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	<title>नगर निगम शिमला Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>नगर निगम शिमला Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला ग्रामीण की 20 से अधिक पंचायतों के हजारों लोगों को हो रही मलमूत्र और दुर्गंध वाले पानी की सप्लाई:एनजीओ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Feb 2022 16:20:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला ग्रामीण]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला शहर के सीवरेज समेत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से निकलने वाला खतरनाक पानी बिना शुद्ध किए शिमला ग्रामीण 20 से अधिक पंचायतों के हजारों लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में भीषण दुर्गंध और गंदगी का माहौल है। यह यह कहना है उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> शिमला शहर के सीवरेज समेत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से निकलने वाला खतरनाक पानी बिना शुद्ध किए शिमला ग्रामीण 20 से अधिक पंचायतों के हजारों लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में भीषण दुर्गंध और गंदगी का माहौल है। यह यह कहना है उमंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद योगाचार्य का।</p>
<p>फाउंडेशन के ट्रस्टी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजे पत्र में यह आरोप लगाया है कि शिमला ग्रामीण के बरमू स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को बिना शुद्ध किए दाड़गी- सैंज उठाऊ पेयजल योजना को जाने वाली खड् (आईजीएमसी नाला) में छोड़ा जा रहा है। यह मलमूत्र एवं आईजीएमसी की खतरनाक गंदगी वाला पानी गांव निहारी, बड़फर, गौसदन चैड़ी, और क्यार कोटी होते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जाता है।</p>
<p>उनका कहना है कि शिमला नगर निगम कि इस आपराधिक लापरवाही से हजारों लोगों, पालतू मवेशियों और जंगली जानवरों को खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा खेतों में सब्जियों की फसल भी इससे खराब हो रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि  मडोड़ घाट, जाबरी, ज्यूणी, शकराह, रेयोग, घनाहट्टी, चलाहल, धुधाल्टी, कोटला, धमून, थाची, बाईचीड़ी, पोखरू, टूटू , चनावग, नेहरा, शोघी, हलोग, ढेंडा, पीपलीधार आदि पंचायतों में यह खतरनाक पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने बताया कि चैड़ी के गौसदन में रखी गई 42 बेसहारा गायों के लिए पीने का पानी अन्य स्थान से ढोकर लाना पड़ रहा है।</p>
<p>विनोद योगाचार्य ने कहा कि बरमू का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अक्सर खराब रहता है जिससे हजारों लोगों के जीवन को खतरा पैदा होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत कदम उठाने और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</p>
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		<title>नगर निगम के बजट से पता चल रहा है भाजपा का विफल कार्यकाल:सीपीएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/25/shimla-mc-budget-2022-23/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Feb 2022 14:45:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला बजट 2022-23]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला शहर]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- नगर निगम शिमला ने आज अपना वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पास किया गया। इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे विफल बताया है। कम्युनिस्ट पार्टी की जिला कमेटी ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम ने अंतिम बजट वर्ष 2022-23 का जो पेश किया गया है वह भाजपा के ट्रिपल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> नगर निगम शिमला ने आज अपना वित्त वर्ष  2022-23 का बजट पास किया गया। इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे विफल बताया है। </p>
<p>कम्युनिस्ट पार्टी की जिला कमेटी ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम ने अंतिम बजट वर्ष 2022-23 का जो पेश किया गया है वह भाजपा के ट्रिपल इंजन के पांच वर्ष के कार्यकाल की विफलता को उजागर करता है। </p>
<p>जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि इस बजट में स्पष्ट है कि न तो पांच वर्ष के कार्यकाल में भाजपा कोई नई परियोजना शिमला शहर के लिए ला पाई है और न ही पूर्व नगर निगम की स्वीकृत व चलाई जा रही परियोजनाओं को पूर्ण कर पाई है। </p>
<p>पांच वर्ष के कार्यकाल में भाजपा ने अपने संसाधनों के निजीकरण व जनता पर टैक्स बढ़ाने के अलावा कोई भी कार्य नहीं किया है। </p>
<p>इन पांच वर्षों में कूड़ा उठाने की फीस में 100 प्रतिशत से अधिक, पेयजल की दरों में 70 से 200 प्रतिशत से अधिक, इसके अतिरिक्त अन्य आवश्यक सेवाओं, प्रॉपर्टी टैक्स व दुकानों के किराए में वृद्धि की गई है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जनता पर भारी भरकम टैक्स का बोझ डालने के बावजूद नगर निगम अपनी आय बढ़ाने में पूरी तरह से विफल रही है। अगर इस बजट में देखें तो गत वर्ष की तुलना में आय में स्पष्ट कमी आई है। </p>
<p>इस बजट में गत वर्ष की तुलना में 7158.13 लाख रुपए की कमी स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वर्तमान भाजपा की नगर निगम शहर के विकास में पूर्णतः विफल रही है। </p>
<p>जिला कमेटी ने कहा कि इस बजट में स्पष्ट रूप से शहर के विधायक व शहरी विकास मंत्री की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगा है। न तो कोई नई परियोजना शहर के लिए ला पाए और न ही अपनी विधायक निधि को शहर के विकास के लिए उचित रूप से इस्तेमाल किया है। नगर निगम को मात्र 16.50 लाख रुपए ही विधायक निधि से नगर निगम को विकास कार्यों हेतू दिए गए हैं।</p>
<p>कमेटी ने कहा कि नगर निगम के इस  बजट में केवल सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम शिमला के द्वारा 2012 से 2017 तक अपने कार्यकाल में जो करोड़ों रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई थी केवल इन्हीं का व्याख्यान किया गया है। </p>
<p>इनमें मुख्य रूप से 2906 करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी, 125 मिलियन डॉलर(950 करोड़ रुपए) की विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज व्यवस्था के जीर्णोद्धार, 243 करोड़ रुपए की अम्रुत, 200 करोड़ रुपए की टूटीकंडी से मालरोड की रोपेव, 66 करोड़ रुपए की शिमला शहर की सौंदर्यीकरण, 33 करोड़ रुपए की शहरी गरीब के लिए आवास, 29 करोड़ रुपए की लागत से टूटू व 10करोड़ रुपए की लागत से पंथाघाटी व मेहली के लिए सीवरेज प्लांट, 4.5 करोड़ रुपए तहबाजारी के लिये लिफ्ट के पास आजीविका भवन, 4 लेबर होस्टल का निर्माण, दाड़नी के बगीचा में सब्ज़ी मंडी का निर्माण, 5 करोड़ रुपए से कार्ट रोड को चौड़ा करने, आई जी एम सी में पार्किंग व लिफ्ट तथा इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ो रूपये की पार्किंग व पार्कों के निर्माण की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई गई व इसका निर्माण आंरभ किया गया था। </p>
<p>जिला सचिव ने बताया कि बजट दस्तावेज में केवल इन्हीं परियोजनाओं को दर्शाया गया है इससे स्पष्ट है कि गत पांच वर्ष के कार्यकाल में नगर निगम कोई भी कार्य विकास नहीं कर पाई है। बजट में किये गए स्मार्ट सिटी व अन्य परियोजनाओं के व्याख्यान से स्पष्ट है कि आपने 5 वर्ष के कार्यकाल में  नगर निगम इन परियोजनाओं को गति नहीं दे पाई है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना का अभी तक केवल सात प्रतिशत (213 करोड़ रुपए) ही खर्च कर पाई है और स्मार्ट सिटी की मूल परियोजना में फेर बदल कर केवल चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए सड़कों में डंगे लगाने का ही कार्य किया जा रहा है। </p>
<p>इसमें मुख्य योजनाओं जिसमे स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट व ट्रासंपोर्ट, पुरानी सब्जी मंडी, अनाज मंडी व लक्कड़ मंडी को स्थानांतरित कर इनके स्थान पर आधुनिक बहुउद्देश्यीय परिसरों का निर्माण, रिपन अस्पताल का पुनर्निर्माण आदि जनसरोकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बिल्कुल नजरअंदाज किया गया है। </p>
<p>विश्व बैंक की सहायता से पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना भी जमीनी स्तर पर नहीं दिखाई दे रही है व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण टूटीकंडी से माल रोड तक रोपवे परियोजना स्वीकृति के बावजूद भी नगर निगम आरंभ ही नहीं कर पाई है जबकि इसके साथ ही स्वीकृत की गई धर्मशाला में रोपवे ने कार्य करना आरम्भ भी कर दिया है। नगर निगम की इस लचर कार्यशैली से इनका शहर के विकास के प्रति नकारात्मक रवय्या उजागर हुआ है।</p>
<p>जिला कमेटी ने कहा है कि सीपीएम आगामी नगर निगम चुनावों में भाजपा के पांच वर्ष के विफल कार्यकाल व इनकी आम जनविरोधी नीतियों व विकास के प्रति नकरात्मक रवैये को जनता के समक्ष उजागर करेगी और जनहित की वैकल्पिक नीतियों के साथ जनता के समक्ष आगामी नगर निगम चुनाव में एक सशक्त विकल्प पेश करेगी। </p>
<p>वहीं जनवादी महिला  समिति शिमला शहरी कमेटी ने नगर निगम की ओर से पेश किए गए बजट की निंदा की है। कमेटी ने कहा कि नगर निगम ने पिछले पांच वर्षों से चल रहे बजट को ही दोहराया है जो कई सालों से जस से तस चल रहा है।</p>
<p>224.14 करोड़ का बजट पास करने पर भी महिलाओं के लिए बजट में शून्य दिया गया है। इस मंहगाई में महिलाओं के लिए रसोई घर में भी कुछ नहीं दिया गया।</p>
<p>कमेटी ने बताया कि गैस सिलेंडर का दाम 1000 पार कर रहा है।कूड़े,पानी और बिजली के  भारी भरकम बिल लोगों को दिए जा रहे है। स्वास्थ्य और शिक्षा में भी गरीब जनता के लिए कुछ नहीं है और बिजली के मीटर भी रिचार्ज वाले लगाने पर कमेटी ने कहा कि इससे महिलाओं पर ओर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। जनवादी महिला समिति की सचिव सोनिया शुबरवाल ने कहा कि महापौर स्वयं एक महिला है पर बजट में महिलाओं को कुछ भी नहीं दिया है जिसकी महिला समिति घोर निंदा करती है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों का कार्यकाल शिमला शहर के  विकास के लिए ग्रहण हुआ साबित:सीपीआईएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/cpim-district-secretary-sanjay-chauhan-statemnt-on-mc-simla-and-bjp-govt/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Feb 2022 12:07:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में शिमला शहर के विकास को लगभग ग्रहण लगा है। यह बात सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कही। उनका कहना है इस दौरान भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला शहर के लिए कोई भी नई परियोजना लाने में पूर्णतः [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/cpim-district-secretary-sanjay-chauhan-statemnt-on-mc-simla-and-bjp-govt/">भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों का कार्यकाल शिमला शहर के  विकास के लिए ग्रहण हुआ साबित:सीपीआईएम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> भाजपा सरकार और  नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में शिमला शहर के विकास को लगभग ग्रहण लगा है। यह बात सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कही। </p>
<p>उनका कहना है इस दौरान भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला शहर के लिए कोई भी नई परियोजना लाने में पूर्णतः विफल रहे हैं और पूर्व नगर निगम की ओर से स्वीकृत व चलाई जा रही हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी पूर्ण नहीं कर पाई है। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि पूर्व नगर निगम के समय में स्वीकृत कई परियोजनाएं तो अभी तक शुरू भी नहीं की गई है। विकासात्मक कार्यों के सुचारू रूप से न करने पर सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला में कार्यों की समीक्षा बैठक में भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह शिमला शहर के विकास के प्रति भाजपा सरकार व नगर निगम शिमला की उदासीन व लचर कार्यशैली को दर्शाता है। </p>
<p>चौहान ने कहा कि सीपीएम भाजपा सरकार की इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध आंदोलन चलाएगी और आगामी नगर निगम व विधानसभा चुनाव में जनसरोकार की वैकल्पिक नीतियों को लेकर विकल्प पेश करेगी ताकि शिमला का सर्वांगीण विकास हो और शिमला शहर जनता के हर वर्ग के लिए रहने लायक बनाया जाए।</p>
<p>जिला सचिव ने बताया कि  सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम शिमला के  2012 से 2017 तक अपने कार्यकाल में लंबे संघर्ष के बाद करोड़ों रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई थी। इनमे मुख्यतः 2906 करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी, 125 मिलियन डॉलर(950 करोड़ रुपए) की विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज व्यवस्था के जीर्णोद्धार,243 करोड़ रुपए की अम्रुत, 200 करोड़ रुपए की टूटीकंडी से मालरोड की रोपेव,66 करोड़ रुपए की शिमला शहर की सौंदर्यीकरण,33 करोड़ रुपए की शहरी गरीब के लिए आवास, 29करोड़ रुपए की लागत से टूटू व 10करोड़ रुपए की लागत से पंथाघाटी व मेहली के लिए सीवरेज प्लांट,4.5 करोड़ रुपए तहबाजारी के लिये लिफ्ट के पास आजीविका भवन, 4 लेबर होस्टल का निर्माण, दाड़नी के बगीचा में सब्ज़ी मण्डी का निर्माण, 5 करोड़ रुपए से कार्ट रोड को चौड़ा करने, आईजीएमसी में पार्किंग व लिफ्ट तथा इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ो रूपये की पार्किंग व पार्कों के निर्माण की परियोजनाएं स्वीकृत करवाई गई व इसका निर्माण शुरू किया गया था।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में सरकार व नगर निगम इन परियोजनाओं को गति नहीं दे पाई है। </p>
<p>स्मार्ट सिटी परियोजना का अभी तक केवल 7 प्रतिशत (213 करोड़ रुपए) ही खर्च कर पाई है और स्मार्ट सिटी की मूल परियोजना में फेर बदल कर केवल चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए सड़कों में डंगे लगाने का ही कार्य किया जा रहा है। </p>
<p>सचिव ने बताया कि इसमें मुख्य योजनाओं जिसमे स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट व ट्रासंपोर्ट, पुरानी सब्जी मंडी, अनाज मण्डी व लक्कड़ मण्डी को स्थान्तरित कर इनके स्थान पर आधुनिक बहुउद्देश्यीय परिसरों का निर्माण, रिपन अस्पताल का पुनर्निर्माण आदि जनसरोकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बिल्कुल नजरअंदाज किया गया है। </p>
<p>विश्व बैंक की सहायता से पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना भी जमीनी स्तर पर नहीं दिखाई दे रही है व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण टूटीकंडी से माल रोड तक रोपवे परियोजना स्वीकृति के बावजूद भी सरकार आरम्भ ही नहीं कर पाई है जबकि इसके साथ ही स्वीकृत की गई धर्मशाला में रोपवे ने कार्य करना आरम्भ भी कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने सरकार व नगर निगम की इस लचर कार्यशैली से इनका शहर के विकास के प्रति नकारात्मक रवैया उजागर हुआ है।</p>
<p>सीपीएम आगामी नगर निगम व विधानसभा के चुनावों में भाजपा की आम जनविरोधी नीतियों व विकास के प्रति नकरात्मक रवैये व विफल कार्यप्रणाली को जनता के समक्ष उजागर करेगी और जनहित की वैकल्पिक नीतियों के साथ जनता के समक्ष एक सशक्त विकल्प पेश करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/23/cpim-district-secretary-sanjay-chauhan-statemnt-on-mc-simla-and-bjp-govt/">भाजपा सरकार और नगर निगम शिमला के पिछले साढ़े चार वर्षों का कार्यकाल शिमला शहर के  विकास के लिए ग्रहण हुआ साबित:सीपीआईएम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>शिमला जिला की दिशा बैठक का आयोजन,सांसद सुरेश कश्यप ने लिया कार्यों का फीडबैक,कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/21/mp-suresh-kashyap-gave-instructions-to-expedite-central-schemes-in-shimla-district/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Feb 2022 14:54:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[सत्या कौंडल]]></category>
		<category><![CDATA[सांसद सुरेश कश्यप]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला जिला में केंद्रीय योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश जारी किए है। सोमवार को शिमला के बचत भवन में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी,नगर निगम के आयुक्त आशीष कोहली, जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका भुटुंगरु, विधायक राकेश सिंघा और नगर निगम की महापौर सत्या कोंडल [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/21/mp-suresh-kashyap-gave-instructions-to-expedite-central-schemes-in-shimla-district/">शिमला जिला की दिशा बैठक का आयोजन,सांसद सुरेश कश्यप ने लिया कार्यों का फीडबैक,कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला जिला में केंद्रीय योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश जारी किए है। सोमवार को शिमला के बचत भवन में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी,नगर निगम के आयुक्त आशीष कोहली, जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका भुटुंगरु, विधायक राकेश सिंघा और नगर निगम की महापौर सत्या कोंडल सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कुल 28 महकमों की समीक्षा की गई। </p>
<p>सभी अधिकारियों ने कार्यों का फीडबैक सुरेश कश्यप के समक्ष रखा जिसमें,कृषि विभाग ने बताया की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 147 लाभार्थियों, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में 770 लाभार्थियों को लाभ दिया गया, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 518 लाभार्थियों को 558991 रुपए का क्लेम दिया गया। </p>
<p>वही नगर निगम के आयुक्त ने शिमला स्मार्ट सिटी के तहत अब तक हुए कार्यों को लेकर फीडबैक देते हुए कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी के तहत 315 करोड़ प्राप्त हुआ था और 213 खर्च हो चुके है, अभी तक कुल 34 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके है। </p>
<p>सुरेश कश्यप ने स्मार्ट सिटी एक डिटेल रिपोर्ट मांगी और इस विषय पर जल्द अलग से बैठक आयोजित होगी जिसमें कई विषयों पर चर्चा होगी। सांसद ने जल्द स्मार्ट सिटी के कार्यों का निरीक्षण करने की बात भी कही ओर साथ ही कार्यों को गति देने के निर्देश दिए है।</p>
<p>बैठक में शिमला में आ रहे भारी बिलों का मामला भी गर्माया, सदस्यों ने बताया की कई लोगों के 10 हजार से ज्यादा बिल आ रहे है सुरेश कश्यप ने इस समस्या को गंभीरता से लेने के आदेश दिए। कश्यप से सभी कार्यों की गति बढ़ाने के आदेश दिए। </p>
<p>कश्यप ने बताया की दिशा बैठक में जिला के सभी सरकार के महकमों का रिव्यू किया गया, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना  और जल जीवन मिशन के अंतर्गत अच्छा काम हो रहा है, हर घर नल योजना में हिमाचल देश भर में नंबर वन चल रहा है और जल्द प्रदेश में इस योजना का टारगेट पूरा होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा की कोरोना के समय भी सरकार ने अच्छा काम किया और विकास कार्यों में कमी नहीं आने दी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट से आग्रह किया की जल्द की सड़क टेरिंग का समय आने वाला है,इस समय क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।</p>
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		<title>इस बार भी नगर निगम में भी भाजपा का मिशन रिपीट:भारद्वाज</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/16/bjps-mission-repeat-in-municipal-corporation-elections-minister-suresh-bhardwaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Feb 2022 13:13:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शहरी विकास मंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[सुरेश भारद्वाज]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- जैसे-जैसे नगर निगम शिमला के चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे ही राजनतिक पार्टियां और नेता अपने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए जोश भर रहे हैं। इस कड़ी में आज शिमला के पंचायत भवन में भाजपा शिमला मंडल की बूथ पालकों की बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> जैसे-जैसे नगर निगम शिमला के चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे ही राजनतिक पार्टियां और नेता अपने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए जोश भर रहे हैं।  इस कड़ी में आज  शिमला के पंचायत भवन में भाजपा शिमला मंडल की बूथ पालकों की बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा ने की। </p>
<p>बूथ पालकों की बैठक में मुख्यातिथि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यह बैठक संगठन को मजबूती प्रदान करने और बूथ स्तर पर भाजपा की ओर से किए जा रहे कामों पर समीक्षा इस इस बैठक में की गई। </p>
<p>मंत्री भारद्वाज ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है,पार्टी में कई विषयों पर विचारविमर्श के बाद काम शुरू किया जाता है, तो वहीं दूसरी पार्टी केवल चंद परिवारों की पार्टी है। इसका उद्धारण कांग्रेस में जगजाहिर है। जब से भाजपा की सरकार केंद्र और प्रदेश में आई है तब से आम आदमी को लाभ हुआ है।  </p>
<p>मंत्री ने कार्यकर्ताओं से नगर निगम की चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान करते हुए हुए कहा कि भाजपा के सभी पार्षदों ने जनता का काम किया है और इस बार भी शिमला में नगर निगम भाजपा की बनेगी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय सभी जगह भ्रष्टाचार होता था पर केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने जनता को स्वच्छ प्रशासन दिया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि शिमला डेवलपमेंट प्लान 40 साल में पहली बार लाया गया है यह प्लान शिमला शहर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। एन जी टी के 2017 में दिए गए आदेशों में इस प्लान को बनाने की मांग लंबित थी।</p>
<p>भारद्वाज ने कहा कि मंडल में माइक्रो डोनेशन का कार्यक्रम चलाया जाएगा और हर एक कार्यकर्ता इस काम में लगेगा।</p>
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		<item>
		<title>नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन संबंधी आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए बढ़ाया जाए समय:सीपीआईएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/15/himachal-cpim/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Feb 2022 16:13:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कसुम्पटी]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला वार्ड]]></category>
		<category><![CDATA[सीपीआईएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सीपीआईएम कसुम्पटी इकाई के सचिव सत्यवान पुंडीर ने नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन से संबंधित आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की है वह भी पर्याप्त नहीं है क्यूंकि इस दौरान दूसरे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> सीपीआईएम कसुम्पटी इकाई के सचिव सत्यवान पुंडीर ने नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्सीमांकन से संबंधित आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाने की मांग की है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार ने आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए जो समय सीमा निर्धारित की है वह भी पर्याप्त नहीं है क्यूंकि इस दौरान दूसरे शनिवार, रविवार और गुरू रविदास जयंती की छुट्टियां भी रही है। </p>
<p>सचिव ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से अवलोकन के लिए जो लिस्ट जारी की गई है उसमें वार्ड की सीमाओं को लेकर कोई अंदाज़ा नहीं लग रहा इसलिए आपत्ति दर्ज करने में मुश्किल हो रही है और जब तक वार्डों की सीमाओं का सही-सही पता नहीं लग जाता और इसके नक्शे तैयार नहीं हो जाते तब तक इसमें किसी तरह की तर्कसंगत आपत्ति नहीं उठाई जा सकती।</p>
<p>सीपीआईएम ने राज्य चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि इसकी समय सीमा को बढ़ाया जाए।अभी वार्डों में मतदाताओं को लेकर भी काफी विसंगतियां हैं। इसमें कई बूथ ऐसे हैं जो ग्रामीण और नगर निगम दोनों का हिस्सा हैं। </p>
<p>सचिव ने कहा कि कई मतदाता ऐसे हैं जो नगर निगम से बाहर पंचायत क्षेत्र में रहते हैं लेकिन उनका वोट भी नगर निगम की सूची में है। उन्होंने मल्याणा वार्ड के गनोटी बूथ का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चुनाव में भी पंचायत क्षेत्र के मतदाताओं ने नगर निगम में वोट डाला था।</p>
<p>पुंडीर ने कहा कि इस तरह की विसंगतियों के कारण निष्पक्ष नतीजे आना मुमकिन नहीं हो पाते। प्रशासन और चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने मतदाता सूचियों के फिज़िकल वेरिफिकेशन की भी  मांग  उठाई और कहा कि  यदि राज्य चुनाव आयुक्त से समय मिलता है तो वे राज्य चुनाव आयुक्त से भी मिलेंगे।</p>
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		<item>
		<title>शिमला नगर निगम में 7 नए वार्ड किए गए शामिल, 34 नहीं 41 होगी वार्डो की संख्या</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/02/10/shimla-municipal-corporation-new-ward-list/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Feb 2022 13:58:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आदित्य नेगी]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला वार्ड]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उपायुक्त शिमला ने बताया कि इस प्रस्ताव पर शिमला की जनता के सुझाव व आपत्तियां 11 फरवरी, 2022 से 17 फरवरी, 2022 तक उपायुक्त कार्यालय में दर्ज की जा सकती है। वार्डों के परिसीमन का मसौदा प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय शिमला की अधिकारिक वेबसाईट http://hpshimla.nic.in पर उपलब्ध है।   शिमला- नगर निगम शिमला के वार्डो की संख्या में बढ़ोतरी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उपायुक्त शिमला ने बताया कि इस प्रस्ताव पर शिमला की जनता के सुझाव व आपत्तियां 11 फरवरी, 2022 से 17 फरवरी, 2022 तक उपायुक्त कार्यालय में दर्ज की जा सकती है। वार्डों के परिसीमन का मसौदा प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय शिमला की अधिकारिक वेबसाईट <a href="http://hpshimla.nic.in" rel="noopener" target="_blank">http://hpshimla.nic.in</a> पर उपलब्ध है। </strong> </p>
<p>शिमला-  नगर निगम शिमला के वार्डो की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। अब शिमला नगर निगम में 34 के बजाए वार्डो की संख्या 41 होगी। जिला प्रशासन ने आज पुर्न सीमांकन की पहली प्रक्रिया को पूरा कर लिया है  जिसमें 7 नए वार्ड नगर निगम में शामिल किए गए है।</p>
<p> कई वार्डों को तोड़कर नए वार्ड बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा फेरबदल रुलदूभट्टा, कृष्णा नगर, खलीणी, छोटा शिमला विकासनगर वार्ड में हुआ है। इन पांच वार्डों के दो- दो वार्ड बनाए हैं। वहीं संजौली, इंजनघर के साथ डिंगूघार नया वार्ड होगा। </p>
<p>इसी तरह से कुसुम्पटी,पंथाघाटी के दो की बजाय तीन वार्ड बनाए हैं। यहां पर कुसुम्पटी-टू (2) नया वार्ड है।</p>
<p>जिला उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की ओर से इसका ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। जारी ड्राफ्ट के मुताबिक शहर में 34 की जगह अब 41 वार्ड होंगे। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद ये प्रक्रिया शुरू की गई है।</p>
<p>नए वार्ड बनाने के बाद नगर निगम के एक्ट में भी संशोधन करना पड़ेगा। नगर निगम के एक्ट के मुताबिक 37 अधिकतम वार्ड बनाए जा सकते थे। अब इन वार्डों की संख्या 41 करने का प्रस्ताव किया गया तो इससे साफ है कि आने वाले समय में नगर निगम के एक्ट में भी संशोधन किया जाएगा। </p>
<p>इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर विधानसभा में ले जाना प्रस्तावित है। उम्मीद है कि आगामी बजट सत्र में इस एक्ट को लाया जा सकता है।</p>
<p>उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि शिमला नगर निगम में पूर्व में वार्डों की संख्या 34 थी, जिसे अब बढ़ाकर 41 कर दिया गया है। यह प्रस्तावना जनता के लिए उपायुक्त कार्यालय व नगर निगम कार्यालय में उपलब्ध है। अब वार्डों की संख्या बढ़ने के बाद नगर निगम एक्ट में भी  संशोधन होगा।</p>
<p><strong>ये हुआ है बदलाव</strong></p>
<p>1. रूल्दूभट्टा को तोड़ कर रूलदूभट्टा व शांकली</p>
<p>2. कृष्णानगर में दो वार्ड अपर व लोअर कृष्णानगर</p>
<p>3. खलीणी को तोड़कर अप्पर व लोअर खलीणी के दो वार्ड बनाए हैं।</p>
<p>4. छोटा शिमला में छोटा शिमला व ब्रोकहास्ट</p>
<p>5. संजौली , इंजनघर के अलावा डिंगूधार नया वार्ड बनाया है</p>
<p>6. कुसुम्पटी पंथाघाटी के कुसुम्पटी टू नाम से बनाया तीसरा वार्ड</p>
<p>7. विकासनगर का अप्पर व लोअर दो वार्ड बनाए हैं।</p>
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		<item>
		<title>लिफ्ट के समीप बने आजीविका भवन में  रेहड़ी, फड़ी व तहबाजारी करने वालों को ही आबंटित की जाए दुकानें: सीपीएम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/30/himachal-pradesh-cpim-statement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Jan 2022 16:20:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[आजीविका भवन शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवाद]]></category>
		<category><![CDATA[तहबाजारी]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व महापौर संजय चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[शिमलाभाजपा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- नगर निगम शिमला द्वारा लिफ्ट के समीप तहबाजारी करने वालो के लिए बनाए गए आजीविका भवन में बनाई गई सभी दुकाने को तहबाजारी करने वालों को न देने के निर्णय की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) ने कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कहा कि नगर निगम का यह निर्णय आजीविका भवन की परियोजना के लिए तय [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> नगर निगम शिमला द्वारा लिफ्ट के समीप तहबाजारी करने वालो के लिए बनाए गए आजीविका भवन में बनाई गई सभी दुकाने को तहबाजारी करने वालों को न देने के निर्णय की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) ने कड़ी निंदा की है।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि नगर निगम का यह निर्णय आजीविका भवन की परियोजना के लिए तय नियमों की अवहेलना करता है तथा इससे भाजपा शासित नगर निगम का गरीब विरोधी चेहरा भी उजागर हुआ है।</p>
<p>पार्टी के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि पार्टी यह मांग करती है कि नगर निगम अपने इस गरीब जनविरोधी निर्णय को तुरन्त निरस्त करे और सभी दुकानों को शहर में रेहड़ी फड़ी व तहबाजारी करने वाले पात्र को ही आबंटित किया जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा अगर निगम इस निर्णय को नहीं बदलता है तो सीपीएम नगर निगम के इसके विरुद्ध में आंदोलन चलाएगी।</p>
<p>जिला सचिव ने कहा कि पूर्व नगर निगम ने वर्ष 2015 में शहर में सड़कों पर रेहड़ी फड़ी व तहबाजारी लगाने वालों के पुनर्वास के लिए एक महत्वकांक्षी परियोजना बनाई थी जिसमे लिफ्ट के पास पुराने जर्जर बेकरी भवन को तोड़कर यहाँ पर तहबाजारी करने वालों को बसाने के लिए 3.93 करोड़ रुपए की लागत से आजीविका भवन बनाकर इसमे 222 दुकाने व 12 बेकरी बनाई जानी थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस परियोजना को सदन में स्वीकृत कर केंद्र सरकार से शहरी गरीब को रोजगार व पुर्नवास योजना के अंतर्गत चेलेंज फण्ड से इसके लिये 2.5 करोड़ रुपए व राज्य सरकार से 50 लाख का प्रावधान करवा कर 2016 में इसका निर्माण आरम्भ करवाया था तथा इसे दिसम्बर, 2017 तक पूर्ण कर इन दुकानों को तहबाजारी करने वालों को आबंटित करने का लक्ष्य रखा गया था।</p>
<p>उन्होंने बताया इसका प्रारूप इस प्रकार से तैयार करवाया गया था कि यह विश्व की आधुनिकतम बाजारों में एक हो तथा इसमें दो लिफ्ट व 45 गाड़ियों की पार्किंग व अन्य सभी आधुनिक सुविधाओं काभी प्रावधान किया गया था।</p>
<p>लेकिन जून, 2017 में भाजपा के नगर निगम में आने के पश्चात इसका निर्माण कार्य बिल्कुल धीमी गति से चलाया गया तथा इस परियोजना में लगभग पांच वर्षों की देरी की गई जिससे इसकी लागत कीमत भी बढ़ गई और सड़क पर रेहड़ी फड़ी व तहबाजारी करने वालों को समय रहते अपना रोजगार सुरक्षित करने की सुविधा से वंचित रहना पड़ा है।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि अब जब यह भवन बनकर तैयार हो रहा है और इसमें दुकानों के आबंटन का कार्य करना है तो नगर निगम शिमला इस परियोजना को बनाते समय भवन निर्माण व सामाजिक दायित्व के निर्वाहन को देखते हुए तय किये गए सभी नियमों को दरकिनार कर रही है।</p>
<p>संजय ने कहा कि अब इसमें 71 दुकानों को खुली नीलामी से देने और अपना कार्यालय खोलने के निर्णय से सड़क पर रेहड़ी फड़ी व तहबाजारी करने वालों के हक़ मारा जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा इससे स्पष्ट है कि अब भाजपा शासित नगर निगम गरीब के हक़ को नजरअंदाज कर नियमों की अवहेलना करते हुए साधन सम्पन्न व अपने चेहतों को इन दुकानों को आबंटित कर जनविरोधी कार्यों को अंजाम दे रही है।</p>
<p>सीपीएम ने कहा कि इसके साथ ही नगर निगम भवन निर्माण के तय नियमों को दरकिनार कर पार्किंग को व्यवसायिक रूप से इस्तेमाल करने का निर्णय लेकर खुद ही नियमों की अवहेलना कर रही है। क्योंकि भवन निर्माण के नियमों के तहत किसी भी चिन्हित पार्किंग में व्यवसायिक गतिविधि निषेध है और इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है।</p>
<p>संजय ने कहा कि सीपीएम प्रदेश सरकार से यह मांग करती है कि नगर निगम शिमला के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लिए गये इस गरीब विरोधी निर्णय को बदलने के लिए तुरन्त हस्तक्षेप करे तथा नगर निगम के इस निर्णय को निरस्त कर आजीविका भवन में बनी सभी दुकानों को शहर में रेहड़ी फड़ी व तहबाजारी करने वाले पात्र को ही आबंटित करने के निर्देश जारी कर अपने दायित्व का निर्वाहन करे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार इस मामले में तुरन्त कार्यवाही या कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो पार्टी सरकार व नगर निगम की इन गरीब विरोधी नीतियों के विरुद्ध जनता को लामबंद कर आंदोलन करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/30/himachal-pradesh-cpim-statement/">लिफ्ट के समीप बने आजीविका भवन में  रेहड़ी, फड़ी व तहबाजारी करने वालों को ही आबंटित की जाए दुकानें: सीपीएम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>भाजपा सरकार और नगर निगम ने शिमला शहर के विकास पर लगाया ग्रहण,ठप पड़े हैं कई विकास के कार्य: संजय चौहान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/21/bjp-and-shimla-mc-put-developmental-works-on-hold/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Jan 2022 15:30:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी)]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[शहरी विकास मंत्री हिमाचल प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला शहर]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल भाजपा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=15710</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार और नगर निगम शिमला में सत्ता में आई है तबसे ही शिमला शहर के विकास पर लगभग ग्रहण लग गया है और विकास का पहिया बिल्कुल थम सा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/21/bjp-and-shimla-mc-put-developmental-works-on-hold/">भाजपा सरकार और नगर निगम ने शिमला शहर के विकास पर लगाया ग्रहण,ठप पड़े हैं कई विकास के कार्य: संजय चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार और नगर निगम शिमला में सत्ता में आई है तबसे ही शिमला शहर के विकास पर लगभग ग्रहण लग गया है और विकास का पहिया बिल्कुल थम सा गया है।</p>
<p>संजय चौहान ने कहा कि यहां तक कि पूर्व नगर निगम द्वारा शहर के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं को भी पूरा करने में सरकार विफल रही है।</p>
<p>जिला सचिव ने कहा कि पार्टी सरकार व नगर निगम की इस भेदभावपूर्ण व लचर कार्यप्रणाली की कढ़ी निंदा करती है और शिमला शहर में ठप पड़े विकासात्मक कार्यों को तुरंत गति प्रदान करने की भी मांग करती है अन्यथा पार्टी सरकार व नगर निगम के इस भेदभावपूर्ण रवय्ये के प्रति जनता को लामबंद कर आंदोलन करेगी।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि सरकार व नगर निगम के भेदभावपूर्ण रवैये का एक जीता जागता उदाहरण शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिमला रोपवे परियोजना के निर्माण कार्य को शुरूं न करना और पूरी तरह से नजरअंदाज करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह रोपवे टूटीकंडी से मालरोड तक बनना था तथा इसकी आधारशिला 23 जून, 2015 को रखी गई थी। इसकी लम्बाई 3600 मीटर है तथा इसमें एक घण्टे में करीब 1000 व्यक्ति एक ओर सफर कर सकते है। इससे शिमला शहर में न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता बल्कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलना था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि नगर निगम शिमला को ​इससे प्रतिवर्ष करीब 11 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होनी थी, जिससे शहर के विकास को गति प्रदान की जा सकती थी।</p>
<p>पार्टी जिला सचिव ने बताया कि वर्ष 2015 में प्रदेश में तीन रोपवे परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इनमे शिमला में टूटीकंडी से मालरोड, कांगड़ा में धर्मशाला से मकलोडगंज तथा हिमानी चामुंडा रोपवे थे तथा इनके शिलान्यास भी किये गए थे। लेकिन आज धर्मशाला से मकलोडगंज के लिए रोपवे आरम्भ हो गया है और शिमला में टूटीकंडी से मालरोड का कार्य भी सरकार द्वारा अभी तक आरम्भ नही किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार इस बहुयामी परियोजना के कार्य कराने में कोई भी रुचि नहीं दिखा रही है। जिससे सरकार का शिमला शहर के विकास करवाने में भेदभावपूर्ण रवैय्या स्पष्ट होता है और शहर के विधायक जो सरकार में शहरी विकास मंत्री भी है उनकी कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह लगता है।</p>
<p>संजय ने कहा कि जहां शिमला शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इसकी सुंदरता बनाए रखने के लिए विकास की योजनाये बनाकर इसपर अमल कर दिशा तय की जानी चाहिए थी, वहीं आज शहर में जो भी थोड़े बहुत कार्य किये जा रहें हैं वह केवल मात्र सरकार के चेहतों व कुछ ठेकेदारों को फायदा देने के लिए और उनकी इच्छा अनुसार किये जा रहे हैं।</p>
<p>चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में ठेकेदारों को फायदा देने के लिए केवल मात्र कंक्रीट के डंगे लगाने का कार्य किया जा रहा है जिससे शिमला शहर की हरियाली व सुंदरता को विकृत किया जा रहा है।</p>
<p>सचिव ने कहा कि इससे प्रदेश सरकार,नगर निगम शिमला व शहरी विकास मंत्री की शहर के प्रति भेदभावपूर्ण व लचर कार्यप्रणाली उजागर होती है और स्पष्टरूप में शिमला शहर के विकास पर ग्रहण लग गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज शहर की छवि धूमिल हो रही है और शिमला शहर जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहाड़ो की रानी के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुका था उसे खोने की कगार पर है।</p>
<p>जिला सचिव ने कहा कि उनकी पार्टी सीपीएम शहर की जनता से आग्रह करती है कि सरकार व नगर निगम की शिमला के शहर के विकास के प्रति इस भेदभावपूर्ण व लचर रवय्ये के विरुद्ध एकजुट होकर इनकी भेदभावपूर्ण नीतियों को बदलने के लिए सब मिलकर संघर्ष करे और इस शिमला शहर के गौरव को बचाए।</p>
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		<title>शिमला शहर में पानी की किल्लत के लिए नगर निगम व एसजेपीएनएल की लचर कार्यप्रणाली जिम्मेदार: नागरिक सभा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/19/shimla-mc-and-sjpnl-responsible-for-water-shortage/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Mahender]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Dec 2021 15:17:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[एसजेपीएनएल]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[पानी की किल्लत]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला नागरिक सभा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-शिमला शहर में इन दिनों पानी की किल्लत की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की जनता को तीन दिन बाद पानी उपलब्ध हो रहा है। शिमला नागरिक सभा ने पानी की किल्लत के लिए सीधे तौर पर नगर निगम शिमला व शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-शिमला शहर में इन दिनों पानी की किल्लत की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की जनता को तीन दिन बाद पानी उपलब्ध हो रहा है। शिमला नागरिक सभा ने पानी की किल्लत के लिए सीधे तौर पर नगर निगम शिमला व शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की लचर कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p>नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व सचिव कपिल शर्मा ने कहा है कि अगर शिमला शहर की जनता को हर रोज़ पानी की आपूर्ति नहीं की गयी तो नागरिक सभा नगर निगम शिमला के महापौर व आयुक्त का घेराव करने से भी नहीं चूकेगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला व एसजेपीएनएल की लचर कार्यप्रणाली के कारण शिमला शहर की जनता को तीन दिन बाद पानी उपलब्ध हो रहा है। इसके कारण जनता भारी परेशानी में है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नगर निगम के जिन इलाकों में जलशक्ति विभाग पानी मुहैया करवा रहा है वहां पर पानी एक सप्ताह बाद मिल रहा है। नगर निगम शिमला शहर में पानी तक उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी शहर में बर्फबारी भी नहीं हुई है और न ही नालियों में पानी का जमाव हुआ है तब भी पानी जैसी रोज़मर्रा की जन उपयोगी सेवाओं की यह हालत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब से नगर निगम शिमला ने पानी आपूर्ति का कार्य एसजेवीएनएल को दिया है तब से शहर के नागरिकों पर केवल पानी के बिलों का बोझ बढ़ा है व घोषणाओं के बावजूद सुविधा की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि एसजेवीएनएल बनाने के पीछे निजीकरण की साज़िश है और भविष्य में जनता की समस्याएं बढ़ना तय है। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम शिमला अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे व जनता को हर रोज़ पानी की सुविधा सुनिश्चित करे।</p>
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