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	<title>Jaundice Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Jaundice Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>अगर पिछले  2 साल मे शिमला निगम  ने टेंक की सफाई की तब क्यों नहीं मिला युग का शव? : सुंदरियाल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/24/kelston-water-tank-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Aug 2016 14:45:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राम बाज़ार से अपहृत बच्चे युग की हत्या पर गहरा शोक जाहीर करते हुए और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए जिला कॉंग्रेस कमेटी शिमला शहरी इकाई के प्र्वकता दीपक सुंदरियाल ने कहा शिमला शहर मे हुई इस घटना ने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया है, मामले मे संलिप्त दोषियों को [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राम बाज़ार से अपहृत बच्चे युग की हत्या पर गहरा शोक जाहीर करते हुए और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए जिला कॉंग्रेस कमेटी शिमला शहरी इकाई के प्र्वकता दीपक सुंदरियाल ने कहा शिमला शहर मे हुई इस घटना ने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया है, मामले मे संलिप्त दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, शिमला शहर मे आपसी मेल-जोल से लोग रहते है ऐसे मे इस प्रकार की घटना होना बेहद दुखद है।</p>
<p>कॉंग्रेस कमेटी का कहना है कि अभी तक युग प्रकरण में जो बाते सामने आई है वो चौकाने वाली हैं। शहर मे बढ रही आपराधिक मानसिकता के साथ साथ हमारे अपने शहर के निगम की कार्यप्रणाली भी कटघरे मे है , लगभग दो वर्ष से लापता युग का केस भले ही पुलिस महकमे ने सुलझा दिया है परंतु जो तथ्य सामने आए है उनसे निगम की कारगुज़ारी भी जनता के सामने आ गई है।</p>
<p>जिला कॉंग्रेस कमेटी ने बताया कि कलस्टन के पीने के पानी के टेंक मे युग के कंकाल का पाया जाना निगम के सारे दावो की पोल खोल रहा है यदि 2 साल मे दो से तीन मर्तबा टेंक की सफाई निगम द्वारा की गई थी तो ये बात पहले सामने क्यूँ नहीं आई। गौरतलब हो की शहर मे जब पीलिया महामारी का रूप ले रहा था तो निगम द्वारा शहर के सारे टेंकों की सफाई करने का दावा किया गया था, यदि शहर के सारे टेंकों की सफाई सुचारु रूप की गई थी तो उस समय ही ये बात सामने आ गई होती, इस से साफ है की निगम ने जनता से झूठ बोला और केवल कागज़ो में ही टेंक की सफाई दिखाई जाती रही है ।</p>
<p>कमेटी ने यह भी कहा कि ऐसा कैसे मुमकिन है की टेंक की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों का ध्यान उसमे पड़े शव पर न गया हो , ये पूरे तौर पर सफेद झूठ निगम द्वारा बोला गया था, जहां एक और पूरा शहर पीलिया जैसी महामारी की चपेट मे था वही निगम अपनी नाकामीयों को ढांकने के जुगाड़ मे लगा हुआ था, पूरे प्रकरण मे निगम का गैर-जिम्मेदाराना रवैया खुल के जनता के समाने आया है, शहर के काफी बड़े क्षेत्र को पीने के पानी की सप्लाई इस टेंक से होती है शहर के बीचों बीच जब सफाई व्यवस्था का ये हाल है तो शहर के अन्य क्षेत्रों मे किस प्रकार निगम सफाई का कार्य करता आ रहा है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है ।</p>
<p>कमेटी प्र्वकता का कहना है कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है शहर के लोगो की ज़िंदगी से निगम खिलवाड़ कर रहा है कागज़ो में लीपापोथी करके शहर की जनता की आंखो मे धूल झोंकी जा रही है।</p>
<p>कॉंग्रेस ने कहा क निगम की इस कारगुजारी की वे कड़ी निंदा करती है और प्रशासन से मांग करती है की निगम के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच बैठाई जाए ताकि शहर की टेंकों की सफाई का सच जनता के सामने आए। शहर पीलिया जैसी बीमारियो से जूझ रहा है उसपर निगम का गैर-जिम्मेदाराना रुख शहर के लिए जानलेवा हो रहा है । शहरी कांग्रेस मांग करती है की निगम के खिलाफ तथ्यो को छुपने,लोगो के जीवन से खिलवाड़ का आपराधिक मामला दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए</p>
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		<title>नही मिल रहा पीने का पानी , शिमला में गहरा सकता है पेयजल संकट</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/26/water-problem-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Mar 2016 12:39:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में पिछले चार दिन से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आइपीएच विभाग की ओर से पानी की कम आपूर्ति किए जाने के कारण नगर निगम के जल भंडारण टैंकों का जलस्तर निम्न हो गया है। नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने बताया कि होली पर काफी संख्या में पर्यटक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी शिमला में पिछले चार दिन से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आइपीएच विभाग की ओर से पानी की कम आपूर्ति किए जाने के कारण नगर निगम के जल भंडारण टैंकों का जलस्तर निम्न हो गया है।</p>
<p>नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने बताया कि होली पर काफी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे थे। इससे शहर में पानी का संकट गहरा गया। हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में पानी का संकट और ज्यादा हो सकता है। ऐसे में शिमला में चौथे से पांचवें दिन पानी की आपूर्ति हो सकती है। अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां चौथे से पांचवें दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। </p>
<p>शुक्रवार को छोटा शिमला, लांगवुड, संजौली, टुटू, बालूगंज, खलीणी, कुसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, न्यू शिमला, विकासनगर आदि प्रमुख स्थानों पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। शिमला में शहरवासियों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि आइपीएच विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है। इस कारण पेयजल आपूर्ति कुछ क्षेत्रों में बाधित हो रही है। </p>
<p>शिमला में पीलिया फैलने के बाद अश्विनी खड्ड परियोजना जनवरी महीने से बंद है। इस कारण शहर में 30 से 31 एमएलडी पानी ही आपूर्ति हो रहा है जबकि शिमला शहर की मांग 43 से 45 एमएलडी पानी की है।</p>
<p>Representational Image</p>
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		<item>
		<title>6 दिन मे सिर्फ एक दिन 20 मिनट पानी की सप्लाई, पीने के पानी के लिए भी तरस रही टुटू की जनता : विकास समिति टुटू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/05/water-shortage-in-totu-in-shimla-troubles-residents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Mar 2016 13:32:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- इन दिनों टुटू शहर को आईपीएच विभाग छठे दिन पानी की आपूर्ति कर रहा है जिस कारण स्थानीय जनता पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति को लेकर परेशानी में हैं ये कहना है विकास समिति टुटू का! समिति के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने इस विषय को लेकर विभाग के संबधित अधिकारियों को सूचित कर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  इन दिनों टुटू शहर को आईपीएच विभाग छठे दिन पानी की आपूर्ति कर रहा है जिस कारण स्थानीय जनता पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति को लेकर परेशानी में हैं ये कहना है विकास समिति टुटू का! समिति के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने इस विषय को लेकर विभाग के संबधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है! </p>
<p>समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि उन्हें इलाके के भिन्न भिन्न क्षेत्रों टुटू चौक,लोअर टुटू,गोविन्द मोहल्ला,पुराने बाज़ार इत्यादि से शिकायतें मिल रही हैं की कुछ इलाकों को पानी की पर्याप्त वितरण उचित नहीं की जा रहा है और मात्र आधा घंटा पानी और कुछ इलाकों को दिन-रात पानी की सप्लाई जारी है!</p>
<p>समिति का ये भी कहना है कि कहा कि इस संदर्भ में जनता की शिकायत को संबंधित सहायक अभियंता घणाहट्टी उपमंडल व् अधिशासी अभियंता कसुम्पटी के ध्यान में लाया गया है! समिति अध्यक्ष ने कहा कि मात्र आधा घंटा पानी की सप्लाई छोड़ने से दस मिनट तो लाईनो में हवा ही आती है जिस कारण केवल 20 मिनट में प्रति व्यक्ति के हिस्से में छै दिनों के बाद सिर्फ 20 लीटर पानी ही मिल पाता है!</p>
<p>समिति ने यह भी कहा कि  बीस लीटर पानी से या तो सब्जी-भाजी ही बना लो या फिर अन्य कार्यों के लिए ही उसे इस्तेमाल कर लो! उन्होंने कहा कि पानी की पर्याप्त सप्लाई न होने के कारण ही हैपेटाईटस/पीलिया जैसी बीमारियां शिमला शहर में दस्तक दे रही हैं!</p>
<p>समिति ने कहा कि टुटू इलाके को उचित पानी सप्लाई करने के लिए न तो नगर निगम शिमला गंभीर है और न ही आईपीएच विभाग! समिति अध्यक्ष ने कहा कि दोनों विभाग दो-दो प्रशासनिक व्यवस्थाओं के चलते एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा कर मात्र अपना टाइम पास कर रहे हैं और पिछले 10-15 सालों से टुटू क्षेत्र को पानी की उचित व्यवस्था करने में नाकामयाब रहे हैं!</p>
<p>Image: Representational </p>
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		<item>
		<title>खलीनी वार्ड के लोग दूषित बावड़ी का पानी पीने को मजबूर, प्रतिदिन 10 मरीज पहुंच रहे स्वास्थ्य केंद्र</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/water-contamination-in-shimla-water-resources-increasing-health-issues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2016 14:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला के नगर निगम वार्ड खलीनी के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। नगर निगम ने खलीनी वार्ड के झंझीड़ी में स्थित बावड़ी से पानी के सैंपल लिए, जो पानी शुद्धता की कसौटी पर खरा न उतर सका। पानी पीने लायक नहीं [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी शिमला के नगर निगम वार्ड खलीनी के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। नगर निगम ने खलीनी वार्ड के झंझीड़ी में स्थित बावड़ी से पानी के सैंपल लिए, जो पानी शुद्धता की कसौटी पर खरा न उतर सका। पानी पीने लायक नहीं है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यहां पर करीब आठ हजार लोग रहते हैं। नगर निगम ने झंझीड़ी स्थित बावड़ी के पास पानी पीने योग्य नहीं है सूचना पट्ट लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है लेकिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने में नगर निगम नाकाम रहा है। </p>
<p>मजबूरन लोगों को इसी बावड़ी से पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र पूरी तरह पीलिया की चपेट में आया हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक लोगों को क्लोरिन की गोलियां नहीं दी गई हैं। हालांकि सीएमओ शिमला ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक वार्ड में चार स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करेंगे और क्लोरिन की गोलियां बांटेंगे लेकिन सीएमओ के आदेश भी कागजों में ही सिमटते नजर आ रहे हैं।</p>
<p><strong>पेट दर्द के मामलों में हो रही वृद्धि</strong></p>
<p>दूषित पेयजल से लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। लोगों में उल्ट, दस्त व बुखार के साथ पेट दर्द के मामले बढ़ रहे हैं। पेट की बीमारियों से पीड़ितों की संख्या में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है।</p>
<p><strong>प्रतिदिन करीब दस मरीज पहुंच रहे स्वास्थ्य केंद्र</strong></p>
<p>स्वास्थ्य केंद्र खलीनी में प्रतिदिन करीब दस मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तीन से चार मरीज बुखार व उल्टी, दस्त से ग्रस्त हैं। ऐसे मरीजों को रिपन अस्पताल टेस्ट के लिए भेजा जाता है।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं लोग</strong></p>
<p><strong>तीन माह से पेयजल किल्लत</strong></p>
<p>खलीनी में तीन माह से पेयजल किल्लत चल रही है। चार दिन बाद भी सिर्फ आधे घंटे के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है। इस कारण मजबूरन लोगों को दूषित बावड़ी से पानी लाना पड़ता है।<br />
उमा दत्त</p>
<p><strong>पानी की आपूर्ति करने में निगम विफल</strong></p>
<p>जल जीवन है जल के बिना कोई कार्य संभव नहीं है। नगर निगम पानी की आपूर्ति करने में विफल हो रहा है। मजबूरन लोगों को दूषित बावड़ी से पानी लाना पड़ता है।<br />
पूजा</p>
<p><strong>उबाल कर पीना पड़ रहा पानी</strong></p>
<p>प्रतिदिन पानी उबाल कर पी रहे हैं। नगर निगम पानी उपलब्ध करवा नहीं पा रहा है, तो मजबूरन दूषित पानी को उबाल कर पीना पड़ रहा है। ऐसे में सिलेंडर की खपत भी दुगनी हो गई है।<br />
निशा</p>
<p><strong>आम आदमी नहीं खरीद सकता पानी</strong></p>
<p>आम आदमी खरीद कर पानी ला नहीं सकता, नलकों में पानी आ नहीं रहा है। ऐसे में बावड़ी ही विकल्प है। मजबूरन यही से पानी भरना पड़ता है।<br />
पल्लवी</p>
<p><strong>टैक्स देने के बावजूद नहीं मिल रहा पानी</strong></p>
<p>पहले नगर निगम ने लोगों को सीवरेज युक्त पानी पिला दिया और अब पानी दे नहीं रहे हैं। ऐसे में बावड़ी ही एक विकल्प था, यहां पर भी पानी पीने योग्य नहीं है। टैक्स देने के बावजूद पानी लोगों को नहीं मिल रहा है।<br />
विरेंद्र कुमार</p>
<p>Photo/Representational </p>
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			</item>
		<item>
		<title>महापौर की कोरी घोषणाओ के अलावा नहीं हुआ कोई कार्य, निगम ने पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से किया पेश : कॉंग्रेस</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/27/shimla-municipal-corporation-limited-to-annoucements-failure-on-ground/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Feb 2016 14:49:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Deepak Sundriyal]]></category>
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		<category><![CDATA[Mall Road Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[MC Shimla Budget 2016]]></category>
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		<category><![CDATA[Shimla District Congress]]></category>
		<category><![CDATA[shimla mayor]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पिछले बजट का न कोई पार्क ही बन पाया न कोई खेल कोर्ट ही,वार्ड स्तर पर कोई भी विकास का कार्य नहीं हो पाया,हर वार्ड को क्मुनिटी सेंटर, युवाओ को जिम्नेजियम के वादे धरे के धरे रह गए,रीडिंग रूम केफे सब कागजो मे ही बन गए,एसकीलेटर तो दूर शहर मे कुछ बेन्च लगाने की बात [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/27/shimla-municipal-corporation-limited-to-annoucements-failure-on-ground/">महापौर की कोरी घोषणाओ के अलावा नहीं हुआ कोई कार्य, निगम ने पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से किया पेश : कॉंग्रेस</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पिछले बजट का न कोई पार्क ही बन पाया न कोई खेल कोर्ट ही,वार्ड स्तर पर कोई भी विकास का कार्य नहीं हो पाया,हर वार्ड को क्मुनिटी सेंटर, युवाओ को जिम्नेजियम के वादे धरे के धरे रह गए,रीडिंग रूम केफे सब कागजो मे ही बन गए,एसकीलेटर तो दूर शहर मे कुछ बेन्च लगाने की बात थी वो भी नहीं लग पाये। पिंक टेकसी तो दूर बंदरो व कुत्तो की समस्याओ का कोई ठोस समाधान आज तक नहीं निकाल पाये। </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  जिला कॉंग्रेस कमेटी शिमला शहरी के प्रवक्ता दीपक सुंदरियाल ने कहा की शिमला के महापौर कोरी घोषणाओ के महारथी है,बजट मे कुछ नया नहीं है पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से पेश किया गया है और पिछले वर्षो की अति महत्वकांक्षी परियोजनाओ से पल्ला झाड़ कर अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p>सुंदरियाल ने कहा की पिछले तीन वर्षो के बजट मे बड़े बड़े सपने थे इस बजट मे मूलभूत सुविधाओ का रोना रोया गया है अपने पूरे कार्यकाल मे महापौर द्वारा कोरी घोषणाओ के अलावा कोई कार्य नहीं हुआ है।</p>
<p>सुंदरियाल ने कहा की,पिंक टेकसी,गोल्फ कोर्ट,रिज व माल रोड का कायाकल्प,विदेशो जैसी लूक,हर तरह से माकपा के महापौर द्वारा जनता को छलावे मे रखा गया। मूलभूत सुविधाओ की बात उठती थी तो महापौर शिमला के नए लूक,विकास,ब्यूटीफीकेशनका राग अलापते थे।युवाओ को वाई फाई,मॉल रोड पर बेंच चार्जर जैसे शगूफे छोड़ते थे। अब वो सारी परियोजनाए गायब हो गई,केवल कागजो मे कायाकल्प हुआ और शिमला की नई लूक भी जनता के सामने है।</p>
<p>सुंदरियाल ने कहा की ,महिलाओ,युवाओ और बुजर्गों को रिझा कर सदन की कुर्सी पर बेठने के बाद महापौर उन्हे ही भूल गए बजट मे महिलाओ ,युवाओ और बुजर्गों के लिए कुछ नहीं है।</p>
<p>पिछले बजट का न कोई पार्क ही बन पाया न कोई खेल कोर्ट ही,वार्ड स्तर पर कोई भी विकास का कार्य नहीं हो पाया,हर वार्ड को क्मुनिटी सेंटर, युवाओ को जिम्नेजियम के वादे धरे के धरे रह गए,रीडिंग रूम केफे सब कागजो मे ही बन गए,एसकीलेटर तो दूर शहर मे कुछ बेन्च लगाने की बात थी वो भी नहीं लग पाये। पिंक टेकसी तो दूर बंदरो व कुत्तो की समस्याओ का कोई ठोस समाधान आज तक नहीं निकाल पाये। </p>
<p>पार्किंग हर वर्ष की तरह केवल निर्माणकार्यो मे ही है,गरीबो के आशियाने जयों के तयों रह गए,स्ट्रीट लाइटों के साथ ही सोलरलाइट लगा दी गई जिसका कोई भी औचित्य नहीं था,अब फिर सोलर सिटि के शगूफे छोड़े जा रहे है, कूड़ा स्यंत्र अभी भी कागजो मे है,तहबजरियों की नीतियाँ पिछले हर बजट मे बनती रही है पर आज तक सिरे नहीं चड़ पाई। </p>
<p>सीवरेज कनक्टिविटी पर हर बार की तरह ज़ोर दिया गया है पर पीलिया का फेलना निगम द्वारा सीवरेज का सही रख रखाव न कर पाने का जीवंत उधारण है,माकपा के कार्यकाल मे पानी की समस्या और जटिल हुई है।</p>
<p> मूलभूत सुविधाओ को सुचारु रूप से आम जनता तक पहुचने की जगह हर क्षेत्र मे राजनीति की गई जिस से पीलिया जैसी बीमारियाँ फेली,शहर मे पानी का डिस्ट्रीब्यूशन व रख रखाव निगम के अंतर्गत आता है यदि उसमे चूक हुई तो महपौर को उसकी नैतिक जिम्मेवारी लेनी चाहिए थी लेकिन उसपर केवल लीपापोथी की गई।</p>
<p>सुंदरियाल ने कहा की बजट मे कुछ भी नया नहीं है इस मर्तबा आम आदमी की बुनियादी सुविधाओ के नाम पर बजट पेश किया गया पिछली मर्तबा विकास व शिमला की नई लूक की बात की गई थी परियोजनाए वही है शब्दो का हेर फेर करके महापौर ने ओपचारिकता पूरी करने का प्र्यास किया है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/27/shimla-municipal-corporation-limited-to-annoucements-failure-on-ground/">महापौर की कोरी घोषणाओ के अलावा नहीं हुआ कोई कार्य, निगम ने पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से किया पेश : कॉंग्रेस</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>सितंबर माह से एमसी और आईपीएच को थी पानी दूषित होने की जानकारी : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/22/hp-state-pollution-control-board-on-shimla-jaundice/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Feb 2016 06:11:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में फैले पीलिया पर एमसी और आईपीएच की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कह दिया है कि पानी में फिक्ल कॉलीफार्म होने की जानकारी एमसी और आईपीएच को दे दी गई थी। शिमला शहर में फैले पीलिया पर एमसी और आईपीएच की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। पूरे [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राजधानी शिमला में फैले पीलिया पर एमसी और आईपीएच की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कह दिया है कि पानी में फिक्ल कॉलीफार्म होने की जानकारी एमसी और आईपीएच को दे दी गई थी। </p>
<p>शिमला शहर में फैले पीलिया पर एमसी और आईपीएच की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। पूरे मामले में एसआईटी के सामने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कह दिया है कि पीने के पानी में फिक्ल कॉलीफार्म होने की जानकारी सितंबर माह में एमसी और आईपीएच को दे दी गई थी। बोर्ड के इस जवाब से साफ हो गया है कि शहर में पीलिया फैलने से रुक सकता था और लगातार मौतें नहीं होतीं।</p>
<p>बोर्ड के इन दस्तावेजों के पेश करने पर एमसी और आईपीएच के कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई की संभावना अब और बढ़ गई है। 22 फरवरी के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं। पीलिया मामले में गठित एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सितंबर महीने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पीने के पानी में क्लोफॉम होने की लिखित सूचना नगर निगम और आईपीएच महकमे को दे दी गई थी।</p>
<p>इस रिपोर्ट से साफ था कि शहर में लोगों को पीने के लिए दूषित पानी की सप्लाई की गई। पानी के सैंपल कसुम्पटी स्थित आईपीएच के टैंक और संजौली से लिए गए थे। इस मामले में एसआईटी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह सनसनीखेज खुलासा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन और एसडीओ ने एसआईटी के समक्ष किया है। अपने दावे को मजबूत करने के लिए दस्तावेज भी पेश किए हैं।</p>
<p>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एसआईटी के सामने तथ्य पेश करते हुए कहा कि जुलाई महीने में कसुम्पटी स्थित पानी के टैंक से सैंपल लिया गया। यह पानी अश्वनी खड्ड से ट्रीटमेंट के बाद टैंक में आता है। संजौली में भी पानी का सैंपल लिया गया, यहां पानी गिरी परियोजना से आता है। दोनों सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए वहां से उन्हें सितंबर में रिपोर्ट मिली।</p>
<p><strong>आईपीएच की हां, नगर निगम की ना</strong></p>
<p>आईपीएच ने माना कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उन्हें सूचना मिली थी और टेस्ट भी करवाए थे जो ठीक निकले। उधर, नगर निगम ने एसआईटी को लिखित में जवाब दिया कि उन्हें यह सूचना मिली ही नहीं है उनकी जानकारी में यह बात नहीं है। इस तरह की जानकारी सामने आने के बाद अब एसआईटी हर पहलू पर जांच कर रही है।</p>
<p><strong>22 फरवरी को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई</strong></p>
<p>इस तरह के मामले पर प्रदेश उच्च न्यायालय में साल 2007 और साल 2014 में भी जनहित याचिका दायर हो चुकी है। प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से इन याचिकाओं पर फैसला सुनाया गया है। इसके बाद साल 2015 में एक और जनहित याचिका दाखिल हुई है जिस पर सुनवाई चल रही है।</p>
<p>प्रदेश उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों की कितनी अनुपालना की गई और क्या उस दिशा में भी एसआईटी जांच कर रही है इस बारे में पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया गया है। 22 फरवरी को प्रदेश उच्च न्यायालय में इस मामले से जुड़े केस की सुनवाई होगी और पुलिस प्रशासन अपना पक्ष रखेगा।</p>
<p><strong>स्लज उठाने वाले ठेकेदार से पूछताछ </strong></p>
<p>सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मल्याणा में स्लज उठाने वाले ठेकेदार से भी पूछताछ की गई। इस ठेकेदार के पास कब से कब तक ठेका था इसकी जानकारी ली गई। ठेकेदार कैसे स्लज उठाता था और आईपीएच के साथ उसका क्या करार था, इन बिंदुओं पर पूछताछ हुई। ठेकेदार को एसआईटी ने फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है। </p>
<p><strong>बोर्ड से अफसरों से हुई पूछताछ:नेगी</strong></p>
<p>एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से पूछताछ हुई है। सीवेज ट्रूीटमेंट प्लांट मल्याणा में स्लज उठाने वाले ठेकेदार से भी पूछताछ की गई है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नगर निगम और आईपीएच से भी जांच से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।</p>
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		<title>शिमला में अब पीलिया के साथ डायरिया भी पसारने लगा पांव,</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/22/diarrhea-in-shimla-after-jaundice-outbreak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Feb 2016 05:29:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं, पेट में तेज दर्द हो रहा है और आपने इसे पीलिया के लक्षण समझते हुए टेस्ट करवाया है व रिपोर्ट नेगेटिव आई है तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। वजह यह है कि राजधानी शिमला में अब पीलिया के साथ डायरिया भी पांव पसारने लगा है। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  यदि आप थकान महसूस कर रहे हैं, पेट में तेज दर्द हो रहा है और आपने इसे पीलिया के लक्षण समझते हुए टेस्ट करवाया है व रिपोर्ट नेगेटिव आई है तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। वजह यह है कि राजधानी शिमला में अब पीलिया के साथ डायरिया भी पांव पसारने लगा है। पीलियाग्रसित लोग इस रोग के उपचार के बाद डायरिया की गिरफ्त में आ रहे हैं। आइजीएमसी शिमला में इस तरह के मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं।</p>
<p>शनिवार को अस्पताल में तीन नए मामले इस तरह के सामने आए हैं। यह लोग पहले पीलिया से ग्रसित थे और उसके बाद डायरिया से पीड़ित हो गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गंदे पानी के कारण ही डायरिया का जीवाणु शरीर में प्रवेश करता है। ऐसे में पीलिया के बाद डायरियां होने का खतरा अधिक हो जाता है। इसके चलते डॉक्टर पीलिया ठीक होने के बाद भी एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि डायरिया का बैक्टीरिया पीलिया से पहले भी शरीर पर आक्रमण कर सकता है। ऐसे में एहतियात बरतना अति आवश्यक है।</p>
<p><strong>डायरिया के लक्षण</strong></p>
<p>आमतौर पर डायरिया से पीड़ित व्यक्ति एक हफ्ते में ठीक हो जाता है। अगर यह इससे ज्यादा समय तक रहे तो क्रॉनिक डायरिया कहलाता है। इसका इलाज समय पर न होने से यह खतरनाक भी हो सकता है, लेकिन इसे जरा सी सावधानी बरतकर ठीक भी किया जा सकता है। इसके लिए डायरिया के लक्षण जानना काफी जरूरी हैं।</p>
<p>शरीर के अंदर का तापमान कम होने से उल्टी और दस्त की शिकायत हो जाती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इसके अलावा भी कई कारण हैं जिनकी वजह से डायरिया हो सकता है। पीलिया ग्रसित मरीज का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इस कारण उसके शरीर में कुछ टिक नहीं पाता और शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में वह व्यक्ति भी डायरिया की चपेट में आ जाता है।</p>
<p><strong>क्या है परहेज</strong></p>
<p>सही समय पर इलाज करवाने से इससे आसानी से निजात भी पाई जा सकती है। दस्त लगने पर शरीर में से पानी और खनिज लवण बाहर निकल जाते हैं, वहीं शरीर को पोषण भी समुचित रूप से नहीं मिल पाता। ठंड से परहेज रखें। दूषित पानी पीने से डायरियां का बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसलिए उबला हुआ पानी पियें, तरल पदार्थ व हल्का भोजन ज्यादा लें।</p>
<p>डायरियां दूषित पानी के सेवन से अधिक होता है। पीलिया के मरीजों का लीवर काफी कमजोर रहता है, इसलिए ऐसे मरीजों में यह बीमारी अधिक पनपती है। अस्पताल में ऐसे मामले लगातार आ रहे हैं। डायरिया या पीलिया के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।</p>
<p>डा. राजेश कश्यप, प्रोफेसर मेडिसन, आईजीएमसी शिमला।</p>
<p>Image:slidesharecdn</p>
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		<title>शिमला में लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, सरकार कर रही पीलिया पर पूरी तरह नियंत्रण के दावे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/20/jaundice-deaths-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Feb 2016 08:01:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- पीलिया के मरीजों का सरकारी आंकड़ा बेशक कम हो रहा हो,लेकिन पीलिया से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा हे। शिमला में फैले पीलिया का शिकार होने से पिछले दो दिनों में हाई कोर्ट के दो वकीलों की मौत हो गई है। महिला वकील ने दो दिन पहले आईजीएसी के आईसीयू में दम तोड़ [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> पीलिया के मरीजों का सरकारी आंकड़ा बेशक कम हो रहा हो,लेकिन पीलिया से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा हे। शिमला में फैले पीलिया का शिकार होने से पिछले दो दिनों में हाई कोर्ट के दो वकीलों की मौत हो गई है। महिला वकील ने दो दिन पहले आईजीएसी के आईसीयू में दम तोड़ दिया था जबकि हाई कोर्ट के ही एक और वकील राकेश चंदेल की पीजीआई में मौत हो गई हैं। </p>
<p>राकेश मूलत बिलासपुर के रहने वाले थे और छोटा शिमला में रहते थे। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने वकीलों की मौत पर दुख व्यक्त किया है और पीलिया पर नियंत्रण को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। शिमला में फैले पीलिया के शिकार हुए मरीज की पीजीआई में यह तीसरी मौत है।</p>
<p>इसे पहले बिलासपुर की ही एक महिला और शिमला के एक भाजपा नेता की मौत पीजीआई में हो चुकी है।  इसके अलावा दो लोगों की मौत  आईजीएमसी में मौत हो चुकी है। बहरहाल ऐसे में जब सरकार पीलिया पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के दावे कर रही है,उसके बीच एक और मौत ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है। वहीं पीलिया के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि 15 फरवरी के बाद पीलिया का इनक्यूबेशन पीरियड समाप्त हो जाएगा, लेकिन अभी भी पीलिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/20/jaundice-deaths-in-shimla/">शिमला में लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, सरकार कर रही पीलिया पर पूरी तरह नियंत्रण के दावे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>शिमला में पानी की सप्लाई बंद, लोग तंग, चार या पांच दिन के बाद हो रही पानी की सप्लाई</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/11/shimla-water-shortage-2016/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Feb 2016 13:30:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-  शिमला में पानी की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अश्वनी खड्ड से पानी की सप्लाई बंद होने के बाद शिमला के कई क्षेत्रों में चार या पांच दिन के बाद पानी की सप्लाई हो रही है। इस कारण लोगों को निजी टैंक मंगवाने पड़ रहे हैं लेकिन नगर निगम कोई [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला-  शिमला में पानी की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अश्वनी खड्ड से पानी की सप्लाई बंद होने के बाद शिमला के कई क्षेत्रों में चार या पांच दिन के बाद पानी की सप्लाई हो रही है। इस कारण लोगों को निजी टैंक मंगवाने पड़ रहे हैं लेकिन नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। विकासनगर, मल्याणा, खलीनी, पंथाघाटी, मैहली व बीसीएस आदि क्षेत्रों में पेयजल की काफी दिक्कत हो गई है।</p>
<p>विकासनगर के लोगों ने कहा कि जब से अश्वनी खड्ड के अशुद्ध पानी का मामला सामने आया है तब तक समस्याएं कम होने की बजाय बढ़ गई हैं। सुमन ठाकुर ने बताया कि नगर निगम ने पहले लोगों को सीवरेज युक्त पानी पिला दिया और अब लोगों को पानी के लिए तरसा रहा है। फरवरी से ही पानी की समस्याएं शुरू हो गई हैं और मिनरल वाटर से गुजारा करना पड़ रहा है।</p>
<p>इसके अलावा कई क्षेत्रों में तो खरीदकर भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अंजू शर्मा, रोशन लाल, रीता देवी ने नगर निगम से मांग की है कि अगर जल्द पानी नहीं मिला तो सड़क पर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/11/shimla-water-shortage-2016/">शिमला में पानी की सप्लाई बंद, लोग तंग, चार या पांच दिन के बाद हो रही पानी की सप्लाई</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>के.एन.एच. में 20 गर्भवती महिलाऐ पीलिया की चपेट में, पीलिया के डर  से हस्पताल छोड़ने पे मजबूर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/11/jaundice-cases-in-kamala-nehru-hospital-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Feb 2016 12:31:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-  राजधानी में पीलिया का कहर अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा है। अभी तक पीलिया से 6 मौतें हो चुकी हैं जबकि इनमें बीते दिन बिलासपुर की रहने वाली एक गर्भवती महिला की पी.जी.आई. चंडीगढ़ में मौत हो हुई है लेकिन ऐसी ही स्थिति इन दिनों मातृक एवं शिशु रोग कमला नेहरू अस्पताल (के.एन.एच.) [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/11/jaundice-cases-in-kamala-nehru-hospital-shimla/">के.एन.एच. में 20 गर्भवती महिलाऐ पीलिया की चपेट में, पीलिया के डर  से हस्पताल छोड़ने पे मजबूर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी में पीलिया का कहर अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा है। अभी तक पीलिया से 6 मौतें हो चुकी हैं जबकि इनमें बीते दिन बिलासपुर की रहने वाली एक गर्भवती महिला की पी.जी.आई. चंडीगढ़ में मौत हो हुई है लेकिन ऐसी ही स्थिति इन दिनों मातृक एवं शिशु रोग कमला नेहरू अस्पताल (के.एन.एच.) में देखने को मिल रही है। यहां पर अब गर्भवती महिला भी पीलिया की चपेट में आ गई है।</p>
<p>के.एन.एच. में करीब 20 महिलाएं ऐसी हैं जोकि पीलिया की चपेट में आई हैं। आलम है कि कुछ महिलाएं पीलिया से बचने के चक्कर में अस्पताल से छुट्टी करवाकर वापस घर की ओर रवाना हो रही हैं। ऐसा उदाहरण मंगलवार को के.एन.एच. में देखने को मिला जब रोहड़ू की रहने वाली गर्भवती महिला कमला देवी अपने घर की ओर जा रही थी।जब उससे पूछा गया कि आप इस अवस्था में घर क्यों जा रही हो। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जोकि पीलिया की चपेट में आई है।</p>
<p>अस्पताल में एक ही वार्ड में करीब 30 से 40 महिलाएं भर्ती हैं।ऐसे में अब जिन महिलाओं को पीलिया भी नहीं हुआ है वे भी डर के कारण अपना सही रूप से इलाज नहीं करवा पा रही हैं। अब तक के मामले सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक पूरे शहर से 12 दिसम्बर से 5 जनवरी तक 254 मामले आए हैं। राजधानी में 21 जनवरी से 7 फरवरी तक शहर में 515 मरीज पीलिया के शिकार हुए हैं अभी तक कुल 1400 के करीब लोग पीलिया के शिकार हुए हैं</p>
<p><em>Image: File Photo/Himachal Watcher</em></p>
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