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	<title>NGT Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>NGT Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>प्रतिबंध  के बाद भी हिमाचल में  हो रहा है प्लास्टिक का  प्रयोग, नॉन वोवेन बैग में  पाया जाता है 98% प्लास्टिक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/03/non-woven-bags-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jun 2016 13:53:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>प्रतिबंध के बाद भी प्लास्टिक प्रयोग पर राज्य सरकार तलब शिमला- हिमाचल में प्लास्टिक बैन होने के बाद भी इसके इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने कुल्लू निवासी द्वारा मुख्य न्यायाधीश के नाम [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रतिबंध के बाद भी प्लास्टिक प्रयोग पर राज्य सरकार तलब</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल में प्लास्टिक बैन होने के बाद भी इसके इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने कुल्लू निवासी द्वारा मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए उक्त आदेश पारित किए। </p>
<p>ये भी पढ़ें: <a href="http://यहां तक कि हिमाचल में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के बाद  भी इससे पूरी तरह से छुटकारा नहीं मिल सका" target="_blank">यहां तक कि हिमाचल में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के बाद  भी इससे पूरी तरह से छुटकारा नहीं मिल सका</a></p>
<p>मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव सहित सचिव गृह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिवादी बनाया गया है। पत्र में आरोप लगाया है कि हिमाचल एक ऐसा प्रदेश है, जिसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंध है। यह एक ऐसा राज्य है, जहां पर नॉन वोवेन बैग बनाए जाते हैं, जिसमें कि 98 प्रतिशत प्लास्टिक पाया जाता है। इस तरह के बैग दिल्ली में वर्ष 2008 से प्रतिबंधित है।</p>
<p>नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी इस तरह के बैग के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि नॉन वोवेन बैग में प्लास्टिक पाया जाता है। बावजूद इसके हिमाचल एक ऐसा राज्य है, जहां पर इस तरह के बैग बनाने वाली 40 से अधिक फैक्टरियां हैं। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि प्रदेश में प्लास्टिक के इस्तेमाल न करने के बारे में राज्य सरकार को सख्त आदेश पारित किए जाएं।</p>
<p>File Photo: Himachal Watcher </p>
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		<title>एनजीटी का रोहतांग दर्रे पर अंतिम फैसला: अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को अनुमति, स्टॉल व छोटे ढाबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/09/rohtang-pass-ban-ngts-final-verdict/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 May 2016 18:08:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व छोटे ढाबों पर अभी भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा रहेगा।</p>
<p>एनजीटी के इस फैसले को कई विशेषज्ञ जन-हितैषी मान रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की खण्डपीठ ने अपने फैसला सुनाते हुए कहा है कि रोहतांग के लिए अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को पर्यटन गतिविधियों के लिए भेजने की अनुमति दी है, जबकि पिछले फैसलों में इनकी संख्या 1000 पेट्रोल तथा 500 डीजल थी। इसी प्रकार सोलंगनाला और मढ़ी में पैराग्लाईडिंग को भी अनुमति दे दी है, लेकिन सफाई व्यवस्था का ध्यान रखने को भी कहा है। </p>
<p>एनजीटी ने 50 चार पहिया स्नो मोबाइल और 50 एटीवी को चिन्हित स्थान मढ़ी, ब्यासनाला, सागूफॉल और गुलाबा में चलाने की अनुमति दी है।</p>
<p>एनजीटी ने 200 घोड़ों को भी चिन्हित रूट पर चलाने की भी अनुमति दी है, बशर्ते घोड़ों से फैलने वाली गंदगी साफ की जाए। आदेश की पालना न करने पर पांच हजार जुर्माना घोड़े के मालिक को देना पड़ेगा।</p>
<p>रोहतांग टॉप पर फोटोग्रॉफी और कुल्लुवी ड्रेस को फोटोग्रॉफी के लिए किराये के लिए देने की अनुमति दी है। इसके अलावा किसी भी तरह की पर्यटन गतिविधियां कहीं भी किसी भी स्थान पर नहीं होगी।</p>
<p>Picture: Motoroids</p>
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		<title>हिमाचल के जंगलों में लगी भीषण आग पर एनजीटी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर सरकार से मांगा जवाब</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/05/himachal-forest-fires-ngt-issues-showcause-notice-to-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 May 2016 05:54:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>हिमाचल के जंगलों में लगी भीषण आग के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कारण बताओ नोटिस जारी कर अपने निर्देश में राज्यों से पूछा है कि वे वन्य क्षेत्र और संपदा को आग व अन्य आपदाओं से बचाने के लिए कौन सी नीति अपना रहे हैं शिमला- उत्तराखंड और हिमाचल के जंगलों में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हिमाचल के जंगलों में लगी भीषण आग के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कारण बताओ नोटिस जारी कर अपने निर्देश में राज्यों से पूछा है कि वे वन्य क्षेत्र और संपदा को आग व अन्य आपदाओं से बचाने के लिए कौन सी नीति अपना रहे हैं</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  उत्तराखंड और हिमाचल के जंगलों में लगी भीषण आग के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दोनों राज्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पर्यावरण मंत्रालय और अन्य प्राधिकरण वन क्षेत्र में आग की घटनाओं को बहुत हल्के में ले रहे हैं।</p>
<p>यह बहुत ही चौंकाने वाला है। बेंच ने निर्देश में कहा कि दोनों राज्यों के संबंधित सचिव हलफनामा दाखिल कर बताएं कि आग की घटना के कारण क्या थे? आग लगने के बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाए गए। मामले की अगली सुनवाई 10 मई को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को मामले पर स्वत:संज्ञान लेते हुए यह निर्देश दिया है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि आग की घटना के बाद वहां वायुसेना और अन्य स्थानीय प्राधिकरणों की मदद से स्थिति पर काबू पाया जा रहा है। इस पर बेंच ने मंत्रालय और राज्यों की ओर से पेश वकील को कहा कि घटना न हो इसके लिए आपकी पूर्व तैयारी क्या थी? अगली सुनवाई पर इस संबंध में स्पष्ट निर्देश लेकर ट्रिब्यूनल के समक्ष आएं।</p>
<p><strong>हिमाचल से पूछा, एमपी वाली नीति का क्या हुआ?</strong></p>
<p>बेंच ने अपने निर्देश में राज्यों से पूछा है कि वे वन्य क्षेत्र और संपदा को आग व अन्य आपदाओं से बचाने के लिए कौन सी नीति अपना रहे हैं। वहीं, इससे पहले सुनवाई के दौरान हिमाचल की ओर से पेश वकील को फटकार लगाते हुए बेंच ने कहा कि आपने एक वर्ष पहले कहा था कि हम मध्य प्रदेश में वन्य क्षेत्र के लिए मौजूद बचाव व प्रबंधन नीति को अपने सूबे में लागू करेंगे। आखिर इस नीति का क्या हुआ? हलफनामे में जवाब के अलावा प्राधिकरण इस पहलू पर भी जवाब दें।</p>
<p><strong>2016 में वन क्षेत्र के भीतर बढ़ी आग की घटनाएं</strong></p>
<p>केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सोमवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा था कि 2016 के पहले चार महीने (जनवरी-अप्रैल) के बीच वन क्षेत्र में आग लगने की करीब 20 हजार घटनाएं हुई हैं। जबकि 2015 की समान अवधि में 16 हजार घटनाएं दर्ज हुई थीं। वन क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं के मामले में उत्तराखंड के पौड़ी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और टिहरी सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं।</p>
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		<title>अब ऊना, बिलासपुर, मंडी, सुंदरनगर, व कुल्लू जिले में भी चलेंगी सीएनजी बसें, सीएनजी स्टेशन भी किए जाएंगे स्थापित</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/23/cng-buses-in-himachal-now-mandi-sundernagar-una-bilaspur-kullu-also-in-list/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Apr 2016 08:14:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- रोहतांग के अलावा अब ऊना, बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी, कुल्लू जिले में सीएनजी बसें चलेंगी। इन जिलों में सीएनजी स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। एनजीटी के आदेशानुसार प्रदेश सरकार की ओर से रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने यह जानकारी शुक्रवार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/23/cng-buses-in-himachal-now-mandi-sundernagar-una-bilaspur-kullu-also-in-list/">अब ऊना, बिलासपुर, मंडी, सुंदरनगर, व कुल्लू जिले में भी चलेंगी सीएनजी बसें, सीएनजी स्टेशन भी किए जाएंगे स्थापित</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  रोहतांग के अलावा अब ऊना, बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी, कुल्लू जिले में सीएनजी बसें चलेंगी। इन जिलों में सीएनजी स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। एनजीटी के आदेशानुसार प्रदेश सरकार की ओर से रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p>परिवहन मंत्री जीएस बाली ने यह जानकारी शुक्रवार को नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बैठक में दी। बाली ने कहा कि राज्य सरकार सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग दर्रे के लिए पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सीएनजी बसें चलाने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय गैस प्राधिकरण प्राइवेट लिमिटेड (गेल) की ओर से ऊना जिले के टाहलीवाल और मनाली में सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए गेल ने 17.50 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश सरकार से मांगी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन स्टेशनों को स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध करवा रही है। सीएनजी बसें प्रदेश के विभिन्न भागों ऊना, बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी और कुल्लू से होकर गुजरेंगी। इन सभी स्थानों पर सीएनजी स्टेशन स्थापित होंगे।</p>
<p><strong>गेल के प्रस्ताव में खामियां</strong></p>
<p>परिवहन मंत्री ने कहा कि गेल के प्रस्ताव में कुछ खामियां हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि गेल हिमाचल प्रदेश सरकार की मदद से इस संबंध में पुन: से बिजनेस मॉडल तैयार करेगा। टाहलीवाल और मनाली के साथ साथ ऊना, बिलासपुर, सुंदरनगर, मंडी और कुल्लू में सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। बैठक में हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग के सचिव आरएन बत्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।</p>
<p>Representational Image </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/23/cng-buses-in-himachal-now-mandi-sundernagar-una-bilaspur-kullu-also-in-list/">अब ऊना, बिलासपुर, मंडी, सुंदरनगर, व कुल्लू जिले में भी चलेंगी सीएनजी बसें, सीएनजी स्टेशन भी किए जाएंगे स्थापित</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>शिमला कूड़ा संयंत्र में दूसरी बड़ी आग, धुएं, बदबू के कारण नज़दीकी गावों में जीना हुआ दूभर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/19/bharyal-waste-treatment-plant-fire-in-taradevi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Feb 2016 13:30:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-भरयाल स्थित नगर निगम के कूड़ा संयंत्र में बुधवार सुबह फिर से आग लग गई। इससे संयंत्र के साथ लगते कई गांव धुएं में गुम हो गए। यह धुआं करीब पांच किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह से फैल गया। कूड़े से निकलने वाले गंदे धुएं की बदबू के कारण लोगों का आसपास से निकलना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>भरयाल स्थित नगर निगम के कूड़ा संयंत्र में बुधवार सुबह फिर से आग लग गई। इससे संयंत्र के साथ लगते कई गांव धुएं में गुम हो गए। यह धुआं करीब पांच किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह से फैल गया। कूड़े से निकलने वाले गंदे धुएं की बदबू के कारण लोगों का आसपास से निकलना भी दूभर हो गया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3811" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-garbde-plant-tara-devi.jpg" alt="Bharyal garbde Plant Tara Devi" width="600" height="283" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-garbde-plant-tara-devi.jpg 600w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-garbde-plant-tara-devi-300x142.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-garbde-plant-tara-devi-335x158.jpg 335w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></p>
<p>संयंत्र के साथ लगते कई गांव के किसान अपने खेतों में काम तक नहीं कर पाए। गौर रहे कि संयंत्र के आसपास लगभग चार हजार की आबादी अपना जीवन बसर कर रही है। दिनभर लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।</p>
<p>हालांकि आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों की माने तो यह अाग किसी ने जानबूझ कर लगाई है। बीते वर्ष जुलाई में भी इस संयंत्र में आग लगाई गई थी बुधबार रात लगी संयंत्र की सूचना फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 7 बजे मिली।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3812" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal.jpg" alt="bharyal Shimla" width="600" height="341" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal.jpg 600w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-300x171.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/bharyal-335x190.jpg 335w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></p>
<p>उसके बाद दिनभर आग बुझाने के लिए जद्दोजहद चलती रही। संयंत्र में लगी आग के बाद दमकल विभाग के तीन फायर टेंडर और कई दमकल कर्मचारी आग को बुझाने के लिए सुबह से जुटे हैं। इसके अलावा नगर निगम प्रशासन भी आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को अपने दो टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति में सुबह से जुटा है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3813" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/tara-devi.jpg" alt="Tara Devi Shimla" width="600" height="450" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/tara-devi.jpg 600w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/tara-devi-300x225.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/tara-devi-72x54.jpg 72w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/02/tara-devi-335x251.jpg 335w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></p>
<p>दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग काफी फैल चुकी है। कूड़े में लगी आग की वजह धुएं और बदबू के माहौल में दमकल विभाग के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। संयंत्र में लगे कूड़े के ढेर में लगी आग की वजह से पुरे क्षेत्र धुआं फैला हुआ है। इसके अलावा इस आग की वजह से ही बदबू भी फैल रही है जिससे भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>भरयाल कूड़ा संयंत्र में आग की यह दूसरी घटना है। संयंत्र में इससे पहले भी आग लग चुकी है। जिसको लेकर निगम प्रशासन की ओर से कूड़ा संयंत्र के संचालक के ऊपर एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। कूड़ा संयंत्र में लगने वाली इस आग की वजह से पर्यावरण के नुकसान के साथ निगम की संपत्ति को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है।</p>
<blockquote><p>हमें सुबह सात बजे सूचना मिली है कि भरयाल कूड़ा संयंत्र में फिर से आग लगी गई है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। निगम की ओर से अज्ञात लोगों पर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। सुबह से लेकर हमारे टैंकर अाग बुझाने के लिए पानी की सप्लाई कर रहे हैं।</p></blockquote>
<p><b>सोनम नेगी, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम शिमला</b><br />
<strong><br />
पिछले साल से बंद है संयंत्र</strong></p>
<p>16 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह कूड़ा संयंत्र नगर निगम और ठेकेदार का सही तालमेल न होने की वजह से पिछले वर्ष से बंद चल रहा है। कूड़ा संयंत्र में लगे कूड़े के ढेरों में सैकडों टन कूड़ा पड़ा हुआ है।</p>
<p><strong>हजारों से अधिक आबादी प्रभावित:बलराज</strong></p>
<p>टुटू मजठाई पंचायत के पूर्व प्रधान बलराज सिंह ने कहा कि आग लगने से रामपुर व टुटू मजठाई पंचायत के तीन गांव की हजारों से अधिक आबादी पूरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की पूरी तरह से अवहेलना की जा रही है। स्थानीय लोगों को अपनी जमीन में कार्य करना भी मुश्किल हो गया है।</p>
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		<title>हिमाचल के किसी भी जिले में ना दोहरी फिल्टर प्रणाली, ना पेयजल शुद्धीकरण के पुख्ता इंतजाम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/25/water-supply-schemes-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Jan 2016 13:00:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Ashwani khud]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal IPH Department]]></category>
		<category><![CDATA[Jaundice]]></category>
		<category><![CDATA[NGT]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पीलिया का संकट अभी तक बना हुआ है। प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सरकार के पास पुख्ता बुनियादी ढांचा नहीं है। हर पेयजल योजना में &#8216;सिंगल फिल्टर बैड&#8217; की सुविधा है। अधिकांश पेयजल योजनाओं में &#8216;स्टैंडबाई फिल्टर बैड&#8217; की सुविधा नहीं है। एक फिल्टर से गुजरने के बाद पानी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  पीलिया का संकट अभी तक बना हुआ है। प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सरकार के पास पुख्ता बुनियादी ढांचा नहीं है। हर पेयजल योजना में &#8216;सिंगल फिल्टर बैड&#8217; की सुविधा है। अधिकांश पेयजल योजनाओं में &#8216;स्टैंडबाई फिल्टर बैड&#8217; की सुविधा नहीं है।</p>
<p>एक फिल्टर से गुजरने के बाद पानी सीधे टैंकों को पंप किया जाता है। जलस्रोतों से आने वाले पानी को दोहरी फिल्टर प्रणाली से शुद्ध करने की व्यवस्था नहीं है। सिंगल फिल्टर बैड दो साल से अधिक समय तक इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में केवल एक ही बार फिल्टर होने के बाद पानी टैंकों में चला जाता है और हर सुबह लोगों के घरों में वितरित होता है। राजधानी शिमला के चारों ओर मौजूद कैचमेंट एरिया में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने पर सवाल खड़ा हो गया है। </p>
<p>पीलिया फैलने के बाद शिमला शहर की दो लाख की आबादी को पीने के लिए पानी चाहिए। उपनगरों के नालों में सीवरेज की गंदगी बहती है। पुराने जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं रह गया है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सीवरेज की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। लोगों के घरों में बने सीवरेज टैंक नियमानुसार नहीं बनाए गए हैं और इनसे रिसाव होता है जो पेयजल स्रोतों में मिलता है। मंडी शहर की गंदगी हो या फिर कुल्लू जिला मुख्यालय में व्यास नदी के किनारे बने होटल, सभी जिलों में पानी का शुद्धीकरण करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।</p>
<p><strong>पांच साल तक नहीं बदलते फिल्टर</strong></p>
<p>हालत यह है कि सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल योजनाओं के फिल्टर बैड को पांच साल तक नहीं बदलता है। ये फिल्टर बैड दो साल के भीतर बदल दिए जाने चाहिएं। बहते पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर प्रणाली से पानी की गंदगी साफ होती है। सूत्रों का कहना है कि फिल्टर को कामचलाऊ बनाने के लिए ऊपर की परत को हटा देते हैं।</p>
<p><strong>बल्ह घाटी के कुएं खतरे में</strong></p>
<p>बल्ह घाटी के घरेलू कुओं पर खतरा मंडराने लगा है। सीवरेज लाइन नहीं होने के कारण प्रत्येक घर में सीवरेज टैंक बने हैं। टैंक सही तरीके से नहीं बने होने के कारण इनसे गंदगी का रिसाव होकर गंदा पानी कुओं के पानी को दूषित कर रहा है। इस क्षेत्र में भूमिगत पानी की शुद्धता खतरे में है।</p>
<p><strong>एनजीटी के सख्त आदेश</strong></p>
<p>नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कुल्लू शहर के होटलों के मामले में सीवरेज की गंदगी व्यास नदी में बहने का खुलासा किया था। ऐसे होटलों को बंद करने के एनजीटी ने सख्त आदेश पारित किए थे। होटलों की सीवरेज का पानी नदी में मिलता है। ऐसा ही हाल मंडी शहर में देखने को मिलता है।</p>
<p><em>Photo: Representational Image</em></p>
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		<title>आज से रोहतांग नहीं जा पाएंगे पेट्रोल-डीजल वाहन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/08/17/ngt-complete-ban-on-petrol-and-diesel-vehicles-in-rohtang-from-17-august-2015/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Aug 2015 06:24:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[17-august-2015]]></category>
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		<category><![CDATA[petrol-diesel vehicles]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कुल्लू- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मोहलत खत्म होते ही जिला प्रशासन कुल्लू ने आदेशों का पालन करते हुए सोमवार से मनाली से रोहतांग जाने वाले सभी तरह के पेट्रोल और डीजल वाहनों पर रोक लगा दी है। अब केवल लाहौल स्पीति और लेह जाने वाले वाहन ही इस मार्ग से आवागमन कर सकेंगे। इसके लिए [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>कुल्लू- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मोहलत खत्म होते ही जिला प्रशासन कुल्लू ने आदेशों का पालन करते हुए सोमवार से मनाली से रोहतांग जाने वाले सभी तरह के पेट्रोल और डीजल वाहनों पर रोक लगा दी है। अब केवल लाहौल स्पीति और लेह जाने वाले वाहन ही इस मार्ग से आवागमन कर सकेंगे।</p>
<p>इसके लिए उन्हें पहले मनाली में बैरियर पर इसके पुख्ता प्रमाण देने होंगे, इसके बाद ही परमिट जारी होंगे। बता दें कि एनजीटी ने रोहतांग जाने वाले वाहनों पर फरवरी माह में रोक लगा दी थी। बाद में हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन मनाली की अपील पर एनजीटी ने 15 मई से 14 अगस्त तक 600 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को जाने की अस्थायी परमिशन दी थी।</p>
<p>मोहलत खत्म होते ही 16 अगस्त रविवार को जिला प्रशासन ने इस संबंध में एसडीएम मनाली और पर्यटन विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं कि 17 अगस्त से किसी भी वाहन को रोहतांग जाने के लिए परमिट जारी न किया जाए। उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने बताया कि एनजीटी के आदेशों का पालन किया जा रहा है।</p>
<p>सोमवार से रोहतांग जाने के लिए किसी भी वाहन को परमिट जारी न किया जाएगा। हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर कोई रोक नहीं है। एनजीटी के यह आदेश लाहौल, लेह और लद्दाख जाने वाले वाहनों पर लागू नहीं होंगे। एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा है कि सैलानियों की सुविधा को देखते हुए दी गई राहत 14 अगस्त को खत्म हो चुकी है।</p>
<p>उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने बताया कि रोक लगने से सैलानियों और कारोबारियों को दिक्कत होगी। सैलानी तो अब रोहतांग जा ही नहीं पाएंगे। अगर लेह-लद्दाख और लाहौल के नाम पर कोई रोहतांग दर्रे में घूमता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन इस संबंध में जल्द ही एनजीटी के समक्ष पक्ष रखेगा।</p>
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		<title>रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2015 11:24:05 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Manali]]></category>
		<category><![CDATA[National Green Tribunal]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; गर्मी के मौसम में बर्फ से ढके रोहतांग पर मस्ती करने जा रहे सैलानियों से जमकर लूट हो रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रोहतांग में वाहनों पर लगाए प्रतिबंध के बाद पहली बार जब टीम निरीक्षण को पहुंचीं तो इसका खुलासा हुआ। इस दौरान कई खामियां देखने को मिलीं। एसडीएम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/">रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-558902241c28e_exlst.jpg" alt="rohtang-558902241c28e_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1711" /></p>
<p><strong>शिमला &#8211;</strong> गर्मी के मौसम में बर्फ से ढके रोहतांग पर मस्ती करने जा रहे सैलानियों से जमकर लूट हो रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से रोहतांग में वाहनों पर लगाए प्रतिबंध के बाद पहली बार जब टीम निरीक्षण को पहुंचीं तो इसका खुलासा हुआ।</p>
<p>इस दौरान कई खामियां देखने को मिलीं। एसडीएम मनाली के साथ मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि प्रतिबंध के बावजूद रोहतांग टॉप में रोजाना एक हजार के बजाय दो हजार से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। सैलानियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। टैक्सी चालक लाहौल के परमिट पर सवारियों को रोहतांग ले जा रहे हैं। स्थानीय लोग भी लाहौल जाने के नाम पर नियम तोड़ रहे हैं। इससे यहां की खूबसूरती भी दागदार होती जा रही है। एनजीटी की टीम ने स्नो स्कूटर की ओवरचार्जिंग पर खुद सैलानियों से पूछा कि उनसे कितने रुपये वसूल किए गए। इससे ही भंडाफोड़ हो गया। बीच रास्ते में सैलानियों की टैक्सियों को रोककर उनसे चार्ज किए किराये की जानकारी हासिल की। इस दौरान वीडियोग्राफी भी हो रही थी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-558902359489f_exlst.jpg" alt="rohtang-558902359489f_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1713" /></p>
<p>उधर, रोहतांग में स्नो स्कूटर ऑपरेटर भी सैलानियों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक सैलानी से एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890258e919e_exlst.jpg" alt="rohtang-55890258e919e_exlst" width="620" height="450" class="alignnone size-full wp-image-1715" /></p>
<p>टीम ने पाया कि यहां आने वाले सैलानियों के लिए अदद शौचालय तक की सुविधा नहीं है। जो शौचालय हैं उनकी हालत दयनीय है। हर ओर गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने मौके पर प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई है।</p>
<p>ढाबों के निरीक्षण के दौरान भी कई खामियां पाई गईं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने इस दौरे की पूरी वीडियोग्राफी की जिसकी पूरी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश की जाएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst.jpg" alt="rohtang-55890278546cc_exlst" width="468" height="350" class="alignnone size-full wp-image-1712" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst.jpg 468w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2015/06/rohtang-55890278546cc_exlst-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 468px) 100vw, 468px" /><br />
Images and Text <a href="http://shimla.amarujala.com/photo-gallery/texi-operator-monply-at-rohtang/page-7/" target="_blank">AmarUjala</a></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/06/23/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a4%be/">रोहतांग पर चल रहा है लूट का कारोबार, देखें कैसे खुली पोल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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