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	<title>HP High Court Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>HP High Court Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>एक बार फिर खुलेगा शिमला टाउन हॉल में हाई एंड कैफे, हाईकोर्ट ने हटाई रोक।</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/10/shimla-town-hall-cafe-to-re-open/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jan 2025 05:06:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : प्रदेश उच्च न्यायालय ने टाउन हॉल शिमला में हाई एंड कैफे खोलने के विरोध में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अब फिर से नगर निगम के टाउन हॉल में हाई एंड कैफे शुरू होगा। वीरवार को न्यायधीश त्रिलोक चौहान और न्यायधीश राकेश कैथला की अदालत में इस पर सुनवाई हुई। जिसमें [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong> : प्रदेश उच्च न्यायालय ने टाउन हॉल शिमला में हाई एंड कैफे खोलने के विरोध में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अब फिर से नगर निगम के टाउन हॉल में हाई एंड कैफे शुरू होगा। वीरवार को न्यायधीश त्रिलोक चौहान और न्यायधीश राकेश कैथला की अदालत में इस पर सुनवाई हुई। जिसमें याचिका कर्ता ने अपनी याचिका वापिस ले ली, जिसके बाद हाईकोर्ट ने हाई एंड कैफे को शुरू करने की अनुमति दे दी है।</p>
<p>हाई कोर्ट में एडवोकेट जनरल अनुप रत्न ने कहा कि टाउन हॉल के जीर्णोद्धार पर 8 करोड रुपए खर्च किए गए थे। इस भवन में पूर्व सरकार द्वारा कैफे खोलने का प्रपोजल बनाया गया था। जिसके बाद यहां हाई एंड कैफे खोला गया था। अगस्त 2023 में दायर इस याचिका में हाईकोर्ट ने 10 जनवरी 2024 को टाउन हॉल शिमला में फूड कोर्ट के संचालन पर रोक लगा दी थी। अदालत ने फूड कोर्ट संचालक देवयानी इंटरनेशनल कंपनी को कैफे बन्द करने के आदेश देते हुए कहा था कि वह अगली सुनवाई तक टाउन हॉल में फूड कोर्ट का संचालन न करे।</p>
<p>इस मामले में कोर्ट ने कहा था कि टाउन हॉल शिमला शहर का बहुत प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्थल रहा है। कोर्ट ने कहा था कि विरासत स्थल हमेशा अनमोल होते हैं। प्राचीन युग की साक्षी रही हेरिटेज बिल्डिंग एक खजाना है, इसलिए इसे सार्वजनिक ट्रस्ट में माना जा सकता है।</p>
<p>वीरवार को हुई सुनवाई में याचिका कर्ता द्वारा दलील देने के बाद अपनी याचिका को वापिस ले लिया गया। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए हाई एंड कैफे को फिर से खोलने की अनुमति दी।</p>
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		<title>विकलांग विद्यार्थियों को हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप शिक्षा संस्थानों में नहीं मिल रही मुफ्त शिक्षा व् सुविधायें</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/08/specially-able-students-in-himachal-pradesh-not-receiving-free-education-and-facilities-as-per-hp-high-court-orders/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jul 2019 08:37:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और विकलांगों के लिए काम कर रही संस्था उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की है की राज्य सरकार के सभी स्कूलों और कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में विकलांग विद्यार्थियों को हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप मुफ्त शिक्षा दी जाए। [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; हिमाचल प्रदेश राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य और विकलांगों के लिए काम कर रही संस्था उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की है की राज्य सरकार के सभी स्कूलों और कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में विकलांग विद्यार्थियों को हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप मुफ्त शिक्षा दी जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट द्वारा एक सरकारी कॉलेज में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय में कंप्यूटर एवं टॉकिंग सॉफ्टवेयर की सुविधा देने के फैसले को सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में लागू किया जाए।</p>
<p>विकलांगजनों के अधिकारों के लिए कार्य कर रही संस्था उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव और ट्रस्टी डॉ. सुरेंदर कुमार ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार विकलांगजनों की समस्याओं के प्रति गंभीर है।</p>
<p>उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शीघ्र ही विकलांगजनों की अन्य समस्याओं का समाधान कर देगी।</p>
<p>प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर हाईकोर्ट के 4 जून 2019 के उस फैसले की याद दिलाई है जिसमें विश्वविद्यालय स्तर तक विकलांग विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों ने ये आदेश तभी लागू कर दिए थे। लेकिन राज्य सरकार के स्कूलों, कॉलेजों, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई आदि में इसे लागू नहीं किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले के घुमारवीं कॉलेज की छात्राओं की जनहित याचिका पर 14 मई को हाईकोर्ट ने चार महीनों के भीतर दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए टॉकिंग साफ्टवेयर वाले कम्यूटर, स्कैनर, ई- बुक्स, ब्रेल बुक्स आदि सुविधाएं देने के आदेश दिए हैं। सुगम्य पुस्तकालय की यह सुविधा उन सभी स्कूलों और कॉलेजों में भी दी जाए जहाँ दृष्टिबाधित विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि संजौली कालेज, के अलावा रामपुर, घुमारवीं, कुल्लू और मंडी आदि कॉलेजों और शिमला के पोर्टमोर समेत अनेक स्कूलों में दृष्टिबाधित विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।</p>
<p>प्रो. श्रीवास्तव और डॉ सुरेंदर कुमार ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सामाजिक न्याय मंत्री डॉ राजीव सैजल इन मुद्दों को शीघ्रता से सुलझा लेंगे। इस अवसर पर विकलांगता अधिकार कार्यकर्ता मुकेश कुमार, सतीश ठाकुर, मीना शर्मा, और दृष्टिबाधित मेधावी विद्यार्थी इन्दु कुमारी, अनुज कुमार, अरुण शर्मा और अभिषेक आदि भी उपस्थित रहे।</p>
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		<title>ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क का आज जितना भी कार्य हुआ वह नरेंद्र बरागटा की देंन: भाजपा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/bjp-takes-credit-for-rohru-theog-hatkoti-road/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Nov 2016 10:34:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>जुब्बल कोटखाई के कांग्रेसी विधायक ने 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सड़क को 100 दिन में पक्का करने का झूठा वादा जनता से किया था शिमला- प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक ज़िला महासू ने शिमला के ऊपरी सेब उत्पादक क्षेत्र की जीवन रेखा कही जाने वाली ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क पर पूर्व मंत्री एवम् भाजपा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/bjp-takes-credit-for-rohru-theog-hatkoti-road/">ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क का आज जितना भी कार्य हुआ वह नरेंद्र बरागटा की देंन: भाजपा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जुब्बल कोटखाई के कांग्रेसी विधायक ने 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सड़क को 100 दिन में पक्का करने का झूठा वादा जनता से किया था</strong> </p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी  संगठनात्मक ज़िला महासू ने शिमला के ऊपरी सेब उत्पादक क्षेत्र की जीवन रेखा कही जाने वाली ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क पर पूर्व मंत्री एवम् भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र बरागटा द्वारा की सड़क संघर्ष यात्रा के दो वर्ष पुरे होने पर और सड़क निर्माण कार्य में प्रगति पर क्षेत्र वासियो और सेब बागवानों को बधाई दी। पार्टी ने जारी संयुक्त ब्यान में कहा की आज जितना भी कार्य इस सड़क पर हुआ है वो भाजपा  एवम्  भाजपा नेता नरेंद्र बरागटा के संघर्ष का परिणाम है। जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सेब उत्पादकों और क्षेत्र की जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया था। </p>
<p><strong>पढ़ें:</strong> <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/08/19/rohru-theog-hatkoti-road-condition-pictures/" target="_blank">राेहडू-ठियाेग-हाटकाेटी सड़क नाेबल पुरस्कार जीतने लायक, मुख्यमंत्री विकास के मसीहा</a></p>
<p>भाजपा  ने कहा की वर्ष 2014 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने स्वयं रोहड़ू से नरेंद्र बरागटा की यात्रा को रवाना किया था और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने यात्रा का समापन शिमला संजौली में किया था हज़ारो की संख्या में सेब बागवान इस सड़क संघर्ष यात्रा में शामिल हुए थे और प्रदेश की कांग्रेस सरकार को हिला कर रख दिया था जिसके परिणास्वरूप इस सड़क का निर्माण कार्य कंपनी के द्वारा शुरू किया गया था।</p>
<p>उसके पश्चात् पूर्व मंत्री ने प्रदेश उच्च न्यायलय में याचिका दायर की जिसमे न्यायालय ने स्वत संज्ञान लेते हुए इस सड़क के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के आदेश पारित किये और आज भी हर 15 दिन में न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक कमेटी के माध्यम से सड़क हो रहे निर्माण कार्य की स्थिति  का जायजा  लिया जा रहा है।<br />
<strong>विडियो:</strong> <iframe width="800" height="400" src="https://www.youtube.com/embed/UR9cJUnh_0w" frameborder="0" allowfullscreen></iframe><br />
पार्टी का कहना है कि  पिछले आठ वर्षो में इस सड़क के कारण जनता को जो कठिनाईओ का सामना करना पड़ा है उसके लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेवार है। पिछले कांग्रेस कार्यकाल में इस सड़क का कार्य पहले चीनी कंपनी को दिया गया था जबकि न तो सड़क के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया था और न ही वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी ली गयी थी!</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><a href="https://himachalwatcher.com/2015/04/09/why-himachal-apple-growers-are-really-pissed-off-in-pictures/" target="_blank">क्यों हिमाचल सेब उत्पादकों वास्तव में राेहडू हाटकाेटी मार्ग से परेशान हैं- देखिये तस्वीरों में</a></p>
<p>भाजपा ने यह भी कहा कि  तत्कालिन कांग्रेस की केंद्र सरकार ने चीनी कंपनी के कर्मचारियो का वीसा रद्द कर दिया था। भाजपा ने सरकार में आने के बाद सारी औपचारिकताए पूरी करने के पश्चात् इस सड़क के कार्य का विभाजन दो भागो में किया था जिसमे एक ठियोग से खड़ापत्थर और दूसरा खड़ापत्थर से रोहड़ू के बीच था किन्तु प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दोबारा कांग्रेस ने इस सड़क का निर्माण कार्य एक ही कंपनी को दे दिया जो फाइनेंसियल बिड में अक्षम पाई गई थी इसी कारण केवल 80 किलोमीटर सड़क अभी तक बनकर तैयार नहीं हो पाई है।<br />
<img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road.jpg" alt="rohru hatkoti road" width="800" height="500" class="alignnone size-full wp-image-6753" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road-300x188.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road-768x480.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road-696x435.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/08/rohru-hatkoti-road-672x420.jpg 672w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /><br />
भाजपा  का यह भी मनना है कि वर्ष 2012 से 2014 के दो वर्षो के कांग्रेस कार्यकाल के मध्य में एक इंच भी सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था इसी कारण भाजपा नेतृत्व को सड़क पर आकर आंदोलन  करना पड़ा और इसी के परिणामस्वरूप दो वर्षो में सड़क निर्माण में प्रगति हुई है। जबकि जुब्बल कोटखाई के कांग्रेसी विधायक ने 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सड़क को 100 दिन में पक्का करने का झूठा वादा जनता से किया था। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/22/bjp-takes-credit-for-rohru-theog-hatkoti-road/">ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क का आज जितना भी कार्य हुआ वह नरेंद्र बरागटा की देंन: भाजपा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>शिमला में पीलिया फैलने के मामले में निगम के 2, आईपीएच के 13 अधिकारियों सहित  22 नामजद</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/charge-sheet-in-shimla-jaundice-outbreak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Nov 2016 12:22:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; पुलिस के विशेष जांच दल ने शिमला शहर में फैले पीलिया की जांच को पूरा कर लिया है। जांच को पूरा करने के बाद जांच दल ने चार्जशीट को अंतिम रूप दे दिया है। पढ़ें: एफ आई आर के बावजूद ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार पर कार्यवाही नही, ठेकेदार को बचा रही सरकार अब इस [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/charge-sheet-in-shimla-jaundice-outbreak/">शिमला में पीलिया फैलने के मामले में निगम के 2, आईपीएच के 13 अधिकारियों सहित  22 नामजद</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; पुलिस के विशेष जांच दल ने शिमला शहर में फैले पीलिया की जांच को पूरा कर लिया है। जांच को पूरा करने के बाद जांच दल ने चार्जशीट को अंतिम रूप दे दिया है। </p>
<p>पढ़ें: <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/16/shimla-jaundice-breakout-no-action-against-malyana-sewerage-treatment-plant-contractor/" target="_blank">एफ आई आर के बावजूद ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार पर कार्यवाही नही, ठेकेदार को बचा रही सरकार</a></p>
<p>अब इस बारे सरकार से अभियोजन की मंजूरी मांगी जाएगी। सूत्रों के अनुसार चार्जशीट में 22 अधिकारियों के अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट के ठेकेदार और सुपरवाइजर को नामजद किया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस मामले की जांच के लिए 17 जनवरी को विशेष जांच दल का गठन किया गया था। करीब 10 माह की जांच के बाद अब इसकी चार्जशीट को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अनुसार आईपीएच और नगर निगम के 22 अधिकारियों के अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट चलाने वाले एक ठेकेदार और सुपरवाइजर को भी नामजद किया गया है। </p>
<p>पढ़ें:<a href="https://himachalwatcher.com/2016/02/20/shimla-jaundice-outbreak-3-deaths-alone-in-last-60-hours-total-count-reaches-10/" target="_blank"> शिमला में पीलिया का  प्रकोप: पिछले 60 घंटे में अकेले 3 मौतें, कुल गिनती 10 तक </a><br />
इस मामले में 9 को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसमें 7 आईपीएच विभाग के अधिकारी हैं। इसी तरह सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट का ठेकेदार और सुपरवाइजर के नाम भी मुख्य आरोपियों में शामिल हैं।</p>
<p><strong>15 अधिकारियों को बनाया सह आरोपी</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार जार्चशीट में 15 अधिकारियों को सह-आरोपी बनाया गया है। इनमें नगर निगम के 2 अधिकारी और आईपीएच के 13 अधिकारी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार आईपीएच के जो 13 अधिकारी सह आरोपी बनाए गए हैं, वे वर्ष, 2007 से पीलिया फैलने से पहले तक विभाग में कार्यरत रहे हैं। उधर, आईजी कानून व्यवस्था जहूर जैदी ने चार्जशीट को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि की है।</p>
<p>पढ़ें:<a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/24/shimla-bar-association-protest-against-jaundice-outbreak/" target="_blank">शिमला बार एसोसिएशन शहर में फैले पीलिया के विरोध में सड़क पर उतरी, रैली निकाल किया प्रदर्शन</a></p>
<p>राजधानी में पीलिया फैलने के मामले में पुलिस ने सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट के ठेकेदार और सुपरवाइजर के अतिरिक्त आईपीएच के 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले का प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया था।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/charge-sheet-in-shimla-jaundice-outbreak/">शिमला में पीलिया फैलने के मामले में निगम के 2, आईपीएच के 13 अधिकारियों सहित  22 नामजद</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>कमला नेहरूअस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/</link>
					<comments>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Oct 2016 05:34:36 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Lady reading Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Child Swapping Case]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में शुक्रवार को दोनों दंपति हाजिर हुए। कोर्ट ने कहा-यह अपने आप में बड़ा विचित्र और तकलीफदेह केस है। आप दोनों खुद अलग कमरे में बैठ कर बच्चों की अदला-बदली की तारीख तय कर कोर्ट को बता दें। दोनों दंपति पहली बार एक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में शुक्रवार को दोनों दंपति हाजिर हुए। कोर्ट ने कहा-यह अपने आप में बड़ा विचित्र और तकलीफदेह केस है। आप दोनों खुद अलग कमरे में बैठ कर बच्चों की अदला-बदली की तारीख तय कर कोर्ट को बता दें।</p>
<p>दोनों दंपति पहली बार एक साथ बैठे। माहौल में खुशी और गम का अजीब मंजर था। तय हुआ कि 26 अक्तूबर को जितेंद्र के खलीनी स्थित घर में दोनों बच्चों की भाई बहन की तरह अन्न ग्रहण की रस्म होगी। दोनों पांच महीने पहले 26 तारीख को ही पैदा हुए थे।</p>
<p>और इसी दिन दोनों बच्चे अपने असली मां बाप को सौंप दिए जाएंगे। बाद में कोर्ट को इसकी सूचना दे दी जाएगी। हिमाचल हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने डीएनए जांच रिपोर्ट पेश करने के बाद शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे इस मामले में सुनवाई शुरू की।</p>
<p><strong>मुख्य न्यायाधीश भी हुए दुखी, कहा दोनों के साथ हुई है ज्यादती</strong></p>
<p>इस दौरान दोनों दंपति बच्चों के साथ कोर्ट में उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश ने दोनों बच्चों के अभिभावकों को डीएनए रिपोर्ट से अवगत करवाया। सीजे मंसूर अहमद मीर ने बच्चा बदलने की घटना को दु:खद बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से दोनों परिवारों के साथ ज्यादती हुई है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने दोनों बच्चों के अभिभावकों से कहा कि हालांकि बच्चों को अलग करना दुखदायी और असहनीय पीड़ा दायक होगा, लेकिन यदि दोनों परिवार बच्चों को भाई-बहन मान कर आगे बढ़ें तो वह पीड़ा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चा बदलने के दोषियों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। इस मामले पर आगामी सुनवाई 27 अक्तूबर को होगी।</p>
<p><strong>दोनों परिवारों ने मिल बैठकर लिया बड़ा फैसला</strong></p>
<p>इससे पहले खंडपीठ ने दोनों दंपति को आपसी सुलह से मामला कोर्ट से बाहर सुलझाने को कहा। कोर्ट ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए कि वह इस मामले को अपने लॉजिकल तरीके से सुलझाएं।</p>
<p>कोर्ट की सलाह पर दोनों बच्चों के माता-पिता रजिस्ट्रार जनरल के कक्ष में आपसी समझौते के लिए बैठे। दो दौर में चली इस चरचा और बातचीत के बाद सहमति से निर्णय लिया कि  दोनों दंपति शिमला के खलीनी स्थित अमानत के पिता के घर पर दोनों बच्चों का अन्न ग्रहण अनुष्ठान करेंगे।</p>
<p>इसमें दोनों बच्चों अमानत और नितांश को दोनों दंपति अपने-अपने परिवार की मौजूदगी में अपनाएंगे। इसके बाद दोनों एक-दूसरे को बच्चे सौंप देंगे। ये बातचीत बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सभी मान रहे थे कि गलती उनकी नहीं, केएनएच की है। 27 अक्तूबर को दंपति पुन: कोर्ट में पेश होंगे और कानूनी रूप से दोनों के बीच बनी सहमति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।</p>
<p><strong>कोर्ट के बाहर रोती रहीं माएं</strong></p>
<p>कोर्ट के बाहर दोनों माएं रोती रहीं। अंजना के आंसू तो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। दोनों मीडिया से बात करते हुए रो रहे थे। अंजना को बेटे के छिन जाने का दुख था जिसकी वह बायोलॉजिकल मां नहीं।</p>
<p>शीतल को भी अपनी बेटी के चले जाने का दुख सता रहा था जो उसकी नहीं है। दोनों परिवारों के बीच एक अजीबो-गरीब रिश्ता बन गया था। दंपतियों में बच्चा बदलने की घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा था। वे कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे।</p>
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		<item>
		<title>बरोटीवाला उद्योग से निकले प्रदूषित पानी  के तालाब में गिराने से हजारों मछ‌ल‌ियों की मौत</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/20/barotiwala-industrial-pollution-kills-thousands-of-fish-in-pool/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Oct 2016 06:23:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[Baddi Barotiwala Nalagarh Industrial Area]]></category>
		<category><![CDATA[BBN Industrial Pollution]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Fisheries Dept]]></category>
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		<category><![CDATA[SDO Atul Parmar]]></category>
		<category><![CDATA[Water Pollution]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं सोलन- औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं। ग्रामीणों ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं</strong></p>
<p><strong>सोलन-</strong> औद्योगिक क्षेत्र की बरोटीवाला पंचायत के दामोवाला में एक प्लाई बोर्ड-सनमाईका बनाने वाले उद्योग से निकले पानी के तालाब में गिराने से हजारों मछलियां मर गईं। ग्रामीणों ने मजदूर लगाकर करीब दो क्विंटल मरी हुई मछलियों को तालाब से बाहर निकालकर इसकी सफाई की। उद्योग की इस लापरवाही पर ग्रामीणों के विरोध के बाद आनन फानन में प्रदूषण बोर्ड की ओर से प्रारंभिक जांच कर बिजली कनेक्शन के टैंपरेरी डिस्कनेक्ट करने की सिफारिश बोर्ड चेयरमैन से की गई है।</p>
<p>प्रदूषण बोर्ड की ओर से मत्स्य विभाग द्वारा सैंपल उठाए जाने के बाद दूसरे दिन कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ग्रामीणों ने इस दौरान प्रदूषण बोर्ड पर समय रहते उद्योग के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप भी लगाए। उद्योग तालाब से मात्र एक सौ मीटर की दूरी पर है। इसका केमिकल युक्त रंगीन पानी नाले में गिरकर सीधा तालाब की ओर आता है।</p>
<p>ग्रामीणों ने कहा कि उद्योग खुलेआम हाई कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है। प्रदूषण बोर्ड की ओर से भी मामले में समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। तालाब में 35000 मछलियों का बीज डाला था। इनमें से अधिकतर उद्योग के केमिकल युक्त पानी के कारण मर गयी।</p>
<p><strong>आक्सीजन की कमी से हुई मौत: सोमनाथ</strong></p>
<p>मत्सय विभाग के अधिकारी डॉ. सोमनाथ ने कहा कि तालाब में आक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत हुई है। तालाब में बहुत अधिक मात्रा में गंदगी मौजूद है। पानी की टेस्टिंग के बाद ही सही तथ्य सामने आ पाएंगे। एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अतुल परमार ने कहा कि उद्योग का गंदा पानी तालाब की ओर जा रहा है। उद्योग की प्रारंभिक लापरवाही को देखते हुए बोर्ड चेयरमैन के पास टेंपरेरी डिस्कनेक्शन को रिपोर्ट भेज दी है।</p>
<p>Photo: Birmingham Mail/ Representational Purpose</p>
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		<title>एचपीयू की विवादित शिक्षक भर्ती पर वीसी समेत 15 अफसरों को हाईकोर्ट का नोटिस</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/05/hp-high-court-notice-to-hp-university-recruitment-for-assistant-professor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Oct 2016 10:50:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[AND Bajpai]]></category>
		<category><![CDATA[Bumber Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Justice Mansoor Ahmad Mir]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[HP Higher Education Director Dinkar Burathoki]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Tarlok Singh Chauhan]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2012 से लटकी सहायक आचार्यों की नियुक्ति के मामले में दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए उपकुलपति एडीएन वाजपेयी सहित 15 ईसी सदस्यों को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2012 से लटकी सहायक आचार्यों की नियुक्ति के मामले में दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए उपकुलपति एडीएन वाजपेयी सहित 15 ईसी सदस्यों को नोटिस जारी किए हैं।  मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सुधीर सकलानी की आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।</p>
<p><strong>इन अफसरों को जारी हुए नोटिस</strong></p>
<p>कोर्ट ने उपकुलपति एडीएन वाजपेयी, प्रधान शिक्षा सचिव आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, विश्वविद्यालय के प्रो वीसी राजिंद्र चौहान, रजिस्ट्रार पंकज ललित, उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी, ईसी सदस्य विधायक बंबर ठाकुर, हरीश जनारथा, चंद्रशेखर समेत 15 ईसी सदस्यों को नोटिस जारी किया है। </p>
<p>प्रार्थी का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ईसी ने सहायक आचार्यों की नियुक्ति में जानबूझ कर हाईकोर्ट के आदेशों को दरकिनार किया है। भर्ती कोर्ट के नए आदेशों के कराने के बजाय पुराने लिफाफे खोल दिए गए। आपराधिक अवमानना याचिका को एडवोकेट जनरल की अनुमति के बाद ही हाईकोर्ट में दायर किया गया है। </p>
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		<item>
		<title>विकलांगता पर हिमाचल सरकार केंद्र को कर रही गुमराह, विकलांगता क़ानून का खुलेआम हो रहा उल्लंघन, हाईकोर्ट के आदेशों को भी नहीं किया लागू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/27/disabled-people-in-himachal-deprived-of-rights/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Sep 2016 07:53:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[1995]]></category>
		<category><![CDATA[Ajay Shrivastva]]></category>
		<category><![CDATA[Disabilities Act]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[People with disability in Himachal]]></category>
		<category><![CDATA[Rights of Disabled People]]></category>
		<category><![CDATA[Umang Foundation]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- विकलांगो के लिए कार्यरत संस्था उमंग फाउंडेशन ने भारत सरकार के मुख्य विकलांगता आयुक्त को दिए एक ज्ञापन में आरोप लगाया है कि हिमाचल सरकार केंद्र को राज्य में विकलांगता के बारे में गुमराह कर रही है। सच्चाई यह है कि विकलांगता क़ानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और हाईकोर्ट के आदेशों [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  विकलांगो के लिए कार्यरत संस्था उमंग फाउंडेशन ने भारत सरकार के मुख्य विकलांगता आयुक्त को दिए एक ज्ञापन में आरोप लगाया है कि हिमाचल सरकार केंद्र को राज्य में विकलांगता के बारे में गुमराह कर रही है। सच्चाई यह है कि विकलांगता क़ानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और हाईकोर्ट के आदेशों को भी लागू नहीं किया जा रहा है। मुख्य विकलांगता आयुक्त राज्य की स्थित का जायजा लेने के लिए हिमाचल के दौरे पर हैं।</p>
<p>उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण विकलांगों को न्याय के लिए आंदोलन और हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का रास्ता अपनाना पड़ता है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि 4 जून 2015 को उनकी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्विद्यालयों में विकलांगों को मुफ़्त शिक्षा का अधिकार दिया था। विश्वविद्यालयों ने इसे लागू भी कर दिया मगर सरकार ने अपने स्कूलो-कॉलेजों में इसे लागू करने से इनकार कर दिया। </p>
<p>उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अनेक विभागों में नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण भी विकलांगों को नहीं दिया गया। यही नहीं, मुख्य विकलांगता आयुक्त द्वारा जारी विकलांगों की परीक्षा लिखने संबंधी नीति को लेकर अजय श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश अभी तक लागू नहीं किये गए हैं।</p>
<p>ज्ञापन में कहा गया है कि सुंदरनगर में दृष्टिहीन एवं बधिर बालिकाओं तथा शिमला के ढली में बालकों के विशेष स्कूल में बच्चों को इंटरनेट के साथ कम्प्यूटर की सुविधा, दृष्टिहीन बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी, कम्प्यूटर शिक्षक और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी आवश्यक सुविधाएं तक नहीं दी गई हैं। दृष्टिहीन बच्चों को मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर भी नहीं दिया गया है जो उन्हें चलने की तकनीक सिखाने के लिए ज़रूरी है।</p>
<p>शिमला के पोर्टमोर स्कूल और नाहन, नगरोटा बगवां और जोगिन्दर नगर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में दृष्टिहीन एवं बधिर बच्चों को इंटरनेट के साथ कम्प्यूटर, डिजिटल लाइब्रेरी, एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा नहीं दी गई है। इन सभी आवासीय स्कूलों ko सरकर ने इंक्लूसिव स्कूल घोषित किया है। उन्हें कम्प्यूटर सिखाया ही नहीं जाता।</p>
<p>अजय श्रीवास्तव ने कहा कि विकलांगता जन अधिनियम 1995 में विकलांगों की समस्याएं सुलझाने के लिए राज्य विकलांगता आयुक्त का प्रावधान हैं जबकि हिमाचल में यह व्यवस्था पूरी तरह ठप्प पड़ी है। विकलांगता आयुक्त का अतिरिक्त दायित्व सिर्फ नाम के लिए एक विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को दिया हुआ है जो ये जिम्मेवारी निभाने में समर्थ नहीं हैं।</p>
<p>ज्ञापन के अनुसार दृष्टिहीन कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था नहीं है जिससे वे भी अन्य कर्मियों की तरह काम कर सकें। राज्य में सार्वजनिक स्थलों पर बाधारहित वातावरण बनाने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाये गए हैं। यहां तक कि कल्याण विभाग के अपने दफ्तर को बाधा रहित नहीं बनाया गया है। अजय श्रीवास्तव ने मुख्य विकलांगता आयुक्त से इस सम्बन्ध में उचित कदम उठाने की मांग की है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>निचली अदालत से बरी 3 चरस तस्करों को हाईकोर्ट ने सुनाई 20-20 साल कैद, पुलिसवालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आदेश</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/15/himachals-charas-smugglers-sentenced-to-20-years-rigorous-imprisonment-by-hp-high-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Sep 2016 12:22:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Charas Smugglers]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Cannabis Trade]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[HP Police]]></category>
		<category><![CDATA[NDPS]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-एक बार फिर से प्रदेश हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला उलटते हुए साढ़े 14 किलो चरस के साथ आनी में पकड़े तीन आरोपियों जय भगवान, सतीश कुमार और कर्ण सिंह को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/15/himachals-charas-smugglers-sentenced-to-20-years-rigorous-imprisonment-by-hp-high-court/">निचली अदालत से बरी 3 चरस तस्करों को हाईकोर्ट ने सुनाई 20-20 साल कैद, पुलिसवालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आदेश</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-एक बार फिर से प्रदेश हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला उलटते हुए साढ़े 14 किलो चरस के साथ आनी में पकड़े तीन आरोपियों जय भगवान, सतीश कुमार और कर्ण सिंह को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश किन्नौर डिविजन रामपुर के फैसले को पलटते हुए यह सजा सुनाई है।</p>
<p>15 मई 2010 को पुलिस ने आनी में पेट्रोलिंग व नाकेबंदी के दौरान आरोपियों को चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था। एक दोषी की मौत हो चुकी है। 10 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में चारों दोषियों का दोष साबित नहीं कर पाया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने सभी दोषियों को यह सजा सुनाई।</p>
<p>न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने दोषियों को कोर्ट में पेश न कर पाने वाले जिम्मेवार पुलिस वालों को लताड़ते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिए कि वह एक सप्ताह के भीतर तीनों दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे वर्ना वह लापरवाही के लिये निजी तौर पर स्वयं जिम्मेवार होंगे।</p>
<p>कोर्ट ने इन तीनों को कोर्ट में पेश न कर पाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का कोर्ट के आदेशों के प्रति तनिक भी सम्मान नहीं रहा है।</p>
<p>With Inputs from Amar Ujala</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/15/himachals-charas-smugglers-sentenced-to-20-years-rigorous-imprisonment-by-hp-high-court/">निचली अदालत से बरी 3 चरस तस्करों को हाईकोर्ट ने सुनाई 20-20 साल कैद, पुलिसवालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आदेश</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री की कुल्लू जिलाधीश पर निम्न स्तरीय टिप्पणियां और तबादले के आदेश सरासर अवांछनीय,  प्रदेश में जंगलराज: भाजपा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/13/kullu-dc-transfer-orders-by-virbhadra-condemnable/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Sep 2016 13:51:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[DC Kullu]]></category>
		<category><![CDATA[himachal BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Congress]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>टायर्ड और रिटायर्ड अधिकारियों को अहम पदो पर सुशोभित किया गया है और उनकी शह पर कानून का पालन और सम्मान करने वाले अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। शिमला- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री प्रदेश को रजवाड़ाशाही की तर्ज पर चला रहे हैं। उनका व्यक्गित अहम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/13/kullu-dc-transfer-orders-by-virbhadra-condemnable/">मुख्यमंत्री की कुल्लू जिलाधीश पर निम्न स्तरीय टिप्पणियां और तबादले के आदेश सरासर अवांछनीय,  प्रदेश में जंगलराज: भाजपा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>टायर्ड और रिटायर्ड अधिकारियों को अहम पदो पर सुशोभित किया गया है और उनकी शह पर कानून का पालन और सम्मान करने वाले अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।<br />
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<strong>शिमला-</strong> मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री प्रदेश को रजवाड़ाशाही की तर्ज पर चला रहे हैं। उनका व्यक्गित अहम प्रदेश हितों पर भारी पड़ रहा है। व्यक्तिगत अहम की संतुष्टि न होने पर जिस तरह उन्होनें कुल्लू के जिलाधीश पर निम्न स्तरीय टिप्पणियां की और उनके तबादले के आदेश जारी किए वह सरासर अवांछनीय था। भाजपा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस तरह की टिप्पणियां शोभा नहीं देती है। </p>
<p>मुख्यमंत्री हंसराज चौहान के खिलाफ सोमवार को जनसभा में ही बरस पडे़ थे। रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण पर प्रशासनिक ढील से खफा नजर आए मुख्यमंत्री ने था कहा कि, &#8216;ऐसे अधिकारियों को अहम पदों पर बने रहने का हक नहीं है जो सरकारी आदेशों का पालन न करवा सकें।&#8217; उन्होंने अधिकारी के खिलाफ भरपूर गुस्सा दिखाया। इस पूरे प्रकरण को रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को बंजार में लोगों को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>भाजपा ने कहा कि प्रदेश में कानून नहीं बल्कि जंगलराज चल रहा है। टायर्ड और रिटायर्ड अधिकारियों को अहम पदो पर सुशोभित किया गया है और उनकी शह पर कानून का पालन और सम्मान करने वाले अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे ईमानदार अफसरशाही में घोर असंतोष व निराशा का वातावरण है। ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों के बेवजह तबादलों का संज्ञान माननीय उच्च न्यायालय भी ले चुका है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया बरकरार है। इसका सीधा असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है। </p>
<p>भाजपा के नेताओं का कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किन परिस्थ्तिियों और कारणो के चलते जिलाधीश कुल्लू के तबादले के आदेश सार्वजनिक मंच से करने पड़े और प्रदेश की जनता यह भी जानना चाह रही है कि आखिरकार क्या कारण है कि प्रदेशभर में ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। </p>
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