<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Shimla Child Swapping Case Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-child-swapping-case/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-child-swapping-case/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 26 Oct 2016 11:58:09 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Shimla Child Swapping Case Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/shimla-child-swapping-case/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बच्चा बदलने के मामले में नर्स व दाई गिरफ्तार, लापरवाही का सारा ठीकरा निम्न स्टाफ के सर फोड़ पल्ला रहा झाड़ केएनएच प्रबंधन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/two-arrested-in-knh-child-swapping-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Oct 2016 10:22:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Heath Department]]></category>
		<category><![CDATA[KNH Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Lady reading Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Child Swapping Case]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Police]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8350</guid>

					<description><![CDATA[<p>बदले हुए बच्चों की माताओं की प्रसूति के समय थी दाई रूप देवी की ड्यूटी,अस्पताल प्रशासन ने भी की कार्रवाई की तैयारी, निलंबित होंगी महिला कर्मी शिमला- राजधानी शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में बच्चा बदलने के मामले में पुलिस ने मंगलवार देर शाम दो महिला कर्मचारियों पुष्पा व रूप देवी को गिरफ्तार किया [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/two-arrested-in-knh-child-swapping-case/">बच्चा बदलने के मामले में नर्स व दाई गिरफ्तार, लापरवाही का सारा ठीकरा निम्न स्टाफ के सर फोड़ पल्ला रहा झाड़ केएनएच प्रबंधन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बदले हुए बच्चों की माताओं की प्रसूति के समय थी दाई रूप देवी की ड्यूटी,अस्पताल प्रशासन ने भी की कार्रवाई की तैयारी, निलंबित होंगी महिला कर्मी</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> राजधानी शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में बच्चा बदलने के मामले में पुलिस ने मंगलवार देर शाम दो महिला कर्मचारियों पुष्पा व रूप देवी को गिरफ्तार किया है। पुष्पा नर्स है जो नर्सरी रूम में तैनात थी। रूप देवी केएनएच में दाई के तौर पर कई साल से सेवाएं दे रही है। बदले हुए बच्चों की माताएं अंजना व शीतल की प्रसूति के समय भी रूप देवी की ड्यूटी थी।</p>
<p><strong>पढ़ें:</strong> <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/" target="_blank">कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</a></strong></p>
<p>पुलिस ने पूछताछ के बाद पुष्पा व रूप देवी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई पुलिस की ओर से की गई है। अस्पताल प्रबंधन के बड़े अधिकारी इससे पहले इस मामले से अपना पल्ला झाड़ चुके हैं। उन्होंने लापरवाही का सारा ठीकरा निम्न स्टाफ पर फोड़ दिया है। दोनों महिला कर्मचारियों के गिरफ्तार होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इन महिला कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन निलंबित करेगा जिससे संबंधित फाइल बनाई जा रही है। जब भी किसी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होता है तो उसके बाद प्रशासन सबसे पहले निष्कासित करता है। दो दिन के भीतर दोनों कर्मचारियों के निलंबित होने के संबंध में आदेश जारी हो सकते हैं।</p>
<p><strong>क्या इस तरह पहले भी बच्चे बदले गए होंगे?</strong></p>
<p>केएनएच में बच्चे बदलने के मामले में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस तरह पहले भी बच्चे बदले गए होंगे? अगर पहले भी ऐसा होता रहा होगा तो फिर कितने परिवारों में ऐसे बच्चे होंगे जो असली माता-पिता के हैं ही नहीं। क्या पुत्र मोह में बच्चे बदलने का खेल पहले से चल रहा होगा? अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि बच्चे अनजाने में बदले गए हैं या जानबूझ कर लेकिन आज भी केएनएच के रिकॉर्ड में कोई बच्चा बदला ही नहीं गया है। जिन कागजों पर बच्चों की प्रसूति दर्ज होती है, उन्हें सही ढंग से स्टाफ और प्रशासन काला करता है ताकि गलती कभी पकड़ी ही न जाए। </p>
<p>पढ़ें: <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/" target="_blank">केएनएच में अभिभावकों का धरना-प्रदर्शन, अस्पताल ने मानी गलती, लेबर रूम स्टाफ पर डाला सारा इलज़ाम</a></p>
<p>उक्त मामले में भी पुलिस ने केएनएच के रिकॉर्ड के हिसाब से मामले की नहीं सुलझाया बल्कि डीएनए रिपोर्ट के दम पर खुलासा हुआ है। अगर आज से पहले बच्चे बदले भी गए होंगे तो किसी भी माता-पिता को इस संबंध में पता नहीं चल पाया होगा। एक दाई आसानी से किसी भी बच्चे को एक-दूसरे के हाथों में थमा सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि केएनएच में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक आते हैं जो काफी भोले होते हैं। स्टाफ के साथ ग्रामीण कम उलझते हैं। वे केवल डॉक्टरों की हां में हां मिलाने में लगे होते हैं। प्रदेश के एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में लापरवाही के कारण इस तरह का मामला सामने आना कई सवाल खड़े करता है। जब से यह मामला सामने आया है, ऐसे सैकड़ों माता-पिता चिंता में पड़ गए हैं जिनके बच्चे केएनएच में पैदा हुए हैं।</p>
<p>दो महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। पहले इन महिला कर्मचारियों से पूछताछ की गई। उसी आधार पर इन्हें गिरफ्तार किया गया। बुधवार को आरोपी महिलाओं को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।</p>
<p> <strong>दाई नहीं बताती बेटा हुआ या बेटी</strong></p>
<p>पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दाई यह बताती ही नहीं है कि बेटा हुआ है या बेटी। अगर लेबर रूम में प्रसूता का कोई तीमारदार न हो तो किसी को नहीं पता होता है कि बेटी या बेटा पैदा हुआ है। जिस दिन बच्चे बदले गए थे, उस दिन भी दोनों बच्चों के संबंध में दाई ने नहीं बताया था। दाई ने बच्चे पैदा होने के बाद नर्सरी रूम में तैनात नर्स को बच्चे थमा दिए थे। इसके अलावा यह नहीं बताया था कि किस महिला को क्या पैदा हुआ है। ऐसे में अब पुलिस भी चिंता में है। ऐसी लापरवाही पहले भी हुई होगी लेकिन लेबर रूम में तैनात किस कर्मचारी की गलती सबसे अधिक है, यह पुलिस तय नहीं कर पा रही है।</p>
<p><strong>जानिए कब क्या हुआ</strong></p>
<p>26 मई- केएनएच में शीतल की प्रसूती हुई। उसके साथ एक अन्य लड़की थी जिसे नर्स ने बताया कि शीतल के लड़का हुआ है। कुछ देर बाद बताया कि लड़की हुई है। उन्हें लड़की थमा दी गई।</p>
<p><strong>13 जून</strong>&#8211; शिकायतकर्ता शीतल ने बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाया।</p>
<p><strong>28 जून</strong>-डीएनए रिपोर्ट आई जो परिजनों से मेल नहीं खा रही थी।</p>
<p><strong>30 जून</strong>&#8211; परिजनों ने केएनएच प्रबंधन से लिखित शिकायत की।</p>
<p><strong>13 जुलाई</strong>&#8211; परिजनों ने पुलिस अधीक्षक शिमला से शिकायत की।</p>
<p><strong>14 जुलाई</strong>&#8211; छोटा शिमला थाना के एसएचओ ने मामले की जांच के लिए परिजनों को थाने में बुलाया।</p>
<p><strong>15 जुलाई</strong>&#8211; पुलिस की निगरानी में डीएनए टेस्ट करवाया गया।</p>
<p><strong>28 जुलाई</strong>&#8211; रिपोर्ट पुलिस को सौंपी गई।</p>
<p><strong>4 अगस्त</strong>&#8211; पुलिस से दोबारा शिकायत की गई।</p>
<p><strong>27 अगस्त</strong>&#8211; बच्ची का डीएनए सैंपल लिया गया।</p>
<p><strong>9 सितंबर</strong>&#8211; फोरेंसिक लैब जुन्गा से रिपोर्ट मिली। बच्चे का डीएनए माता-पिता से नहीं मिला।</p>
<p><strong>जच्चा-बच्चा के फुट-फिंगर प्रिंट लेना जरूरी</strong></p>
<p>स्वास्थ्य विभाग की ओर मंगलवार को त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से सभी सीएमओ ने भाग लिया। इस दौरान केएनएच में बच्चा बदलने के मामले को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान सभी सीएमओ को सख्त निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में होने वाले प्रसव के दौरान लापरवाही न बरती जाए और प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिला के अंगूठे के निशान और नवजात के पैरों के निशान फार्म पर लिए जाएं। </p>
<p>इसके साथ ही मामले के दौरान तैनात स्टाफ की जिम्मेदारी भी तय करने को कहा गया। इसके अलावा सारे रिकार्ड को अप टू डेट करने के निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही सभी सीएमओ को निर्देश दिए गए कि वह जेनेरिक दवाएं लिखनी सुनिश्चित करें। इतना ही नहीं बैठक में यह भी कहा गया कि जो डाक्टर जेनेरिक दवाएं लिखे वह यह भी सुनिश्चित करें कि स्टोर पर वे दवाइयां मरीज को उपलब्ध भी हों। ऐसा न करने की स्थिति में सीएमओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। </p>
<p>पीएनडीटी एक्ट के तहत सभी सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें अपने अधीन आने वाले क्षेत्र विशेष में अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का हर तीन माह में निरीक्षण करना होगा। बैठक के दौरान सामने आया कि अधिकतर मामलों में निरीक्षण नहीं किया जाता है। इसके साथ-साथ फूड सैंपल लेने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं वह अधिक मात्रा में खाद्य वस्तुओं के सैंपल ले और तय समय में उनकी जांच सुनिश्चित करें, ताकि घटियां सामान पर नजर रखी जा सके।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/two-arrested-in-knh-child-swapping-case/">बच्चा बदलने के मामले में नर्स व दाई गिरफ्तार, लापरवाही का सारा ठीकरा निम्न स्टाफ के सर फोड़ पल्ला रहा झाड़ केएनएच प्रबंधन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केएनएच में अभिभावकों का धरना-प्रदर्शन, अस्पताल ने मानी गलती, लेबर रूम स्टाफ पर डाला सारा इलज़ाम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/</link>
					<comments>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Oct 2016 14:09:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[DR LS Chaudhary]]></category>
		<category><![CDATA[Khalini Councillor Praveen Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[KNH Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Lady reading Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Child Swapping Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8298</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: केएनएच में बदले गए बच्चों के मामले पर सोमवार को बच्चों के अभिभावक सहित खलिणी के दर्जनों लोगों ने सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोला। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के कमरे के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और ऐसी लापरवाही पर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पढ़ें: [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/">केएनएच में अभिभावकों का धरना-प्रदर्शन, अस्पताल ने मानी गलती, लेबर रूम स्टाफ पर डाला सारा इलज़ाम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला: केएनएच में बदले गए बच्चों के मामले पर सोमवार को बच्चों के अभिभावक सहित खलिणी के दर्जनों लोगों ने सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोला। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के कमरे के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और ऐसी लापरवाही पर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। </p>
<p>पढ़ें: <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/" target="_blank">कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</a></p>
<p>इस दौरान लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ 2 दिन में सख्त कार्रवाई करने को कहा है। यदि इस तय अवधि में दोषियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो लोगों ने शहर में चक्का जाम करने की चेतावनी प्रशासन को दी है। इस दौरान लोगों ने कहा है कि अस्पताल की इतनी बड़ी लापरवाही का खमियाजा 2 माताओं व 2 नवजातों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने डिलिवरी के समय तैनात डाक्टरों व पैरामैडीकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे डालने की मांग की है। इस मौके पर बच्ची के पिता जितेंद्र व निशांत के पिता अनिल ने एमएस(MS) को 26 अक्तूबर तक दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है।</p>
<p><strong>अस्पताल में सिस्टम को भी किया जाए दुरुस्त</strong></p>
<p>इस मौके पर स्थानीय लोगों ने चिकित्सा अधीक्षक को लेबर रूम में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने कहा कि नवजात के पैदा होने के बाद उन्हें अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाए, टोपियों व नवजातों केे कपड़ों में टैग लगाते समय सावधानियां बरती जाएं ताकि गलती से भी अदला-बदली का मामला पेश न आए। इसके अलावा जहां नवजात को रखा जाता है, उस कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। </p>
<p><strong>डीसी -एसपी से मिला प्रतिनिधिमंडल </strong></p>
<p>केएनएच में धरना देने के बाद लोगों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक व जिलाधीश से भी मिला और उनसे प्रतिनिधिमंडल ने मामले पर जल्द जांच पूरी कर दोषियों को सख्त सजा दिलवाने का आग्रह किया। खलिणी के पार्षद परवीण कुमार ने बताया कि यदि प्रशासन ने मामले पर इस बीच कोई कार्रवाई नहीं की तो इसके बाद खलीणी के लोग जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी घेराव कर सकते हैं।</p>
<p><strong>केएनएच ने मानी गलती, लेबर रूम के स्टाफ पर फोड़ा सारा ठीकरा </strong></p>
<p>केएनएच प्रबंधन ने बच्चा बदलने को लेकर आखिरकार अपनी गलती मान ली है। प्रबंधन ने माना है कि डिलीवरी रूम में मौजूद स्टाफ के लोगों से भारी चूक हुई है। प्रबंधन ने अपने सिर पर आई बला को लेबर रूम में डिलीवरी के दौरान मौजूद डॉक्टरों तथा सहयोगी स्टाफ पर इसका ठीकरा फोड़ दिया है।</p>
<p>इससे एक बात और जाहिर हो गई कि अस्पताल में प्रबंधन तथा गायनी विभाग दो धड़ों में बंट चुका है। सोमवार को इसका ताजा उदाहरण देखने को भी मिला जब बच्चे बदलने वाले दंपतियों से प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रबंधन ने दोनों दंपतियों से बातचीत की तो कमेटी रूम में गायनी विभाग की ओर से कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं थे।</p>
<p>अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलएस चौधरी से दोनों दंपतियों ने मांग की है कि जो भी दोषी है उन्हें सामने लाकर 24 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे डाला जाए। मंडी के दंपति ने बताया कि जब उन्होंने प्राइवेट लैब की डीएनए रिपोर्ट उन्हें दिखानी चाही तो जांच कमेटी ने उन्हें ऐफिडेविट बनाने की बात कही।</p>
<p>जिससे उनकी मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने इस दौरान सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज तक चैक करने की बात की। इधर बात ज्यादा बिगड़ती देख अस्पताल के एमएस दंपतियों को शांत करवाते नजर आए।  इधर शिमला दंपति ने जब डिलीवरी के लिए जिम्मेवार व्यक्ति के बारे में पूछना चाहा तो एमएस ने दो टूक कहते हुए कहा कि इसके लिए तो डिलीवरी वाले ही पूर्ण रुप से जिम्मेवार है।  </p>
<p>जिससे कि पता चलता है कि अस्पताल अब दो गुटों में बंट चुका है। हालांकि इस पूरे प्रकरण में एमएस पर ही सभी लोगों का गुस्सा फूटा। प्रबंधन के साथ मीटिंग में न होने पर विभागाध्यक्ष का कहना था कि वह इस दौरान ओपीडी में थीं। इसके अलावा अस्पताल में प्रदर्शन की उन्हें कोई सूचना नहीं है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/">केएनएच में अभिभावकों का धरना-प्रदर्शन, अस्पताल ने मानी गलती, लेबर रूम स्टाफ पर डाला सारा इलज़ाम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/25/knh-shimla-child-swapping-case/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>1</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कमला नेहरूअस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/</link>
					<comments>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Oct 2016 05:34:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[HP High Court]]></category>
		<category><![CDATA[KNH Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Lady reading Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Child Swapping Case]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8190</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला: कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में शुक्रवार को दोनों दंपति हाजिर हुए। कोर्ट ने कहा-यह अपने आप में बड़ा विचित्र और तकलीफदेह केस है। आप दोनों खुद अलग कमरे में बैठ कर बच्चों की अदला-बदली की तारीख तय कर कोर्ट को बता दें। दोनों दंपति पहली बार एक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/">कमला नेहरूअस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में शुक्रवार को दोनों दंपति हाजिर हुए। कोर्ट ने कहा-यह अपने आप में बड़ा विचित्र और तकलीफदेह केस है। आप दोनों खुद अलग कमरे में बैठ कर बच्चों की अदला-बदली की तारीख तय कर कोर्ट को बता दें।</p>
<p>दोनों दंपति पहली बार एक साथ बैठे। माहौल में खुशी और गम का अजीब मंजर था। तय हुआ कि 26 अक्तूबर को जितेंद्र के खलीनी स्थित घर में दोनों बच्चों की भाई बहन की तरह अन्न ग्रहण की रस्म होगी। दोनों पांच महीने पहले 26 तारीख को ही पैदा हुए थे।</p>
<p>और इसी दिन दोनों बच्चे अपने असली मां बाप को सौंप दिए जाएंगे। बाद में कोर्ट को इसकी सूचना दे दी जाएगी। हिमाचल हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने डीएनए जांच रिपोर्ट पेश करने के बाद शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे इस मामले में सुनवाई शुरू की।</p>
<p><strong>मुख्य न्यायाधीश भी हुए दुखी, कहा दोनों के साथ हुई है ज्यादती</strong></p>
<p>इस दौरान दोनों दंपति बच्चों के साथ कोर्ट में उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश ने दोनों बच्चों के अभिभावकों को डीएनए रिपोर्ट से अवगत करवाया। सीजे मंसूर अहमद मीर ने बच्चा बदलने की घटना को दु:खद बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से दोनों परिवारों के साथ ज्यादती हुई है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने दोनों बच्चों के अभिभावकों से कहा कि हालांकि बच्चों को अलग करना दुखदायी और असहनीय पीड़ा दायक होगा, लेकिन यदि दोनों परिवार बच्चों को भाई-बहन मान कर आगे बढ़ें तो वह पीड़ा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चा बदलने के दोषियों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। इस मामले पर आगामी सुनवाई 27 अक्तूबर को होगी।</p>
<p><strong>दोनों परिवारों ने मिल बैठकर लिया बड़ा फैसला</strong></p>
<p>इससे पहले खंडपीठ ने दोनों दंपति को आपसी सुलह से मामला कोर्ट से बाहर सुलझाने को कहा। कोर्ट ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए कि वह इस मामले को अपने लॉजिकल तरीके से सुलझाएं।</p>
<p>कोर्ट की सलाह पर दोनों बच्चों के माता-पिता रजिस्ट्रार जनरल के कक्ष में आपसी समझौते के लिए बैठे। दो दौर में चली इस चरचा और बातचीत के बाद सहमति से निर्णय लिया कि  दोनों दंपति शिमला के खलीनी स्थित अमानत के पिता के घर पर दोनों बच्चों का अन्न ग्रहण अनुष्ठान करेंगे।</p>
<p>इसमें दोनों बच्चों अमानत और नितांश को दोनों दंपति अपने-अपने परिवार की मौजूदगी में अपनाएंगे। इसके बाद दोनों एक-दूसरे को बच्चे सौंप देंगे। ये बातचीत बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सभी मान रहे थे कि गलती उनकी नहीं, केएनएच की है। 27 अक्तूबर को दंपति पुन: कोर्ट में पेश होंगे और कानूनी रूप से दोनों के बीच बनी सहमति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।</p>
<p><strong>कोर्ट के बाहर रोती रहीं माएं</strong></p>
<p>कोर्ट के बाहर दोनों माएं रोती रहीं। अंजना के आंसू तो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। दोनों मीडिया से बात करते हुए रो रहे थे। अंजना को बेटे के छिन जाने का दुख था जिसकी वह बायोलॉजिकल मां नहीं।</p>
<p>शीतल को भी अपनी बेटी के चले जाने का दुख सता रहा था जो उसकी नहीं है। दोनों परिवारों के बीच एक अजीबो-गरीब रिश्ता बन गया था। दंपतियों में बच्चा बदलने की घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा था। वे कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/">कमला नेहरूअस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में अपने असली मां बाप को सौंप जाएंगे दोनों बच्चे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/22/shimla-child-swapping-case/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>2</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
