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	<title>protest Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>protest Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>शिमला: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं ने हिम बस कार्ड के विरोध में किया प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/07/shimla-womens-protest-against-him-bus-card-on-international-womens-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:09:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। इस दौरान महिला समिति ने हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा शुरू किए गए हिम बस कार्ड का कड़ा विरोध किया। हिम बस कार्ड से बढ़ रहा आर्थिक बोझ समिति का कहना [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2026/03/07/shimla-womens-protest-against-him-bus-card-on-international-womens-day/">शिमला: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं ने हिम बस कार्ड के विरोध में किया प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। इस दौरान महिला समिति ने हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा शुरू किए गए हिम बस कार्ड का कड़ा विरोध किया।</p>
<p><strong>हिम बस कार्ड से बढ़ रहा आर्थिक बोझ</strong></p>
<p>समिति का कहना है कि महिलाओं के लिए शुरू किया गया हिम बस कार्ड सुविधा देने के बजाय आर्थिक बोझ में डाल रहा है। समिति ने कहा कि सभी महिलाएं रोजाना बस से सफर नहीं करतीं और दूसरी ओर कई क्षेत्रों में सरकारी बसों की आवाजाही बेहद कम है। महिला समिति का कहना है कि महिलाओं को काम पर जाने, बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए अक्सर शिमला आना पड़ता है, लेकिन बसों की कमी के कारण हिम बस कार्ड उनके लिए उपयोगी साबित नहीं हो रहा।</p>
<p>समिति ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब में महिलाओं को आधार कार्ड के आधार पर राज्यभर में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है, जबकि हिमाचल में किराए में दी जा रही रियायत भी समाप्त होने की कगार पर है।</p>
<p><strong> कहीं सीमित आवाजाही, कहीं रास्ते में खराब हो रही बसें</strong></p>
<p>महिला समिति की राज्य सचिव फलना चौहान ने कहा कि जिन परिवारों में तीन से चार महिलाएं हैं, उनके लिए यह कार्ड बनवाना काफी महंगा पड़ रहा है। साथ ही लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया में भी लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कई मामलों में आवेदन रद्द होने पर दोबारा आवेदन के लिए फिर से शुल्क देना पड़ता है, जो आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।</p>
<p>समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल ने कहा कि शिमला शहर में सरकारी बसों की कमी के कारण महिलाओं को बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस लाने के लिए अक्सर निजी बसों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में हिम बस कार्ड का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा। पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हिम बस कार्ड के जरिए सिर्फ महिलाओं से 50% की छूट को खत्म करना चाहती हैं, जो महिलाओं के साथ सरासर धोखा है।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कार्यकर्ता हिम्मी ने कहा कि गांवों में बसों की आवाजाही पहले से ही सीमित है। कई बार लोगों को आधा रास्ता पैदल या छोटी गाड़ियों से तय करना पड़ता है, इसलिए वहां के लिए भी यह योजना व्यावहारिक नहीं है।</p>
<p>महिला समिति की शहरी कोषाध्यक्ष रमा रावत ने आरोप लगाया कि कई बार खराब बसों को ग्रामीण रूटों पर भेजा जाता है, जिससे यात्रियों को बीच रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p>इस दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य अध्यक्ष सनी सेकता ने भी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से पढ़ने आने वाले छात्रों को शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में बसों की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>योजना बंद न करने पर करेंगी आंदोलन</strong></p>
<p>प्रदर्शन के बाद महिला समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने एचआरटीसी के प्रबंधक से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। समिति ने यह भी मांग की कि बंद पड़े बस रूटों को तुरंत बहाल किया जाए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने बस कार्ड योजना को तुरंत वापस लेकर महिलाओं को पहले की तरह किराए में छूट जारी नहीं रखी, तो आने वाले समय में पथ परिवहन निगम के खिलाफ प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन और घेराव किया जाएगा।</p>
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		<title>शिमला: रोहड़ू में किसानों-बागवानों का प्रदर्शन, हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने MSP लागू करने, विदेशी सेब पर शुल्क और लेबर कोड रद्द करने की उठाई मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/13/rohr-himachal-seb-utpadak-sangh-demands-msp-guarantee-higher-duty-on-imported-apples-and-repeal-of-labour-codes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 06:21:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Apple Growers]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला : वीरवार को रोहड़ू बस स्टैंड परिसर में राष्ट्रव्यापी किसान–मज़दूर हड़ताल के तहत आयोजित सभा में जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू और छुहारा क्षेत्र के किसान–बागवान बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभा के दौरान किसानों और मजदूरों से जुड़ी कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, किसानों की भूमि व घरों से [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला </strong><strong>: </strong>वीरवार को रोहड़ू बस स्टैंड परिसर में राष्ट्रव्यापी किसान–मज़दूर हड़ताल के तहत आयोजित सभा में जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू और छुहारा क्षेत्र के किसान–बागवान बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभा के दौरान किसानों और मजदूरों से जुड़ी कई प्रमुख मांगें उठाई गईं।</p>
<p>इनमें मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, किसानों की भूमि व घरों से बेदखली पर रोक लगाने, भूमिहीन और गरीब किसानों को कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने, किसान विरोधी टैरिफ नीतियों व मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर रोक लगाने, विदेशी सेब पर पर्याप्त आयात शुल्क सुनिश्चित करने, सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने तथा प्राकृतिक आपदाओं व विकास कार्यों से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।</p>
<p>सेब उत्पादक संघ के वरिष्ठ नेता संजय चौहान ने आरोप लगाया कि देश के नीति-निर्धारक और केंद्र सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को संरक्षित करने में लगे हैं, जबकि किसानों, मजदूरों और आम जनसाधारण के अधिकारों को लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र को कमजोर करने वाली नीतियां अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी।</p>
<p>उन्होंने सभी मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार से तत्काल सकारात्मक कदम उठाने की अपील की तथा चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक व तेज़ किया जाएगा।</p>
<p>हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों और मजदूरों की मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। संघ ने प्रदेश के किसानों-बागवानों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।</p>
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		<item>
		<title>एसजेवीएन मुख्यालय के बाहर हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत सैंकड़ों मज़दूरों का प्रदर्शन, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन की उठाई मांग</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/04/22/sjvnl-workers-protest-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Apr 2025 13:49:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[CITU]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला –  शनान स्थित सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVN) के मुख्यालय के बाहर तीन हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत सैंकड़ों ठेका मज़दूरों नें अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ग्रेच्युटी, बीमा व काम के आधार पर पद जैसी मुख्य मांगों को लेकर किया गया। मज़दूरों को नहीं दिया जा रहा न्यूनतम वेतन मजूदर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/04/22/sjvnl-workers-protest-in-shimla/">एसजेवीएन मुख्यालय के बाहर हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत सैंकड़ों मज़दूरों का प्रदर्शन, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन की उठाई मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला –</strong>  शनान स्थित सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVN) के मुख्यालय के बाहर तीन हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत सैंकड़ों ठेका मज़दूरों नें अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ग्रेच्युटी, बीमा व काम के आधार पर पद जैसी मुख्य मांगों को लेकर किया गया।</p>
<p><strong>मज़दूरों को नहीं दिया जा रहा न्यूनतम वेतन</strong></p>
<p>मजूदर नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि एस जे वी एन के 1500 मेगावाट, 412 मेगावाट और 210 मेगावाट हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत मज़दूरों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के प्रावधानों में कार्य की प्रकृति के अनुसार मजदूरों को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है, ताकि उनको श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाए। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सतलुज जल विद्युत निगम मजदूरों से कुशल कार्य करवाता है लेकिन वेतन अर्धकुशल के अनुसार दिया जाता है।</p>
<p><strong data-start="932" data-end="966">बीमा और ग्रेच्युटी पर उठे सवाल</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए बीमा का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि एन एच पी सी मज़दूरों को बीमा की सुविधा देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मज़दूरों को ग्रेच्युटी की सुविधा से वंचित रखा जा रहा है।</p>
<p class="" data-start="1247" data-end="1478">उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी न केवल सेवा समाप्ति या सेवानिवृत्ति पर बल्कि मज़दूर की मृत्यु, विकलांगता या त्यागपत्र की स्थिति में भी देनी अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन जीने के अधिकार के तहत यह मज़दूरों का बुनियादी हक है। मज़दूरों को उनके वैधानिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है।</p>
<p><strong data-start="1480" data-end="1542">मज़दूरों की आवाज़ उठाने वालों को किया जा रहा प्रताड़ित </strong></p>
<p>प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा मज़दूरों की आवाज़ उठाने वालों को चिन्हित कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर मज़दूर विरोधी रवैये को दर्शाता है।</p>
<p><strong>अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी</strong></p>
<p>मज़दूर नेताओं ने कहा कि एसजेवीएन को भारत सरकार के सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा &#8220;नवरत्न&#8221; का दर्जा मिला है, जो कंपनी की 36 वर्षों की यात्रा में एक अहम उपलब्धि है। वित्त वर्ष 2023-24 में एसजेवीएन ने हाइड्रो, सौर और पवन परियोजनाओं से कुल 8489 MU बिजली का उत्पादन कर 908.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया। इसका बड़ा हिस्सा हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से आया है। उन्होंने कहा कि मज़दूरों के बिना एसजेवीएन के इस सफर की कल्पना करना भी असंभव है। ऐसे में मजदूरों के योगदान को नज़रअंदाज़ करना अन्यायपूर्ण है।</p>
<p>मज़दूर नेताओं ने कहा कि यदि आने वाले समय में मज़दूरों की मांगों को नहीं माना गया तो उन्हे मजबूरन  अनिश्चितकालीन समय के लिए हाइड्रो परियोजनाओं का काम बंद करना पड़ेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/04/22/sjvnl-workers-protest-in-shimla/">एसजेवीएन मुख्यालय के बाहर हाइड्रो प्रोजेक्टों में कार्यरत सैंकड़ों मज़दूरों का प्रदर्शन, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन की उठाई मांग</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बिजली बोर्ड में पद समाप्ति के खिलाफ कर्मचारियों की राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/29/hp-electricty-board-employees-threatens-statewide-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 15:58:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Electricity Board]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[hpseb]]></category>
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		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला:  बिजली बोर्ड में चल रही पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया पर बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता जॉइंट फ्रंट ऑफ़ ने पुरजोर विरोध जताया है। उन्होंने  सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस प्रक्रिया में आगे बढ़ती है तो कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्ज राज्यव्यापी आंदोलन की ओर बढ़ने के लिए मजबूर होंगे। [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/29/hp-electricty-board-employees-threatens-statewide-protest/">बिजली बोर्ड में पद समाप्ति के खिलाफ कर्मचारियों की राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong>  बिजली बोर्ड में चल रही पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया पर बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता जॉइंट फ्रंट ऑफ़ ने पुरजोर विरोध जताया है। उन्होंने  सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस प्रक्रिया में आगे बढ़ती है तो कर्मचारी, अभियंता व पेंशनर्ज राज्यव्यापी आंदोलन की ओर बढ़ने के लिए मजबूर होंगे।</p>
<p>जॉइंट फ्रंट के संयोजक ई लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड़ में चल रहे इन घटनाक्रर्मो पर सयुंक मंच ने 11 फरवरी,2025 को हमीरपुर में विशाल जिला बिजली पंचायत बुलाई है। जिसके बाद अन्य जिला में भी कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर व उपभोक्ता ऐसी जिला पंचायत का आयोजन कर इन नीतियों का विरोध करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा बिजली बोर्ड पिछले दो दशकों से कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की संख्या मात्र 13,800 रह गई है जबकि नब्बे के दशक में बोर्ड में 43,000 कर्मचारी हुआ करते थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज बोर्ड लाइन, सबस्टेशन व अन्य ढांचे में कई गुना वृद्धि हुई है वहीं उपभोक्ताओं की संख्या 6 लाख से 30 लाख हो गई है। लेकिन हैरानी की बात है बिजली बोर्ड प्रबंधन व प्रदेश सरकार बिजली बोर्ड में भर्तियां करवाने की बजाय कर्मचारियों की संख्या नीचे लाने में युद्धस्तर पर कार्य कर रहे है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2025/01/29/hp-electricty-board-employees-threatens-statewide-protest/">बिजली बोर्ड में पद समाप्ति के खिलाफ कर्मचारियों की राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jul 2019 15:18:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[ABVP]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[HP VC]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। गौरतलव है की पिछले [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/">10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।</p>
<p>गौरतलव है की पिछले 11 जुलाई को विद्यार्थी परिषद ने कैम्पस मे धरना प्रदर्शन किया था जिसके चलते 10 छात्रों का निष्काशन कर दिया है।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12747" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg" alt="ABVP Protest at HPU over suspension of members 3" width="1000" height="481" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3-300x144.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-3-768x369.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>धरने को संबोधित करते हुए इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया की एक तरफ जब कर्मचारियों द्वारा कुलपति कार्यालय में नारेबाजी की जाती है तो उन कर्मचारियों क खिलाफ कुलपति साहब की कोई प्रतिक्रिया नही आती, परन्तु जब ऐबीवीपी कैम्प्स में धरना प्रदर्शन करते है तो उन्हें तुरन्त प्रभाव से निष्कासित कर दिया जाता है जोकि सरासर एकतरफा कार्यवाही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/ABVP?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ABVP</a> stages a protest at <a href="https://twitter.com/hashtag/HPUniversity?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HPUniversity</a> over the suspension of its 10 members for protesting against irregularities. The organization alleges the Vice-Chancellor of one-sided action and demanded revoking suspension.<a href="https://twitter.com/hashtag/HimachalPradesh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HimachalPradesh</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Shimla?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Shimla</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Education?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Education</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/HPUCampus?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#HPUCampus</a> <a href="https://t.co/cWebRUEUMZ">pic.twitter.com/cWebRUEUMZ</a></p>
<p>&mdash; Himachal Watcher (@HimachalW) <a href="https://twitter.com/HimachalW/status/1152236044688846849?ref_src=twsrc%5Etfw">July 19, 2019</a></p></blockquote>
<p> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>चन्देल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कमियों को छुपाने क लिए तरह-2 के हथकण्डे अपना रहा है। जहाँ अधूरे परिणामों की वजह से प्रदेश भर के छात्र परेशानी में हैं वहीँ प्रशासन अपने मुंह मिया मिठु बनने में कोई कसर नही छोड़ता।</p>
<p><a href="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12748" src="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg" alt="ABVP Protest at HPU over suspension of members" width="1000" height="563" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-300x169.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/07/ABVP-Protest-at-HPU-over-suspension-of-members-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>चन्देल ने कहा कि सभी को ज्ञात है विवि में नौ महीने में पीएचडी (P.hD) और एमसीऐ (MCA) में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले सामने आते है, और इन सभी गडवड़ियों के विरोध करने वाले छात्र संगठनों की आवाज को दबाने का प्रयास विश्वविद्यालय प्रशासन् कर रहा है।</p>
<p>धरने क माध्यम से प्रशासन को चेताते हुये परिषद ने मांग उठाई विश्वविद्यालय अपना काम करे न कि छात्र संगठनों के कार्य मे दखल दे। ऐबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द परिषद कार्यकर्ताओं का निष्कासन् वापिस नही करता है तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने में कोई गूरेज़ नही होगाI ऐबीवीपी ने साथ ही यूजी UG के सभी परीक्षा परणामों को पूरा करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/19/abvp-protest-at-hpu-campus-over-suspension-of-its-members/">10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>वीडियो:2 दिन में  छात्राओं सहित विश्वविद्यालय से 36 निष्कासित, एक तरफ़ा करवाई के खिलाफ छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/05/hpu-suspends-36-students-in-2-days-sfi-protest-against-one-sided-action/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Apr 2019 17:15:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Campus]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[SFI]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-आज एस०एफ०आई० हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी तरीके से लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य रूप से सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। छात्र [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/05/hpu-suspends-36-students-in-2-days-sfi-protest-against-one-sided-action/">वीडियो:2 दिन में  छात्राओं सहित विश्वविद्यालय से 36 निष्कासित, एक तरफ़ा करवाई के खिलाफ छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-आज एस०एफ०आई०  हिमाचल  प्रदेश  विश्वविद्यालय  इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय  परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।</p>
<p>एस०एफ० आई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों पर गैरकानूनी  तरीके से  लगातार हमले किए जा रहे हैं । संगठन का कहना है कि ये मुख्य  रूप  से सरकार के इशारे  पर किया जा रहा है। छात्र संगठन ने कहा कि बीते कुछ दिन पहले वि०वि० इकाई  के द्वारा परिसर में आउटसोर्स के मुद्दे का कड़ा विरोध किया था और उसके बाद विश्वविद्यालय में एस०एफ०आई०की जितनी भी गतिविधियां हुई उसमें तमाम छात्र समुदाय ने बढ़ चढ़कर भाग लिया!  एस०एफ० आई का कहना है कि तमाम नीतियों को लेकर छात्रों का विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार को रास नहीं आया और बड़ी सुनियोजित तरीके से परिसर के अंदर छात्र गुटों में लड़ाई करवाई और बाद में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सुनियोजित तरीके से रोक लगा दी ।</p>
<p><iframe width="661" height="364" src="https://www.youtube.com/embed/ZpuGmZ_iAl8" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में न तो कोई विरोध प्रदर्शन करने दिया जा रहा है और न ही छात्रों को किसी भी अथॉरिटी के साथ मिलने दिया जा रहा है जिसके चलते प्रशासन के द्वारा दो दिनों के भीतर ही 36 छात्रों को निष्कासित किया जा चुका है जिनका कसूर बस इतना है कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रश्न उठा रहा थे।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि इसी कड़ी के चलते जो भी छात्र निष्कासित है उन्हें न तो सुचारू रूप से कक्षाओं में आने दिया जा रहा है और न ही हॉस्टल में रहने की अनुमति प्रशासन के द्वारा दी जा रही है जिसके चलते तमाम छात्र समुदाय को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही साथ जो भी लड़कियां इस  निष्कासन के चलते हॉस्टल में नहीं रह पा रही है उन्हें भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।</p>
<p> एस०एफ० आई ने कहा कि दूसरे छात्र संगठन की तो अभी तक दोषी छात्रों पर कोई भी कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के द्वारा नहीं की गई है जो कि यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और ए०बी०वी०पी०  दोनों मिलकर छात्र राजनीति को बदनाम कर रहे हैं और साथ ही साथ पुलिस प्रशासन के द्वारा भी एक तरफा कार्रवाई तमाम घटनाक्रम पर की जा रही है।</p>
<p>एस०एफ०आई ने तमाम विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से यह मांग की है कि बीते दिनों विश्विधालय में जो घटनाक्रम हुए हैं उस  पर एक तरफा कार्रवाई न करके न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग की कि जिन छात्रों का निष्कासन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया है उसे एक दिन के भीतर वापिस लिया जाए अन्यथा आने वाले दूसरे दिन कोई भी अथॉरिटी विश्वविद्यालय परिसर के अंदर मान्य नहीं की जाएगी जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा! </p>
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		<item>
		<title>पहले बिना नोटिस नौकरी से निकाला, अब प्रदर्शन के बाद एजी ऑफिस शिमला ने बहाल किये सभी 35 आउटसोर्स कर्मचारी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/01/ag-office-shimla-revoks-termination-of-35-outsourced-workers-after-protest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Apr 2019 15:50:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[AG Office Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[CITU]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Labor Laws]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- एजी ऑफिस शिमला से पैंतीस आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के खिलाफ सीटू जिला कमेटी शिमला के बैनर तले मजदूरों ने आज एजी ऑफिस में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सुबह सात बजे से शुरू होकर साढ़े ग्यारह बजे तक चला। चार घण्टे के प्रदर्शन के बाद प्रधान महालेखाकार व यूनियन पदाधिकारियों के बीच आधे [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><br />
शिमला-</strong> एजी ऑफिस शिमला से पैंतीस आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के खिलाफ सीटू जिला कमेटी शिमला के बैनर तले मजदूरों ने आज एजी ऑफिस में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सुबह सात बजे से शुरू होकर साढ़े ग्यारह बजे तक चला। </p>
<p>चार घण्टे के प्रदर्शन के बाद प्रधान महालेखाकार व यूनियन पदाधिकारियों के बीच आधे घण्टे की बातचीत हुई। बातचीत में निकाले गए सभी पैंतीस ठेका मजदूरों को नौकरी पर दोबारा रखने की सहमति बनी व सभी मजदूरों को डयूटी पर बहाल कर दिया गया।<br />
<iframe loading="lazy" width="661" height="364" src="https://www.youtube.com/embed/-sNH8gB9rQk" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>सीटू जिला महासचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एजी ऑफिस के अधिकारियों व ठेकेदार ने इन पैंतीस मजदूरों को बिना नोटिस बिना कारण गैरकानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया था। ये मजदूर एजी ऑफिस में पिछले दस से बीस वर्षों से कार्यरत थे। मेहरा ने आरोप लगया कि ठेकेदार बदलने की आड़ में इन मजदूरों की बेवजह छंटनी कर दी गई थी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि ठेकेदार ठेका मजदूर अधिनियम 1970 का उल्लंघन करना बन्द करें नहीं तो सीटू श्रम कानूनों को लागू करवाने व मजदूर हितों की रक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन करने से भी नहीं हिचकिचायेगी।</p>
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		<item>
		<title>सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर्स का छोटा शिमला सचिवालय में प्रदर्शन, रखी ये मांगे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/30/hp-anganwari-helper-and-workers-union-protest-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Sep 2016 11:40:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Anganwari workers union]]></category>
		<category><![CDATA[HP Anganwari helpers]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt]]></category>
		<category><![CDATA[HP Secretariat Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन ने सचिवालय के बाहर मजदूर यूनियन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा के चुनाव नजदीक आ रहे हैं। 38 हजार परिवारों की अनदेखी सरकार पर भारी पड़ेगी। यूनियन ने सरकार से हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल में भी आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्करों के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/30/hp-anganwari-helper-and-workers-union-protest-in-shimla/">सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी वर्कर्स का छोटा शिमला सचिवालय में प्रदर्शन, रखी ये मांगे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन ने सचिवालय के बाहर मजदूर यूनियन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा के चुनाव नजदीक आ रहे हैं। 38 हजार परिवारों की अनदेखी सरकार पर भारी पड़ेगी। यूनियन ने सरकार से हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल में भी आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्करों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी करने की मांग उठाई।</p>
<p>शिमला स्थित पंचायत घर से लेकर छोटा शिमला तक आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन के सैकड़ों सदस्यों ने रैली निकाली। छोटा शिमला में सचिवालय के पास प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव राजकुमारी ने सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मियों से जुड़े 38 हजार परिवार हैं।</p>
<p>सरकार ने अगर इसी तरह मांगों की अनदेखी की तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्ते दो मिनट में कई गुणा करने वाले सरकार आंगनबाड़ी हेल्परों और वर्करों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। यूनियन की अध्यक्ष खीमी भंडारी ने कहा सरकार द्वारा हजारों महिलाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।</p>
<p>सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि बुधवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को फेल करने के लिए सरकार ने कई हथकंडे अपनाए। विभागीय अफसरों ने आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्करों को काम पर आने का दबाव बनाया। सीटू नेता डा. कश्मीर सिंह, जगतराम, रमाकांत मिश्रा, नीलम, बीना, चंपा, अंजना, सुमित्रा और पिंगला सहित कई अन्य ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।</p>
<p><strong>यूनियन ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र</strong></p>
<p>आंगनबाड़ी हेल्पर एवं वर्कर यूनियन ने प्रदर्शन के दौरान सचिवालय जाकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल को यूनियन से बात करने कहा। करीब दो घंटे तक यूनियन की मंत्री और अफसरों के साथ बैठक हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री ने मांगें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।</p>
<p><strong>यह हैं मांगे</strong><br />
&#8211; हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी वर्करों को 7500 रुपये और हेल्पर को 4000 रुपये प्रति माह वेतन।</p>
<p>&#8211; साल 2015-16 के बजट में सरकार द्वारा मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा को लागू करना। साल 2015 से एरियर का भुगतान।</p>
<p>&#8211; सरकारी कर्मचारी घोषित करना। सरकारी कर्मियों की तरह सभी सुविधाएं देना।</p>
<p>&#8211; सेवानिवृत्ति आयु केंद्र सरकार के आदेशानुसार 65 साल करना। सेवानिवृत्ति पर पेंशन और ग्रेच्युटी देना।</p>
<p>&#8211; आंगनबाड़ी केंद्रों में खाली पद पर उस केंद्र की कार्यरत हेल्पर को वर्कर के पद पर पदोन्नत करना।</p>
<p>&#8211; सिरमौर और कांगड़ा में डाइट काउंसलर की भर्ती को बंद करना।</p>
<p>&#8211; ईंधन बिल एक रुपये प्रति लाभार्थी देना।</p>
<p>&#8211; एनआरएचएम के बकाया रुपयों को भुगतान जल्द करना। यह भुगतान जून 2013 से मार्च 2015 तक का लंबित है।</p>
<p>&#8211; सुपरवाइजरों के खाली पद जल्द भरना।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>गुस्साए छात्रों ने शंखनाद के साथ एचपीयू में निकाली कुलपति की शव यात्रा, 70 दिनों से लगतार क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की कोई नहीं ले रहा सुध</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/06/15/hpu-vc-shav-yatra-funeral-procession/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jun 2016 15:04:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[ADN Bajpai]]></category>
		<category><![CDATA[HP University]]></category>
		<category><![CDATA[HPU]]></category>
		<category><![CDATA[HPU Funeral Procession]]></category>
		<category><![CDATA[HPU SFI Hunger Strike]]></category>
		<category><![CDATA[HPU VC Shav Yatra]]></category>
		<category><![CDATA[Pink Petals HP University]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>विद्यार्थियों की 70 दिनों की क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद न तो कुलपति को छात्रों की मूलभूत जरूरतों की आवाज सुनाई दे रही है व न ही भूखे बैठे छात्र दिखाई दे रहे है। भूख बैठ रहे छात्रों के बीमार पड़ने पर भी कुलपति कोई प्रतिक्रिया देना तक आवश्यक नहीं समझ रहे हैें। शिमला- हिमाचल [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विद्यार्थियों की 70 दिनों की क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद न तो कुलपति को छात्रों की मूलभूत जरूरतों की आवाज सुनाई दे रही है व न ही भूखे बैठे छात्र दिखाई दे रहे है। भूख बैठ रहे छात्रों के बीमार पड़ने पर भी कुलपति कोई प्रतिक्रिया देना तक आवश्यक नहीं समझ रहे हैें।<br />
</strong><br />
<strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में गुस्साए छात्रों ने मंगलवार को कुलपति की शव यात्रा निकाली। शंखनाद के बीच छात्रों ने पहले पूरे परिसर में अर्थी को घुमाया और इसके बाद कुलपति का पुतला जलाया। छात्रों ने 70 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल को और अधिक उग्र कर दिया है।</p>
<p><iframe loading="lazy" width="560" height="315" src="https://www.youtube.com/embed/tVzRsyUXvuA" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></p>
<p>शव यात्रा आ‌र्ट्स ब्लॉक से शुरू होकर समरहिल बाजार होते हुए पिंक पेटलस पर समाप्त हुई। पिंक पेटलस पर ही कार्यकर्ताओं ने कुलपति की प्रतीकात्मक अर्थी भी जलाई। शव यात्रा में सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। शव यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति की नीतियों व हठ के खिलाफ नारेबाजी की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics.jpg" alt="Students Politics" width="800" height="580" class="alignnone size-full wp-image-6094" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics-300x218.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics-768x557.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics-324x235.jpg 324w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics-696x505.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/Students-Politics-579x420.jpg 579w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><strong>शव यात्रा से बाहर निकला आक्रोश</strong></p>
<p>छात्र नेता अध्यक्ष नोबल ठाकुर ने कहा कि कुलपति की तानाशाही के खिलाफ छात्रों का आक्रोश शवयात्रा से बाहर निकला है। महान उपन्यासकार प्रेमचंद के शब्दों में, <em>&#8216;जब व्यक्ति कुछ नहीं कहता, कुछ नहीं सुनता और कुछ नहीं देखता, कुछ नहीं समझता तो व्यक्ति मर जाता है।&#8217;</em> विवि कुलपति की भी वर्तमान में यही स्थिति बनी हुई है। </p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/hpu.jpg" alt="hpu" width="700" height="566" class="alignnone size-full wp-image-6093" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/hpu.jpg 700w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/hpu-300x243.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/hpu-696x563.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/hpu-519x420.jpg 519w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<p>विद्यार्थियों की 70 दिनों की क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद न तो कुलपति को छात्रों की मूलभूत जरूरतों की आवाज सुनाई दे रही है व न ही भूखे बैठे छात्र दिखाई दे रहे है। भूख बैठ रहे छात्रों के बीमार पड़ने पर भी कुलपति कोई प्रतिक्रिया देना तक आवश्यक नहीं समझ रहे हैें।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor.jpg" alt="HP University Vice Chancellor" width="800" height="600" class="alignnone size-full wp-image-6091" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-300x225.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-768x576.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-80x60.jpg 80w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-265x198.jpg 265w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-696x522.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/06/HP-University-Vice-Chancellor-560x420.jpg 560w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><strong>एमसीए विभाग के विद्यार्थी बैठे हड़ताल पर</strong></p>
<p>छात्रों ने दो टूक कहा है कि इस कदर नकारात्मक रवैये वाले कुलपति को विवि में हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। छात्रों का आक्रोश भूख हड़ताल के दिनों के बढ़ने के साथ ही लगातार बढ़ता जा रहा है व यदि यह भूख हड़ताल और लंबी गई तो कुलपति के लिए परिणाम घातक होंगे। आंदोलन के 69वें दिन एमसीए विभाग के आयुष, विपिन और विपन आगामी 48 घंटों के भूख हड़ताल पर बैठे है।</p>
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		<title>येलो लाइन पार्किंग के खिलाफ भाजपा करेगी आन्दोलन!</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/12/28/shimla-yellow-line-parking-protest-by-bjp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Dec 2015 13:38:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
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		<category><![CDATA[Shimla yellow line parking]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- शिमला नगर निगम द्वारा येलो लाइन लगा कर पार्किंग बना कर लोगो से पैसे वसूलने का भाजपा ने विरोध किया है और इसके खिलाफ भाजपा आन्दोलन शुरू करेगी ! शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज ने नगर निगम पर लोगो से अवैध वसूली करने के आरोप लगाए ! शिमला मे आयोजित पत्रकार वार्ता के [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> शिमला नगर निगम द्वारा येलो लाइन लगा कर पार्किंग बना कर लोगो से पैसे वसूलने का भाजपा ने विरोध किया है और इसके खिलाफ भाजपा आन्दोलन शुरू करेगी ! शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज ने नगर निगम पर लोगो से अवैध वसूली करने के आरोप लगाए ! शिमला मे आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा की शिमला शहर मे नगर निगम जनता पर अनावाशक  आर्थिक बोझ डाल रहा है शहर की सड्को  के किनारे येलो लाइन लगा कर पार्किंग बना कर लोगो से पैसे वसूलने की तैयारी की जा रही है जिसके खिलाफ भाजपा आंदोलन करेगी ! </p>
<p>येलो लाइन लगा कर पार्किंग के नाम पर पैसे वसूलने का भाजपा नगर निगम के सदन के अंदर ओर बाहर भाजपा इसका विरोध करेगी ! और अगर नगर निगम यह फैसला वापिस नही लेती है तो भाजपा सडको पर उतर कर इसका विरोध करेगी ! उनोहने कहा की शिमला में गाड़िया पार्क करने के लिए पार्किंग नही है लोगो से गाड़ी पार्क करने के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है वाही अब सडक किन्नारे अपने वाहन पार्क करने के लिए भी अब नगर निगम लोगो से पैसे वसूलने जा रही है!</p>
<p><iframe loading="lazy" width="700" height="400" src="https://www.youtube.com/embed/Swv7bESf1mw" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></p>
<p>उनोहने  नगर निगम के महापौर ओर उप महापौर पर मनमर्जी से कार्य  करने के आरोप लगया ओर कहा की निगम के चुने हुए प्रतिनिधियों को किसी भी निर्णय मे शामिल नही किया जा रहा है पार्षदो को नगर निगम के कार्यो तक का पता  नही होता है ! </p>
<p><strong>न्यायलय के  स्मार्ट सिटी पर दिए  फैसले को लागु करे सरकार  </strong></p>
<p>वही स्मार्ट सिटी पर आए हाईकोर्ट के निर्णय का सुरेश भदवाज़ ने स्वागत करते हुए कहा की  स्मार्ट सिटी  राजनीतिक विषय  नही है  बल्कि मेरिट के आधार का विषय है ! उनोहने कहा की सेल्फ असेस्मेंट के आधार पर शिमला के सबसे ज्यादा पॉइंट बनते है ! शिमला का नाम ही स्मार्ट सिटी मे होना चाहिए था लेकिन प्रदेश सरकार ने शिमला को न लेकर धर्मशाला को चुना गया ! उनोहने सरकार से हाई कोर्ट के निर्णय को लागू कर  जो शहर स्मार्ट सिटी के लिए प्रथम आता है उन्हे ही स्मार्ट सिटी मे शामिल किया </p>
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