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	<title>Solan city Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Solan city Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>दीवाली के दौरान अब अाग लगने पर लोगों को नहीं करना पड़ेगा फायर ब्रिगेड का इंतजार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/14/solan-bazaar-prepared-to-combat-fire-breakout-during-diwali/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Oct 2016 14:13:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Fire Service]]></category>
		<category><![CDATA[Nagar Parishad Solan]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन-सोलन शहर में यदि किसी तंग बाजार में दीवाली के दौरान अग्रिकांड की घटना हो जाए तो अब लोगों को फायर ब्रिगेड के वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगले 5 दिनों के अंदर नगर परिषद सोलन शहर के सभी बाजारों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने जा रही है। नप ने सोलन [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong>सोलन शहर में यदि किसी तंग बाजार में दीवाली के दौरान अग्रिकांड की घटना हो जाए तो अब लोगों को फायर ब्रिगेड के वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगले 5 दिनों के अंदर नगर परिषद सोलन शहर के सभी बाजारों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने जा रही है।</p>
<p>नप ने सोलन शहर के विभिन्न बाजारों में बनी व्यापारियों की एसोसिएशनों की मांग पर आग से निपटने का सामान खरीद लिया है जिसे विभिन्न बाजारों में फिट किया जाएगा। जानकारी के अनुसार अक्सर दीवाली पर्व के दौरान आग लगने की घटनाओं का भय रहता है जिसके कारण फायर विभाग व नप अलर्ट पर रहते हैं। सोलन के कई बाजार तंग हैं, जहां पर अग्रिकांड की घटनाओं के दौरान फायर विभाग का वाहन समय पर नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा शहर में लगने वाला यातायात जाम भी दिक्कत बढ़ाता है।</p>
<p>कुछ समय पहले शहर के चौक बाजार क्षेत्र में अग्रिकांड की घटना के बाद व्यापारियों ने नप से शहर के बाजारों में लगे हाईडै्रंट्स पर पानी की पाइपों सहित आग बुझाने का अन्य सामान रखने का प्रस्ताव रखा था ताकि आपात स्थित में फायर वाहन के पहुंचने से पहले ही दुकानदार व अन्य लोग अपने स्तर पर आग बुझाने का कार्य शुरू कर सकें।</p>
<p>दुकानदारों की इस मांग पर नगर परिषद ने हाईडै्रंट्स से जुड़ने वाली बड़ी पानी की पाइपों व लॉक सहित अन्य जरूरी सामान खरीद लिया है जिसे कुछ दिनों के अंदर अप्पर बाजार च चौक बाजार में स्थापित कर दिया जाएगा। इसके बाद आसपास के कुछ दुकानदारों को नप हाईडै्रंट्स खोलकर पाइपें फिट करने की ट्रेनिंग फायर विभाग के साथ मिलकर करवाएगी जिसके बाद स्थानीय लोग ही इन्हें चलाया करेंगे।</p>
<p>Photo: wikimedia</p>
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		<title>फंगस लगी बदबूदार दाल ही बेच दी सरकारी डिपुओं में, प्रशासन को आम आदमी की जान की नहीं कोई कदर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/07/hp-govt-ration-depot-corruption/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Oct 2016 08:36:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Govt. Food Supply]]></category>
		<category><![CDATA[HP Civil Supplies Dept]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt Depot]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आरोप है कि सोलन में डिपुओं में फंगस लगी राजमाह की दाल के पैकेट राशनकार्ड उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं। शिमला- जहाँ एक ओर प्रदेश की सरकार अपनी जनता को साफ और पोष्टिक आहार देने की बात करती है वहीँ दूसरे ओर आम आदमी की उम्मीद और उसके विश्वास से भी खिलवाड़ कर रही [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आरोप है कि सोलन में डिपुओं में फंगस लगी राजमाह की दाल के पैकेट राशनकार्ड उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> जहाँ एक ओर प्रदेश की सरकार अपनी जनता को साफ और पोष्टिक आहार देने की बात करती है वहीँ दूसरे ओर आम आदमी की उम्मीद और उसके विश्वास से भी खिलवाड़ कर रही है! आम लोगो को सरकारी डिपो में दिए जाने वाले राशन की यूं तो गुणवक्ता खाने लायक नहीं होती तथा आम लोगो को बेकार या घटिया किस्म का राशन देने में हिमाचल के सरकारी डिपो अव्वल है!</p>
<p>लोगो में इस बात का आक्रोश का है कि एक तरफ वे सरकार को पूरा टैक्स देते हैं जबकि दूसरे तरफ से उन्हें न तो सुविधा मिलती है और न ही  खाने लायक राशन!</p>
<p>प्रदेश का कोई ही ऐसा ज़िला होगा जहाँ सरकारी राशन की दुकानों में घटिया किसम का राशन नहीं मिलता होगा! आये दिन ये खबर सुनने को मिलती है कि सरकारी राशन कि दुकानों में या तो मिलावटी राशन मिला या फंगस  युक्त राशन तथा कहीं डिपुओं में तो चूहों द्वारा राशन खाने के किस्से भी सुनने को मिले जो कि आम आदमी कि जान के से साथ खिलवाड़ तो है ही साथ ही साथ आम आदमी कि भावनाओं को भी ठेस पहुंचता है!</p>
<p>ऐसा हे मामला सोलन में भी सामने आया है! सोलन के सरकारी डिपुओं पर मिलने वाली राजमाह की दाल की खेप की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि डिपुओं में फंगस लगी राजमाह की दाल के पैकेट राशनकार्ड उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं। प्रभावितों ने इसकी शिकायत जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के नियंत्रक कार्यालय में भी की है। इस पर कार्रवाई करते हुए राजमाह की दाल के सैंपल भरे हैं।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस फंगस युक्त दाल के सेवन से लोग बीमार तक पड़ सकते हैं। सस्ते राशन की दुकानों से चने की दाल की सप्लाई वापस लेने की मांग की गई है। जिला सोलन में करीब पौने दो लाख परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त करते हैं। इसमें इस माह तक पांच से अधिक सदस्यों वाले परिवारों को यह दाल की सप्लाई दी जा रही है। उधर शिकायत के बाद विभाग ने सोलन, कंडाघाट, कसौली, अर्की और नालागढ़ उपमंडलों में दालों की जांच के आदेश दे दिए हैं।</p>
<p>सोलन के नाराण सिंह ने कि उन्होंने डिपो से दो दिन पहले राशन खरीदा। इसमें राजमाह की दाल भी शामिल है। जब पैकेट को घर में खोला गया तो उसमें फंगस लगी थी। दाल से तेज बदबू आ रही थी। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की गई है। इस दाल के सेवन से कोई भी बीमार पड़ सकता है।</p>
<p>सपरूण क्षेत्र के प्रमोद कुमार का कहना है कि वह डिपू से सस्ते राजमाह की दाल लेकर आए थे। लेकिन जब पैकेट खोला तो उसमें बदबू आने लगी। ध्यान से देखा तो दान के दाने खाए हुए थे और खराब थे। इस दाल के सेवन से कोई भी बीमार हो सकता है। ऐसी दालों की सप्लाई विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।  </p>
<p><strong>25 हजार परिवार के लिए पहुंच चुकी दाल</strong></p>
<p>जिला सोलन में पांच से अधिक सदस्य वाले राशनकार्ड धारकों को इस माह तक दालें मिलेंगी। अगले माह से सदस्यों की संख्या की शर्त नहीं रहेगी। वर्तमान में जिला भर में करीब 25 हजार किलो दाल 25 हजार परिवारों के लिए डिपुओं में सप्लाई की जाती है। उधर अधिकांश जगह से सूचना है कि दाल लोग घर ले जा चुके हैं। खोलने के बाद पैकेट डिपो संचालकों को सौंपकर शिकायत की जा रही है।</p>
<p><strong>सैंपलिंग कर रहे नियंत्रक<br />
</strong><br />
खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादवेंद्र पाल ने कहा कि दाल में फंगस और बदबू की शिकायतें मिली रही हैं। इसके तहत डिपो धारकों को स्टाक चेक करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि कुछ क्षेत्रों से सैंपलिंग भी की जा रही है। नालागढ़ और सोलन से सैंपल लिए गए हैं।</p>
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		<item>
		<title>अज्ञात शरारती तत्वों ने सोलन स्कूल के पेयजल टैंक में मिला दिया कीटनाशक, बाल-2 बची 300 बच्चों की जान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/27/pesticide-in-solan-school-water-tank/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Sep 2016 08:00:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[KakkarHatti Middle School Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Solan city]]></category>
		<category><![CDATA[Water Contamination]]></category>
		<category><![CDATA[Water Tanks Poisoning]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सोलन- हिमाचल के जिला सोलन के कक्कड़हट्टी मिडल स्कूल और गांव के पेयजल टैंक में सोमवार को अज्ञात शरारती तत्वों ने जहरीला पदार्थ मिला दिया। सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे टंकी से पानी पीने लगे तो उन्हें दुर्गंध आई। पानी का रंग भी दूधिया था। वे पानी पी ही नहीं सके। उन्होंने इसकी जानकारी मुख्याध्यापक को [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोलन-</strong> हिमाचल के जिला सोलन के कक्कड़हट्टी मिडल स्कूल और गांव के पेयजल टैंक में सोमवार को अज्ञात शरारती तत्वों ने जहरीला पदार्थ मिला दिया। सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे टंकी से पानी पीने लगे तो उन्हें दुर्गंध आई। पानी का रंग भी दूधिया था।</p>
<p>वे पानी पी ही नहीं सके। उन्होंने इसकी जानकारी मुख्याध्यापक को दी। इसके बाद तुरंत आईपीएच के अधिकारियों को सूचित किया और टीम ने मौके का दौरा करके पानी के सैंपल लिए। जांच में निवान नामक कीटनाशक मिलने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>विभाग ने तुरंत सभी को सूचित कर स्कूल और गांव की पेयजल सप्लाई पर रोक लगा दी और लोगों को पानी न पीने के लिए सचेत किया। दिनभर ग्रामीणों और अभिभावकों में हड़कंप मचा रहा, हालांकि किसी की सेहत बिगड़ने की सूचना नहीं है।</p>
<p><strong>जांच में हुआ खुलासा, पानी में मिलाया गया निवान कीटनाशक</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan.jpeg" alt="nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan" width="852" height="395" class="aligncenter size-full wp-image-7515" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan.jpeg 852w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan-300x139.jpeg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan-768x356.jpeg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/nivan-poisen-mix-in-school-water-tank-solan-696x323.jpeg 696w" sizes="(max-width: 852px) 100vw, 852px" /></p>
<p>कक्कड़हट्टी मिडल स्कूल में 300 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। गांव की आबादी भी करीब 300 है। ऐन मौके पर सभी की जान बच गई। स्कूल के मुख्याध्यापक कमल देव परिहार ने इसकी पुष्टि की है।</p>
<p>आईपीएच विभाग की शिकायत पर पुलिस चौकी सुबाथू में अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पंचायत के पूर्व प्रधान दिनेश चंद ठाकुर ने बताया कि किसी ने स्कूल और गांव के पेयजल टैंक में कीटनाशक मिलाया है।</p>
<p>आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य के माध्यम से उन्हें पानी के दूधिया और उसमें दुर्गंध होने की शिकायत मिली। त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल की पानी की टंकी और साथ लगते सार्वजनिक स्टोरेज टैंक से पानी के सैंपल लिए गए। जांच में निवान नामक कीटनाशक पाया गया।</p>
<p><strong>खुले टैंकों में बढ़ा खतरा, दहशत में लोग</strong></p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla.jpeg" alt="uncovered-water-tank-solan-shimla" width="956" height="444" class="aligncenter size-full wp-image-7517" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla.jpeg 956w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla-300x139.jpeg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla-768x357.jpeg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla-696x323.jpeg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/09/uncovered-water-tank-solan-shimla-904x420.jpeg 904w" sizes="(max-width: 956px) 100vw, 956px" /></p>
<p>ग्रामीण सुनील कुमार, बिशन दत्त, बेली राम और संजय का कहना है कि स्टोरेज टैंक के ढक्कन कहीं खुले हैं तो कहीं टूटे हुए हैं। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंद्रेश्वर शर्मा ने कहा मामले की जानकारी नहीं है।  </p>
<p>मामले की सूचना मिली है। जानी नुकसान या किसी की तबीयत बिगड़ने की सूचना नहीं है। जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। इसमें किसी की कोताही निकली तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।-राकेश कंवर, उपायुक्त सोलन</p>
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		<item>
		<title>बेतरतीब,अवैज्ञानिक ढंग से बहुमंजिला इमारते बना खुद ही मौत का सामान तैयार कर रहे सोलन के लोग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/14/illegal-construction-in-solan-risking-lives-of-hundreds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Sep 2016 12:02:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[DC Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Quakes]]></category>
		<category><![CDATA[HP State Disaster management Authority]]></category>
		<category><![CDATA[illegal construction]]></category>
		<category><![CDATA[Nagar Parishad Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Pawan Gupta]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- रसूखदारों और सरकारी तंत्र की शह पर सोलन में बेतरतीब और अवैज्ञानिक ढंग से कंकरीट का जंगल खड़ा हो चुका है। नियमों को ताक पर रखकर निर्मित बहुमंजिला गगनचुंबी इमारतों का जाल हैरत में डालने वाला है। नियमों से यह खिलवाड़ भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में सैकड़ों की बलि लेने को तैयार है। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/14/illegal-construction-in-solan-risking-lives-of-hundreds/">बेतरतीब,अवैज्ञानिक ढंग से बहुमंजिला इमारते बना खुद ही मौत का सामान तैयार कर रहे सोलन के लोग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> रसूखदारों और सरकारी तंत्र की शह पर सोलन में बेतरतीब और अवैज्ञानिक ढंग से कंकरीट का जंगल खड़ा हो चुका है। नियमों को ताक पर रखकर निर्मित बहुमंजिला गगनचुंबी इमारतों का जाल हैरत में डालने वाला है। नियमों से यह खिलवाड़ भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में सैकड़ों की बलि लेने को तैयार है। प्रकृति पर किसी का जोर नहीं। लेकिन भूकंपरोधी भवनों का सही ढंग से निर्माण हो तो नुकसान को कम किया जा सकता है।    </p>
<p>अपार्टमेंट और बड़े भवनों का निर्माण की रफ्तार को प्रकृति ने हिंट भी दिए हैं। बारिश के मौसम में अब तक करीब एक दर्जन इमारतें जमींदोज हुई हैं। अधिकांश इमारतें सोलन और आसपास के क्षेत्रों में गिरी है। बावजूद इसके न तो प्रशासन न ही लोग सबक ले रहे हैं। पैसे और पावर के इस खेल में सब रोटियां सेंक रहे हैं। नगर परिषद सोलन ने इस खतरे को देखते हुए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>भवन निर्माण का नक्शा पास करवाते समय मकान मालिकों से प्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की लिखित गारंटी ली जा रही है। भूकंप की दृष्टि से सोलन पांचवें जोन में आता है। सोलन में अपार्टमेंट कल्चर सबसे खतरनाक है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में सन्नी साइड, देहूंघाट, बडोग, चंबाघाट, कंडाघाट और क्यारीघाट लगभग हर वह क्षेत्र जहां धड़ाधड़ बेतरतीब निर्माण हो रहा है खतरे की घंटी है।</p>
<p><strong>यहां यहां गिरी हैं इमारतें</strong></p>
<p>सोलन में अंबुशा के करीब देहूंघाट, बडोगा, ब्रुरी से चंबाघाट के बीच भवन गिर चुके है। हादसों दो प्रतिष्ठित लोग मारे जा चुके हैं, वहीं कई घायल भी हो चुके हैं। इसके अलावा कंडाघाट में भी हादसे हुए हैं। यह सभी हादसे किसी भूकंप से नहीं बल्कि बारिशों के मौसम के दौरान घटे हैं। हाल ही में कुमारहट्टी में गिरा स्कूल का भवन भी कई सवाल खड़े कर रहा है।</p>
<p><strong>ली जा रही गृह मालिकों से गारंटी</strong></p>
<p>नगर परिषद अध्यक्ष सोलन पवन गुप्ता ने कहा कि जो मामला सामने आता है उसे नोटिस जारी करके कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। दर्जनों लोगों के केस सेक्शन 211 के तहत लंबित पड़े हैं। कुछ न्यायालय में जा चुके हैं। स्थानीय लोगों को तय नियमों के तहत ही निर्माण की अपील की जा रही है। यही नहीं नक्शा पास करवाते वक्त मकान मालिक से अप्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की गारंटी ली जा रही है।</p>
<p>डीसी राकेश कंवर ने कहा कि सोलन में भवनों के निर्माण में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। बताया कि अभी कुछ समय पहले आपदा प्रबंधन से बचने के लिए मॉक ड्रिल भी की जा रही है। अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p>Photo: Solan Facebook Page</p>
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		<item>
		<title>शिमला, सोलन के बाद अब सिरमौर के लोग पीलिया की चपेट में</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/29/jaundice-cases-in-sirmaur-district/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2016 10:07:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Jaundice]]></category>
		<category><![CDATA[jaundice in Sirmaur]]></category>
		<category><![CDATA[Sirmaur District]]></category>
		<category><![CDATA[Solan city]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश की राजधानी शिमला को हिलाकर रख देने वाले पीलिया की सनसनी से अभी प्रदेश उभरा नहीं है कि प्रदेश की राजधानी के पड़ोसी जिले भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। जिला सिरमौर में भी पीलिया के मामले प्रकाश में आए हैं। केवल नाहन अस्पताल में ही करीब आठ मामले ऐसे प्रकाश में [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश की राजधानी शिमला को हिलाकर रख देने वाले पीलिया की सनसनी से अभी प्रदेश उभरा नहीं है कि प्रदेश की राजधानी के पड़ोसी जिले भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। जिला सिरमौर में भी पीलिया के मामले प्रकाश में आए हैं। केवल नाहन अस्पताल में ही करीब आठ मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक पिछले करीब दो सप्ताह से जो लोग शिमला गए थे तथा शिमला में फैले पीलिया की बीमारी का कुछ असर उनमें भी देखने को मिला है। जिला के गिरिपार क्षेत्र में भी पीलिया ने अपने लक्षण दिखाने शुरू कर दिए हैं। </p>
<p>क्षेत्र में करीब दो दर्जन के आसपास लोग पीलिया की चपेट में हैं जो जिला के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के विकासनगर व देहरादून में उपचार करवा रहे हैं। यही नहीं, कुछ लोग निजी क्लीनिकों व झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जिला के हरिपुरधार, जरवा, भलाड़, हलाहं, घुंडवी, चाड़ना, भवाई, सेंज व खूड़ द्राबिल समेत दर्जनों गांव में दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की बीमारी की चपेट में हैं। </p>
<p>स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से आईपीएच विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक नाहन अस्पताल में जिन लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे लोग हैं जो या तो शिमला में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या वहां पर किसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र के गांव बांदल निवासी वैद्य सबला राम शर्मा ने बताया कि उनके पास पीलिया रोग से पीडि़त रोजाना 10 से 12 मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान वह 40 से अधिक पीलिया मरीजों का इलाज कर चुके हैं। </p>
<p>पीलिया से पीडि़त चाड़ना निवासी रविंद्र नेगी, सतपाल, योगराज व कोटी कंडा निवासी तुलाराम आदि ने विभाग से मांग की है कि ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में उचित दवाइयों का प्रबंध किया जाए तथा चिकित्सकों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी जाए। उधर, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय शर्मा ने बताया कि करीब आधा दर्जन मामले पीलिया के सामने आए हैं, परंतु इन लोगों की हिस्ट्री शिमला से जुड़ी हुई है।<br />
विभाग स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।<br />
<strong><br />
सोलन में छह नए मामले आए सामने</strong><br />
  सोलन शहर के बाद अब पीलिया आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव पसारने लगा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को 17 मरीजों के खून की जांच की गई, जिसमें से छह रोगियों में पीलिया होने की पुष्टि हुई है। विभाग द्वारा सभी मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में टेस्ट किया गया था</p>
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