<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Shimla MC Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-mc/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-mc/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 11 Feb 2026 16:22:29 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Shimla MC Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-mc/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>शिमला शहर: खुलेआम कचरा जलाना और जंगलों में कचरा फैलाना बेरोकटोक जारी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/shimla-city-open-garbage-burning-and-forest-littering-go-unchecked/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:22:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[क्रिएटिव कॉर्नर]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Littering]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=18237</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: यह तस्वीरें छोटा शिमला (Ward 28) में निदेशालय उद्योग के लगभग 200 मीटर दूर पार्किंग के पास की है। एक जागरुक नागरिक ने हिमाचल वॉचर के साथ तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि जहां कचरे का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निपटान होना चाहिए, वहां खुलेआम कचरा जलाया जा रहा है, और साथ ही [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/shimla-city-open-garbage-burning-and-forest-littering-go-unchecked/">शिमला शहर: खुलेआम कचरा जलाना और जंगलों में कचरा फैलाना बेरोकटोक जारी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs x126k92a">
<div dir="auto"><strong>शिमला:</strong> यह तस्वीरें छोटा शिमला (Ward 28) में निदेशालय उद्योग के लगभग 200 मीटर दूर पार्किंग के पास की है। एक जागरुक नागरिक ने हिमाचल वॉचर के साथ तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि जहां कचरे का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निपटान होना चाहिए, वहां खुलेआम कचरा जलाया जा रहा है, और साथ ही जंगल में भी फैला है जो न सिर्फ पर्यावरण बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।</div>
<div dir="auto"></div>
</div>
<div class="x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a">
<div dir="auto">सब जानते है कि शहर में बंदर भोजन की तालाश में डस्टबिन से कचरा बिखेर देते है। इस पिंजरानुमा सट्रक्चक (जिसमें कचरा रखा गया है) को बाहर से बंद किया जा सकता था ताकि बंदर या अन्य कोई जानवर कचरा न फैला सके। लेकिन नगर निगम इस तरह की बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान नहीं दे रहा।</div>
</div>
<div class="x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a">
<div dir="auto">अगर आपके आस-पास भी ऐसी ही समस्या है तो हिमाचल वॉचर के साथ जरुर शेयर करें।</div>
</div>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/11/shimla-city-open-garbage-burning-and-forest-littering-go-unchecked/">शिमला शहर: खुलेआम कचरा जलाना और जंगलों में कचरा फैलाना बेरोकटोक जारी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एक बार फिर खुलेगा शिमला टाउन हॉल में हाई एंड कैफे, हाईकोर्ट ने हटाई रोक।</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/10/shimla-town-hall-cafe-to-re-open/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawna Bansal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jan 2025 05:06:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Town Hall]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=17174</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला : प्रदेश उच्च न्यायालय ने टाउन हॉल शिमला में हाई एंड कैफे खोलने के विरोध में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अब फिर से नगर निगम के टाउन हॉल में हाई एंड कैफे शुरू होगा। वीरवार को न्यायधीश त्रिलोक चौहान और न्यायधीश राकेश कैथला की अदालत में इस पर सुनवाई हुई। जिसमें [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/10/shimla-town-hall-cafe-to-re-open/">एक बार फिर खुलेगा शिमला टाउन हॉल में हाई एंड कैफे, हाईकोर्ट ने हटाई रोक।</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong> : प्रदेश उच्च न्यायालय ने टाउन हॉल शिमला में हाई एंड कैफे खोलने के विरोध में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अब फिर से नगर निगम के टाउन हॉल में हाई एंड कैफे शुरू होगा। वीरवार को न्यायधीश त्रिलोक चौहान और न्यायधीश राकेश कैथला की अदालत में इस पर सुनवाई हुई। जिसमें याचिका कर्ता ने अपनी याचिका वापिस ले ली, जिसके बाद हाईकोर्ट ने हाई एंड कैफे को शुरू करने की अनुमति दे दी है।</p>
<p>हाई कोर्ट में एडवोकेट जनरल अनुप रत्न ने कहा कि टाउन हॉल के जीर्णोद्धार पर 8 करोड रुपए खर्च किए गए थे। इस भवन में पूर्व सरकार द्वारा कैफे खोलने का प्रपोजल बनाया गया था। जिसके बाद यहां हाई एंड कैफे खोला गया था। अगस्त 2023 में दायर इस याचिका में हाईकोर्ट ने 10 जनवरी 2024 को टाउन हॉल शिमला में फूड कोर्ट के संचालन पर रोक लगा दी थी। अदालत ने फूड कोर्ट संचालक देवयानी इंटरनेशनल कंपनी को कैफे बन्द करने के आदेश देते हुए कहा था कि वह अगली सुनवाई तक टाउन हॉल में फूड कोर्ट का संचालन न करे।</p>
<p>इस मामले में कोर्ट ने कहा था कि टाउन हॉल शिमला शहर का बहुत प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्थल रहा है। कोर्ट ने कहा था कि विरासत स्थल हमेशा अनमोल होते हैं। प्राचीन युग की साक्षी रही हेरिटेज बिल्डिंग एक खजाना है, इसलिए इसे सार्वजनिक ट्रस्ट में माना जा सकता है।</p>
<p>वीरवार को हुई सुनवाई में याचिका कर्ता द्वारा दलील देने के बाद अपनी याचिका को वापिस ले लिया गया। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए हाई एंड कैफे को फिर से खोलने की अनुमति दी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/10/shimla-town-hall-cafe-to-re-open/">एक बार फिर खुलेगा शिमला टाउन हॉल में हाई एंड कैफे, हाईकोर्ट ने हटाई रोक।</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीवरेज सेस बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर पड़ रहा अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdening-small-consumers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2019 13:24:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Sewerage Cess]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12782</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी ने पेयजल कंपनी द्वारा पानी बिल के साथ प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपये सीवरेज सेस वसूलने पर कड़ी आपत्ति जताई है । जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा की अभी तक जो सेस शुल्क 30 फीसदी लिया जाता था उसे बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर अतिरिक्त व [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdening-small-consumers/">सीवरेज सेस बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर पड़ रहा अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी ने पेयजल कंपनी द्वारा पानी बिल के साथ प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपये सीवरेज सेस वसूलने पर कड़ी आपत्ति जताई है ।</p>
<p>जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा की अभी तक जो सेस शुल्क 30 फीसदी लिया जाता था उसे बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ पड़ रहा है , छोटे उपभोक्ता जो की पानी की कम खपत करते थे उस पर भी फ्लेट सौ रुपये शुल्क लगा देना तर्कसंगत नही है । निगम को इस बाबत पुनर्विचार करना चाहिए ये फ़ैसला पूरी तरह से जनविरोधी है इसे तुरंत वापस लेना चाहिए ।</p>
<p>जिलाध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा की पेयजय कंपनी द्वारा महीने के महीने पानी के बिल नही दिये जाते ऐसे मे यदि किसी उपभोक्ता को छ :माह या आठ माह बाद बिल दिया जा रहा है तो उसपर हर माह के हिसाब से सौ रुपए शुल्क जोड़ा जा रहा है, हर उपभोक्ता को हर माह सौ रुपये जोड़ने के इस गणित से पेयजल कंपनी खासा मुनफा कमा रही है और आम आदमी पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है जिस पर जिला कांग्रेस कमेटी कड़ी आपत्ति जताती है ।</p>
<p>अरुण शर्मा ने कहा कि निगम द्वारा आए दिन ही जन विरोधी व तुगलकी फैसले लिए जा रहें है, मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करवा पाने मे नाकाम रहा निगम केवल आम आदमी की जेब से पैसे निकलवाने की फिराक मे रहता है , हर दूसरे माह किसी ने किसी तरह से कोई नया शुल्क लगाया जा रहा है , और कुछ नही मिला तो कूड़े का शुल्क बढ़ा दिया जाता है इस से जनता मे आक्रोश है ।</p>
<p>अरुण शर्मा ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ये मांग करती है की प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपए के इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए जिस से छोटे उपभोक्ताओ पर आर्थिक बोझ न पड़े अन्यथा महापौर व पेयजल कंपनी के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मोर्चा खोला जाएगा , निगम जनता पर तुगल्की फरमान लगाना बंद करें और शहर की जनता को मूलभूत सुविधाए प्रदान करने के प्रयास करे ।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdening-small-consumers/">सीवरेज सेस बढ़ा कर प्रतिमाह सौ रुपये करने से छोटे उपभोक्तों पर पड़ रहा अतिरिक्त व नाजायज आर्थिक बोझ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला शहर में पानी की दरों में वृद्धि के बाद अब सीवरेज चार्जेज न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह करने से जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/21/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdens-public/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jul 2019 14:15:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[CPIM]]></category>
		<category><![CDATA[Sanjay Chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[Sewerage Cess]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12765</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211; शहर में अप्रैल के महीने में पानी की दरों में वृद्धि की गई थीं तथा अब सीवरेज चार्जेज के नाम पर न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है जोकि कई उपभोक्ताओं का 100 प्रतिशत बनता है। वर्ष 2015 तक सीवरेज चार्जेज कुल बिल का 50 प्रतिशत लिया जाता था जो पूर्व [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/21/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdens-public/">शिमला शहर में पानी की दरों में वृद्धि के बाद अब सीवरेज चार्जेज न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह करने से जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211;</strong> शहर में अप्रैल के महीने में पानी की दरों में वृद्धि की गई थीं तथा अब सीवरेज चार्जेज के नाम पर न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है जोकि कई उपभोक्ताओं का 100 प्रतिशत बनता है।</p>
<p>वर्ष 2015 तक सीवरेज चार्जेज कुल बिल का 50 प्रतिशत लिया जाता था जो पूर्व नगर निगम ने इसे 30 प्रतिशत किया था। तब से लेकर अभी तक केवल 30 प्रतिशत ही सीवरेज चार्जेज लिए जा रहे थे। परन्तु इस माह जारी किए गए बिलों में यह न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह की दर से जोड़ दिए गए हैं जिससे कम पानी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह 100 प्रतिशत हो गया है जोकि बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12767" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg" alt="Shimla MC Water Bill Copy" width="1000" height="667" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy-300x200.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/Shimla-MC-Water-Bill-Copy-768x512.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>आम नागरिकों के साथ-2 कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने भी बिलों में की गई इस भारी वृद्धि की कड़ी भर्त्सना की है तथा इस वृद्धि को तुरन्त वापिस लेने की मांग की है।</p>
<p>शिमला के <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sanjay-chauhan/">पूर्व मेयर संजय चौहान</a> ने कहा कि जबसे बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला का गठन हुआ है शिमला शहर की जनता पर पानी, बिजली, कूड़ा, बस आदि की सेवाओं की <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/06/22/bjp-ruled-shimla-mc-a-complete-failure/">दरों में भारी वृद्धि</a> की गई है। जिससे जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। शिमला शहर में पीने का पानी निजी हाथों में देने के लिए नगर निगम के जल विभाग को इससे अलग कर वर्ष 2018 में सरकार व नगर निगम ने एक कंपनी का गठन किया गया है। अब कंपनी पर न तो नगर निगम का कोई नियंत्रण है और न ही इसमें कोई नीतिगत हस्तक्षेप हो सकता है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि कंपनी अब अपने स्तर पर निर्णय ले कर पेयजल को एक सेवा के रूप में नहीं बल्कि एक वस्तु के रूप में देने का कार्य कर रही है और अब मूल्य वसूली(cost recovery) के सिद्धान्त पर कार्य कर रही है जिससे स्वाभाविक रूप से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।</p>
<p>चौहान ने कहा कि वर्ष 2012 में भी तत्कालीन बीजेपी की सरकार ने शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था का निजीकरण लगभग कर ही दिया था। परन्तु जनता द्वारा सी.पी.एम. के महापौर व उपमहापौर चुने जाने पर इस निजीकरण के निर्णय को बदला गया तथा सरकार से एक लंबे संघर्ष के पश्चात वर्ष 2016 में पानी की पूरी व्यवस्था जिसमें पम्पिंग, लिफ्टिंग व वितरण नगर निगम ने अपने हाथों में लिया तथा नगर निगम के अधीन एक ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एवं सीवरेज सर्कल(GSWSSC) का गठन कर गुम्मा, गिरी, अश्विनी खड्ड व अन्य परियोजनाओ की पंप, पाइपलाइन को बदलने व अन्य कार्यो के लिये करीब 90 करोड़ की व्यवस्था की तथा कार्य प्रारंभ किया। जिसका परिणाम आज है कि शिमला शहर को 48-53 MLD तक रोज पानी मिल रहा है और विकराल पेयजल संकट को समाप्त किया गया। वर्ष 2015 में शहर को 65 MLD अतिरिक्त पानी व शहर में पानी की आपूर्ति व सीवरेज की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए 125 मिलियन डॉलर का एक प्रोजेक्ट वर्ल्ड बैंक से ऋण हेतू केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग(DEA) से स्वीकृत करवाया गया था। जिसका कार्य अब आरम्भ हो रहा है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि पेयजल की कंपनी के गठन के कारण आज जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों में तो मार्च,2018 के पश्चात से लगभग 1 वर्ष 6 माह बीतने के पश्चात भी अभी तक बिल नहीं दिये गए हैं। अधिकांश वार्डो में कही 4 माह तो कहीं 6 माह के बाद किसी भी आधार पर बिल दिए जा रहे हैं। जबकि मार्च, 2017 में तत्कालीन नगर निगम ने निर्णय लिया था कि मई, 2017 से हर माह मीटर रीडिंग के आधार पर बिल दिए जाएंगे और यह सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी जाएगी। परन्तु वर्तमान नगर निगम यह निर्णय तो नहीं लागू कर पाई इसके विपरीत कंपनी का गठन कर आज शहरवासियों को परेशानी में धकेल दिया है।</p>
<p>सी.पी.एम. ने मांग की है कि पेयजल की दरों व सीवरेज चार्जेज में की गई वृद्धि को तुरंत वापिस ले। हर उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के आधार पर हर माह बिल दिये जाए तथा सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। सरकार शिमला शहर की पेयजल व्यवस्था के निजीकरण की व्यवस्था को बदल कर इसे पुनः नगर निगम शिमला के अधीन करें ताकि संविधान के 74वें संशोधन जिसमें शहरों में पेयजल की व्यवस्था करने का दायित्व नगर निगम को दिया गया है को लागू किया जा सके।</p>
<p>चौहान ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करती है तो पार्टी जनता को लामबंद कर सरकार व नगर निगम की इन जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध आंदोलन करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/21/shimla-mcs-hike-in-sewerage-cess-burdens-public/">शिमला शहर में पानी की दरों में वृद्धि के बाद अब सीवरेज चार्जेज न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह करने से जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दो वर्षों में अपने ऐशो आराम के लिए जनता के पैसों से फिजूलखर्ची के अलावा कुछ भी नहीं कर पाया शिमला नगर निगम:चौहान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/06/22/bjp-ruled-shimla-mc-a-complete-failure/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Jun 2019 10:59:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Kusum Sadret]]></category>
		<category><![CDATA[Sanjay Chauhan]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=12684</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; नगर निगम शिमला में बीजेपी के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्णतः विफल रहा है। इन दो वर्षों में पानी व कूड़े की दरों, किराया आदि में वृद्धि कर जनता के ऊपर आर्थिक बोझ डालने व सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के अतिरिक्त कुछ नहीं किया गया है तथा अपने ऐशो आराम के लिए [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/06/22/bjp-ruled-shimla-mc-a-complete-failure/">दो वर्षों में अपने ऐशो आराम के लिए जनता के पैसों से फिजूलखर्ची के अलावा कुछ भी नहीं कर पाया शिमला नगर निगम:चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; नगर निगम शिमला में बीजेपी के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्णतः विफल रहा है। इन दो वर्षों में पानी व कूड़े की दरों, किराया आदि में वृद्धि कर जनता के ऊपर आर्थिक बोझ डालने व सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के अतिरिक्त कुछ नहीं किया गया है तथा अपने ऐशो आराम के लिए नई गाड़ियां खरीद कर जनता के पैसों से फिजूलखर्ची को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कहना है भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के नेता और शिमला शहर के पूर्व मेयर संजय चौहान का।</p>
<p>चौहान का कहना है कि पूर्व नगर निगम के प्रयासों से वर्ष 2016 में पेयजल की सभी योजनाओ को सरकार से अपने अधीन लेने के पश्चात जो ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सिवरेज सर्कल(GSWSSC) का गठन कर इसमें सुधार का कार्य किया गया था, जिसमें मुख्यतः गिरी, गुम्मा व अश्विनी खड्ड पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन व पम्पो को बदलने का कार्य किया गया तथा टैंकों की मुरम्मत की गई, उसका ही नतीजा है कि 20 से 28 MLD मिलने वाला पानी आज 50 MLD से उपर तक पहुंच गया है। परन्तु जिस प्रकार से शिमला शहर में गत वर्ष 2018 में नगर निगम के कुप्रबंधन के कारण पानी के त्राहि त्राहि हुई और विश्वभर में शहर की बदनामी हुई उसके लिए शहरवासी कभी भी वर्तमान बीजेपी शासित नगर निगम को मुआफ़ नहीं करेगी।</p>
<h3>2 वर्ष में न तो पानी के मीटर लगा पाया, न ही बिल मीटर रीडिंग के आधार पे दे पाया निगम</h3>
<p>वर्तमान नगर निगम की विफलता इससे भी स्पष्ट हो जाती है कि पूर्व नगर निगम ने पूरे शहर के पानी के मीटर बदल कर जून, 2017 से पानी के बिल हर महीने मीटर रीडिंग के आधार पर देने का कार्य जोरो पर आरम्भ कर दिया था परन्तु आज 2 वर्ष बीतने के बावजूद न तो पूरे मीटर बदले गए न ही हर महीने पानी के बिल मीटर रीडिंग के आधार पर दिए जा रहे हैं। हद तो तब हो गई हैं कि कई वार्डो में तो मार्च, 2018 यानी तकरीबन एक साल तीन महीने बीतने के बावजूद पानी के बिल नहीं दिये गए हैं। इससे बीजेपी शासित नगर निगम की विफल कार्यशैली स्पष्ट होती है।</p>
<h3>शहर के जीणोद्धार व आधुनिकीकरण के लिए 2906 करोड़ रुपये की स्वीकृत परियोजना  में 2 वर्ष के पश्चात  कोई प्रगति नही</h3>
<p>उन्होंने कहा कि पूर्व नगर निगम ने वर्ष 2016 में शिमला शहर के लिए पेयजल व सीवरेज के सुधार व सतलुज से 65 MLD अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाने हेतू विश्व बैंक से 125 मिलियन डॉलर की परियोजना स्वीकृत करवाई गई थी। इससे शहर में 24&#215;7 पानी शहर में दिया जाना था। परन्तु अभी तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है। इसके विपरीत वर्तमान नगर निगम ने प्रदेश सरकार के दबाव के चलते पानी को अपनी परिधि से बाहर कर कंपनी का गठन कर इसके निजीकरण का कार्य कर दिया है।</p>
<p>स्मार्ट सिटी परियोजना, जो कांग्रेस की राज्य सरकार व केंद्र की बीजेपी सरकार के विरोध के बावजूद एक लम्बे संघर्ष के पश्चात उच्च न्यायालय में दखल से पूर्व नगर निगम ने वर्ष 2016 में शिमला शहर को इसमें सम्मिलित किया था तथा शहर के जीणोद्धार व आधुनिकीकरण के लिए 2906 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की थी। परन्तु आज 2 वर्ष से अधिक समय बीतने के पश्चात अभी तक इसमें कोई प्रगति नही की गई है। इससे नगर निगम व प्रदेश सरकार का शिमला शहर के प्रति उदासीन रवय्या स्पष्ट होता है।</p>
<h3>सफाई व्यवस्था पूर्णतःध्वस्थ, महीनों तक नहीं उठ रहा कूड़ा</h3>
<p>चौहान ने कहा कि आज शिमला शहर में सफाई व्यवस्था पूर्णतः चरमरा गई है। कई वार्ड तो ऐसे हैं जहाँ महीनों तक कूड़ा नहीं उठ रहा है। पूरे शहर में गंदगी फैली है परन्तु इस ओर नगर निगम का कोई ध्यान नहीं है। यहां तक कि सत्तारूढ़ बीजेपी के कई पार्षद भी इस पर कई बार प्रश्नचिन्ह लगा चुके हैं। भरयाल स्थित कूड़े से बिजली बनाने वाला प्लांट 2 वर्ष पूर्व लगाया गया है परन्तु वर्तमान नगर निगम इसे चलाने में पूर्णतः विफल रही है और आज इन कूड़े के ढेरों में कई दिनों से आग लगी है औऱ इससे पूरे शहर व इसके साथ लगते क्षेत्रों की हवा में जहर घुल रहा है तथा पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। परंतु नगर निगम इसको रोकने व सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।</p>
<h3>पुरानी योजनाओं का शिलान्यास कर किया जा रहा दिखावा व प्रचार</h3>
<p>पूर्व नगर निगम द्वारा आरम्भ की गई परियोजनाएं जिनमे पार्किंग, पार्क, फुटब्रिज, सामूदायिक भवन,रोपवे, तहबाजारियों के पुनर्वास, शहरी गरीब के लिए आवास, लेबर होस्टल, लक्कड़ बाज़ार से लिफ्ट व लिफ्ट से छोटा शिमला टनल आदि के निर्माण में वर्तमान नगर निगम कोई रूचि नहीं दिखा रही हैं। आज भी आई जी एम सी, विकास नगर, कैथू, स्नोव्यू, रामनगर, पंथाघाटी, ढली आदि स्थानों जो पार्किंग व फुटब्रिज का निर्माण कार्य होना है उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कसुम्पटी में जो शहर का आधुनिकतम रानी ग्राउंड पार्क का निर्माण जो 90 प्रतिशत वर्ष 2017 में पूर्ण हो गया था पिछले 2 वर्षों में शेष 10 प्रतिशत कार्य भी पूर्ण कर इसे जनता को समर्पित नही किया गया है। केवल पुरानी योजनाओं का शिलान्यास कर दिखावा व प्रचार किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित नगर निगम अपनी व शहरवासियों की बहुमूल्य सम्पत्तियों जिसमें ऐतिहासिक टाउन हॉल, टूटीकंडी क्रॉसिंग बहुउद्देश्यीय कॉम्प्लेक्स व पार्किंग, लिफ्ट, पार्क आदि को सुरक्षित रखने में पूर्णतः विफल रही है। टाउन हॉल जो शुरू से ही नगर निगम की सम्पत्ति है और इसमें नगर निगम का कार्यालय रहा है इसे हासिल करने में वर्तमान नगर निगम कोई रूचि नहीं दिखा रहा है और सरकार की मंशा में सहमति प्रदान कर इसे किसी संस्था को गुपचुप तरीके से देने के लिए कार्य किया जा रहा है। जोकि शहर की जनता के साथ एक बड़ा धोखा किया जा रहा है।</p>
<h3>सब्जी मंडी, अनाज मंडी, टिम्बर मार्किट व ट्रांसपोर्ट एरिया को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए नहीं किया कोई भी कार्य</h3>
<p>वर्तमान नगर निगम द्वारा शहर से सब्जी मंडी, अनाज मंडी, टिम्बर मार्किट व ट्रांसपोर्ट एरिया को शहर से बाहर पूर्व नगर निगम द्वारा चिन्हित स्थानों में शिफ्ट करने के लिए कोई भी कार्य नहीं किया गया है। इससे जनता को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलनी थीं तथा कारोबारियों को भी खुले में कारोबार का अवसर प्राप्त होना था।</p>
<h3>निगम अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने में विफल</h3>
<p>चौहान ने ये भी आरोप लगाया कि वर्तमान नगर निगम अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने में विफल रहा है। आज चाहे स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारी हो या जल आपूर्ति विभाग का कंपनी में भेजा कर्मचारी हो वह सभी प्रताड़ित व शोषित महसूस कर रहे हैं। सैहब सोसाइटी के कर्मचारियों का काम का बोझ तो बढ़ाया जा रहा है परन्तु इनका वेतन नही बढ़ाया जा रहा है। जल आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों को जबरन कंपनी की सेवा शर्तों पर कार्य के लिए मजबूर किया जा रहा है। सरकार द्वारा नई भर्ती पर रोक से कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे हालात पैदा कर अब पानी के साथ साथ अब सफाई भी ठेके पर देने का कार्य वर्तमान नगर निगम ने किया है।</p>
<p>बीजेपी शासित नगर निगम शिमला गत दो वर्षों में शहर के विकास को दिशा देने व पूर्व नगर निगम द्वारा स्वीकृत योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में भी पूर्णतः विफल रही है। शहर में विकास का चक्र ठप हो गया है। बीजेपी शासित नगर निगम ने जनविरोधी नीतियों को लागू कर जनता पर आर्थिक बोझ लादने का कार्य किया है। मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, सफाई, बिजली, पार्किंग, सड़क आदि का निजीकरण कर जनता की जेब मे डाका डाला जा रहा है। चौहान ने कहा कि सी.पी.एम. इन जनविरोधी नीतियो को बदलने के लिए इनके विरुद्ध जनता को लामबंद कर जनआंदोलन करेगी और ये तब तक जारी रहेगा जब तक बीजेपी की सरकार व नगर निगम इनको नहीं बदलेगी तथा जनता को बेहतर सुविधाएं व राहत नहीं प्रदान करेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/06/22/bjp-ruled-shimla-mc-a-complete-failure/">दो वर्षों में अपने ऐशो आराम के लिए जनता के पैसों से फिजूलखर्ची के अलावा कुछ भी नहीं कर पाया शिमला नगर निगम:चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बी.सी.एस के 3 चिन्हित बस स्टॉप्स पर लोग बारिश और धूप में खड़े रहने को मजबूर, एक साल में नहीं बन पाया एक भी हवाघर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/13/no-rainshelter-in-shimlas-bcs/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Apr 2019 12:38:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[BCS Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HPPWD]]></category>
		<category><![CDATA[Pubic Facility]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12566</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला-ऊपर जो आप फोटो देख रहे हैं ये तीन दिन पहले शिमला के बी.सी.एस में चिन्हित एक बस स्टॉप की है! देखा जा सकता है की बसों का इंतज़ार कर रहे लोग झाड़ियों की छाया में खड़े होकर तेज़ होती धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं! अगर आम आदमी की मूलभूत सुविधाओं की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/13/no-rainshelter-in-shimlas-bcs/">बी.सी.एस के 3 चिन्हित बस स्टॉप्स पर लोग बारिश और धूप में खड़े रहने को मजबूर, एक साल में नहीं बन पाया एक भी हवाघर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>ऊपर जो आप फोटो देख रहे हैं ये तीन दिन पहले शिमला के बी.सी.एस में चिन्हित एक बस स्टॉप की है! देखा जा सकता है की बसों का इंतज़ार कर रहे लोग झाड़ियों की छाया में खड़े होकर तेज़ होती धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं!</p>
<p>अगर आम आदमी की मूलभूत सुविधाओं की बात करें, तो पिछली ओर नयी सरकार में ज्यादा फर्क नहीं किया जा सकता! उदहारण सामने है! बी.सी.एस में लोगों ने पिछली बरसात और सर्दियाँ बिना हवाघर के बिता दी और अब धूप में जलने को तैयार हैं! शिमला प्रशाशन ने लगभग एक साल पहले बस स्टॉप्स की जगह बदल दी थी! पर आज तक जनता के लिए एक हवा घर बनाने की जहमत अभी तक न तो लोक निर्माण विभाग ने उठाई है और न ही वार्ड के पार्षद ने ये मुद्दा उठाया!स्थानियाँ मीडिया और अख़बारों का ध्यान भी इस तरफ नहीं गया!</p>
<p>बी.सी.एस में चिन्हित चार बस स्टॉप्स में से तीन में हवाघर की सुविधा मुहिया नहीं करवाई गयी है! ख़राब मौसम में भी जनता की खुले आसमान के नीचे ही बसों का इंतज़ार करना पड़ता है! अब गर्मियों के आगमन पर लोग धूप में खड़े होने को मजबूर होंगे क्योंकि वे आम लोग है!</p>
<p>इसके साथ, बी.सी.एस की जनता एक भी पार्किंग न होने की वजह से रोज़ परेशानी झेल रही है!</p>
<p>राज्य में नई सरकार ने नई लक्ज़री गाड़ियों के लिए तो बिना पालक झपके मजूरी भी दे दी थी और खरीद भी कर ली! पर जनता के लिए हवाघर बनाना सरकार के लिए एक मुशिकल काम साबित हो रहा है!</p>
<p>और अब राजनितिक दलों ने फिर से अपने घोषणा पत्रों में फिर से जनता को सब्ज़बाग दिखायें हैं!सरकार के अनुसार देश ने प्रगति के वो मुकाम छू लिए हैं जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था! भाजपा ने चुनावी तो घोषणापत्र में घोषणा भी कर दी है कि अब भ्रष्टाचार पर पर काबू पा लिया गया है और सबकुछ पारदर्शी है!</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/13/no-rainshelter-in-shimlas-bcs/">बी.सी.एस के 3 चिन्हित बस स्टॉप्स पर लोग बारिश और धूप में खड़े रहने को मजबूर, एक साल में नहीं बन पाया एक भी हवाघर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला शहर में पेयजल संकट के बीच सीवरेजयुक्त पानी की आपूर्ति के बावजूद नगर निगम गंभीर नहीं</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2018/05/25/sewerage-contaminated-water-supply-in-shimla-city/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 May 2018 10:35:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Kanlog Ward]]></category>
		<category><![CDATA[Kusum Sadret]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Crisis]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=12195</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में फेल रहने के बाद निगम अब घरों में पानी के स्थान पर सीवरेज की सप्लाई दे रहा है। बुधवार को राजधानी के कनलोग वार्ड में शांडिल निवास के पास की परिवारों को पानी की जगह सीवरेज की सप्लाई दे दी गई। रात भर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2018/05/25/sewerage-contaminated-water-supply-in-shimla-city/">शिमला शहर में पेयजल संकट के बीच सीवरेजयुक्त पानी की आपूर्ति के बावजूद नगर निगम गंभीर नहीं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>: लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में फेल रहने के बाद निगम अब घरों में पानी के स्थान पर सीवरेज की सप्लाई दे रहा है।</p>
<p>बुधवार को राजधानी के कनलोग वार्ड में शांडिल निवास के पास की परिवारों को पानी की जगह सीवरेज की सप्लाई दे दी गई। रात भर टंकियों में सीवरेज भरता रहा।</p>
<p><strong>मौके का दौरा करने तक की जहमत नहीं उठाई।</strong><br />
पानी की जगह सीवेज की सप्लाई का पता लोगों को तब लगा जब उन्होंने रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए घरों में लगे नल खोले। इतनी बड़ी चूक के बाद सूचना मिलने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट, पार्षद ब्रिज सूद, कमिश्नर रोहित जमवाल और निगम अभियंता विजय गुप्ता ने मौके का दौरा करने तक की जहमत नहीं उठाई।</p>
<p>जन प्रतिनिधियों और अफसरशाही की इस लापरवाही से कनलोग के लोगों में खासा रोष है। लोगों का कहना है कि साफ पानी पिलाने तो दूर नगर निगम ने घरों की टंकियां सीवरेज से भर दी। ऐसे नगर निगम को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए और अफसर सस्पेंड किए जाने चाहिए।</p>
<p><strong>लोगों ने फोन पर दी सूचना : पार्षद</strong><br />
कनलोग वार्ड से पार्षद ब्रिज सूद ने बताया कि बुधवार देर शाम उन्हें फोन पर सूचना मिली कि लोअर कनलोग के शांडिल निवास इलाके में पानी की लाइन में सीवरेज की सप्लाई हो रही है। तुरंत नगर निगम जल शाखा के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया और सप्लाई बंद करवाई गई। वीरवार को नई पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।</p>
<p><strong>बदबू फैली तब पता चला टंकी में सीवेज है : बुद्धि सिंह</strong><br />
कनलोग वेलफेयर सोसायटी के प्रधान बुद्धि सिंह ने बताया कि उनके घर की टंकियों में भी पानी की जगह सीवेज भर गया। आसपास के चार पांच मकानोें में भी पानी की टंकियां सीवरेज से भर गईं। पब्लिक टैप में भी सीवरेज आया। यहां पानी की पुरानी लाइन में सीवरेज आया है। सालों पहले बिछाई गई यह लाइन खराब हो चुकी है बावजूद इसके पाइप लाइन बदलने की जहमत नहीं उठाई गई। गंदे पानी की सप्लाई से लोगों के बीमार होने का खतरा है।</p>
<p><strong>बेटी ने नल खोला तो पूरे घर में फैल गई बदबू : सुनीता</strong><br />
स्थानीय निवासी सुनीता शांडिल ने बताया कि घर में पानी की डायरेक्ट सप्लाई के दो नल हैं। एक घर के बाहर और एक घर के अंदर है। बेटी ने करीब साढ़े पांच बजे जब घर के बाहर वाला नल खोला तो बदबूदार पानी की सप्लाई आई। इसके बाद घर के अंदर लगा नल खोला तो पूरे घर में बदबू फैल गई। छत पर लगी टंकियां गंदी होने से बच गई क्योंकि पानी ऊपर तक नहीं चढ़ा।</p>
<p><strong>पूरे मोहल्ले में फैल गई सीवरेज की बदबू : कांता</strong><br />
शांडिल निवास में रहने वाली कांता शांडिल ने बताया कि पानी की लाइन में लगे मीटर के पास से नाली खोलने के बाद गंदगी बाहर निकाली। मोहल्ले में पूरे दिन सीवरेज की बदबू फैलती रही। नाक मुंह ढक कर लोगों को आवाजाही करनी पड़ी। नगर निगम नियमित तौर पर पानी की सप्लाई नहीं देता। पुरानी पाइप लाइन की वजह से गंदगी पानी में मिल गई। लोगों के बीमार होने का खतरा है।</p>
<p><strong>बोतल बंद पानी में भी महसूस हो रही बदबू</strong><br />
सीवर वाले पानी की सप्लाई के बाद कनलोग के लोग दहशत में हैं। क्षेत्र के कई लोगों ने तो वीरवार को पूरे दिन पानी ही नहीं पिया। लोगों ने बताया कि बोतल बंद पानी में भी बदबू महसूस हो रही है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2018/05/25/sewerage-contaminated-water-supply-in-shimla-city/">शिमला शहर में पेयजल संकट के बीच सीवरेजयुक्त पानी की आपूर्ति के बावजूद नगर निगम गंभीर नहीं</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला रिज के वाटर टैंक में सफाई के दौरान मिले चूहे और खाली बोतलें</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/07/dead-mice-and-bottles-in-shimla-ridge-water-tank/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Feb 2017 10:48:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Drinking Water]]></category>
		<category><![CDATA[MC Water Tanks]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Ridge Water Tank]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10136</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला — शिमला रिज के नीचे अंगे्रजों द्वारा बनाए गए जल भंडारण टैंक को सोमवार को नगर निगम शिमला ने साफ करवाया। सफाई के दौरान टैंक के पानी के बीच चूहे और खाली बोतलें मिली हैं। ऐसे में फिर से निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। चूंकि आधे शहर को इसी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/07/dead-mice-and-bottles-in-shimla-ridge-water-tank/">शिमला रिज के वाटर टैंक में सफाई के दौरान मिले चूहे और खाली बोतलें</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला </strong>— शिमला रिज के नीचे अंगे्रजों द्वारा बनाए गए जल भंडारण टैंक को सोमवार को नगर निगम शिमला ने साफ करवाया। सफाई के दौरान  टैंक के पानी के बीच चूहे और खाली बोतलें मिली हैं। ऐसे में फिर से निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। चूंकि आधे शहर को इसी टैंक से पानी की सप्लाई की जाती है। </p>
<p>ऐसे में टैंक के अंदर सफाई के दौरान चूहे व खाली बोतलें मिलना जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। इससे पहले भी निगम की कार्यप्रणाली पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। शहर के कई क्षेत्रों में गंदे पानी की वजह से कई लोगों की पीलिया के कारण जान तक जा चुकी है। उक्त भंडारण टैंक की सफाई में सात घंटे का समय लगा। नगर निगम शिमला द्वारा रिज जल भंडारण टैंक की सफाई का कार्य सोमवार सुबह के समय शुरू किया गया। </p>
<p>टैंक में सबसे पहले गाद को बाहर निकाला गया। इसके बाद पानी से  टैंक की सफाई की गई। टैंक की सफाई के बाद इसमें क्लोरीन का छिड़काव किया गया। करीब सात घंटे तक चले सफाई कार्य को निगम के 35-40 कर्मचारियों ने अंजाम दिया। इस दौरान निगम के महापौर संजय चौहान व उपमहापौर टिकेंद्र पंवर भी उपस्थित रहे और उन्होंने टैंक की सफाई का पूर्ण जायजा लिया। निगम के एमई राजेश कश्यप ने बताया कि रिज भंडारण टैंक की सफाई की गई है, जिसमें करीब सात घंटे का समय लगा।</p>
<p><strong>एक सप्ताह तक रहेगी पानी की किल्लत</strong></p>
<p>रिज पर बने पेयजल स्टोरेज टैंक को सफाई के लिए खाली करवाया गया है। अब इसमें पानी का स्तर बनाने के लिए कई दिन का समय लगेगा। ऐसे में उक्त टैंक से जिन क्षेत्रों को पानी की सप्लाई होती है, उन क्षेत्र के लोगों को आगामी एक सप्ताह तक पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/07/dead-mice-and-bottles-in-shimla-ridge-water-tank/">शिमला रिज के वाटर टैंक में सफाई के दौरान मिले चूहे और खाली बोतलें</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Nov 2016 13:19:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[HP IPH Dept]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC Wards]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Water Supply]]></category>
		<category><![CDATA[Water Rationing]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9126</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर की आम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/">शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला में पीलिया फैलने के बाद भी शहर में पानी की आपूर्ति कम हुई थी जिससे आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब भी यही हाल प्रदेश की राजधानी में देखने को मिल रहा है। जिस राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही जा रही थी उस शहर  की आम जनता  बून्द बून्द पानी के लिए मोहताज है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  प्रदेश सरकार ने नगर निगम का क्षेत्र बढ़ा दिया। 25 से 35 वार्ड बनाकर शिमला नगर निगम को प्रदेश के सबसे बड़े निगम का दर्जा दे दिया। मगर आज भी लोगों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। प्रदेश सरकार के साथ हर विभाग का अधिकारी शिमला में विराजमान है। फिर भी पेयजल की बेहतर और सब तक पहुंचाने वाली कोई भी योजना धरातल पर खरी नहीं उतर रही है। </p>
<p>मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण का कुछ हिस्सा भी नगर निगम में है। सरकार के करीबी नेता शिमला शहर से चुनाव लड़ते हैं, लेकिन लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए कोई ठोस कार्य करता नजर नहीं आ रहा है। शहर में कहीं चार दिन तो कहीं दस दिन बाद पानी आ रहा है। पानी की आपूर्ति रात के अंधेरे में होती है। कभी एक बाल्टी भर जाती है तो कभी दो या तीन। रोजाना पानी की आपूर्ति शहर में नहीं होती है।</p>
<p>ग्रेटर शिमला बनाकर पानी की आपूर्ति का सारा जिम्मा नगर निगम के कंधों पर प्रदेश सरकार ने डाल दिया। ग्रेटर शिमला के लिए किसी भी प्रकार के फंड की व्यवस्था प्रदेश सरकार ने नहीं की। नगर निगम शिमला ने अमृत योजना के तहत मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से पानी को घरों तक पहुंचाने का सपना देखा है। इसी आड़ में 24 घंटे पानी का वादा आम जनता से नगर निगम मेयर और डिप्टी मेयर ने किया। शिमला की पौने तीन लाख से अधिक की आबादी के लिए हर दिन पंद्रह एमएलडी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पानी की कमी का हल सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम शिमला ने तीसरे और चौथे दिन पानी की आपूर्ति कर निकाला था।</p>
<p><strong>एक व्यक्ति को 135 लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता</strong></p>
<p>पानी के लिए निर्धारित मैनुअल के आधार पर हर व्यक्ति को एक दिन में करीब 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन राजधानी में एक व्यक्ति के लिए 80 लीटर से भी कम पानी की आपूर्ति हो रही है।</p>
<p><strong>42एमएलडी है शहर की जरूरत</strong></p>
<p>शिमला शहर को हर दिन 42 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। लीकेज के कारण शहर तक पहुंचता 30 एमएलडी से भी कम ही है। शहर में अधिकांश पाइप लाइनें कई साल पुरानी ही बिछी है, जिनमें लीकेज की दिक्कत आती है। लीकेज से पांच से सात एमएलडी पानी व्यर्थ हो जाता है। पानी की किल्लत का सबसे बड़ा कारण जगह-जगह पानी का रिसाव है। </p>
<p> Shimla Water Supply, Water Rationing, Shimla City, Shimla MC Wards, Shimla Water Crisis, HP IPH Dept, Shimla MC</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/28/shimla-city-faces-water-shortage-due-to-leakage-in-supply-pipes/">शिमला में कहीं 4 तो कहीं 10 दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई, सालो पुराणी सप्लाई पाइपों में लीकेज से ही बर्बाद हो रहा पानी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ताराहाल स्कूल के पास बच्चों व आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया जाए ओवरहैड ब्रिज: फारका</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/construction-of-overhead-bridge-in-shimla-near-tarahal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Nov 2016 11:31:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Secretary VC Pharka]]></category>
		<category><![CDATA[DDU hospital]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Public Works Department]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla City]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla MC]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8915</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल प्रदेश सचिवालय के मुख्य सचिव वीसी फारका ने नगर निगम शिमला तथा लोक निर्माण विभाग को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पुराना बस अड्डा डी.डी.यू. हॉस्पिटल के नये कॉम्पलैक्स के पास)को चौड़ा करने तथा शिमला नगर में नये रैन शैल्टर बनाने का कार्य अतिशीघ्र पूरा करने के निदेश दिए हैं। मुख्य सचिव ने [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/construction-of-overhead-bridge-in-shimla-near-tarahal/">ताराहाल स्कूल के पास बच्चों व आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया जाए ओवरहैड ब्रिज: फारका</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश सचिवालय के मुख्य सचिव वीसी फारका ने नगर निगम शिमला तथा लोक निर्माण विभाग को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार पुराना बस अड्डा डी.डी.यू. हॉस्पिटल के नये कॉम्पलैक्स के पास)को चौड़ा करने तथा शिमला नगर में नये रैन शैल्टर बनाने का कार्य अतिशीघ्र पूरा करने के निदेश दिए हैं। </p>
<p>मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम शिमला क्षेत्र में जहां भी स्थान उपलब्ध है वहां लोगों की सुविधा के लिए रेन शैल्टर बनाए जाएं और पुराने रेन शैल्टर में अगर मुरम्मत कार्य की आवश्यकता है तो यह कार्य भी अति शीघ्र पूर्ण किया जाए। शिमला पुराना बस अड्डा (डीडीयू हॉस्पिटल के नये कॉम्पलैक्स के पास) को चौड़ा करने के लिए यहां स्थित सात दुकानों को अतिशीघ्र नए कॉम्पलैक्स में स्थानान्तरित कर दिया जाए और यहां सड़क को चौड़ा करने का कार्य अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए।  </p>
<p>नगर निगम क्षेत्र में चिन्हित 70 स्थानों में से 41 स्थानों पर सड़कों को चौड़ा करने का कार्य आरम्भ किया जा चुका है और अन्य स्थानों पर भी यह कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। </p>
<p>नगर निगम शिमला आयुक्त को दिए गए  निर्देश अनुसार ताराहाल स्कूल के पास बच्चों व आम लोगों की सुविधा के लिए ओवरहैड ब्रिज बनाया जाए और यह कार्य कंकरीट के बजाए हॉलो स्ट्कचर के माध्यम से पूर्ण किया जाए। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को शिमला नगर में स्थित इंटर लिंक सड़कों को चौड़ा करने का कार्य भी जल्द पूर्ण करने को कहा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/19/construction-of-overhead-bridge-in-shimla-near-tarahal/">ताराहाल स्कूल के पास बच्चों व आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया जाए ओवरहैड ब्रिज: फारका</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
