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	<title>HPU Campus Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>HPU Campus Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>विश्वविद्यालय में हॉस्टल से जबरन शिफ्ट करने पर फूटा छात्रों का गुस्सा, कहा कुलपति कमेटियों की आड़ में कर रहे प्रताड़ित</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/08/08/hpu-students-protest-over-forceful-shifting-from-hostels/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Aug 2019 15:57:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वाई एस पी हॉस्टल के छात्रों ने प्रैस विज्ञप्ति जारी की। छात्रों ने कहा कि पिछले 29 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को जबरन दूसरे हॉस्टल शिफ्ट करने का फरमान जारी किया गया था। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति कमेटियों की आड़ में छात्रों को प्रताड़ित [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वाई एस पी हॉस्टल के छात्रों ने प्रैस विज्ञप्ति जारी की। छात्रों ने कहा कि पिछले 29 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को जबरन दूसरे हॉस्टल शिफ्ट करने का फरमान जारी किया गया था। </p>
<p>छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के कुलपति कमेटियों की आड़ में छात्रों को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। वाई एस पी हॉस्टल के छात्रों ने आज से पहले भी एडवाइजरी कम मॉनिटरिंग कमेटी के सभी सदस्यों को इस बारे में अवगत कराया था। लेकिन प्रशासन फिर भी छात्रों को कोई राहत देने की कवायद नहीं कर रहा था।आज वाई एस पी  हॉस्टल के तमाम छात्रों ने कमेटी के अध्यक्ष डी एस अरविंद कालिया के ऑफिस के बाहर घेरा डाला। </p>
<p><iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fhimachalw%2Fvideos%2F510104413078278%2F&#038;show_text=0&#038;width=560" width="560" height="448" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowTransparency="true" allowFullScreen="true"></iframe></p>
<p>छात्रों ने बताया कि सभी कमेटी के सदस्य भी भी मौजूद थे।छात्रों के आक्रोश को दबाने के लिए प्रशासन ने पुलिकर्मियों और क्यू आर टी को बुलाया गया लेकिन छात्र फिर भी वही डटे रहे।छात्रों का कहना है कि उन्हें भी मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना गया।कॉफ्रेंस हॉल में हुई वार्ता पूरी तरह से विफल रही और इस  वार्ता में कोई भी निर्णय नहीं लिया गया।उल्टे कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कालिया ने छात्रों को ये कहकर धमकाया कि नियमों को रातो रात बदल दिया जाएगा।<br />
<a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2.jpg" alt="HPU Hostel Student Protest 2" width="1143" height="697" class="alignnone size-full wp-image-12872" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2.jpg 1143w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2-300x183.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2-768x468.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/08/HPU-Hostel-Student-Protest-2-1024x624.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1143px) 100vw, 1143px" /></a></p>
<p>छात्रों ने कहा कि हॉस्टल शिफ्टिंग तानशाही का नमूना है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। प्रशासन पहले ही होस्टल को जबरन खाली करने की अधिसूचना जारी कर चुका है।गौरतलब है कि प्रशासन ये तुक दे रहा है कि नए छात्रों को एक हॉस्टल में रखा जाएगा।लेकिन वाई एस पी हॉस्टल की क्षमता 160 छात्रों की है, दूसरी तरफ नए छात्रों को हॉस्टल इस संख्या से ज्यादा अलॉट होगे। ऐसे में प्रशासन का तर्क बेबुनियाद है तथा किसी छुपी हुई साजिश के तहत ये फरमान जारी किया गया है।</p>
<p>छात्रों ने आरोप लगाया है कि यदि कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कालिया निर्णय लेने के लिए कुलपति का इंतजार कर रहे है तो किस बात के लिए कमेटी के अध्यक्ष बने है। छात्रों ने कहा कि प्रशासन विश्वविद्यालय की छवि को खुद ही बदनाम करने पर तुला है।नए छात्रों को संशय है कि कहीं सीनियर छात्र सच  में ही नए छात्रों को तंग करते होगे।लेकिन आज तक विश्वविद्यालय के इतिहास में रैगिंग का कोई भी मामला दर्ज नहीं है।छात्रों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी सूरत में हॉस्टल खाली नहीं करेगे चाहे उन्हे किसी भी हद तक जाना पड़े।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>ऐबीवीपी ने हिमाचल विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली, शिक्षकों की भर्ती व अन्य मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/08/02/abvp-hpu-submits-memorandum-to-education-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Aug 2019 11:25:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP HPU]]></category>
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		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[SCA Elections]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने आज प्रदेश की शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को लेकर कुलपति के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लिखी गयी विद्यार्थी परिषद की मुख्य माँगे इस प्रकार से है: छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव (SCA Election ) बहाल किए जाएं। विश्वविद्यालय द्वारा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने आज प्रदेश की शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को लेकर कुलपति के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लिखी गयी विद्यार्थी परिषद की मुख्य माँगे इस प्रकार से है:</p>
<ol>
<li>छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव (SCA Election ) बहाल किए जाएं।</li>
<li>विश्वविद्यालय द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में खामियों को दुरुस्त किया जाए।</li>
<li>क्लस्टर विवि मंडी के स्थाई परिसर का निर्माण और कक्षाएं इसी सत्र से शुरू की जाएं।</li>
<li>प्रदेश के महाविद्यालयों में रिक्त शिक्षकों और गैर शिक्षकों के पद जल्द भरे जाएं।</li>
<li>प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज में अत्यधिक फीस वृद्धि एवं व्यापारिकरण पर रोक लगाई जाए।</li>
<li>केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किया जाए।</li>
<li>ऐस एम् सी (SMC )व आउटसोर्स (Outsource ) के माध्यम से भर्तियां युवाओं के साथ धोखा हैं। इनपर रोक लगाकर नियमित भर्तियां की जाएं।</li>
<li>प्रदेश के संस्कृत‌ महाविद्यालयों की दयनीय स्थिति में सुधार लाया जाए और प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।</li>
<li>निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग और निजी विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार एवं व्यापारिकरण पर रोक लगाई जाए।</li>
<li>प्रदेश के महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए।</li>
</ol>
<p>साथ ही इकाई सचिव अंकित चन्देल ने चेतावनी दी कि अगर प्रदेश सरकार विद्याथियों की तमाम मांगों की ओर ध्यान नही देती है तो परिषद सरकार के विरोध में प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से कोई गुरेज नही करेगी ।</p>
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		<item>
		<title>छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशाशन पर लगाए ये 7 गंभीर आरोप, कहा 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार इतना चरमारया प्रशासनिक ढ़ांचा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/27/sfis-allegations-on-hpu-administration-and-top-officials/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2019 16:34:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[Corruptoin]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई व एस एफ आई शिमला जिला कमेटी ने संयुक्त प्रैस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रैस वार्ता के माध्यम से एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढ़ांचा पूरी तरह से चरमरा गया है जिसके लिए कुलपति,वि वि प्रशासन [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई व एस एफ आई शिमला जिला कमेटी ने संयुक्त प्रैस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रैस वार्ता के माध्यम से एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढ़ांचा पूरी तरह से चरमरा गया है जिसके लिए कुलपति,वि वि प्रशासन व प्रदेश सरकार समान रूप से जिम्मेवार हैं।</p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार वि।वि। का प्रशासनिक ढ़ांचा इतना चरमरा चुका है कि वि वि के कुलपति के रूप में सिकंदर कुमार जी ने शपथ ली तो उन्होंने पहला बयान यह दिया कि मैं आरएसएस की वजह से यहां तक पहुंचा हूँ और ता उम्र इस विचार के लिए काम करूँगा। इस बात का सिकंदर साहब समय-समय पर खूबी सबूत भी देते रहते है। विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज श्रीमान अरविन्द कालिया भष्टाचार में संलिप्त है। एस एफ आई ने आरोप लगाया कि ICDEOL के निदेशक कुलवंत पठानिया 10 महीनों में Ph.D करवाने का कारनामा कर चुके है।</p>
<p><iframe src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fhimachalw%2Fvideos%2F1814211785392281%2F&#038;show_text=0&#038;width=560" width="560" height="420" style="border:none;overflow:hidden" scrolling="no" frameborder="0" allowTransparency="true" allowFullScreen="true"></iframe></p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलसचिव ऑउटसोर्स के माध्यम से वि।वि। में आर ऐस ऐस   (RSS) और बी जे पी के लोगों की भर्तियां करवाने में लीन है। प्रदेश के ज्यादातर कॉलेजों में प्रिंसिपल की कुर्सी पर ऐसे लोगो को बिठाया गया है जो अपने-अपने कॉलेज में ए बी वी पी का काम प्रत्यक्ष रूप से कर रहे हैं। एस एफ आई ने कहा कि ऐसे लोगो का विश्वविद्यालय व कॉलेज के प्रशासन में होना यह दर्शाता है कि ये किस मंशा से इन पदों पर आसीन है। विश्वविद्यालय प्रशासन की बागड़ोर इस तरह के लोगो के हाथ में होने के कारण पिछले एक साल से विश्वविद्यालय का स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। एस।एफ। आई। ने कहा कि यह बातें वह अनुमान के आधार पर नहीं बल्कि तथ्यों के साथ बोल रही है और संस्था ने निम्नलिखित तथ्य पेश किये:-</p>
<h3>एच पी यू ऑनलाईन प्रणाली के खस्ताहालात</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने ऑफलाईन की जगह ऑनलाईन प्रणाली को लागू किया है तब से लेकर आज तक परीक्षा परिणाम एक भी बार समय पर घोषित नहीं हुए है और न ही सही परिणाम घोषित किए है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट के हालात दयनीय है जिसका कारण कंप्यूटर शाखा का ठेकाकरण व नियमित की जगह ऑउटसोर्स भर्तियां का होना है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 में करोड़ ERP(Enterprise Resource Programme) लागू किया है लेकिन इस प्रणाली को चलाने के लिए योग्य कर्मचारियों की जगह अपने चहेते बिठाये है। जर्जर हो चुके इस ऑनलाईन सिस्टम के कारण छात्रों के परिणाम समय पर नहीं आ रहे है और न ही काउंसलिंग के परिणाम समय पर आ रहे है, न तो हॉस्टल फॉर्म समय पर भरे जा रहे है और न ही फिसे जमा हो पा रही है। इसके साथ-साथ परीक्षा परिणामो का दुरुस्तीकरण भी समय पर नहीं हो रहा है जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई वाधित हो रही है।एस एफ आई ने कहा कि इन सभी कारणों की वजह से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र भी लगभग 20 दिन देरी से शुरू होगा।</p>
<h3>विश्वविद्यालय के अधीन सभी कॉलेजों के छात्रों के हालात दयनीय</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कॉलेज के अधिकतर छात्र आजकल विश्वविद्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। छात्रों के परीक्षा परिणाम प्रशासन की नालायकी के कारण लंबे समय से लंबित है। छात्रों की Internal Assessment(I A) अभी तक विश्वविद्यालय नहीं पहुंची है। बहुत सारे छात्रों के Term end marks एक साल बीते जाने के बाद भी अपडेट नहीं किए गए है। हद तो तब हो जाती है जब छात्र एक ग्रेड कार्ड में पास और उसी सत्र के दूसरे ग्रेड कार्ड में फेल हो जाता है। कॉलेज में प्राध्यापकों की कमी के कारण सरेआम छात्रों के भविष्य को रौंदा जा रहा है। एस एफ आई ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र अपने शिक्षण संस्थान नहीं जा पा रहा है या समय पर नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि बसों में ओवरलोडिंग मान्य नहीं है और कॉलेज के पास छत्रों के लिए विशेष बसों का प्रावधान नहीं है और न ही प्रशासन द्वारा बसों का प्रावधान करने की जहमत उठाई जाती है न तो बस पास काउंटर खोले जा रहे है जिससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि प्रदेश का छात्र किन विपरीत परिस्थितियों में अपनी शिक्षा ग्रहण करने के लिए मज़बूर है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय में भगवाकरण की मुहिम को तेज़ करना</h3>
<p>एस एफ आई ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय से भर्तियों की प्रकिया नियमित न करवाकर ऑउटसोर्स के माध्यम से करवाई जा रही है। जिस कारण विश्वविद्यालय में आरएसएस व भाजपा की राजनीतिक विचारधारा के व्यक्तियों की भर्तियाँ धड़ल्ले से करवाई जा रही है। ऑउटसोर्स प्रणाली के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने गैर कानूनी तरीके ऑउटसोर्स भर्तियों का टेंडर आरएसएस से तलूक रखने वाले व्यक्ति को दिया जिसने आरएसएस व भाजपा से सम्बन्ध रखने वाले लगभग 70 लोगों की भर्ती की। इसके साथ-साथ प्रशासन और प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय व कॉलेजों में प्राध्यापकों के ए बी वी पी का प्रचार-प्रसार करने की खुली छूट दी गई है। एस एफ आई ने कहा कि परिसर में बहुत से प्राध्यापक सरेआम ए बी वी पी की बैठकें आयोजित करवाते हैं व विचारधारा के आधार पर छात्रों को Internal Assessment व प्रैक्टिकल मार्क्स देते है। जिसके कारण विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और साथ ही साथ विश्वविद्यालय का भगवाकरण जोर पकड़ता जा रहा है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय में ए बी वी पी को मिलता संघ-रक्षण</h3>
<p>एस एफ आई का यह भी कहना है की जब से प्रदेश में भाजपा सरकार आई है और जब से विश्वविद्यालय में सिकंदर कुमार कुलपति के पद पर आसीन हुए है तब से लेकर प्रशासन व कुलपति द्वारा ए बी वी पी के नेताओं को पूरा संरक्षण दिया जा रहा है। इसका उदाहरण हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व ए बी वी पी के गठजोड़ के द्वारा तैयार किया गया निष्कासन का ढोंग है। प्रशासन ने परिसर में घेराव व धरना प्रदर्शन पर प्रतिबन्ध लगाया है। ऐसे में जब ए बी वी पी रजिस्ट्रार का घेराव करती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन व कुलपति महाशय अपने आप को निष्पक्ष दिखाने व ए बी वी पी को छात्रहितैषी दिखाने के लिए ए बी वी पी के नेताओं को निष्काषित करने का ढोंग रचती है पर यह स्वांग कथा मात्र तीन दिनों में सिमट गया और निष्कासन वापिस ले लिया जाता है जिस निर्णय का हम स्वागत करते है। एस एफ आई ने कहा कि लेकिन यह निर्णय ए बी वी पी , कुलपति व प्रशासन के कूटनीतिक चेहरे के मुखौटे को उतार देता है और यह भी साबित करता है कि परिसर में घेराव व प्रदर्शन पर प्रतिबन्ध केवल SFI के लिए है। पिछले 5 सालों से SFI के 7 छात्रों का विश्वविद्यालय से निष्कासन इस बात का साक्ष है। निष्कासन की बहाली का पैमाना भी विशेष विचारधारा पर मेहरबान है। एस एफ आई ने कहा कि विश्वविद्यालय में आरएसएस सम्बंधित विचारधारा पूरी तरह से प्रशासनिक अमले में घुल गई है और यही आर ऐस ऐस  युक्त प्रशासन ए बी वी पी को संरक्षण प्रदान कर रहा है।</p>
<h3>कोटशेरा कॉलेज में प्रिंसिपल द्वारा एस एफ आई के नेताओ पर एक तरफा कारवाई</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि बीते दिनो कोटशेरा कॉलेज में ए बी वी पी के छात्रों द्वारा एक छात्र के साथ रैगिंग जैसी गैर कानूनी वारदात को अंजाम दिया जाता है।जिसकी बाकायदा पीड़ित छात्र द्वारा प्रशासन के समक्ष शिक़ायत की जाती है।अगले दिन रैगिंग लेने वाले उन्ही छात्रों में से पांच छात्र शराब के नशे में चूर होकर कॉलेज में हथियार लहराते है।दो शराबी छात्रों को एस एफ आई ने आम छात्रों की मदद से पुलिस के हवाले किया लेकिन तीन शराबी छात्र वहां से रफू चक्कर होने में कामयाब रहे। एस एफ आई ने आरोप लगाया है कि इन तीन छात्रों के कारनामे यही नहीं थमे बल्कि उसी दिन एक छात्रा के साथ छेड़खानी की। छात्रा ने प्रशासन के समक्ष इस प्रकरण की शिकायत की। कहां तो कॉलेज के प्रिंसिपल को शराबी और गुंडागर्दी करने वाले छात्रों पर कार्रवाई अम्ल में लानी चाहिए थी ,लेकिन उल्टा रैगिंग पीड़ित छात्र और छेड़खानी की शिकार छात्रा को प्रताड़ित किया गया। छात्र अब कॉलेज से माइग्रेशन करने को मजबूर है। एस एफ आई ने कहा कि वही छात्रा के अभिभावकों को बुलाकर छात्रा के संदर्भ में बेबुनियाद बाते कही गई।प्रिंसिपल पी के सलारिया सरेआम ए बी वी पी के कार्यकर्ता की भूमिका अदा करते हुए ए बी वी पी के स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में जाते है।</p>
<h3>विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन</h3>
<p>एस एफ आई ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विवि तथा कॉलेजों में लोकतंत्र की हत्या कर केन्द्रीय छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाकर प्रशासन पहले ही छात्रों की आवाज़ को दबा चुका है व अब छात्रों की आज़ादी को पूरी तरह से कुचलने पर आमादा है। कन्या छात्रावासों में छत्राओं की इंटर होस्टल आउटिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है जो कि पहले रात 11 बजे तक होती थी। कन्या छात्रावास में बेवजह गेस्ट एंट्री को बढ़ाया गया है जो कि प्रशासनिक डकैती की एक जीता जागता उदाहरण है। विवि में छात्रों को पढ़ाई से दूर करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।बॉयज होस्टल के छात्रों को 24 ऑवर लाइब्रेरी में नही जाने दिया जा रहा है और रात 10 बजे ही होस्टल के गेट पर ताले जड़ दिए जाते हैं। एस एफ आई ने कहा कि ये गेट पहले कभी बन्द ही नहीं होते थे। छात्र रात भर आ जा सकते थे पर अब नहीं। अब छात्र रात भर पिंजरे में रहने को मज़बूर हैं। छात्रों के धरने प्रदर्शन करने के अधिकार पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और न ही विवि प्रशासन से सवाल पूछने का अधिकार है। एस एफ आई ने कहा कि यदि प्रशासन इसका विरोध करता है तो उसे कक्षाओं से सस्पेंड किया जाता है व उसके अभिभावकों को बुलाकर उस छात्र के साथ साथ उन्हें भी प्रताड़ित किया जाता है।</p>
<h3>पीएचडी में फ़र्ज़ी प्रवेश की बाढ़</h3>
<p>एस एफ आई ने यह भी आरोप लगाया है कि किविश्वविद्यालय का एमसीए विभाग पीएचडी में अवैध प्रवेश के लिए बदनाम हो चुका है। एचपीयू के डीन ऑफ स्टडीज अरविंद कालिया इसी विभाग में कार्यरत है लेकिन शर्म की बात है कि इन फ़र्ज़ी प्रवेशों को करवाने में इनकी भी एक बड़ी भूमिका है। नियमों को दरकिनार कर अपने एक चहेते को टीचर कोटे से पीएचडी में प्रवेश दिलाना उनके भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। एस एफ आई ने कहा कि उन्ही के चलते ऐसे लोगों को पीएचडी में प्रवेश दिया गया है जिनकी योग्यता एमसीए के अनूरूप भी नहीं थी। आज वो ही लोग प्राध्यापक बन कर विवि में बैठे हैं। हैरानी की बात तो तब सामने आई जब डीएस के एक करीबी को उसकी एमसीए पूरी हाने से पहले ही पीएचडी में प्रवेश दिया गया। वाणिज्य विभाग में 10 महीने में पीएचडी पूरी करवाने का कारनामा भी वर्तमान इक्डोल निदेशक द्वारा ही किया गया है। इस समय भी एमसीए विभाग में NET/JRF को दरकिनार कर अपने चहेतों को प्रवेश देने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि इन तमाम तथ्यों से यह साबित होता है कि एचपीयू में प्रदेश सरकार के संरक्षण में कुलपति व प्रशासन द्वारा सरेआम इसके व्यापारीकरण व भगवाकरण की मुहिम को पूरी ताक़त के साथ लागू किया जा रहा व एचपीयू के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से खस्ताहाल बना दिया है।</p>
<p>एस एफ आई एचपीयू में व्याप्त इन तमाम समस्याओं, भ्रष्टाचार व नाइंसाफी के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत 29 जुलाई को कोटशेरा कॉलेज प्रिंसिपल पी के सलारिया की तानाशाही के खिलाफ कॉलेगर में धरना प्रदर्शन व प्रिंसिपल का घेराव करके करेगी। एस एफ आई ने कहा कि 30 व 31 जुलाई को प्रदेश के तमाम कॉलेज व विवि में इन सभी मुद्दों को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसे कुलपति तक पहुंचाया जाएगा।</p>
<p>एक अगस्त को हिमाचल के प्रत्येक कॉलेज व विवि में इन तमाम मुद्दों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एस एफ आई ने कहा कि अगर प्रशासन फिर भी नहीं मानता है तो इस आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा जिसके ज़िम्मेदार कुलपति, प्रशासन व प्रदेश सरकार होंगे</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/27/sfis-allegations-on-hpu-administration-and-top-officials/">छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशाशन पर लगाए ये 7 गंभीर आरोप, कहा 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार इतना चरमारया प्रशासनिक ढ़ांचा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>2015 सत्र के यूजी विद्यार्थियों के लिए पासिंग पर्सेंटेज को किया जाए 40 %: ऐबीवीपी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jul 2019 12:10:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211;आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई विभिन्न मांगों को लेकर कुलसचिव से मिली और लंबे समय से परेशानियां झेल रहे 2015-18 सत्र के छात्रों का पासिंग परसेंटेज 40% करने की मांग कुलसचिव के सामने रखी। इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया कि लंबे समय से यह मांग विद्यार्थी परिषद प्रशासन के सामने रखता [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211;</strong>आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई विभिन्न मांगों को लेकर कुलसचिव से मिली और लंबे समय से परेशानियां झेल रहे 2015-18 सत्र के छात्रों का पासिंग परसेंटेज 40% करने की मांग कुलसचिव के सामने रखी।</p>
<p>इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया कि लंबे समय से यह मांग विद्यार्थी परिषद प्रशासन के सामने रखता आ रहा है क्योंकि 2015 सत्र के बच्चे दर-2 भटकने को आज मजबूर हो चुके है। एक तरफ तो विश्वविद्यालय 2015 सत्र के विद्यार्थीयों को इंटरनल असेसमेंट रीवाइस करने का मौका दे रहा है परंतु दूसरी तरफ महाविद्यालय इस अधिसूचना की ओर कोई खासा ध्यान नही दे रहे हैं, जोकि सोचने का विषय है।</p>
<p>उन्होंने मांग रखी है कि 2015 और 2016 दोनों सत्रों की वेबसाइट विश्वविद्यालय प्रतिदिन रीवाइस करवाए ताकि समय पर सभी छात्र अपना सही परिणाम प्राप्त कर सकें।</p>
<p>साथ ही बीसीऐ (BCA) के अधूरे परिणामों के चलते एम्सीऐ (MCA) विभाग में मेरिट लिस्ट को कुछ दिनों तक रोकने की मांग भी परिषद ने कुलसचिव (Registrar )के सामने रखी।</p>
<p>वहीं परिषद ने होस्टेल व बीएड (B.ed) की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>एच.पी.यू. के ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह न चलने से छात्र नहीं करवा पा रहे फीस जमा, तिथि बढाने की मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/23/hp-university-online-fee-deposit-portal-not-operational/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2019 10:46:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों को पीजी कोर्सेज की फीस जमा करते वक़्त छात्रों को पेश आ रही है। छात्रों का कहना है कि अभी तक भी फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से एक्टिवेट नहीं हुआ है।अभी तक केमिस्ट्री, फिजिक्स,माइक्रोबायोलॉजी, का पोर्टल एक्टिवेट नहीं हुआ है।आर्ट्स ब्लॉक के अन्तर्गत एम कॉम, एम [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों को पीजी कोर्सेज की फीस जमा करते वक़्त छात्रों को पेश आ रही है। छात्रों का कहना है कि अभी तक भी फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से एक्टिवेट नहीं हुआ है।अभी तक केमिस्ट्री, फिजिक्स,माइक्रोबायोलॉजी, का पोर्टल एक्टिवेट नहीं हुआ है।आर्ट्स ब्लॉक के अन्तर्गत एम कॉम, एम ए इंग्लिश, एम ए लोक प्रशासन,एम ए म्यूज़िक,एम ए संस्कृत,एम ए राजनीतिक शास्त्र जैसे विभागो की फीस का पोर्टल अभी तक नहीं खुला है।</p>
<p>विश्विद्यालय के अधिकतर विभागो की फीस जमा नहीं हो रही है।छात्र परेशान हो रहे है क्योंकि प्रशासन ने फीस जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल अभी तक भी एक्टिव नहीं किया है।जिन विभागों का पोर्टल एक्टिव हुआ है वहां के चालान भी संशय से भरपूर है क्योंकि विश्वविद्यालय के प्रॉस्पेक्टस में फीस स्ट्रक्चर तथा चालान में फीस अलग है। ऐसे में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता में है तथा दुविधा में रहने को मजबूर है।</p>
<p>इसी समस्या को लेकर आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर कर फीस जमा करने में आ रही दिक्कतों से रूबरू कराया। उन्होंने फीस जमा करने की तिथि को बढाने की मांग की।कैंपस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि हालांकि एस एफ आई पहले डी एस के समक्ष उठाने गई लेकिन डी एस अपने कार्यालय से नदारद थे।इसके साथ साथ 2015 बैच के यू जी के छात्रों की मांगो को लेकर भी रजिस्ट्रार के समक्ष रखा गया।</p>
<p>इसके साथ ही एस एफ आई ने 2015 बैच के छात्रों के लिए पासिंग परसेंटेज को 45% से घटाकर 40% करने की मांग की है। इंटरनल एसेसमेंट तथा थेओरी के अंकों को कंबाइन करके एग्रीगेट परसेंटेज बनाई जाने कि मांग भी की।</p>
<p>कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन की नलायकी तथा लेटलातीफी की वजह से छात्र फीस जमा नहीं करवा पाए हैं। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द पोर्टल को सुचारू रूप से एक्टिवेट करे और फीस जमा करने की तिथि को भी तुरंत प्रभाव से एक्सटेंड किया जाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/23/hp-university-online-fee-deposit-portal-not-operational/">एच.पी.यू. के ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह न चलने से छात्र नहीं करवा पा रहे फीस जमा, तिथि बढाने की मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2019 13:07:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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		<category><![CDATA[Jai Ram Thakur]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व प्रदेश सरकार का लगातार छात्रों की समस्यायों को नज़रंदाज़ करने व लगातार छात्र विरोधी फरमान जारी करने के विरोध में समरहिल चौक पर मुंह पर काली पटिया बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही एस एफ आई के छात्र हाथो में विभिन्न मांगो को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/">विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन,कुलपति व प्रदेश सरकार का लगातार छात्रों की समस्यायों को नज़रंदाज़ करने व लगातार छात्र विरोधी फरमान जारी करने के विरोध में समरहिल चौक पर मुंह पर काली पटिया बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>सुबह से ही एस एफ आई के छात्र हाथो में विभिन्न मांगो को प्रदर्शित करते पोस्टर पकड़कर खड़े रहे।कैंपस सचिव जीवन ठाकुर ने बताया कि आज विश्वविद्यालय अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहा है,ओर दूसरी ओर छात्र मांगो को लेकर आंदोलनरत है। छात्रों ने प्रदर्शन का अनूठा रूप दिखाया,क्योंकि कुलपति ने कैंपस में तानाशाह एजेंडा लागू कर धरने प्रदर्शन पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा रखा है। एस एफ आई ने कहा कि छात्र मुख्यत कैंपस में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे है क्योंकि लगातार कैंपस में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12777" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg" alt="Corruption at its peak at hpu campus 2" width="1032" height="477" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2.jpg 1032w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-300x139.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-768x355.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-2-1024x473.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1032px) 100vw, 1032px" /></a></p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है । पी एच डी के अंदर अवैध रूप से फर्जी प्रवेश हो रहा है ।एस एफ आई ने प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश भी किए लेकिन प्रशासन अपने चहेते अधिकारियों को सरंक्षण दे रहा है । स्थापना दिवस के अवसर पर आज एस एफ आई ने मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र सौंपकर छात्र मांगो को उठाया।एस एफ आई ने मांगपत्र के माध्यम से एस सी ए चुनाव को जल्द बहाल करने की मांग की। इसके साथ साथ एस एफ आई के छात्रों से हो रहे सौतेले व्यवहार को भी प्रमुखता से उठाया ।</p>
<p>एस एफ आई ने आरोप लगाया कि क्योंकि कुलपति विशेष विचारधारा को सरंक्षण दे रहे है।जिसका जीता जागता प्रमाण पिछले कल ए बी वी पी के छात्रों का निष्काषन बहाली करना है।हालांकि एस एफ आई निष्काषन बहाली के विरोध में नहीं है,लेकिन विचारधारा को निष्काषन बहाली का पैमाना बनाना आखिर कहां तक जायज है?एस एफ आई के सात छात्र पिछले पांच सालों से निष्कासित है ।एस एफ आई ने मांग की है कि इन छात्रों का निष्काषन भी जल्द से जल्द बहाल किया जाए।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12778" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg" alt="Corruption at its peak at hpu campus 3" width="1032" height="477" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3.jpg 1032w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-300x139.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-768x355.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Corruption-at-its-peak-at-hpu-campus-3-1024x473.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 1032px) 100vw, 1032px" /></a></p>
<p>एस एफ आई ने कहा कि कैंपस में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक संघ संबंधित छात्र संगठन के पदाधिकारियों में शामिल है।कैंपस में बिना किसी डर के प्राध्यापक छात्र राजनीति में सरेआम हिस्सा ले रहे है। एस एफ आई मांग की है कि ऐसे प्राध्यापको पर कड़ी कार्रवाई की जाए।कैंपस को धांधलियों का गढ़ बनाने वाले अधिकारियों पर भी एस एफ आई ने करवाई की मांग की है क्योंकि इन लोगो की वजह से शैक्षणिक स्तर में भारी गिरावट आई है ,तथा विश्विद्यालय की छवि भी धूमिल हो रही है।विश्वविद्यालय में छात्रावासो का आभाव है। प्रशासन सभी छात्रों को हॉस्टल सुविधा देने में नाकाम है।</p>
<p>एस एफ आई नए हॉस्टलों के निर्माण की मांग की है तथा वर्तमान में गर्ल्स होस्टल में बन्द हुई इंटर हॉस्टल आउटिंग ,तथा ब्वॉयज हॉस्टल के छात्रों को रात के समय लाइब्रेरी ना देने वाले निर्णय को जल्द वापिस लेने की मांग की है।कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा कि लंबे समय से इन्हीं मांगो को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष उठाया था।लेकिन फिर भी अभी तक प्रशासन ने कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की।बल्कि आवाज़ उठाने वाले छात्रों को प्रताड़ित करने में ही ध्यान दिया। एस एफ आई ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से उम्मीद करते है कि इन मांगो पर जल्द से जल्द छात्र हितेषी पहल को अंजाम दिया जाएगा । छात्रों ने चेतावनी कि यदि ऐसा नहीं होता तो एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के अंदर आंदोलन को खड़ा करेगी</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/corruption-in-hp-university-at-its-peak/">विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, प्रशासन के सामने पुख्ता सबूत पेश करने के बावजूद अधिकारियों को सरंक्षण</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jul 2019 15:18:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[HP VC]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। गौरतलव है की पिछले [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/">10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।</p>
<p>गौरतलव है की पिछले 11 जुलाई को विद्यार्थी परिषद ने कैम्पस मे धरना प्रदर्शन किया था जिसके चलते 10 छात्रों का निष्काशन कर दिया है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12747" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg" alt="ABVP Protest at HPU over suspension of members 3" width="1000" height="481" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3-300x144.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3-768x369.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>धरने को संबोधित करते हुए इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया की एक तरफ जब कर्मचारियों द्वारा कुलपति कार्यालय में नारेबाजी की जाती है तो उन कर्मचारियों क खिलाफ कुलपति साहब की कोई प्रतिक्रिया नही आती, परन्तु जब ऐबीवीपी कैम्प्स में धरना प्रदर्शन करते है तो उन्हें तुरन्त प्रभाव से निष्कासित कर दिया जाता है जोकि सरासर एकतरफा कार्यवाही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/ABVP?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ABVP</a> stages a protest at <a href="https://twitter.com/hashtag/HPUniversity?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HPUniversity</a> over the suspension of its 10 members for protesting against irregularities. The organization alleges the Vice-Chancellor of one-sided action and demanded revoking suspension.<a href="https://twitter.com/hashtag/HimachalPradesh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HimachalPradesh</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Shimla?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Shimla</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Education?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Education</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/HPUCampus?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HPUCampus</a> <a href="https://t.co/cWebRUEUMZ">pic.twitter.com/cWebRUEUMZ</a></p>
<p>&mdash; Himachal Watcher (@HimachalW) <a href="https://twitter.com/HimachalW/status/1152236044688846849?ref_src=twsrc%5Etfw">July 19, 2019</a></p></blockquote>
<p> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>चन्देल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कमियों को छुपाने क लिए तरह-2 के हथकण्डे अपना रहा है। जहाँ अधूरे परिणामों की वजह से प्रदेश भर के छात्र परेशानी में हैं वहीँ प्रशासन अपने मुंह मिया मिठु बनने में कोई कसर नही छोड़ता।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12748" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg" alt="ABVP Protest at HPU over suspension of members" width="1000" height="563" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-300x169.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>चन्देल ने कहा कि सभी को ज्ञात है विवि में नौ महीने में पीएचडी (P.hD) और एमसीऐ (MCA) में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले सामने आते है, और इन सभी गडवड़ियों के विरोध करने वाले छात्र संगठनों की आवाज को दबाने का प्रयास विश्वविद्यालय प्रशासन् कर रहा है।</p>
<p>धरने क माध्यम से प्रशासन को चेताते हुये परिषद ने मांग उठाई विश्वविद्यालय अपना काम करे न कि छात्र संगठनों के कार्य मे दखल दे। ऐबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द परिषद कार्यकर्ताओं का निष्कासन् वापिस नही करता है तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने में कोई गूरेज़ नही होगाI ऐबीवीपी ने साथ ही यूजी UG के सभी परीक्षा परणामों को पूरा करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/">10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>शिक्षा मंत्री के कहने पर नियमों को दरकिनार कर भाजपा कार्यकर्ता को  दे दिया टेंडर, विरोध दबाने के लिए ली हिंसा की आड़: एस.एफ.आई.</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/09/scam-in-hp-university-outsourcing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Apr 2019 16:00:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-गौरतलब है कि 24 मार्च से लेकर प्रदेश वि. वि.में जो हिंसा और तनाव का माहौल है जिसके लिए लगातार छात्र राजनीति को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है परन्तु असल में यदि हम पूरे प्रकरण को ध्यान से समझने का प्रयास करें तो हम पाते है कि इस घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि प्रदेश वि. [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>गौरतलब है कि 24 मार्च से लेकर प्रदेश वि. वि.में जो हिंसा और तनाव का माहौल है जिसके लिए लगातार छात्र राजनीति को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है परन्तु असल में यदि हम पूरे प्रकरण को ध्यान से समझने का प्रयास करें तो हम पाते है कि इस घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि प्रदेश वि. वि. प्रशासन और प्रदेश की सरकार द्वारा पहले से ही सुनियोजित थी। यह कहना है एस.एफ.आई. का।</p>
<p>आज दिनांक 9 अप्रैल, 2019 को एस.एफ.आई. ने एक प्रैस वार्ता के माध्यम से हि. प्र. वि. वि. में 24 मार्च से अभी तक घटित हो रहे घटनाक्रम व उसके बाद पुलिस तथा वि.वि. प्रशासन की एकतरफा कार्यवाही की निन्दा की व मीडिया के माध्यम से कुछ सवाल उठाएं।</p>
<p>इस पत्रकार वार्ता को अखिल भारतीय सह सचिव दिनित दैन्टा, राज्य सचिव अमित ठाकुर, वि.वि. इकाई सचिव जीवन ठाकुर व अखिल भारतीय कमेटी सदस्या रूचिका वजीर ने सम्बोधित किया।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया है कि यह सुनियोजित हमला इसलिए हुआ क्योंकि गत मार्च महीने की शुरूआत में वि. वि. प्रशासन व प्रदेश की सरकार द्वारा वि. वि. में आऊटसोर्स के तहत कर्मचारियों की गैर कानूनी तरीके से भर्तियां की गई। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई। जिसमें वि. वि. प्रशासन के साथ शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की मिलीभगत भी बेनकाब हुई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया है कि शुरूआत में जब इस आऊटसोर्स प्रक्रिया के टेंडर मार्च 2018 में आॅपरेटिव केयर कम्पनी को पास हुआ तो शिक्षा मंत्री के कहने पर बड़े सुनियोजित तरीके से नियमों को दरकिनार करते हुए इस टेंडर को उत्तम हिमाचल नाम की कम्पनी को दे दिया गया जिसका मालिक संजीव देष्टा है जो वि. वि. में केन्द्रिय छात्र संघ का पदाधिकारी और ए.बी.वी.पी. का कार्यकर्ता रह चुका है और वर्तमान में भाजपा का कार्यकर्ता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस घटनाक्रम के सामने आते ही एस.एफ.आई.ने वि. वि. प्रशासन और शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जिसमें एस।एफ।आई। ने शिक्षा मंत्री के पुतला दहन के साथ-2 रजिस्ट्रार वि. वि. का घेराव कर इस भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस विरोध के चलते वि. वि. प्रशासन और प्रदेश सरकार जनता के सामने बेनकाब हो चुकी थी और किसी भी प्रकार से इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटी थी।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने आरोप लगाया कि अपनी कोई भी कोशिश कामयाब न होती देख वि. वि. प्रशासन और प्रदेश सरकार ने छात्र आन्दोलन को कुचलने की सुनियोजित कोशिश शुरू कर दी। जिसके तहत 19 मार्च से वि. वि. छात्रावास के नज़दीक पोटर हिल मैदान में आर।एस।एस। की शाखाओं को लगाना शुरू किया गया। इसी दौरान एस।एफ।आई। का मानना है कि वि. वि. परिसर में एक के बाद एक गतिविधियों के आयोजन द्वारा छात्रों का भारी समर्थन व लोकप्रियता जीत रही थी।</p>
<p>एस.एफ.आई. का यह भी आरोप है कि इस बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर 24 मार्च की सुबह पोटरहिल मैदान में क्रिकेट खेल रहे छात्रों पर लगभग चालीस से पच्चास लोगों द्वारा तेज़धार हथियारों व डंडों के साथ सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जिसमें आर।एस।एस। व ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ता शामिल थे।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस हमले में अनेकों छात्रों को गम्भीर चोटें आई और अस्पताल में भर्ती हुए। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह हमला छात्रों में भय का माहौल तैयार करने के लिए किया गया था। इस भय और हिंसा के माहौल को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार व वि. वि. प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन का प्रयोग करते हुए छात्रों पर एकतरफा कानूनी कार्रवाई की गई। जिसके तहत एस.एफ.आई. कार्यकर्ताओं को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया वहीं दूसरी तरफ इस पूरे उपद्रव के लिए जिम्मेवार आर.एस.एस. व ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ताओं पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि अगले दिन 25 मार्च सुबह 4 बजे छात्रों को हाॅस्टल से खदेड़ने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरूपयोग करते हुए हाॅस्टलों में रेड़ डलवाई गई और छात्रों को जबरदस्ती बसों में डालकर थाने ले जाया गया। इसके तुरन्त बाद पुलिस का सहारा लेते हुए आर.एस.एस। के कार्यकर्ता जिसमें अनेक वि. वि. के प्राध्यापक व कर्मचारी भी शामिल थे, ने डंडों व पत्थरों द्वारा छात्रों पर हमला किया और वि. वि.के छात्रावासों में तोड़फोड़ भी की गई। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस वहां मूकदर्शक बनी रही और आर.एस.एस. के कार्यकर्ताओं का साथ देती नज़र आई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन और वि. वि. प्रशासन का रवैया देख कर छात्र समुदाय भड़क उठा और इसके खिलाफ वि. वि. परिसर में विरोध प्रदर्शन कर इसका विरोध किया। उसी दिन जिन छात्रों को पुलिस हाॅस्टल से उठा कर ले गई थी शाम के वक्त जब उन छात्रों को थाने से छोड़ा जाता है तो उन पर थाने से पांच मिनट की दूरी पर बालुगंज चौक पर ही ए.बी.वी.पी. कार्यकर्ताओं द्वारा नुकीले व धारदार हथियारों द्वारा हमला किया जाता है जिसमें अनेकों छात्रों को गम्भीर चोटें आती है। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरी घटना में पुलिस छात्रों को हाॅस्टल से तो बसों में भरकर लाती है परन्तु इस हिंसा के माहौल में थाने से बिना किसी सुरक्षा के छोड़ देती है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि इस घटना में संलिप्त आर.एस.एस. व ए.बी.वी.पी. के एक भी छात्र को अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है जो पुलिस प्रशासन की एकतरफा कार्यवाही को दर्शाता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि जब पुलिस प्रशासन से ए.बी.वी.पी. के कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की मांग की गयी तो ए.बी.वी.पी. के कुछ छात्रों को मात्र पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और सुबह होने से पहले ही छोड़ दिया गया।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 25 मार्च की शाम समरहिल चौक पर ए.बी.वी.पी.की लड़कियों द्वारा एस.एफ.आई की छात्राओं पर हमला किया गया। साथ ही छात्राओं को हाॅस्टल न आने की धमकी भी दी गई। परन्तु इस सबके बावजूद जब छात्राएं अपने -2 हाॅस्टल में गई तो विद्योत्तमा हाॅस्टल में एक छात्रा को अकेला पा कर ए.बी.वी.पी. की छात्राओं द्वारा हमला किया गया जिसमें हाॅस्टल की बाकी छात्राओं ने वक्त पर आकर बीच बचाव किया। एस.एफ.आई. ने कहा कि इसी रात लगभग आठ बजे के करीब ए.बी.वी.पी. का एक कार्यकर्ता हाथ में दराट लेकर शराब के नशे में कन्या छात्रावासों में घुस आया जहां पर उसे पुलिस और छात्राओं द्वारा धर दबोचा गया। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस पूरे<br />
घटनाक्रम के बाद भी पुलिस प्रशासन के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। एस.एफ.आई. ने कहा कि जहां एक तरफ हाॅस्टल में घुसकर हमला करने वाली छात्राओं पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई वहीं दूसरी तरफ हाॅस्टल की आऊटिंग खत्म होने के बाद शराब के नशे में दराट ले कर हाॅस्टल में घुसने वाले छात्र को भी सिर्फ सामान्य धाराओं के तहत गिरफ्तार करके सुबह तक छोड़ दिया गया।</p>
<p>संगठन ने आरोप लगाया कि जहां एक तरफ 24 मार्च और 25 मार्च के घटनाक्रम के बाद पुलिस व वि. वि.प्रशासन द्वारा एस.एफ.आई. कार्यकर्ताओं पर मुकद्दमें बनाकर गिरफ्तार किया गया वहीं दूसरी तरफ छात्रों को जख्मी करने वाले व कन्या छात्रावासों में दराट लेकर घुसने वाले ए.बी.वी.पी. कार्यकर्ता पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती। एस.एफ.आई. ने कहा कि इस मामले को लेकर छात्रों द्वारा 26 मार्च को चीफ वार्डन का घेराव करने व उन पर दवाब बनाने के बाद वि. वि.प्रशासन द्वारा तोड़फोड़ करने व दराट लेकर गल्र्ज़ हाॅस्टल में जाने वाले गुण्डों के खिलाफ शिकायत दी गई परन्तु पुलिस द्वारा अभी तक इस मामले कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 29 मार्च को गैर लोकतान्त्रिक तरीके से वि. वि. प्रशासन द्वारा न्यायालय का हवाला देकर वि. वि. परिसर में बैज़ पहनने, विरोध प्रदर्शन करने, कक्षाओं को संबोधित करने व प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। एस.एफ.आई. का आरोप है कि वि. वि.कि परिसर में बैज़ पहनने, विरोध प्रदर्शन करने, कक्षाओं को संबोधित करने व प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने पर यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है ताकि परिसर के अन्दर जनवादी लोकतान्त्रिक माहौल को खत्म किया जा सके और छात्र वि. वि. प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ न उठा सकें व वि. वि. प्रशासन घोटालों व छात्र विरोधी निर्णयों को आसानी से लागू कर सके।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि बैज़ को बहाना बना कर वि. वि. प्रशासन द्वारा अपने दमन चक्र को तेज करते हुए परिसर में बेज़ पहनने वाले छात्रों को निलंबित किया जाता है। वर्तमान में निलंबित छात्रों की संख्या 35 से ज्यादा हो गई है। निलंबित छात्रों में कुछ छात्र ऐसे भी हैं जिन्होंने बेज़ नहीं पहना था या कुछ छात्र इस दौरान परिसर में थे ही नहीं। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह दर्शाता है कि वि. वि. प्रशासन ए.बी.वी.पी. के साथ मिल कर पूरे घटनाक्रम को अन्जाम दे रहा है।</p>
<p>इसी बीच 1 अप्रैल को एस.एफ.आई. द्वारा वि. वि. प्रशासन का एक और गैर कानूनी कारनामा सामने लाया जाता है जिसमें एम।सी।ए। विभाग में पी।एच।डी। में अयोग्य भर्ती की जाती है। एस.एफ.आई. ने कहा कि यह भर्ती सीधे तौर से डी.एस. द्वारा करवाई गई जिसमें सेन्ट बिड्स काॅलेज में काॅन्ट्रेक्ट पर पढ़ाने वाली अध्यापिका को प्राध्यापक कोटे से पी।एच।डी। में प्रवेश दिया जाता है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि यह प्रवेश गैर कानूनी इसलिए है क्योंकि इस सीट को विज्ञापित नहीं किया गया था, प्राध्यापक कोटे के तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले को प्राथमिकता दी जाती है व डी.एस. द्वारा मात्र स्टैंडिंग कमेटी के माध्यम से अधिसूचना में रेगुलर के स्थान पर रेगुलर, काॅन्ट्रेक्ट व एडहाॅक शब्द जोड़ दिए गए जो कि वि. वि. आॅर्डिनांस की अवहेलना है। 2 अप्रैल को वि. वि.प्रशासन द्वारा एक और छात्र विरोधी फरमान जारी किया गया जिसके तहत कुलपति द्वारा वि. वि. में 10 प्रतिशत फीस वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>एस.एफ.आई. ने कहा कि 3 अप्रैल को सुनियोजित तरीके से डी.एस.पी. द्वारा छात्रों के साथ दुव्र्यवहार किया गया। एस.एफ.आई. राज्याध्यक्ष को निशाना बना कर डी.एस.पी. सुरेश चैहान द्वारा राज्याध्यक्ष के साथ गाली &#8211; गलौच व जान से मारने की धमकी दी जाती है व झूठा मुकद्दमा बना कर गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरी तरफ वि. वि. प्रशासन द्वारा छात्रावास में रह रहे छात्रों को प्रताड़ित किया जाता रहा व 24 घण्टे खुले रहने वाले हाॅस्टलों को पुलिस के सहारे सुबह 6 से रात 10 बजे तक खुला रखा जाता है व 24 घण्टे खुली रहने वाली लाईब्रेरी को रात 9 बजे बंद किया जा रहा है।</p>
<p>एस.एफ.आई. मानती है कि 2014 के बाद आर.एस.एस. व भाजपा द्वारा देश भर में विश्वविद्यालयों, प्रगतिशील विचार, जनवादी और लोकतान्त्रिक संस्थानों पर हमले कर रही है। हि. प्र. में भी प्रदेश सरकार व आर.एस.एस. वि. वि.प्रशासन के साथ मिलकर वि. वि. में अपने चहेतों को भर्ती कर व उन्हें फायदा पहुंचा कर भगवाकरण के एजैण्डे को लागू करना चाहती है व शिक्षा के निजीकरण व व्यवसायिकरण की मुहिम को तेज कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का रवैया निन्दनीय है। मुख्यमंत्री द्वारा बिना किसी जांच के एस.एफ.आई. को गलत ठहराना उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है।</p>
<h4>एस.एफ.आई. ने मांग कि है कि:-</h4>
<ol>
<li>आऊटसोर्स के नाम पर गैर कानूनी तरीके से हुई भर्तियों को रद्द किया जाए और इस प्रक्रिया में संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>छात्रों पर हुए हमले और वि. वि. में हिंसा और भय के माहौल बनाने वाले ए.बी.वी.पी./आर.एस.एस. के कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>एम।सी।ए। विभाग में गैर कानूनी तरीके से हुई पी।एच।डी। में प्रवेश को वापिस लिया जाए और इस प्रक्रिया में संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाए।</li>
<li>कुलपति द्वारा प्रस्तावित किए गए 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वापिस लिया जाए।</li>
<li>छात्रों के जनवादी अधिकारों को परिसर के अन्दर बहाल किया जाए।</li>
<li>हाॅस्टल से पुलिस के पहरे को हटाया जाए और 10 बजे की बाध्यता को हटाया जाए। ताकि छात्रों में भय का माहौल न रहें।</li>
<li>बैज़ के नाम पर निलंबित किए गए छात्रों का निलम्बन तुरन्त वापिस लिया जाए।</li>
<li>वि. वि. में प्रशासनिक नियुक्तियां राजनीतिक स्तर पर न हो कर वरिष्ठता के आधार पर की जाए।</li>
<li>छात्रों के साथ दुव्र्यवहार और उन्हें डराने वाले डी.एस.पी. पर कार्यवाही की जाए।</li>
</ol>
<p><strong>एस.एफ.आई. प्रदेश सरकार व वि. वि. कुलाधिपति से  पूछा है:-</strong></p>
<ol>
<li>बैज़ पहनने पर छात्रों का निलंबन परन्तु गल्र्ज़ हाॅस्टल में शराब पी कर व दराट लेकर जाने वाले ए.बी.वी.पी.कार्यकर्ता पर अब तक कोर्यवाई क्यों नहीं?</li>
<li>वि. वि.में हुए पी।एच।डी। फर्जीवाड़े (यू।जी।सी। के नियमों को दरकिनार करते हुए 10 महीने में पूर्व कुलपति के बेटे की पी।एच।डी। थिसिज को जमा करवाया गया) व एम। काॅम प्रश्न प्रत्र फर्जीवाड़े (अपनी एक ही किताब से लगभग 80 प्रश्न प्रवेश परीक्षा में शामिल किए गए जो परीक्षा बाद में रद्द की गई) में संलिप्त प्रो। कुलवंत पठानियां जो कि वर्तमान में दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र के निदेशक है, पर कोई कार्यवाही कुलाधिपति महोदय द्वारा क्यों नहीं की गई?</li>
<li>वि. वि. में पढ़ाने वाले प्राध्यापक जोकि ए.बी.वी.पी. के पदाधिकारी है और वि. वि. में होने वाली हिंसा के लिए जिम्मेवार है पर कुलाधिपति महोदय द्वारा अभी तक कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया गया?</li>
<li>वि. वि. द्वारा विभिन्न मामलों में गठित की जाने वाली जांच कमेटी में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों जो कि किसी एक राजनीतिक दल से जुड़े होते हैं, द्वारा निष्पक्ष जांच कैसे की जा सकती है?</li>
<li>अन्तर्राष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र में हुए करोड़ों के प्रोस्पेक्टस घोटाले में संलिप्त एक ही कर्मचारी से जांच पड़ताल क्यों?</li>
<li>वि. वि.में चल रहे म्त्च् ;म्दजमतचतपेम त्मेवनतबम च्संददपदहद्ध प्रोजेक्ट जो कि 8।5 करोड़ की लागत का है, को पूरा करने की समय सीमा 2018 में समाप्त हो चुकी है परन्तु अभी भी प्रोजेक्ट अधर में लटका है इस पर अब तक जांच कमेटी क्यों नहीं गठित की गई?</li>
<li>पिछले कल छप्त्थ् ;छंजपवदंस प्देजपजनजपवदंस त्ंदापदह थ्तंउमूवताद्ध द्वारा जारी की गई छप्त्थ् त्ंदापदह 2019 में प्रदेश वि. वि.का स्थान 150 &#8211; 200 के बीच में है जो कि वर्ष 2017 में 100 &#8211; 150 के बीच था जिसमें लगातार गिरावट आई है इस रैंकिंग में सुधार करने के लिए प्रदेश सरकार, कुलाधिपति महोदय, वि. वि. प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाएं जा रहे हैं?</li>
<li>वि. वि. परिसर में छात्रों द्वारा पहने जाने वाले बैज़ से तनाव का माहौल कैसे बनता है? वि. वि.प्रशासन अपने इस बेतुके फरमान पर जवाब दे।</li>
<li>वि. वि. परिसर में न्यायालय का हवाला देकर छात्रों को धरना &#8211; प्रदर्शन करने से रोक दिया गया परन्तु वि. वि. कुलपति ने जिस दिन अपना कार्यभार ग्रहण किया उस दिन नारों के साथ समरहिल चैक से कुलपति कार्यालय तक गए। क्या न्यायालय के आदेश केवल छात्रों पर ही लागू होते हैं?</li>
</ol>
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		<title>वीडियो:2 दिन में  छात्राओं सहित विश्वविद्यालय से 36 निष्कासित, एक तरफ़ा करवाई के खिलाफ छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/05/hpu-suspends-36-students-in-2-days-sfi-protest-against-one-sided-action/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Apr 2019 17:15:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[SFI]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Summerhill]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12523</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज एस०एफ०आई० हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी तरीके से लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य रूप से सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। छात्र [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज एस०एफ०आई०  हिमाचल  प्रदेश  विश्वविद्यालय  इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय  परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी  तरीके से  लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य  रूप  से सरकार के इशारे  पर किया जा रहा है। छात्र संगठन ने कहा कि बीते कुछ दिन पहले वि०वि० इकाई  के द्वारा परिसर में आउटसोर्स के मुद्दे का कड़ा विरोध किया था और उसके बाद विश्वविद्यालय में एस०एफ०आई०की जितनी भी गतिविधियां हुई उसमें तमाम छात्र समुदाय ने बढ़ चढ़कर भाग लिया!  एस०एफ० आई का कहना है कि तमाम नीतियों को लेकर छात्रों का विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार को रास नहीं आया और बड़ी सुनियोजित तरीके से परिसर के अंदर छात्र गुटों में लड़ाई करवाई और बाद में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सुनियोजित तरीके से रोक लगा दी ।</p>
<p><iframe loading="lazy" width="661" height="364" src="https://www.youtube.com/embed/ZpuGmZ_iAl8" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में न तो कोई विरोध प्रदर्शन करने दिया जा रहा है और न ही छात्रों को किसी भी अथॉरिटी के साथ मिलने दिया जा रहा है जिसके चलते प्रशासन के द्वारा दो दिनों के भीतर ही 36 छात्रों को निष्कासित किया जा चुका है जिनका कसूर बस इतना है कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रश्न उठा रहा थे।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि इसी कड़ी के चलते जो भी छात्र निष्कासित है उन्हें न तो सुचारू रूप से कक्षाओं में आने दिया जा रहा है और न ही हॉस्टल में रहने की अनुमति प्रशासन के द्वारा दी जा रही है जिसके चलते तमाम छात्र समुदाय को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही साथ जो भी लड़कियां इस  निष्कासन के चलते हॉस्टल में नहीं रह पा रही है उन्हें भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि दूसरे छात्र संगठन की तो अभी तक दोषी छात्रों पर कोई भी कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के द्वारा नहीं की गई है जो कि यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और ए०बी०वी०पी०  दोनों मिलकर छात्र राजनीति को बदनाम कर रहे हैं और साथ ही साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा भी एक तरफा कार्रवाई तमाम घटनाक्रम पर की जा रही है।</p>
<p>एस०एफ०आई ने तमाम विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से यह मांग की है कि बीते दिनों विश्विधालय में जो घटनाक्रम हुए हैं उस  पर एक तरफा कार्रवाई न करके न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग की कि जिन छात्रों का निष्कासन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया है उसे एक दिन के भीतर वापिस लिया जाए अन्यथा आने वाले दूसरे दिन कोई भी अथॉरिटी विश्वविद्यालय परिसर के अंदर मान्य नहीं की जाएगी जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा! </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/05/hpu-suspends-36-students-in-2-days-sfi-protest-against-one-sided-action/">वीडियो:2 दिन में  छात्राओं सहित विश्वविद्यालय से 36 निष्कासित, एक तरफ़ा करवाई के खिलाफ छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>डीएसपी सुरेश चौहान द्वारा छात्रों को असभ्य भाषा का इस्तेमाल कर धमकाने को लेकर उठे सवाल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/04/dsp-shimla-suresh-chauhans-misbehavior-with-hpu-student-attracts-criticism/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Apr 2019 16:10:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[DSP Suresh Chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[HP Police]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Police]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; पिछले कल दिनांक 3 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डी०एस०पी०सुरेश चौहान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा था जिसमे वे विश्वविद्यालय के एक छात्र से असभ्य भाषा का इस्तेमाल कर धमकियाँ देते सुनाई दे रहे हैं! वे छात्र से को कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, बहार निकल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; पिछले कल दिनांक 3 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डी०एस०पी०सुरेश चौहान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा था जिसमे वे विश्वविद्यालय के एक छात्र से असभ्य भाषा का इस्तेमाल कर धमकियाँ देते सुनाई दे रहे हैं! वे छात्र से को कहते हुए सुनाई दे रहे हैं,</p>
<blockquote><p>बहार निकल नहीं तो ठोक दूंगा। </p></blockquote>
<p>छात्र के विरोध करने व तमीज से बात करने की बात सुनकर डी०एस०पी कह रहे हैं,</p>
<blockquote><p>बहार निकल, बड़ा आया तमीज सीखने वाला!</p></blockquote>
<p>एक पुलिसकर्मी कहता हुआ सुनाई दे रहा है, </p>
<blockquote><p>गाड़ी लेके आओ, यंहा से दो, तीन बन्दे उठाने हैं।</p></blockquote>
<p><iframe loading="lazy" width="661" height="364" src="https://www.youtube.com/embed/52pArCDZt24" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>याद रखें कि कानून पुलिस को चेतावनी देने का अधिकार देता है, धमकी देने का नहीं! </p>
<p>इसके बाद इस छात्र को सरकारी कर्मचारी के साथ बतमीज़ी करने और काम में बाधा पहुँचाने के के जुर्म में गिरफ्तार कर कर लिया गया,जोकि धमकियाँ देने के बिना भी संभव था!  </p>
<p>ये सारा मामला छात्रों के द्वारा परिसर के अंदर बैज लगाने के कारण शुरू हुआ! हालाँकि इस वाक्या को यह कहकर पुलिस का बचाव किया जा सकता है कि छात्र का लहज़ा भी उग्र था, पर फिर भी कई सवाल हैं जो इस वीडियो को देखने के बाद पूछे जा रहे हैं!</p>
<p>सोशल मीडिया पर भी लोगों ने एक पुलिस अफसर के इस काम करने के तरीके और दुर्व्यवहार के ऊपर सवाल उठाये हैं!  आखिर जब एक पुलिस अधिकारी नियमों के उलंघन के लिए कानूनी तौर पर करवाई कर सकते हैं तो डी०एस०पी० गाली गलौच करने पे क्यों उतर आये? इस छात्र को बिना गली गलौच किये बिना भी  भी हिरासत में लिया जा सकता था! ये भी सवाल उठता है की एक अफसर के इस व्यव्हार से विश्वविद्याला में उपस्थित अन्य छात्र और छात्रों को क्या सन्देश जायेगा!</p>
<p>जंहा छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया वंही डी०एस०पी० के इस दुर्व्यवहार को लेकर कोई जांच नहीं हो रही!</p>
<p>इसी के चलते आज दिनांक 4 अप्रैल को को एस०एफ०आई० हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई  ने समरहिल चौक पर  डी०एस०पी०सुरेश चौहान के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन किया। एस०एफ०आई० ने कहा कि बीते दिन विश्वविद्यालय परिसर के अंदर डीएसपी के द्वारा छात्रों के साथ की गई बदसलूकी को लेकर ये विरोध प्रदर्शन किया गया।छात्रों के साथ किए गए गलत व्यवहार और गाली गलौच को लेकर बीते दिन डी०एस०पी० के द्वारा अपने पद का गलत प्रयोग करके छात्रों को डराया धमकाया गया और साथ ही साथ एस०एफ०आई० राज्य अध्यक्ष को भी गलत तरीके से पुलिस हिरासत में लिया और पुलिस प्रशासन के द्वारा एक तरफा कार्रवाई की जा रही है ।</p>
<p>एस०एफ०आई० का कहना है कि  साथ ही साथ आज विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा एक तुगलकी फरमान फिर से जारी किया गया है जिसमें परिसर प्रशासन के द्वारा 18 छात्रों को अनिश्चितकालीन  निष्कासन किया गया है! छात्रों के निष्कासन की वजह छात्रों के द्वारा परिसर के अंदर बैज लगाना बताई गई है</p>
<p>एस०एफ०आई० का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कहीं न कहीं छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है और इसके साथ साथ परिसर में न तो कोई विरोध प्रदर्शन की इजाजत विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा छात्रों को दी गई है  यहां तक कि छात्र अपनी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं जो कि यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कहीं न कहीं छात्रों के जनवादी अधिकारों के पक्ष में नहीं है ।</p>
<p>एस०एफ०आई० ने आरोप लगाया कि बीते कुछ दिन पहले जो घटनाक्रम विश्वविद्यालय परिसर में हुआ था जिसमें  ऐबीवीपी  का एक कार्यकर्ता जो गर्ल्स हॉस्टल में तेजधार हथियार लेकर अंदर घुस गया था उस मुद्दे पर अभी तक कोई भी उचित कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा नहीं की गई है ।</p>
<p>हालांकि विश्वविद्यालय एस०एफ०आई० इकाई इस घटनाक्रम को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिल चुकी है जिसमें एस०एफ०आई०ने मांग की थी कि गर्ल्स हॉस्टल में तेजधार हथियार ले जाने वाले छात्र के ऊपर जल्द से जल्द कार्रवाई हो परन्तु इस घटनाक्रम को लेकर न तो विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई की गई है।</p>
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