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	<title>Shimla Water Crisis Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Shimla Water Crisis Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला शहर में पेयजल संकट के बीच सीवरेजयुक्त पानी की आपूर्ति के बावजूद नगर निगम गंभीर नहीं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2018/05/25/sewerage-contaminated-water-supply-in-shimla-city/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 May 2018 10:35:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में फेल रहने के बाद निगम अब घरों में पानी के स्थान पर सीवरेज की सप्लाई दे रहा है। बुधवार को राजधानी के कनलोग वार्ड में शांडिल निवास के पास की परिवारों को पानी की जगह सीवरेज की सप्लाई दे दी गई। रात भर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>: लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में फेल रहने के बाद निगम अब घरों में पानी के स्थान पर सीवरेज की सप्लाई दे रहा है।</p>
<p>बुधवार को राजधानी के कनलोग वार्ड में शांडिल निवास के पास की परिवारों को पानी की जगह सीवरेज की सप्लाई दे दी गई। रात भर टंकियों में सीवरेज भरता रहा।</p>
<p><strong>मौके का दौरा करने तक की जहमत नहीं उठाई।</strong><br />
पानी की जगह सीवेज की सप्लाई का पता लोगों को तब लगा जब उन्होंने रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए घरों में लगे नल खोले। इतनी बड़ी चूक के बाद सूचना मिलने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट, पार्षद ब्रिज सूद, कमिश्नर रोहित जमवाल और निगम अभियंता विजय गुप्ता ने मौके का दौरा करने तक की जहमत नहीं उठाई।</p>
<p>जन प्रतिनिधियों और अफसरशाही की इस लापरवाही से कनलोग के लोगों में खासा रोष है। लोगों का कहना है कि साफ पानी पिलाने तो दूर नगर निगम ने घरों की टंकियां सीवरेज से भर दी। ऐसे नगर निगम को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए और अफसर सस्पेंड किए जाने चाहिए।</p>
<p><strong>लोगों ने फोन पर दी सूचना : पार्षद</strong><br />
कनलोग वार्ड से पार्षद ब्रिज सूद ने बताया कि बुधवार देर शाम उन्हें फोन पर सूचना मिली कि लोअर कनलोग के शांडिल निवास इलाके में पानी की लाइन में सीवरेज की सप्लाई हो रही है। तुरंत नगर निगम जल शाखा के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया और सप्लाई बंद करवाई गई। वीरवार को नई पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।</p>
<p><strong>बदबू फैली तब पता चला टंकी में सीवेज है : बुद्धि सिंह</strong><br />
कनलोग वेलफेयर सोसायटी के प्रधान बुद्धि सिंह ने बताया कि उनके घर की टंकियों में भी पानी की जगह सीवेज भर गया। आसपास के चार पांच मकानोें में भी पानी की टंकियां सीवरेज से भर गईं। पब्लिक टैप में भी सीवरेज आया। यहां पानी की पुरानी लाइन में सीवरेज आया है। सालों पहले बिछाई गई यह लाइन खराब हो चुकी है बावजूद इसके पाइप लाइन बदलने की जहमत नहीं उठाई गई। गंदे पानी की सप्लाई से लोगों के बीमार होने का खतरा है।</p>
<p><strong>बेटी ने नल खोला तो पूरे घर में फैल गई बदबू : सुनीता</strong><br />
स्थानीय निवासी सुनीता शांडिल ने बताया कि घर में पानी की डायरेक्ट सप्लाई के दो नल हैं। एक घर के बाहर और एक घर के अंदर है। बेटी ने करीब साढ़े पांच बजे जब घर के बाहर वाला नल खोला तो बदबूदार पानी की सप्लाई आई। इसके बाद घर के अंदर लगा नल खोला तो पूरे घर में बदबू फैल गई। छत पर लगी टंकियां गंदी होने से बच गई क्योंकि पानी ऊपर तक नहीं चढ़ा।</p>
<p><strong>पूरे मोहल्ले में फैल गई सीवरेज की बदबू : कांता</strong><br />
शांडिल निवास में रहने वाली कांता शांडिल ने बताया कि पानी की लाइन में लगे मीटर के पास से नाली खोलने के बाद गंदगी बाहर निकाली। मोहल्ले में पूरे दिन सीवरेज की बदबू फैलती रही। नाक मुंह ढक कर लोगों को आवाजाही करनी पड़ी। नगर निगम नियमित तौर पर पानी की सप्लाई नहीं देता। पुरानी पाइप लाइन की वजह से गंदगी पानी में मिल गई। लोगों के बीमार होने का खतरा है।</p>
<p><strong>बोतल बंद पानी में भी महसूस हो रही बदबू</strong><br />
सीवर वाले पानी की सप्लाई के बाद कनलोग के लोग दहशत में हैं। क्षेत्र के कई लोगों ने तो वीरवार को पूरे दिन पानी ही नहीं पिया। लोगों ने बताया कि बोतल बंद पानी में भी बदबू महसूस हो रही है।</p>
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		<title>शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Nov 2016 13:19:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर की आम [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर  की आम जनता  बून्द बून्द पानी के लिए मोहताज है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश सरकार ने नगर निगम का क्षेत्र बढ़ा दिया। 25 से 35 वार्ड बनाकर शिमला नगर निगम को प्रदेश के सबसे बड़े निगम का दर्जा दे दिया। मगर आज भी लोगों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। प्रदेश सरकार के साथ हर विभाग का अधिकारी शिमला में विराजमान है। फिर भी पेयजल की बेहतर और सब तक पहुंचाने वाली कोई भी योजना धरातल पर खरी नहीं उतर रही है। </p>
<p>मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण का कुछ हिस्सा भी नगर निगम में है। सरकार के करीबी नेता शिमला शहर से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए कोई ठोस कार्य करता नजर नहीं आ रहा है। शहर में कहीं चार दिन तो कहीं दस दिन बाद पानी आ रहा है। पानी की आपूर्ति रात के अंधेरे में होती है। कभी एक बाल्टी भर जाती है तो कभी दो या तीन। रोजाना पानी की आपूर्ति शहर में नहीं होती है।</p>
<p>ग्रेटर शिमला बनाकर पानी की आपूर्ति का सारा जिम्मा नगर निगम के कंधों पर प्रदेश सरकार ने डाल दिया। ग्रेटर शिमला के लिए किसी भी प्रकार के फंड की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने नहीं की। नगर निगम शिमला ने अमृत योजना के तहत मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से पानी को घरों तक पहुंचाने का सपना देखा है। इसी आड़ में 24 घंटे पानी का वादा आम जनता से नगर निगम मेयर और डिप्टी मेयर ने किया। शिमला की पौने तीन लाख से अधिक की आबादी के लिए हर दिन पंद्रह एमएलडी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पानी की कमी का हल सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम शिमला ने तीसरे और चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर निकाला था।</p>
<p><strong>एक व्यक्ति को 135 लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता</strong></p>
<p>पानी के लिए निर्धारित मैनुअल के आधार पर हर व्यक्ति को एक दिन में करीब 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन राजधानी में एक व्यक्ति के लिए 80 लीटर से भी कम पानी की आपूर्ति हो रही है।</p>
<p><strong>42एमएलडी है शहर की जरूरत</strong></p>
<p>शिमला शहर को हर दिन 42 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। लीकेज के कारण शहर तक पहुंचता 30 एमएलडी से भी कम ही है। शहर में अधिकांश पाइप लाइनें कई साल पुरानी ही बिछी है, जिनमें लीकेज की दिक्कत आती है। लीकेज से पांच से सात एमएलडी पानी व्यर्थ हो जाता है। पानी की किल्लत का सबसे बड़ा कारण जगह-जगह पानी का रिसाव है। </p>
<p> Shimla Water Supply, Water Rationing, Shimla City, Shimla MC Wards, Shimla Water Crisis, HP IPH Dept, Shimla MC</p>
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		<title>शिमला जल संकट: जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम तो बिल पूरे दिन 30 का क्यों ?</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/26/shimla-water-crisis-water-bill-issue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Sep 2016 13:31:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[shimla mayor]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला शहर में गहराए जल संकट पर नगर निगम के पार्षदों ने भी मेयर, डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम पार्षद सुशांत कपरेट और संजय परमार ने मेयर, डिप्टी मेयर से पूछा है कि शहर के लोगों को जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम दी जा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> शिमला शहर में गहराए जल संकट पर नगर निगम के पार्षदों ने भी मेयर, डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम पार्षद सुशांत कपरेट और संजय परमार ने मेयर, डिप्टी मेयर से पूछा है कि शहर के लोगों को जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम दी जा रही है तो किस आधार पर पूरे महीने का बिल जारी किया जा रहा है।</p>
<p>पार्षदों ने  बिना पानी की सप्लाई के बिल की वसूली को गैर कानूनी करार देते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का भी एलान कर दिया है। पार्षद सुशांत कपरेट का कहना है कि मेयर, डिप्टी मेयर शहर के लोगों को 24 घंटे सातों दिन पानी की सप्लाई का वादा कर नगर निगम की सत्ता पर काबिज हुए थे।</p>
<p>अब अपना चुनावी वादा भूल कर लोगों को गुमराह करने में जुटे हुए हैं। कपरेट ने मेयर, डिप्टी मेयर से सवाल किया है कि पिछले साल भी निगम को रोजाना 35 एमएलडी के करीब पानी की सप्लाई मिल रही थी और लोगों को भी पूरा पानी मिल रहा था।</p>
<p>इस बार भी इतना ही पानी मिल रहा है, तो फिर शहर की पब्लिक के हिस्से का पानी कहां गायब किया जा रहा है? कपरेट ने कहा है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए मेयर, डिप्टी मेयर निराधार बयानबाजी कर रहे हैं, जिसे अब सहन नहीं किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/26/shimla-water-crisis-water-bill-issue/">शिमला जल संकट: जब महीने में पानी की सप्लाई 10 दिन से भी कम तो बिल पूरे दिन 30 का क्यों ?</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>बरसात में भी शिमला के लोग प्यासे, 5 दिन बाद आ  रहा पानी वो भी प्रयाप्त नहीं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/12/shimla-water-crisis/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Sep 2016 14:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
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		<category><![CDATA[Shimla Water Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश में बरसात के बाद भी लोगों को पेयजल संकट से राहत नहीं मिल पाई है जिससे साफ है कि अभी भी नगर निगम लोगों को सुचारू रूप से पानी देने में नाकाम है। बरसात के मौसम में भी राजधानी के लोग प्यासे रहने को मजबूर है। लोगो को 24 घंटे स्वच्छ पानी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश में बरसात के बाद भी लोगों को पेयजल संकट से राहत नहीं मिल पाई है जिससे साफ है कि अभी भी नगर निगम लोगों को सुचारू रूप से पानी देने में नाकाम है।</p>
<p>बरसात के मौसम में भी राजधानी के लोग प्यासे  रहने को मजबूर है। लोगो को 24 घंटे स्वच्छ पानी की सप्लाई का दावा और वादा करने वाला नगर निगम लोगों को सुचारू रूप से पानी देने में नाकाम रहा है। हालात इतने बुरे है कि  शिमला  शहर के लोगो के घरों के नलके पिछले पांच दिन से  सूखे पड़े है!  हद तो तब हुई थी जब शिमला की  जनता को गन्दा व पिलिया  युक्त पानी पिलाने वाली नगर निगम ने पानी के बिल लोगो से वसूले थे। रविवार को रिज के आसपास लगते क्षेत्र राम बाजार और लक्कड़ बाजार में पानी नहीं दिया जा सका।</p>
<p>नगर निगम का तर्क है कि इन क्षेत्रों के बदले पीसी चैंबर और यूएस क्लब क्षेत्र को पानी की सप्लाई दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां पिछले कल भी सप्लाई नहीं दी गई थी, वहीं भराड़़ी वार्ड में लोग नियमित पानी की सप्लाई न मिलने से वहां के लोग काफी नाराज है ।बिजली कट के कारण गिरि से पंपिंग शनिवार दोपहर बाद से ही बंद रही, ऐसे में अधिकतर शहर को पानी नहीं दिया जा सका। बताया जा रहा है कि गिरि में भी 5 पंप में से केवल 4 ही चल रहे हैं जिस कारण नगर निगम जहां शहर में तीसरे दिन सप्लाई देता है वहां अब चौथे और 5वें दिन पानी मिल रहा है।</p>
<p>वहीं शिमला के बालूगंज में पिछले 5 दिन से पानी नहीं आया, पानी की किल्लत से परेशान लोग शनिवार को खाली बाल्टियां लेकर सड़कों पर उतरे। परेशान लोगों ने बालूगंज में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। बालूगंज चौक में किए गए विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने भारी तादाद में भाग लेकर हाथों में खाली बाल्टियां लेकर अपना विरोध जताया।</p>
<p>Photo: Fair Observer/Representational </p>
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		<item>
		<title>ढांडा में पेयजल व्यवस्था हुई अस्त-व्यस्त, लोग पानी खरीदकर पीने को हुए  मजबूर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/14/water-crisis-in-dhanda-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Apr 2016 15:05:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[ashwani khad]]></category>
		<category><![CDATA[Dhanda Water Shortage]]></category>
		<category><![CDATA[HP Iph]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Crisis]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- ढांडा में पेयजल व्यवस्था अस्त-व्यस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। यहां कुछ दिन से पानी नियमित रूप से नहीं आ रहा है, जिस कारण लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। ढांडा में पानी के [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> ढांडा में पेयजल व्यवस्था अस्त-व्यस्त होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। यहां कुछ दिन से पानी नियमित रूप से नहीं आ रहा है, जिस कारण लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। ढांडा में पानी के लिए लोगों को नलों पर ही आश्रित रहना पड़ता है। कोई भी अन्य स्रोत नहीं है, जिससे लोग पानी की आवश्यकता को पूरा कर सकें। इस कारण लोग सुबह ही पानी की तलाश में यहां-वहां घूमते देखे जा सकते हैं। ढांडा में बहुत से विद्यार्थी भी किराये के कमरों में रहते हैं उन्हें कीमती समय पानी की तलाश में गंवाना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।</p>
<p>यहां चार दिन बाद मात्र 20 मिनट के लिए पानी आ रहा है, जिससे एक बाल्टी भी नहीं भर पाती है। शिमला में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जिसके कारण शहर की अधिकांश जगहों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पीलिया के कारण पैदा हुए जल संकट से अभी तक निजात नहीं मिल रही है।</p>
<p><strong>10 दिन से सही ढंग से नहीं हो रही आपूर्ति</strong></p>
<p>दस दिन से पानी की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो रही है। यह निर्धारित नहीं होता कि पानी कब आएगा। प्रतिदिन पानी की चिंता बनी रहती है। जो समय पढ़ाई करने का होता है, उसमें पानी के लिए भटकना पड़ता है।<br />
मनीष</p>
<p><strong>चार दिन बाद आ रहा पानी</strong></p>
<p>सुबह ही पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी चार दिन बाद आ रहा है। सुबह पानी के लिए इधर-उधर भटकने के कारण लाइब्रेरी पहुंचने के लिए देरी हो जाती है।<br />
नवदीप</p>
<p><strong>पानी के चक्कर कार्यस्थलों पर पहुंचने में हो रही देरी</strong></p>
<p>पानी चार दिन बाद आता है वो भी सिर्फ 20 मिनट के लिए, जिसके कारण पानी की समस्या बनी रहती है। अपने कार्यस्थलों के लिए जाने के लिए देरी हो जाती है।<br />
शशि मेहरा</p>
<p><strong>चार दिन बाद भी नहीं मिल रहा एक बाल्टी पानी</strong></p>
<p>पानी की समस्या बहुत बढ़ गई है। चार दिन बाद 20 मिनट के लिए पानी आता है। एक ही नल से सात परिवार पानी भरते हैं, जिसके कारण एक ही बाल्टी पानी मिलता है।<br />
चेत राम</p>
<p><strong>पेयजल आपूर्ति न के बराबर</strong></p>
<p>पानी नियमित रूप से नहीं आ रहा है। पानी की आपूर्ति न के बराबर हो गई है। 20 मिनट पानी आने से किसी के लिए भी पूरा नहीं हो पाता है। एक ही नल से बहुत से परिवार पानी भरते हैं, जिसके कारण पानी पूरा नहीं हो पाता है।<br />
राज</p>
<p><strong>कुछ दिन से गहराई पानी की समस्या</strong></p>
<p>पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। कुछ दिन से पानी के आने का समय ही निर्धारित नहीं है। जब पानी आता भी है तो बहुत ही कम समय के लिए।<br />
पुष्पेंदर</p>
<p><em>Photo: Representational </em></p>
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		<title>शिमला शहर में जल  संकट गहराया, फिर भी नगर निगम  कर रहा पर्याप्त मात्रा में पानी होने का दावा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/26/water-crisis-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Feb 2016 10:35:28 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र वीरवार को शुरू हो गया, लेकिन वहीं शहर की जनता पानी के लिए तरसना शुरू हो गई है। नगर निगम ने विधानसभा में पानी आपूर्ति करने की आड़ में लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं की। अन्नाडेल क्षेत्र में आपूर्ति नहीं हो पाई। जब निगम प्रशासन से संपर्क किया तो [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र वीरवार को शुरू हो गया, लेकिन वहीं शहर की जनता पानी के लिए तरसना शुरू हो गई है। नगर निगम ने विधानसभा में पानी आपूर्ति करने की आड़ में लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं की। अन्नाडेल क्षेत्र में आपूर्ति नहीं हो पाई। जब निगम प्रशासन से संपर्क किया तो बार-बार आश्वासन दिया जाता रहा, मगर शाम तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।</p>
<p>शहर में पहले ही जल संकट गहराया हुआ है। अब विधानसभा के चलने के कारण लोगों को प्यासा रहना पड़ रहा है। एक माह तक विधानसभा शिमला में चलेगी। ऐसे में लोगों को सुचारू पानी की आपूर्ति कम हो पाएगी। अश्वनी खड्ड से आपूर्ति बंद होने के कारण शहर भर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। नगर निगम का दावा है कि पर्याप्त मात्रा में पानी है जबकि हकीकत में इसके विपरीत है।</p>
<p><strong>पेयजल के लिए तरस रहे लोग</strong></p>
<p>राजधानी शिमला के उपनगरों में आजकल लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। लोगों को चौथे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। उपनगर संजौली, ढली, भट्टा कुफर व कई क्षेत्रों के लोगों को पानी के लिए बावड़ियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, या फिर वाहनों के माध्यम से टैंकों से पानी लाना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि यदि पीने के पानी की अभी यह समस्या आ रही है तो सर्दियों में और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।</p>
<blockquote><p>मुझे इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। नगर निगम के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण है।</p></blockquote>
<p>टिकेंद्र पंवर, उपमहापौर, नगर निगम</p>
<p><strong>रात तक नहीं हुई पानी की आपूर्ति</strong></p>
<blockquote><p>पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई, जब नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया तो बार-बार आश्वासन दे रहे थे कि कुछ ही मिनटों में पानी आ जाएगा। लेकिन रात तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई।</p></blockquote>
<p>`प्रदीप कश्यप, मंडलाध्यक्ष, भाजपा।</p>
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