा होगा।</p>
<p><strong>परिवहन प्रधान सचिव और एमडी बंगलूरू रवाना</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/scania-buses-for-himachal-gs-bali.jpg" alt="scania-buses-for-himachal-gs-bali" width="699" height="380" class="aligncenter size-full wp-image-7608" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/scania-buses-for-himachal-gs-bali.jpg 699w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/scania-buses-for-himachal-gs-bali-300x163.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/scania-buses-for-himachal-gs-bali-696x378.jpg 696w" sizes="(max-width: 699px) 100vw, 699px" /></p>
<p>एचआरटीसी के प्रधान सचिव और एमडी बसों की खरीद को लेकर बंगलूरू रवाना हो गए हैं।  दोनों अधिकारी इन बसों की गुणवत्ता को बारीकी से देखेंगे।</p>
<p><em>निगम प्रबंधन 6 एसी सुपर डीलक्स बसें खरीदने जा रहा है। ट्रायल के तौर पर दो बसें हिमाचल पहुंच रही हैं। पहाड़ी राज्यों में हिमाचल पहला राज्य है, जहां इन बसों को चलाया जा रहा है। पर्यटन की दृष्टि से यह बसें कारगर सिद्ध होगी। </em>-जीएस बाली, परिवहन मंत्री</p>
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		<item>
		<title>ब्यास में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक रिवर रॉफ्टिंग पर पूर्ण प्रतिबन्ध, जल स्तर बढ़ने से हादसों का बढ़ा डर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/02/ban-on-river-rafting-on-beas-river-due-to-monsoon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Jul 2016 12:54:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<category><![CDATA[Beas River]]></category>
		<category><![CDATA[himachal tourism]]></category>
		<category><![CDATA[HPTDC]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- मानसून की दस्तक के साथ जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग अलर्ट हो गया है। बरसाती मौसम में कोई अनहोनी न हो, इसके लिए 15 जुलाई से ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग की गतिविधियां अगले दो माह तक के लिए बंद रहेंगी। इस बीच अगर मौसम खराब रहा और ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला- </strong>  मानसून की दस्तक के साथ जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग अलर्ट हो गया है। बरसाती मौसम में कोई अनहोनी न हो, इसके लिए 15 जुलाई से ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग की गतिविधियां अगले दो माह तक के लिए बंद रहेंगी। इस बीच अगर मौसम खराब रहा और ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा तो तय समय से पहले भी रॉफ्टिंग को बंद किया जा सकता है। </p>
<p>बहरहाल, अभी ब्यास की धारा में करीब 200 राफ्टें विभिन्न राफ्टिंग प्वाइंटों में चल रही हैं। जिसमें रोजाना सैकड़ों सैलानी ब्यास की धारा में अठखेलियां कर रहे हैं। हालांकि अब समर सीजन ढलान पर है और रिवर राफ्टिंग करने वाले लोगों की संख्या में कमी आ गई है। लेकिन पर्यटन सीजन के यौवन पर रहने से रोजाना 1500 से 2000 पर्यटक इसका आनंद लेते आए हैं। राफ्टिंग गतविधियों से जुड़े 225 गाइडों समेत करीब 700 युवा इस रोजगार से जुड़े हैं।</p>
<p>इस साल अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है। विभाग ने उन्हीं रॉफ्टर संचालकों को लाइसेंस दिए हैं, जो रिवर रॉफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। बरसात के मौसम को देखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंद रहेगा। इसके अलावा रा¨फ्टग मौसम पर निर्भर रहेगी। राफ्टिंग का आनंद लेने वाले सैलानियों की जान को कोई खतरा न हो। इसके लिए बनाई गई तकनीकी कमेटी समय-समय पर राफ्टों का निरीक्षण करती है। इसमें तय मानकों के रूप खासकर रॉफ्टिंग जैकेट व हेलमेट उम्दा होने चाहिए और सभी राफ्टरों को इन मानकों के तहत के लाइसेंस दिए गए हैं।</p>
<p>रतन गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी</p>
<p><strong>ये हैं रॉफ्टिंग प्वाइंट</strong></p>
<p>ब्यास नदी की धारा में रायसन, बेबली तथा पिरड़ी मुख्य राफ्टिंग प्वाइंट हैं। पीक सीजन होने पर इन जगहों पर राफ्टिंग के शौकीनों का खूब हुजूम रहता है, लेकिन अब समर सीजन ढलान पर है। ऐसे में रिवर राफ्टिंग का आनंद उठाने वालों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।</p>
<p>Photo: Triplords</p>
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		<item>
		<title>गंदगी से परेशान मनाली शहर में डिस्पोजेबल कप-प्लेट पर लगी पाबंदी, दर्जन से अधिक दुकानदारों के चलान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/20/ban-on-disposable-cup-and-plates-in-manali/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jun 2016 13:06:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[City Council Manali]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
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		<category><![CDATA[himachal tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Littering]]></category>
		<category><![CDATA[Manali]]></category>
		<category><![CDATA[Manali Ban Disposables]]></category>
		<category><![CDATA[Manali Municipal Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Shabnam Tanwar]]></category>
		<category><![CDATA[Waste Management]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मनाली- देशी-विदेशी सैलानियों की पहली पसंद रहने वाली पर्यटन नगरी मनाली में अब नगर परिषद ने गंदगी फैलाने वालों पर शिकंजा कस दिया है साथ ही माल रोड मनाली में डिस्पोजेबल कप प्लेट्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। नगर परिषद ने माल रोड को स्वच्छ करने के लिए यह कदम उठाया है। नप [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मनाली-</strong> देशी-विदेशी सैलानियों की पहली पसंद रहने वाली पर्यटन नगरी मनाली में अब नगर परिषद ने गंदगी फैलाने वालों पर शिकंजा कस दिया है साथ ही माल रोड मनाली में डिस्पोजेबल कप प्लेट्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। </p>
<p>नगर परिषद ने माल रोड को स्वच्छ करने के लिए यह कदम उठाया है। नप अध्यक्ष शबनम तनवर का कहना है कि माल के अधिकतर रेस्तरां इन डिस्पोजबल कप-प्लेट का प्रयोग करते हुए गंदगी को बढ़ावा दे रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए नप मनाली ने माल रोड में गंदगी फैलाने वाले दर्जन से अधिक दुकानदारों के केवल चलान काटे बल्कि डिस्पोजेबल कप-प्लेट्स को भी बंद कर दिया। </p>
<p>गौर हो कि पर्यटकों की बढ़ती आमद के चलते पर्यटन नगरी मनाली 30 टन कूड़ा-कचरा हर दिन पैदा कर रही है जिसे ठिकाने लगाना नप के लिए चुनौती बन गया है। नप की इस पहल का स्वागत करते हुए निजी रेस्तरां के संचालक शमशेर ठाकुर ने कहा कि उन्होंने डिस्पोजेबल कप प्लेट्स की जगह स्टील की प्लेट्स का प्रयोग करना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शहर को साफ सुथरा रखने के लिए नप मनाली का हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने माल रोड के सभी दुकानदारों से आग्रह किया कि वे शहर को स्वच्छ रखने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। </p>
<p>Photo: Littermob Blogspot</p>
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		<title>एचआरटीसी कर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से निगम को एक ही दिन में 2 करोड़ का नुकसान, हाईकोर्ट ने तलब की हड़ताली कर्मचारियों की सूची</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/14/hrtc-employee-strike-cause-rs-crore-loss-in-one-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jun 2016 15:15:44 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[HP Government]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल परिवहन कर्मियों की हड़ताल से एक ही दिन में परिवहन निगम को दो करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हाईकोर्ट के हड़ताल पर रोक के बावजूद परिवहन कर्मी नहीं माने। यही नहीं, बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानियों की तरफ से करवाई गई वोल्वो बसों की बुकिंग भी कैंसिल करनी पड़ी हैं। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल परिवहन कर्मियों की हड़ताल से एक ही दिन में परिवहन निगम को दो करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हाईकोर्ट के हड़ताल पर रोक के बावजूद परिवहन कर्मी नहीं माने। यही नहीं, बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले सैलानियों की तरफ से करवाई गई वोल्वो बसों की बुकिंग भी कैंसिल करनी पड़ी हैं।</p>
<p>बीते 27 मई से सरकार के पास वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लंबा वक्त था लेकिन इंतजाम शून्य रहे। सोमवार रात 12:00 बजे से शुरू हुई यह हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी। मुसाफिरों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। राजधानी शिमला में संयुक्त समन्वय समिति के बनैर तले कर्मचारियों ने एचआरटीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।</p>
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<p>सुबह 11:00 बजे ओल्ड बस अड्डे पर भी एकत्र होकर शाम पांच बजे तक प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई। सभी जिला मुख्यालयों भी ड्राइवर-कंडक्टरों के अलावा दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारी भी सड़क पर उतर आए। बाहरी राज्यों से आने वाली बसों को परवाणू में रोकने की कोशिश की गई, लेकिन ये बसें प्रदेश भर में करीब 500 रूटों पर दौड़ती रहीं।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister.jpg" alt="GS-Bali-HP-Transport-Minister" width="1200" height="600" class="alignnone size-full wp-image-6076" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister.jpg 1200w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-300x150.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-768x384.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-1024x512.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-696x348.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-1068x534.jpg 1068w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/GS-Bali-HP-Transport-Minister-840x420.jpg 840w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>दो दिन यानी 14 व 15 जून के लिए एचआरटीसी की वोल्वो बसों की 70 लाख रुपए की बुकिंग भी निगम प्रबंधन को कैंसिल करनी पड़ी है। हालांकि कई सैलानियों ने हड़ताल की सूचना मिलने के बाद खुद ही बुकिंग कैंसिल करवा दी थी। काउंटर बुकिंग व ऑनलाइन बुकिंग करवाने वाले यात्रियों को निगम प्रबंधन जल्द ही सारे पैसे लौटाएगा। निगम प्रबंधन के मुताबिक जिन लोगों ने काउंटरों पर एडवांस बुकिंग करवाई है, ऐसे यात्रियों को संबंधित काउंटर पर ही टिकट दिखाने पर पैसे लौटाए जाएंगे, जबकि ऑनलाइन बुकिंग करने वाले यात्रियों के खाते में 7 से 10 दिनों में पैसा आ जाएगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest.jpg" alt="HRTC-Workers-Protest" width="1200" height="600" class="alignnone size-full wp-image-6078" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest.jpg 1200w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-300x150.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-768x384.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-1024x512.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-696x348.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-1068x534.jpg 1068w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC-Workers-Protest-840x420.jpg 840w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p><strong>बाहरी राज्यों के 700 रूट प्रभावित</strong></p>
<p>हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में चलती हैं। कुल 2600 रूट्स में से सात सौ रूट्स बाहरी राज्यों हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान के हैं। परिवहन कर्मियों ने हड़ताल का समय भी वो चुना, जब प्रदेश में तीन दिन का अवकाश खत्म हो रहा था। सेकेंड सेटरडे, संडे व मंडे को लोकल होलीडे होने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी व अन्य लोग घरों को गए थे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest.jpg" alt="HRTC.-Protest" width="1200" height="600" class="alignnone size-full wp-image-6077" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest.jpg 1200w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-300x150.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-768x384.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-1024x512.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-696x348.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-1068x534.jpg 1068w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HRTC.-Protest-840x420.jpg 840w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>मंगलवार को हड़ताल के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदेश व प्रदेश के बाहर सरकारी बसों में रोजाना 4 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं। पर्यटन कारोबार को अलग से नुकसान हुआ है। हिमाचल आने वाले सैलानियों की रोजाना की संख्या बीस हजार से अधिक होती है। अकेले वोल्वो बसों की बुकिंग रद्द होने से हिमाचल में एक ही दिन में 2500 सैलानी नहीं आ पाए। हिमाचल के विभिन्न हिस्सों सहित बाहरी राज्य के लिए रोजाना 52 वोल्वो बसें आती-जाती हैं, लेकिन हड़ताल के कारण वोल्वो बसें भी खड़ी रही। </p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla.jpg" alt="Old-ISBT-Shimla" width="1200" height="600" class="alignnone size-full wp-image-6079" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla.jpg 1200w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-300x150.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-768x384.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-1024x512.jpg 1024w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-696x348.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-1068x534.jpg 1068w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Old-ISBT-Shimla-840x420.jpg 840w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक अशोक तिवारी के अनुसार हड़ताल के कारण निगम को एक ही दिन में 2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारी शंकर सिंह के अनुसार प्रबंधन उनकी जायज मांगों को मानने में टालमटोल करता रहा है। </p>
<p>कर्मचारियों को समय पर ओवरटाइम, रात्रि भत्ता, छुट्टियां नहीं मिलती हैं। चालकों-परिचालकों की कमी दूर नहीं हो रही। इसके अलावा परिवहन निगम को रोडवेज का दर्जा दिया जाना चाहिए। रिटायर कर्मियों को पेंशन व अन्य वित्तीय लाभ भी समय पर नहीं मिलते।</p>
<p><strong>हाईकोर्ट ने तलब की हड़ताली कर्मचारियों की सूची<br />
</strong><br />
हिमाचल हाईकोर्ट ने आदेशों की धज्जियां उड़ाने पर एचआरटीसी के उन तमाम कर्मचारियों की सूची तलब की है, जो हड़ताल में शामिल थे। कोर्ट ने एचआरटीसी कर्मचारी संयुक्त समन्वयन समिति के अध्यक्ष पवन गुलेरिया, उपाध्यक्ष यशपाल सुल्तानपुरी, सचिव नील कमल गुप्ता, प्रवक्ता पृथ्वीराज कैथ, कोषाध्यक्ष ब्रिज लाल शर्मा और कार्यकारी सदस्य हरदयाल सिंह को प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>हाईकोर्ट ने यह आदेश कम्युनिटी इनिशिएटिव ट्रस्ट की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई पर दिए। न्यायमूर्ति तरलोक चौहान व न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की खंडपीठ ने हड़ताल पर गये एचआरटीसी कर्मचारियों को मंगलवार शाम तक अपनी हड़ताल वापिस लेने के आदेश देते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वे फिर भी कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद अपनी हड़ताल जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ पहले ही की गयी कोर्ट की अवमाना को और अधिक सख्त बनाने पर आपराधिक मामले चलाये जाएंगे। </p>
<p><strong>20 जून को होगी सुनवाई<br />
</strong>अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि एचआरटीसी कर्मचारियों ने प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना की है इसलिए पहले इन्हें हड़ताल को तुरंत वापस लेकर खुद को कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही से बाहर निकालना होगा। अवमानना याचिका की सुनवाई पर अगली सुनवाई मुख्य मामले की सुनवाई के साथ 20 जून को निर्धारित की गई है।</p>
<p><strong>हड़ताल पर रोक लगाते हुए ये कहा था हाईकोर्ट ने<br />
</strong>कोई भी कानून कर्मचारियों को मांगें मनवाने के लिए हड़ताल पर जाने की इजाजत नहीं देता<br />
सरकार और एचआरटीसी प्रशासन कर्मचारियों से बात कर तर्कसंगत मांगों को सुलझाए</p>
<p>  With Inputs from <a href="http://www.amarujala.com/shimla/himachal-road-transport-corporation-employees-on-a-two-day-strike?pageId=1">Amar Ujala</a> </p>
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			</item>
		<item>
		<title>कुल्लू-धर्मशाला के बीच हुआ फ्लाइट टेस्ट, अगले सप्ताह से शुरू होगी  नियमित उड़ान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/04/dharamshala-kullu-flights/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jun 2016 15:31:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- मनाली के रहने वाले एक फल उत्पादक ने कुल्लू और धर्मशाला एयरपोर्ट के बीच फ्लाइट का टेस्ट किया। इस समय हिमाचल प्रदेश सरकार और केंद्र के बीच राज्य से एयर कनेक्टिविटी न होने की वजह से तनातनी चल रही है। वहीं एक किसान राज्य के तीन एयरपोर्ट्स को चंडीगढ़ और दिल्ली से जोड़ने के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  मनाली के रहने वाले एक फल उत्पादक ने कुल्लू और धर्मशाला एयरपोर्ट के बीच फ्लाइट का टेस्ट किया। इस समय हिमाचल प्रदेश सरकार और केंद्र के बीच राज्य से एयर कनेक्टिविटी न होने की वजह से तनातनी चल रही है। वहीं एक किसान राज्य के तीन एयरपोर्ट्स को चंडीगढ़ और दिल्ली से जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं।</p>
<p>मनाली के पास खखनाल गांव के रहने वाले बुद्धि प्रकाश ठाकुर, चंडीगढ़ और कुल्लू-मनाली के बीच चार्टर फ्लाइट चला रहे हैं। ठाकुर की छोटी सी कंपनी ने &#8216;एयर हिमालय&#8217; हैदराबाद की आईआईसी टेक्नॉलजी लिमिटेड के साथ मिलकर एक नौ सीटों वाले चार्टर प्लेन शुरू किया है। ठाकुर ने कहा कि अभी हमने कुल्लू से धर्मशाला तक टेस्ट फ्राइट की है। अगले सप्ताह तक इस रूट पर नियमित उड़ान की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद शिमला एयरपोर्ट को जोड़ने का हमारा प्रयास होगा।</p>
<p>एयर हिमालय ने पिछले रविवार कुल्लू से चंडीगढ़ की भी उड़ान सेवा शुरू की है। इसमें एक यात्री का किराया 8,300 रुपए है। ठाकुर ने कहा कि वे शिमला, धर्मशाला और कुल्लू से उड़ान की सेवाएं शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके पास संसाधनों की कमी है। इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की मदद की आवश्यकता है। कुल्लू एयरपोर्ट के निदेशक ए एन शर्मा ने बताया कि पर्यटकों की बड़ी मांग के बावजूद कुल्लू और शिमला एयरपोर्ट से कोई नियमित फ्लाइट नहीं है। रन-वे छोटा होने की वजह से एयर इंडिया की फ्लाइट A-72 भी ज्यादा यात्रियों को नहीं ले जा पाती है।</p>
<p>ठाकुर की एक ट्रैवल एजेंसी भी है और वे मनाली में बिजली से चलने वाले वाहनों की शुरुआत करने वाले पहले शख्स हैं। हिमाचल प्रदेश में लगभग 2,600 रजिस्टर्ड होटल हैं। 2015 में लगभग 1.75 करोड़ पर्यटक हिमाचल प्रदेश आए जिसमें 4.06 लाख विदेशी थे। बड़ी संख्या में पर्यटक फ्लाइट की नियमित सुविधा न होने के कारण हिमाचल नहीं आते हैं। </p>
<p>Photo: Punjab News</p>
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			</item>
		<item>
		<title>कुल्लू घाटी के लिए अगस्त से  दिल्ली-चंडीगढ़-भुंतर के बीच एयर इंडिया शुरू करेगा एक और विमान सेवा, 7,000  रुपये प्रति सीट होगा किराया</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/01/air-india-starts-one-more-new-flight-to-kullu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jun 2016 15:04:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कुल्लू- कुल्लू घाटी के लिए अगस्त से एक और हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। पहले से ही दिल्ली-भुंतर के बीच अपनी सेवा दे रही एयर इंडिया अब दिल्ली-चंडीगढ़-भुंतर के बीच नई विमान सेवा शुरू कर रही है। हालांकि एयर इंडिया के भुंतर कार्यालय ने चंडीगढ़ से भुंतर के बीच अतिरिक्त 70 सीटर विमान [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुल्लू-</strong>  कुल्लू घाटी के लिए अगस्त से एक और हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। पहले से ही दिल्ली-भुंतर के बीच अपनी सेवा दे रही एयर इंडिया अब दिल्ली-चंडीगढ़-भुंतर के बीच नई विमान सेवा शुरू कर रही है। हालांकि एयर इंडिया के भुंतर कार्यालय ने चंडीगढ़ से भुंतर के बीच अतिरिक्त 70 सीटर विमान सेवा शुरू करने की प्रपोजल एयर इंडिया के दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजी है। यहां से दिल्ली-चंडीगढ़-भुंतर के बीच इस सेवा को शुरू करने के भी संकेत मिले हैं। एयर इंडिया अगस्त से सेवा शुरू करने का विचार कर रहा है। लेकिन भुंतर एयरपोर्ट स्थित एयर इंडिया के कार्यालय ने अपनी प्रपोजल में विमान सेवा को जुलाई से ही शुरू करने की मांग की है। एयर इंडिया के इस 70 सीटर विमान की अतिरिक्त उड़ान से कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार को और भी पंख लगेंगे।</p>
<p>भुंतर स्थित एयर इंडिया के स्टेशन मैनेजर दिनेश भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली-भुंतर के बीच पहले से ही 70 सीटर विमान सेवा चल रही है। ऐसे में उन्होंने कुल्लू से चंडीगढ़ के बीच एयर इंडिया की अतिरिक्त हवाई उड़ान शुरू करने की प्रपोजल भेजी है। वह इसकी स्वीकृति का इंतजार करे रहे हैं। हालांकि एयर इंडिया के मुख्यालय से दिल्ली-चंडीगढ़-भुंतर नई विमान सेवा अगस्त से शुरू करने के संकेत मिले हैं।</p>
<p><strong>सात हजार होगा भुंतर-चंडीगढ़ का किराया</strong></p>
<p>एयर इंडिया के भुंतर कार्यालय से चंडीगढ़-भुंतर के बीच उड़ान शुरू करने की प्रपोजल के अनुसार भुंतर से चंडीगढ़ के बीच का किराया सात हजार रुपये प्रति सीट होगा। इस उड़ान में 60 से 65 सवारियां दोनों तरफ के लिए उड़ान भर सकती हैं।</p>
<p><strong>हवाई सेवाओं से और चमकेगा पर्यटन कारोबार</strong></p>
<p>मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि एसोसिएशन घाटी के लिए ज्यादा से ज्यादा हवाई उड़ानें शुरू करने की पहले से मांग उठा रही है। एयर इंडिया की अतिरिक्त उड़ान से घाटी में पर्यटन कारोबार को और बढ़ावा मिलेगा। </p>
<p>Photo: Himachal Travel Blog</p>
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		<item>
		<title>एनजीटी का रोहतांग दर्रे पर अंतिम फैसला: अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को अनुमति, स्टॉल व छोटे ढाबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/09/rohtang-pass-ban-ngts-final-verdict/</link>
					<comments>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/09/rohtang-pass-ban-ngts-final-verdict/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 May 2016 18:08:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[himachal tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Manali]]></category>
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		<category><![CDATA[Rohtang Pass Ban]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/09/rohtang-pass-ban-ngts-final-verdict/">एनजीटी का रोहतांग दर्रे पर अंतिम फैसला: अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को अनुमति, स्टॉल व छोटे ढाबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व छोटे ढाबों पर अभी भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा रहेगा।</p>
<p>एनजीटी के इस फैसले को कई विशेषज्ञ जन-हितैषी मान रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की खण्डपीठ ने अपने फैसला सुनाते हुए कहा है कि रोहतांग के लिए अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को पर्यटन गतिविधियों के लिए भेजने की अनुमति दी है, जबकि पिछले फैसलों में इनकी संख्या 1000 पेट्रोल तथा 500 डीजल थी। इसी प्रकार सोलंगनाला और मढ़ी में पैराग्लाईडिंग को भी अनुमति दे दी है, लेकिन सफाई व्यवस्था का ध्यान रखने को भी कहा है। </p>
<p>एनजीटी ने 50 चार पहिया स्नो मोबाइल और 50 एटीवी को चिन्हित स्थान मढ़ी, ब्यासनाला, सागूफॉल और गुलाबा में चलाने की अनुमति दी है।</p>
<p>एनजीटी ने 200 घोड़ों को भी चिन्हित रूट पर चलाने की भी अनुमति दी है, बशर्ते घोड़ों से फैलने वाली गंदगी साफ की जाए। आदेश की पालना न करने पर पांच हजार जुर्माना घोड़े के मालिक को देना पड़ेगा।</p>
<p>रोहतांग टॉप पर फोटोग्रॉफी और कुल्लुवी ड्रेस को फोटोग्रॉफी के लिए किराये के लिए देने की अनुमति दी है। इसके अलावा किसी भी तरह की पर्यटन गतिविधियां कहीं भी किसी भी स्थान पर नहीं होगी।</p>
<p>Picture: Motoroids</p>
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		<title>रोहतांग एनजीटी रोक का खामियाज़ा भुगत रही स्थानीय महिलायें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Nov 2015 07:44:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Government]]></category>
		<category><![CDATA[himachal tourism]]></category>
		<category><![CDATA[National Green Tribunal of India]]></category>
		<category><![CDATA[NGT Rohtang Ban]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtang Ban]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtang Tourism]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली- रोहतांग दर्रा तक सभी तरह की व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों पर रोक का खामियाजा स्थानीय कामकाजी महिलाओं की आजीविका पर पड़ रहा है। दर्रा के आसपास इलाकों में दर्शकों से अपने परिवार की आजीविका चलाने वाली इन महिलाओं ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दाखिल कर गुहार लगाई है कि उन्हें रोजगार [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली-</strong> रोहतांग दर्रा तक सभी तरह की व्यावसायिक और अन्य गतिविधियों पर रोक का खामियाजा स्थानीय कामकाजी महिलाओं की आजीविका पर पड़ रहा है। दर्रा के आसपास इलाकों में दर्शकों से अपने परिवार की आजीविका चलाने वाली इन महिलाओं ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दाखिल कर गुहार लगाई है कि उन्हें रोजगार शुरू करने की अनुमति फिर दी जाए।</p>
<p>कहा कि उनके काम से किसी तरह का पर्यावरण प्रदूषण नहीं हो रहा है। एनजीटी ने याचिका पर विचार के बाद हिमाचल सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।<br />
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई कर रही है।</p>
<p>पंचांग, कोठी, सोलांग, कुलांग, रूअर गांव की महिलाओं की ओर से प्रसार महिला मंडल ने याचिका दाखिल की है। एडवोकेट भक्ति परसीजा सेठी ने ग्रीन ट्रिब्यूनल में इस मामले को उठाया है। एडवोकेट सेठी ने कहा कि ये महिलाएं पीढ़ियों से पर्यटकों को किराये पर सामान मुहैया कराकर अपनी आजीविका चलाती हैं। इससे किसी तरह का पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है। ऐसे में सभी तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध से इनकी आजीविका पर खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p><strong>पारंपरिक ड्रेस मुहैया कराती हैं महिलाएं-</strong> वशिष्ठ से लेकर रोहतांग दर्रा तक की दूरी 51 किमी है। ये महिलाएं पर्यटकों को पर्यटन संबंधी सामान मुहैया कराकर अपनी आजीविका चलाती थीं। ये महिलाएं पर्यटकों को पारंपरिक ड्रेस, स्नो ड्रेस, घूमने के लिए छड़ी किराये पर मुहैया करवाती हैं। पर्यटक स्थानीय लोक रंग में सज-धजकर तस्वीरें खिंचवाते हैं।</p>
<p>खासतौर से मई से नवंबर में रोहतांग दर्रे के आसपास इलाके बर्फ से ढक जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों को भी यह सीजन लुभाता है। सभी तरह की गतिविधि पर अंकुश लगने से ये महिलाएं लाचार हो गई हैं। इन महिलाओं का थरमस में पर्यटकों को चाय पिलाना, घोड़े पर पर्यटक को बिठाकर घुमाना जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>अटका है अभी तक पुनर्वास-</strong> अभी इन महिलाओं को न तो पुनर्वास योजना का लाभ मिला है न ही सरकार से कोई मदद की गई है। 16 जुलाई को एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था कि वशिष्ठ से लेकर रोहतांग दर्रा के बीच प्रतिबंध आदेश से प्रभावित हुए सभी स्थानीय लोगों के लिए सरकार राहत और पुनर्वास कार्यक्रम की योजना तैयार कर पेश करे। कुल्लू के डीसी ने छह अगस्त को एक पत्र भी जारी किया था। इसके बाद भी अभी तक इस पर कोई काम नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>मनाली, सोलांग में भी पर्यटन रोजगार पर प्रतिकूल असर-</strong> याचिका के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में मनाली और सोलांग क्षेत्र भी प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। सालाना यहां करीब 30 लाख पर्यटक आते हैं। साथ ही आने वाले अधिकांश पर्यटक रोहतांग दर्रा जाने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में ज्यादातर स्थानीय आबादी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष पर्यटन से जुड़ी हुई है। फैसले से इन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>एनजीटी ने जुलाई में लगाया था प्रतिबंध-</strong> एनजीटी ने 6 जुलाई 2015 को वशिष्ठ से लेकर रोहतांग दर्रा तक पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिये सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/11/26/ngt-rohtang-ban-livelihood-of-local-women-hit/">रोहतांग एनजीटी रोक का खामियाज़ा भुगत रही स्थानीय महिलायें</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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