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	<title>लाहौल और स्पीति Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>लाहौल और स्पीति Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<item>
		<title>काजा में स्नो फेस्टिवल का आयोजन,काॅमिक गोंपा, स्नो लेपर्ड और आईबैक्स रहे आकर्षण का केंद्र</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/03/09/snow-festival-celebrated-in-kaza/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Mar 2022 15:18:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[स्नो फेस्टिवल]]></category>
		<category><![CDATA[स्नो फेस्टिवल काजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- काजा गोंपा में आयोजित स्नो फेस्टिवल में बर्फ से बनी कई तरह की कलाकृतियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। यही वजह भी है कि सेंट्रल जोन के तहत काजा गोंपा में आयोजित स्नो फेस्टिवल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस स्नो फेस्टिवल की शुरुआत लामागणों की ओर से [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> काजा गोंपा में आयोजित स्नो फेस्टिवल में बर्फ से बनी कई तरह की कलाकृतियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। यही वजह भी है कि सेंट्रल जोन के तहत काजा गोंपा में आयोजित स्नो फेस्टिवल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस स्नो फेस्टिवल की शुरुआत लामागणों की ओर से की गई विशेष पूजा अर्चना से की गई। </p>
<p>इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनजातीय विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव सीपी वर्मा ने उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की ओर से लगाई दशक पुराने वस्त्रों, बर्तन, और व्यजंनों की प्रदर्शनी पर कहा कि आज भी स्पिति के ग्रामीणों ने  चीज़ों को सहेज कर रखा  है। </p>
<p>वहीं डेमूल पंचायत के लिदांग गांव की नन्हीं बच्चियों ने डेनबू खेल का प्रदर्शन किया। यह खेल कई वर्षों पुरानी है। आज भी बच्च्यिां इस खेल को खेलती है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काजा की छात्राओं ने लदाखी नृत्य की प्रस्तुति दी। स्पिति में शादी में दूल्हा दूल्हन किस तरह के वेशभूषा में होते है। इसका भी प्रदर्शन आयोजन में किया गया। </p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि सीपी वर्मा ने स्नो फेस्टिवल के आयेाजन बताते हुए कहा कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरी स्पिति की झलक देखने का मिली है। इस तरह के आयोजन  से पर्यटको को  आकर्षित करने में काफी मदद मिल रही है। </p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीम गुजींत सिंह चीमा ने कहा कि स्पिति में म्यूजिम बनाने का कदम उठाया जाएगा। इसी में स्पीति के व्यजनों के लिए कैफे भी खोला जाएगा। </p>
<p>स्पिति का नए आयामों तक ले जाने के लिए स्पीति के लोगों को सहयोग हमेशा मिलता रहना चाहिए। </p>
<p><strong>बर्फ से बनाई कलाकृतियां</strong></p>
<p>स्नो फेस्टिवल के तहत काजा गोन्पा में बर्फ से कलाकृतियां स्थानीय लोगों ने बनाई थी। इसमें आईबेक्स, स्नो लेपर्ड और काॅमिक गांव का ऐतिहासिक गोंपा बनाया गया था। इसके साथ ही प्रदर्शनी के लिए बर्फ से टेवल बनाएं गए थे। ये सभी पर्यटकों के साथ साथ स्थानीय लोगों को आकर्षण का केंद्र रही।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>लाहौल स्पीति में लिंक रोड़ समेत सारे अवरूध मार्ग बहाल, पर्यटकों को छोटी गाड़ियों में न आने की सलाह</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/08/21/lahaul-spiti-roads-restored/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Madan]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Aug 2019 09:19:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[Kaza]]></category>
		<category><![CDATA[Lahaul & Spiti]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Ramlal Markanda]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtang Pass]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p> बड़ी गाड़ियों के माध्यम से काजा पहुंच सकते है पर्यटक  फसलों के नुक्सान का आंकलन करने के लिए कमेटी का गठन  एडीएम जीवन सिंह नेगी जी करेंगे कमेटी की अध्यक्षता  50 घंटे निरंतर चला अवरूध हुए मार्गो को खुलवाने का कार्य लाहौल स्पीति-भारी बारिश और बर्फबारी के कारण बंद हुए जिला लाहौल स्पीति के काजा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li>
<h3> बड़ी गाड़ियों के माध्यम से काजा पहुंच सकते है पर्यटक</h3>
</li>
<li>
<h3> फसलों के नुक्सान का आंकलन करने के लिए कमेटी का गठन</h3>
</li>
<li>
<h3> एडीएम जीवन सिंह नेगी जी करेंगे कमेटी की अध्यक्षता</h3>
</li>
<li>
<h3> 50 घंटे निरंतर चला अवरूध हुए मार्गो को खुलवाने का कार्य</h3>
</li>
</ul>
<p><strong>लाहौल स्पीति-</strong>भारी बारिश और बर्फबारी के कारण बंद हुए जिला लाहौल स्पीति के काजा से सभी मार्ग मंगलवार देर रात तक बहाल कर दिए गए है। कृषि जनजातीय एंव सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री डा राम लाल मारकण्डा ने बताया कि काजा से मनाली और काजा से रिकांगपिओ मार्ग पूरी तरह खोल दिया है।</p>
<p>बीती देर रात को छतडू से ग्राम्फू मार्ग खोला जा चुका है। इस वजह से मनाली जाने वाले सारे वाहन निकलना शुरू हो गए। वहीं जो पर्यटक मार्गो में फंसे हुए थे। उन्हें भी निकाल दिया गया है। भारी बारिश के कारण काजा से रिकांगपिओ मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका था। लेकिन एडीएम जीवन सिंह नेगी के नेतृत्व में 18 अगस्त सुबह से मार्ग खुलवाने में लगे हुए थे। ऐसे में देर शाम तक काजा से शेगों तक बहाल कर दिया गया था।</p>
<p>निरंतर 50 घंटे तक मार्गो को खुलवाने का कार्य चला हुआ था। इसके चलते काजा से रिकांगपिओ मार्ग पर पागल नाला, लिदांग, अंतरगू, लिंगति, श्चिलिंग, माने डांग निपटी नाला, समदो तक पूरी तरह अब खुल चुका है। शिमला जाने वाले सभी पर्यटक मंगलवार सुबह छह बजे से जाना शुरू हो गए थे। वहीं जो वाहन सड़कों में फंसे हुए थे उन्हें भी निकाल दिया गया है।</p>
<p>मारकण्डा जी ने बताया कि काजा से मनाली मार्ग मंगलवार देर रात को बहाल कर दिया गया है। छतड़ू से ग्राम्फू मार्ग में काफी मलबे गिरे हुए थे। इस कारण सड़क पूरी तरह टूट गई थी और कई पर्यटक फंसे हुए थे। इन पर्यटकों को कुछ ही घंटों में रेस्क्यू कर लिया गया था। वहीं जब मंगलवार रात को मार्ग खुला तो तुरंत मनाली के लिए पर्यटकों को भेजना शुरू कर दिया था। बुधवार सुबह तक अधिकांश पर्यटक मनाली के लिए निकल गए।</p>
<p>वहीं काजा से मनाली के लिए पर्यटकों टैक्सियों में जाना शुरू हो गए है। मारकण्डा ने कहा कि भारी बारिश और बर्फबारी के कारण जो नुक्सान फसल का हुआ है। उसका आंकलन करने के लिए निगरानी कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की अध्यक्षता एडीएम जीवन सिंह नेगी करेंगे, जिन पंचायतों में फसल का नुक्सान हुआ है। उन गांवों में जाकर फसल के नुक्सान का आंकलन किया जाएगा। फिर इसकी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपी जाएगी।</p>
<p>मारकण्डा जी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन पल पल की रिपोर्ट भेज रहा है। अब काजा से रिकांगपिओ और काजा से मनाली पूरी तरह खुल चुका है। सामान्य जन जीवन अब बहाल हो गया है। मारकण्डा ने कहा कि मेरी लाहुल स्पीति आने वाले पर्यटकों से अपील है कि छोटी गाड़ियों के माध्यम से न आए। बल्कि बड़ी गाड़ियों के माध्यम से यहां आए। ताकि यहां पहुंचने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत पेश न आए।</p>
<p>वहीं उन्होंने बताया कि पिन वैली फंसी मटर की खेप अब मंडी पहुंचना शुरू हो गई है। वहीं स्पीति के सभी लिंक रोड़ बहाल हो चुके है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में सेना के अधिकारीयों से रिश्वत की मांग करने पर 18 पुलिस कर्मी निलंबित</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/29/hp-police-staff-ask-army-men-for-bribe-in-lauhal-spiti-suspended/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Jul 2017 09:25:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[एसपी गौरव सिंह]]></category>
		<category><![CDATA[एसपी लाहौल-स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[कोकसर]]></category>
		<category><![CDATA[निलंबन]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय सेना]]></category>
		<category><![CDATA[रिश्वत]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पुलिस]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि सैन्य काफिले में शामिल वाहनों को जल्दी आगे भेजने के लिए इन पुलिस कर्मियों ने रिश्वत मांगी शिमला- लाहौल-स्पीति के एसपी गौरव सिंह ने 18 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन पुलिस कर्मियों को सेना की कानवाई का काफिला लेकर लेह से वापस आ रहे कैप्टन [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि सैन्य काफिले में शामिल वाहनों को जल्दी आगे भेजने के लिए इन पुलिस कर्मियों ने रिश्वत मांगी</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> लाहौल-स्पीति के एसपी गौरव सिंह ने 18 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन पुलिस कर्मियों को सेना की कानवाई का काफिला लेकर लेह से वापस आ रहे कैप्टन स्तर के एक सैन्य अधिकारी की ऑनलाइन शिकायत पर निलंबित किया गया है। ये सभी पुलिस कर्मी कोकसर, दारचा और सरचू में बैरियरों पर तैनात थे।</p>
<p>यह घटना 26 जुलाई की है,जब उक्त सैन्य अधिकारी लेह से सरचू पहुंचे तो यहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अधिकारी से 200 रुपए रिश्वत के तौर पर लिए। इस दौरान जब उक्त अधिकारी ने अपना परिचय दिया तो पुलिस कर्मियों ने उनसे लिए 200 रुपए वापस कर दिए।</p>
<p><strong>दारचा में भी पुलिस कर्मियों ने मांगी रिश्वत</strong></p>
<p>इसके बाद उक्त सैन्य अधिकारी जब दारचा पहुंचे तो वहां पर भी पुलिस कर्मियों ने उनसे 200 रुपए लिए और ऐसे ही कोकसर में भी पुलिस कर्मियों ने सैन्य अधिकारी से 200 रुपए वसूल किए। ऑनलाइन शिकायत में कहा गया है कि सैन्य काफिले में शामिल वाहनों को जल्दी आगे भेजने के लिए इन पुलिस कर्मियों ने रिश्वत मांगी। </p>
<p>इस प्रकरण से जहां खाकी पर बट्टा लगा है, वहीं पुलिस के कारनामे का भी बड़ा खुलासा हुआ है। माना जा रहा है वाहनों को जल्दी आगे भेजने की एवज में पैसे लेने का यह क्रम लम्बे समय से चल रहा था। पर्यटक वाहनों से भी इसी तर्ज पर वसूली होती होगी। </p>
<p><strong>ये पुलिस कर्मी हुए निलंबित</strong></p>
<p>निलंबित पुलिस कर्मियों में कोकसर में तैनात 1 एएसआई,1 हैड कांस्टेबल और 6 कांस्टेबल शामिल हैं जबकि सरचू में तैनात 1 हैड कांस्टेबल और 4 कांस्टेबल तथा दारचा में तैनात 1 हैड कांस्टेबल और 4 कांस्टेबल शामिल हैं। ऑनलाइन शिकायत मिलते ही लाहौल-स्पीति के नए एसपी ने निलंबन आदेश जारी करने जैसी बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।</p>
<p><strong>गलत करने वालों के लिए महकमे में नहीं कोई जगह </strong></p>
<p>लाहौल-स्पीति के एसपी ने कहा कि 18 पुलिस कर्मियों को सस्पैंड कर दिया है। इस तरह की गड़बड़ी करने और विभाग को बदनाम करने वाले अन्य लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में शिकायतकर्ता की भी जांच की जाएगी। कोकसर, दारचा और सरचू में अन्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पुलिस ईमानदारी के लिए जानी जाती है ऐसे में गलत करने वालों के लिए महकमे में कोई जगह नहीं है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/07/29/hp-police-staff-ask-army-men-for-bribe-in-lauhal-spiti-suspended/">हिमाचल में सेना के अधिकारीयों से रिश्वत की मांग करने पर 18 पुलिस कर्मी निलंबित</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एचआरटीसी का नाम सबसे लंबे रूट और दुर्गम इलाकों में बस सेवा के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/20/hrtc-enters-in-limca-book-of-records-for-longest-route-kibber/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 May 2017 08:04:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[एचआरटीसी]]></category>
		<category><![CDATA[किब्बर]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली-मनाली-लेह रूट]]></category>
		<category><![CDATA[बीआरओ]]></category>
		<category><![CDATA[मनाली-लेह मार्ग]]></category>
		<category><![CDATA[रोहतांग दर्रा]]></category>
		<category><![CDATA[लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल परिवहन निगम]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एचआरटीसी ने सबसे लंबे रूट और दुर्गम इलाकों में बस सेवा का सफल संचालन कर इस राज्य ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवा लिया है, बेहतर सेवाओं के लिए एचआरटीसी सम्मानित शिमला- एशिया के सबसे ऊंचे गांव किब्बर (लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश)और बर्फ से ढके रहने वाले 1245 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मनाली-लेह [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/20/hrtc-enters-in-limca-book-of-records-for-longest-route-kibber/">एचआरटीसी का नाम सबसे लंबे रूट और दुर्गम इलाकों में बस सेवा के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एचआरटीसी ने सबसे लंबे रूट और दुर्गम इलाकों में बस सेवा का सफल संचालन कर इस राज्य ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवा लिया है, बेहतर सेवाओं के लिए एचआरटीसी सम्मानित</strong> </p>
<p><strong>शिमला-</strong> एशिया के सबसे ऊंचे गांव किब्बर (लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश)और बर्फ से ढके रहने वाले 1245 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मनाली-लेह रूट पर बस सुविधा देने वाले एक मात्र निगम एचआरटीसी के नाम नेशनल रिकॉर्ड भी है।</p>
<p>लाहौल-स्पीति का किब्बर गांव समुद्र की सतह से 14200 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है। काजा से किब्बर गांव की दूरी 25 किलोमीटर है। इस संकरे और दुर्गम मार्ग से एचआरटीसी की बस 90 मिनट में यात्रियों को एशिया के सबसे ऊंचे गांव किब्बर तक पहुंचाती है। मार्ग इतना दुर्गम है कि लोग छोटा वाहन चलाने से भी डरते हैं।</p>
<p>दिल्ली से वाया मनाली लेह का सफर बेहद रोमांचक और खतरों से भरा है। दिल्ली से चलने वाली एचआरटीसी की बस दूसरे दिन करीब 30 घंटे सफर के बाद लेह पहुंचती है। यात्रियों के रात्रि पड़ाव की व्यवस्था जिला मुख्यालय केलांग में होती है।</p>
<p>इस रूट पर 13051 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा, 16400 फीट ऊंचा बारालाचा दर्रा और 17582 फीट ऊंचा तंगलंगला दर्रा पड़ता है। इन दर्रों को पार कर एचआरटीसी की बस यात्रियों को लेह तक पहुंचाती है। दिल्ली से लेह का किराया मात्र 1380 रुपये है। एचआरटीसी के महाप्रबंधक ऑपरेशन एचके गुप्ता ने लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड की ओर से पत्र मिलने की पुष्टि की है।</p>
<p>हिमाचल और जेएंडके के बर्फ से लकदक पहाड़ों से गुजरने वाला मनाली-लेह मार्ग साल में मात्र चार माह के लिए खुलता है। इन महीनों में एचआरटीसी दिल्ली से लेह के लिए वाया मनाली बस सेवा शुरू करता है। पर्यटक ही नहीं सेना के जवान भी इस सेवा का लाभ उठाते हैं।</p>
<p>हाल ही में रोहतांग दर्रा बहाल किया गया है। बीआरओ ने हिमाचल के सीमांत क्षेत्र सरचू तक सड़क बहाली का लक्ष्य 25 मई तक रखा है। लेह की तरफ से भी मार्ग बहाल किया जा रहा है। हर साल जून माह से इस रूट पर बस सेवा शुरू की जाती है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/05/20/hrtc-enters-in-limca-book-of-records-for-longest-route-kibber/">एचआरटीसी का नाम सबसे लंबे रूट और दुर्गम इलाकों में बस सेवा के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>लाहौल के चार छात्रों को पैदल चलकर पार करना पड़ा खतरनाक रोहतांग दर्रा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/29/crossing-rohtang-pass-on-foot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Mar 2017 09:49:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त लाहौल स्पीति विवेक भाटिया]]></category>
		<category><![CDATA[कोकसर]]></category>
		<category><![CDATA[तेलिंग गांव]]></category>
		<category><![CDATA[रोहतांग दर्रा]]></category>
		<category><![CDATA[स्पीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लाहौल-स्पीति- जब हमारे अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून होता है तो बड़ी सी बड़ी मुश्किलें भी जिद के आगे टिक नहीं पाती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है लाहौल के इन चार छात्रों ने। समुद्र तल से 13050 फीट ऊंचे बर्फ से ढके रोहतांग दर्रा को इस सीजन में पहली बार इन छात्रों ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/29/crossing-rohtang-pass-on-foot/">लाहौल के चार छात्रों को पैदल चलकर पार करना पड़ा खतरनाक रोहतांग दर्रा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लाहौल-स्पीति-</strong>  जब हमारे अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून होता है तो बड़ी सी बड़ी मुश्किलें भी जिद के आगे टिक नहीं पाती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है लाहौल के इन चार छात्रों ने। समुद्र तल से 13050 फीट ऊंचे बर्फ से ढके रोहतांग दर्रा को इस सीजन में पहली बार इन छात्रों ने पैदल पार किया है। 15 घंटे बर्फ में लगातार चलकर छात्रों ने यह मुकाम हासिल किया है। इतना ही नहीं उन्होंने 2017 में सबसे पहले दर्रा पार करने वाले यात्रियों की सूची में अपना नाम दर्ज किया है। आधिकारिक तौर पर रोहतांग दर्रा राहगीरों के लिए खुलने के बाद इन छात्रों ने यह कारनामा कर दिखाया है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/DC-Lahaul-and-Spiti.jpg" alt="DC Lahaul and Spiti" width="800" height="362" class="alignnone size-full wp-image-10727" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/DC-Lahaul-and-Spiti.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/DC-Lahaul-and-Spiti-300x136.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/DC-Lahaul-and-Spiti-768x348.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/DC-Lahaul-and-Spiti-696x315.jpg 696w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><strong>बर्फ के बीच 50 किलोमीटर का किया सफर </strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक लाहौल के तेलिंग गांव के छात्रों समीर, संजय, गोविंद और सचिन ने बताया कि उन्होंने महज 10 किलोमीटर दूर कोकसर तक का सफर सबसे जोखिम भरा रहा। इस दूरी को तय करने में 5 घंटे का समय लगा। तेलिंग से कोठी तक पहुंचने के लिए इन्होंने बर्फ के बीच लगभग 50 किलोमीटर का सफर किया। यह छात्र परीक्षा देने के बाद अपने निजी काम के सिलसिले से मनाली रवाना हुए। वहीं एक छात्र ने कहा कि मौसम साफ रहे तो रोहतांग दर्रा को पैदल पार करना असंभव नहीं है, लेकिन यात्री रोहतांग पार करने से पहले मौसम का मिजाज देख लें। </p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Rohtang-Pass.jpg" alt="Rohtang Pass" width="800" height="382" class="alignnone size-full wp-image-10728" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Rohtang-Pass.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Rohtang-Pass-300x143.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Rohtang-Pass-768x367.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/Rohtang-Pass-696x332.jpg 696w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><strong>उपायुक्त ने युवाओं की हिम्मत और जुनून को सलाम</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि तेलिंग से कोकसर के बीच जगह-जगह हिमखंड गिरने का खतरा है। इस दायरे में यात्रियों को अलर्ट होकर सफर करना होगा। उधर, उपायुक्त विवेक भाटिया ने इस दर्रे को पार करने वाले युवाओं की हिम्मत और जुनून को सलाम किया है। इन युवाओं ने इस सीजन में सबसे पहले रोहतांग दर्रा पैदल पार किया है।</p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1.jpg" alt="lahaul students crossing rohtang pass on foot 1" width="800" height="394" class="alignnone size-full wp-image-10729" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1-300x148.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1-768x378.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1-324x160.jpg 324w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/03/lahaul-students-crossing-rohtang-pass-on-foot-1-696x343.jpg 696w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/29/crossing-rohtang-pass-on-foot/">लाहौल के चार छात्रों को पैदल चलकर पार करना पड़ा खतरनाक रोहतांग दर्रा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>केलांग में बंधक बनाए गए 4 मजदूर बच्चों का खुलासा, दैननिय हालात में रख जबरन करवाते थे काम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/forced-child-labor-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Dec 2016 04:45:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू न्यायालय]]></category>
		<category><![CDATA[केलांग]]></category>
		<category><![CDATA[बाल अधिकार]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक रमन मीना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लाहौल-स्पीति- हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति पुलिस ने बंधक बनाए गए आज 4 मजदूरों को छुड़वाया है। यह सभी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब इन अभियुक्तों को कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लाहौल-स्पीति- </strong>  हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति पुलिस ने बंधक बनाए गए आज 4 मजदूरों को छुड़वाया है। यह सभी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब इन अभियुक्तों को कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाएगा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि यह बच्चे लाहौल-स्पीति के केलांग से मनाली जा रही बस में छुपकर भागने की कोशिश कर रहे थे इतने में मारुती वैन में सवार 2 लोगों ने बस को रोककर उसमें सवार 4 बच्चों को मारते पिटते वहां से फरार हो गए। पुलिस ने नंबर के आधार पर वैन का पता लगाया और इन बच्चों तक पहुंची।</p>
<p>जहां इन्हें दयनीय हालत में रखा गया था और जबरदस्ती काम करवाया जाता था। यह तीनों युवक बिहार में गया के बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक पुलिस बच्चों की उम्र की जानकारी हासिल नहीं कर पाई है। लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक रमन मीना के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए केलांग थाने में अभियोग संख्या 82/2016 दर्ज किया गया है जिसमें आईपीसी धारा 341, 342, 323, 367, 374, 506, 120 b तथा बंधुआ मजदूर प्रणाली (उत्सादन) अधिनियम 1976 के अनुसार 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और बच्चों का मैडिकल करवाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सपुर्द किया गया है।</p>
<p>अभियुक्तों को अब कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाना है। इनमें से 3 युवकों को तीन साल पहले यहां लाया गया था जबकि एक युवक को अभी 5 महीने पहले यहां लाया गया है। उनके अनुसार पिछले काफी समय से कई गिरोह सक्रिय है जो बाहरी राज्यों से गरीब बच्चों को खरीद कर यहां बेचकर इनसे काम करवाया जाता है।</p>
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		<title>पर्यटक व पर्यावरण के तहत रोहतांग में किया जा रहा ईको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/01/eco-friendly-market-rohtang/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Dec 2016 13:21:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[ईको फ्रैंडली मार्केट]]></category>
		<category><![CDATA[एनजीटी]]></category>
		<category><![CDATA[रोहतांग दर्रा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश पीडब्ल्यूडी विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- रोहतांग दर्रे के समीप मढ़ी और अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यावरण मित्र(ईको फ्रैंडली) मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्केट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश के सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार रोहतांग के लिए गठित मानीटरिंग कमेटी की वीरवार [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  रोहतांग दर्रे के समीप मढ़ी और अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यावरण मित्र(ईको फ्रैंडली) मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्केट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश के सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार रोहतांग के लिए गठित मानीटरिंग कमेटी की वीरवार को डीआरडीए के सम्मेलन कक्ष में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव तरुण कपूर ने यह जानकारी दी। </p>
<p>मढ़ी में पर्यटकों की सुविधा के लिए 14 रेस्तरां के निर्माण के अलावा छह दुकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रधान सचिव ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को शेष कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन को इन रेस्तरां व दुकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। प्रधान सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गुलाबा के आस-पास पिकनिक स्पाॅट विकसित करें और वहां अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करें। </p>
<p>जिला प्रशासन को गुलाबा में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था और गुलाबा बैरियर पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को एनजीटी के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए ब्यास नदी में सीवरेज और अन्य किसी भी तरह की गंदगी न डालने और नदी की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा। </p>
<p>हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कुल्लू जिला में ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें होटल एसोसिएशन के सदस्यों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रधान सचिव ने बताया कि गुलाबा, मढ़ी और रोहतांग के कुछ क्षेत्रों को साडा के अंतर्गत लाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके। </p>
<p>एनजीटी के आदेशों की अनुपालना के लिए परिवहन विभाग को बैरियरों पर वे-इन-मोशन ब्रिज शीघ्र स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे एनजीटी के आदेशों से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करें और यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस भी विशेष योजना तैयार करे। </p>
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		<title>एनजीटी का रोहतांग दर्रे पर अंतिम फैसला: अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को अनुमति, स्टॉल व छोटे ढाबों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/09/rohtang-pass-ban-ngts-final-verdict/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 May 2016 18:08:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[himachal tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Manali]]></category>
		<category><![CDATA[NGT]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtang]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtang Pass Ban]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> यहां मनाली और रोहतांग दर्रे समेत अन्य पर्यटन-स्थलों पर सफाई व्यवस्था व पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एनजीटी ने सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। एनजीटी के इस फैसले में जहां साहसिक गतिविधियों को चलाने की सहमत्ति व्यक्त की गई है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल व छोटे ढाबों पर अभी भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा रहेगा।</p>
<p>एनजीटी के इस फैसले को कई विशेषज्ञ जन-हितैषी मान रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की खण्डपीठ ने अपने फैसला सुनाते हुए कहा है कि रोहतांग के लिए अब 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को पर्यटन गतिविधियों के लिए भेजने की अनुमति दी है, जबकि पिछले फैसलों में इनकी संख्या 1000 पेट्रोल तथा 500 डीजल थी। इसी प्रकार सोलंगनाला और मढ़ी में पैराग्लाईडिंग को भी अनुमति दे दी है, लेकिन सफाई व्यवस्था का ध्यान रखने को भी कहा है। </p>
<p>एनजीटी ने 50 चार पहिया स्नो मोबाइल और 50 एटीवी को चिन्हित स्थान मढ़ी, ब्यासनाला, सागूफॉल और गुलाबा में चलाने की अनुमति दी है।</p>
<p>एनजीटी ने 200 घोड़ों को भी चिन्हित रूट पर चलाने की भी अनुमति दी है, बशर्ते घोड़ों से फैलने वाली गंदगी साफ की जाए। आदेश की पालना न करने पर पांच हजार जुर्माना घोड़े के मालिक को देना पड़ेगा।</p>
<p>रोहतांग टॉप पर फोटोग्रॉफी और कुल्लुवी ड्रेस को फोटोग्रॉफी के लिए किराये के लिए देने की अनुमति दी है। इसके अलावा किसी भी तरह की पर्यटन गतिविधियां कहीं भी किसी भी स्थान पर नहीं होगी।</p>
<p>Picture: Motoroids</p>
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