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	<title>HP Education Department Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>HP Education Department Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, नियम तोड़ने पर NOC होगी रद्द</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2026/02/08/hp-govt-tightenes-noose-around-himachals-private-school/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:23:00 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला:  हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong> हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>अक्सर देखा गया है कि कई निजी स्कूल अभिभावकों पर बच्चों की किताबें, कॉपियां और वर्दी किसी एक तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह की किसी भी व्यवस्था को तुरंत समाप्त करें।</p>
<p><strong>शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि:</strong></p>
<ul>
<li>स्कूल स्वयं किताबें या कॉपियां नहीं बेच सकेंगे।</li>
<li>किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से किताबें, कॉपियां या वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।</li>
</ul>
<p><strong>नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सार्वजनिक होंगे निर्णय</strong></p>
<p>शिक्षा विभाग ने सभी सेकेंडरी और प्रारंभिक उपनिदेशकों, स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पीटीए के माध्यम से अभिभावकों का जनरल हाउस आयोजित किया जाए। इस बैठक में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद से संबंधित विषय को गंभीरता से रखा जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जनरल हाउस में लिए गए निर्णयों को स्कूलों के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।</p>
<p><strong>नियम तोड़े तो रद्द होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)</strong></p>
<p>शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अवहेलना की जाती है या विभाग को शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द किया जा सकता है।</p>
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		<item>
		<title>शिक्षा विभाग में 2000 दैनिक भोगी अंशकालीन कर्मचारियों होंगे नियमित,  पढ़ें मंत्रिममण्डल  के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/21/hp-education-department-employees-to-be-regularized/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Sep 2016 13:51:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Cabinet Meeting]]></category>
		<category><![CDATA[HP Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[HP Govt Cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[Hp Govt Employees]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नगरोटा बगवां, शाहपुर, कुमारसैन और नैनादेवी में एसडीएम कार्यालय खोलने की स्वीकृति, कुल्लू बाई-पास से बिजली महादेव तक रज्जू मार्ग परियोजना की मंजूरी, चौपाल में राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोलने को मंजूरी शिमला-हिमाचल प्रदेश की आयोजित बैठक में उच्च/प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में वर्ष 1996 की नीति के तहत 27 जुलाई, 2001 से पूर्व नियुक्त किए गए [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नगरोटा बगवां, शाहपुर, कुमारसैन और नैनादेवी में एसडीएम कार्यालय खोलने की स्वीकृति, कुल्लू बाई-पास से बिजली महादेव तक रज्जू मार्ग परियोजना की मंजूरी, चौपाल में राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोलने को मंजूरी<br />
</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>हिमाचल प्रदेश की आयोजित बैठक में उच्च/प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में वर्ष 1996 की नीति के तहत 27 जुलाई, 2001 से पूर्व नियुक्त किए गए लगभग 2000 दैनिकभोगी अंशकालीन जलवाहकों तथा जलवाहक एवं सेवादारों, जिन्होंने 31 मार्च, 2016 तथा 30 सितम्बर, 2016 को बतौर दैनिक भोगी अंशकालीन जलवाहकों तथा जलवाहक एवं सेवादारों के रूप में 14 साल का निरन्तर सेवाकाल पूरा कर लिया है, की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>बैठक में कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां और शाहपुर तथा शिमला जिले के कुमारसैन में नए उपमण्डल कार्यालय (नागरिक) खोलने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर जिले के स्वारघाट में नैनादेवी के लिए नए उपमण्डल अधिकारी (नागरिक) का कार्यालय सृजन का भी मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने मण्डी जिले में उप तहसील धर्मपुर को स्तरोन्नत कर तहसील बनाने का निर्णय भी लिया। उप तहसील टीहरा को धर्मपुर तहसील में मिलाने तथा उप तहसील टीहर से चौलथरा और सधोट पटवार वृत्तों को बाहर करने तथा इन्हें सरकाघाट तहसील में मिलाने का भी निर्णय लिया गया। इसी प्रकार संधोल तहसील के दो पटवार वृत्तों गोरट और कमलाह को प्रस्तावित धर्मपुर तहसील में मिलाने का भी बैठक में निर्णय लिया गया।</p>
<p>मंत्रिममण्डल ने सिरमौर जिले की नौराधार तहसील के पटवार वृत्त चारना, ददाहू तहसील के पटवार वृत्त खाला क्यार, भाटगढ़, कोटी धीमन व जारंग तथा चम्बा जिले के विकास खण्ड मैहला को दुर्गम क्षेत्र सब-कैडर में शामिल करने को अपनी मंजूरी प्रदान की।</p>
<p>बैठक में शिमला के उप-मोहाल क्यारी (रझाणा) को नगर निगम शिमला में शामिल करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने जंगी-थोपन (960 मैगावाट) जल विद्युत परियोजना के मामले में बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के साथ समझौता करने के लिए प्राधिकृत किया।</p>
<p><strong>पदां का सृजन एवं भरना<br />
</strong><br />
मंत्रिमण्डल ने वन विभाग में अनुबंध आधार पर बहुद्देशीय कामगारों के 108, उच्च शिक्षा विभाग में कार्यालय सहायक (आईटी) के आठ, वैटरीनरी अधिकारी के सात तथा नगर निगम शिमला के अन्तर्गत कृष्णानगर स्थित आधुनिक बूचड़खाने के लिए पैरा-वैटरीनेरीयनज़ के आठ पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के 6,  लेखन एवं मुद्रण विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के 4 तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) के 3 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने पॉलीटैक्निक/इंजिनियरिंग कालेज के उप-निदेशक के पद के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की। आतिथ्य सत्कार एवं प्रोटोकॉल विभाग में अनुबन्ध आधार पर लिपिक के 2 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर जिला के राजकीय महाविद्यालय जुखाला में एसएलए व जेएलए के एक-एक पद के सृजन को स्वीकृति प्रदान की।  हमीरपुर जिला के राजकीय महाविद्यालय भोरंज में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (सूचना प्रौद्योगिकी) तथा नियमित आधार पर वरिष्ठ सहायक के एक पद को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p><strong>अन्य महत्वपूर्ण निर्णय<br />
</strong><br />
मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री ज्ञान दीप योजना को मंजूरी प्रदान की जिसके तहत समस्त हिमाचली विद्यार्थियों को बिना किसी आय सीमा के बैंकों से 10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>बैठक में कुल्लू बाईपास से बिजली महादेव तक पीपीपी मोड़ पर रज्जू मार्ग के निर्माण स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने प्रस्तावित चामुंडा-होली सुरंग तक सड़क के निर्माण पर चर्चा की, जिसमें प्रथम दृष्ट्या इस मामले को भारत सरकार के राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण से उठाने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>बैठक में शिमला जिला के रोहडू तथा हमीरपुर जिला के नादौन में आवश्यक पदों सहित 2 नए नगर योजना कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला के चौपाल में आगामी शैक्षणिक सत्र 2017-18 से अनुबन्ध आधार पर पदों को भरने सहित नया राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोलने को मंजूरी प्रदान की।</p>
<p>बैठक में सिरमौर जिला के संगड़ाह में नए प्राथमिक शिक्षा खण्ड कार्यालय के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अनुबन्ध आधार पर नियुक्त आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों की सेवाओं को नियमित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।</p>
<p>बैठक में शिमला जिला के सुन्नी में किसान प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक किसान कल्याण निधि को 10 बीघा जमीन आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के लिए आवासीय संस्थान स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की।</p>
<p><strong>संशोधन एवं नियम<br />
</strong><br />
मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश रीवर राफ्टिंग नियम, 2005 में संशोधन करने का निर्णय लिया।</p>
<p>बैठक में राज्य की क्षेत्रीय योजनाओं की व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की गई। शहरी एवं नगर नियोजन विभाग द्वारा संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधन के प्रावधानों के अनुरूप क्षेत्र की स्थापना के लिए सभी जिलों को एक इकाई के रूप में लिया जाएगा।</p>
<p>मंत्रिमण्डल ने समेकित शिशु संरक्षण योजना की पूर्ति के लिए जुविनाईल जस्टिस (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 से संबद्ध मुख्यमंत्री बाल उद्वार योजना में संशोधन को मंजूरी प्रदान की।</p>
<p>बैठक में केन्द्रीय बिक्री कर (हि.प्र.) नियम, 1970 में ‘जीजी फार्म (इनडेमनिटी बॉंड फार्म) के अंतर्वेश तथा नियम-6 व 6-बी में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्रों में दो वर्ष की अवधि के लिए वन संरक्षण अधिनियम, 1980 की अप्रासंगिकता से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p>‘कम्प्यूटर एप्लिकेशन एवं सम्बद्ध गतिविधियां में प्रशिक्षण एवं दक्षता’ योजना-2006 के अन्तर्गत नियमों में संशोधन करने को भी मंत्रिमण्डल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>3 को 1 से भाग नहीं कर पाए  हिमाचल की प्राथमिक पाठशाला के विद्यार्थी, उपायुक्त हैरान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/26/education-standard-in-himachals-government-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 May 2016 12:02:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[DC Shimla]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजकीय प्राथमिक पाठशाला ठारू में चौथी व पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे गणित में एक सवाल भी हल नहीं कर पाए। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर जब बुधवार को स्कूल में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो गणित में भाग का एक प्रश्न लिखवाया। प्रश्न में तीन अंकों को एक अंक से भाग करना [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राजकीय प्राथमिक पाठशाला ठारू में चौथी व पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे गणित में एक सवाल भी हल नहीं कर पाए। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर जब बुधवार को स्कूल में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो गणित में भाग का एक प्रश्न लिखवाया। प्रश्न में तीन अंकों को एक अंक से भाग करना था, लेकिन करीब 15 बच्चों में से एक भी बच्चा प्रश्न का जवाब नहीं दे पाया। यह देखकर उपायुक्त हैरान रह गए। उन्होंने जब बच्चों से पूछा तो कोई भी बच्चा जवाब नहीं दे पाया। फिर उपायुक्त ने शिक्षकों से पूछा, तब शिक्षक भी गर्दन झुकाए खड़े रहे।। उपायुक्त ने शिक्षकों को डांट लगाते हुए शिकायत शिक्षा विभाग से करने की बात कही है।</p>
<p><strong>सीएचसी, आइटीआइ और पुलिस चौकी का भी किया निरीक्षण</strong></p>
<p>उपायुक्त ने जलोग में सीएचसी, आइटीआइ और पुलिस चौकी का निरीक्षण भी किया और विभिन्न विकासात्मक कायरें का जायजा लिया। इसके अलावा उपायुक्त ने स्कूल में छात्रों के साथ विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प होकर पढ़ाई करनी चाहिए तथा विकास के लिए खेल व अन्य गतिविधियों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>
<p><strong>भज्जी स्कूल में पाठन कार्य संतोषजनक</strong></p>
<p>उपायुक्त ने मशोबरा विकास खंड के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला मूल भज्जी का भी निरीक्षण किया। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मूल-भज्जी में अध्यापन और पठन-पाठन कार्य बहुत ही संतोषजनक है। यहा पर विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/05/26/education-standard-in-himachals-government-schools/">3 को 1 से भाग नहीं कर पाए  हिमाचल की प्राथमिक पाठशाला के विद्यार्थी, उपायुक्त हैरान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल के 16 कॉलेजों में  शुरू किए जाएंगे बैचलर ऑफ वोकेनशल कोर्स के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म कोर्स</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/29/vocational-courses-in-himachals-colleges/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Apr 2016 11:17:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
		<category><![CDATA[जिला]]></category>
		<category><![CDATA[B.Voc Courses]]></category>
		<category><![CDATA[Center of Excellence College Snajauli]]></category>
		<category><![CDATA[Department of Higher Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Govt Mandi College]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Colleges]]></category>
		<category><![CDATA[HP Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Principal Ashok Awasthi]]></category>
		<category><![CDATA[vocational courses]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रदेश के 16 सरकारी कॉलेजों में शैक्षणिक 2016-17 से बी-वॉक (बैचलर ऑफ वोकेनशल) कोर्स शुरू किए जाएंगे,2016-17 से बी-वॉक कोर्स के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म कोर्स शुरू किए जाएंगे शिमला- उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 16 कॉलेजों में चौथे संकाय की तैयारी पूरी कर ली है। कला, वाणिज्य और विज्ञान के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/29/vocational-courses-in-himachals-colleges/">हिमाचल के 16 कॉलेजों में  शुरू किए जाएंगे बैचलर ऑफ वोकेनशल कोर्स के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म कोर्स</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश के 16 सरकारी कॉलेजों में शैक्षणिक 2016-17 से बी-वॉक (बैचलर ऑफ वोकेनशल) कोर्स शुरू किए जाएंगे,2016-17 से बी-वॉक कोर्स के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म कोर्स शुरू किए जाएंगे</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 16 कॉलेजों में चौथे संकाय की तैयारी पूरी कर ली है। कला, वाणिज्य और विज्ञान के अलावा अब प्रदेश में बी-वॉक की बैचलर डिग्री की जा सकेगी। प्रदेश के 16 सरकारी कॉलेजों में शैक्षणिक 2016-17 से बी-वॉक (बैचलर ऑफ वोकेनशल) कोर्स शुरू किए जाएंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने 16 कॉलेजों की सूची जारी कर दी है।</p>
<p>बी-वॉक कोर्स के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश के 500 सरकारी स्कूलों में इन विषयों के वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं। इससे अब छात्रों को लेबल-7 में बी-वॉक कोर्स करने का मौका मिलेगा। प्रदेश के 500 सरकारी स्कूलों में तीन वर्ष पहले उच्च शिक्षा विभाग ने वोकेशनल कोर्स शुरू किए थे।</p>
<p><strong>इन कॉलेजों में बी-वॉक कोर्स</strong></p>
<p>उच्चतर शिक्षा विभाग ने कोर्स शुरू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इनमें राजकीय महाविद्यालय मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, बिलासपुर, चंबा, नादौन, धर्मशाला, ढलियारा, पालमपुर, कुल्लू, सोलन महाविद्यालय, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संजौली, रामपुर, ऊना, नाहन और हमीरपुर कॉलेज में रिटेल मैनेजमेंट तथा हॉस्पिटैलिटी इन टूरिज्म की बैचलर डिग्री शुरू की जा रही है।</p>
<p>शिक्षा विभाग से बी-वॉक कोर्स के बारे में पत्र मिला है। विभाग ने कोर्स शुरू करने को संगठनात्मक ढांचे की रिपोर्ट मांगी है। मंडी कॉलेज प्रशासन बी-वॉक कोर्स शुरू करने को तैयार है। अशोक अवस्थी, प्राचार्य मंडी कॉलेज  </p>
<p>Photo: RBU/Representational Image </p>
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			</item>
		<item>
		<title>दिहाड़ीदार पिता के होनहार बेटे ने 94.2 % अंक हासिल कर हिमाचल में किया टॉप, आईएएस बनना चाहता है रोशन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/04/26/hp-board-of-school-education-exam-topper/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 Apr 2016 14:23:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Arki]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[HP Board Topper]]></category>
		<category><![CDATA[HP Education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Rohan Lal Sahni]]></category>
		<category><![CDATA[Solan]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- घर की हालत ठीक नहीं, पिता को घरों में सफेदी करने से मिली आमदनी से पूरे परिवार का लालन-पोषण करना पड़ता है। बावजूद इसके राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (ब्वॉयज) के छात्र रोशन लाल साहनी ने 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर समूचे प्रदेश में टॉप कर लिया। कई बार परिवार की स्थिति यहां तक पहुंच [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  घर की हालत ठीक नहीं, पिता को घरों में सफेदी करने से मिली आमदनी से पूरे परिवार का लालन-पोषण करना पड़ता है। बावजूद इसके राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (ब्वॉयज) के छात्र रोशन लाल साहनी ने 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर समूचे प्रदेश में टॉप कर लिया। कई बार परिवार की स्थिति यहां तक पहुंच जाती थी कि रोशन को किताबें व पढ़ाई की जरूरी सामग्री नहीं मिल पाती थी। बमुश्किल पिता सोनू साहनी फीस ही चुका पाते थे। अब रोशन के सामने आगे की पढ़ाई की चुनौती है।</p>
<p>विशेष बातचीत के दौरान रोशन ने साफ कर दिया कि उसका अल्टीमेट लक्ष्य आईएएस बनना है। इसके लिए चाहे नौकरी कर पैसा जुटाना पड़े। कमाल देखिए, मात्र दो घंटे ही पढ़ाई करने पर रोशन को यह सफलता मिल गई है। कल्पना कीजिए अगर रोशन को तमाम सुविधाएं मिल जाएं तो आने वाले वक्त में आईएएस का भी टॉपर बन सकता है। मूलत: बिहार के रहने वाले रोशन के पिता काम की तलाश में एक अरसा पहले अर्की पहुंचे थे। पिता सुबह की दिहाड़ी पर निकल जाते हैं तो उनके घर लौटने तक छोटे-मोटे कामकाज में भी रोशन को अपनी मां रंजना का हाथ बंटाना पड़ता है। साथ ही छोटे भाई-बहन का भी ध्यान रखना पड़ता है।</p>
<p>प्रदेश में टॉप करने की खबर रोशन को बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में मिली। खुशी से फूला न समाया रोशन फौरन ही ट्रेन पकड़ कर अर्की पहुंचने के लिए निकल पड़ा है।रोशन ने कहा कि वह आईएएस बनना चाहता है। परिवार की स्थिति ठीक नहीं है, लिहाजा अगर सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी करनी पड़ी तो करूंगा।</p>
<p>उधर स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. एचआर वर्मा ने मेधावी छात्र को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन व स्टाफ इस मेधावी छात्र की हर मोड़ पर पूरी मदद करेगा।</p>
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		<title>हिमाचल के सरकारी स्कूल टीचर खुलेआम पढ़ा रहे कोचिंग सेंटरों में, करोड़ों के धंधे में शिक्षा विभाग मौन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/03/government-teachers-teaching-in-coaching-institues-in-himachal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Mar 2016 15:06:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Dummy Admissions Hamirpur]]></category>
		<category><![CDATA[hamirpur]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Education System]]></category>
		<category><![CDATA[HP Education Department]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>करोड़ों के इस धंधे में शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन हैं। विजिलेंस भी चुप बैठा है। इस धंधे में संबंधित स्कूलों में साल भर स्टूडेंट्स की मौजूदगी केवल हाजिरी की औपचारिकता के तौर पर कथित रूप में हुई है। शिमला- टीचर तो सरकारी स्कूल के हैं लेकिन कोचिंग सेंटरों में उनकी मौजूदगी शिक्षा विभाग की [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><br />
करोड़ों के इस धंधे में शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन हैं। विजिलेंस भी चुप बैठा है। इस धंधे में संबंधित स्कूलों में साल भर स्टूडेंट्स की मौजूदगी केवल हाजिरी की औपचारिकता के तौर पर कथित रूप में हुई है।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> टीचर तो सरकारी स्कूल के हैं लेकिन कोचिंग सेंटरों में उनकी मौजूदगी शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। एक ओर निजी स्कूलों में डम्मी एडमिशन लेकर कोचिंग सेंटरों में इन टीचरों के पास पढ़ रहे बच्चे व्यवस्थागत खामियों को उजागर कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि करोड़ों के इस धंधे में शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन हैं। विजिलेंस भी चुप बैठा है। इस धंधे में संबंधित स्कूलों में साल भर स्टूडेंट्स की मौजूदगी केवल हाजिरी की औपचारिकता के तौर पर कथित रूप में हुई है। जबकि वे रोजाना कोचिंग सेंटर जाते हैं। </p>
<p>कुछ कोचिंग सेंटरों में ऐसे टीचर्स के नाम भी पोस्टर में बाकायदा छापे हैं। ऐसा हमीरपुर के ही कुछ खास कोचिंग सेंटरों की बात नहीं है, ऐसी डम्मी एडमिशन लेकर पैसे वाले परिवारों के बच्चे यहां से बाहर भी कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे हैं। जिसकी एवज में वे 60 से 70 हजार रुपए सालाना चुका रहे हैं। </p>
<p>यह धंधा पिछले कुछ सालों से जिस बड़े स्तर पर अब फल फूल चुका है उस पर लगाम लगाने के लिए किसी भी एजेंसी ने कोई पहल की हो ऐसा कतई नहीं लगता। हो भी कैसे, अधिकारियों की नाक के नीचे यह काम बेखौफ हो रहा है। लेकिन कोई रोक टोक करने वाला नहीं है। जिन कोचिंग संस्थानों में डम्मी एडमिशन वाले ये बच्चे 11वीं और 12वीं में मॉर्निंग-ईवनिंग की शिफ्टों में जमे हुए हैं वे इन संस्थानों के बाहर इनकी रौनक से ही सारी स्थिति बयां कर देती है। लेकिन मजाल किसी की कि कोई अधिकारी इन पर आकर औचक निरीक्षण करे और फिर उसी के आधार पर संबंधित स्कूलों में पहुंच कर स्टूडेंट्स की हाजिरी को जांचे। </p>
<p>इस धंधे की खास बात यह है कि कुछ चुनिंदा निजी स्कूलों में ये बच्चे सालाना परीक्षा भी देने पहुंचते हैं। इनके सेंटर भी उन्हीं में होते हैं। चर्चा तो शहर में खूब होती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई भी बीड़ा उठाने की शुरुआत नहीं करता। तभी तो कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले ये बच्चे मैरिट सूचियों में बड़ा नाम कमाने से कहीं चूक जाएं तो भी बेहतर नंबर लेकर दूसरों पर भारी पड़ते हैं। कुछ खास सेंटरों में सरकारी स्कूलों में कार्यरत विशेष टीचर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की इन खामियों का फायदा उठाकर धड़ल्ले से कोचिंग सेंटरों में भी पढ़ा रहे हैं। </p>
<p>वे इसके लिए ईवनिंग शिफ्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन जिन्हें मोटी कमाई का शौक है वे स्कूलों से बीच-बीच में छुट्टियां लेकर मॉर्निंग-इवनिंग दोनों शिफ्टों में बच्चों को कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने के काम अंजाम दे रहे हैं। अभिभावकों की समस्या यह है कि देखा देखी में हर कोई अपने बच्चे को पढ़ाई में अव्वल बनाना चाहता है और इसी वजह से वह भी बगैर किसी हिचक के इसकी सवारी से कैसे चूके यह उसकी मजबूरी है। तभी तो कोई इसकी शिकायत किसी से क्यों करे। </p>
<p>चर्चाएं इसकी होती हैं। लेकिन कोई शिकायत लिखित तौर पर शिक्षा विभाग के पास नहीं देता। यदि सरकारी स्कूल का कोई टीचर कोचिंग सेंटर में पढ़ा रहा है तो उनके पास लिखित रूप में कोई शिकायत करे निश्चित रूप से कार्यवाही होगी। बगैर शिकायत के छापामारी कैसे हो सकती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे लिखित तौर पर शिकाय करें। सोमदत्त सांख्यान, डिप्टी डायरेक्टर सेकंडरी एजुकेशन,हमीरपुर </p>
<p><strong>क्या है डम्मी एडमिशन </strong></p>
<p>शहर के कुछ चुनिंदा स्कूलों में वे अभिभावक जिनके पास कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई की एवज में चुकाने के लिए 60 से 70 हजार की राशि मौजूद है वे दाखिला ले लेते हैं। वहां बच्चे को तो नहीं भेजते, लेकिन उसकी हाजिरी वहां लगती है। बच्चा सीधा कोचिंग सेंटर पहुंचता है। मतलब साफ है कि अभिभावक को एडमिशन के नाम पर निजी स्कूल में भी मोटी फीस चुकानी पड़ती है और कोचिंग सेंटर में भी। केवल एग्जाम देने उसे अपने स्कूल के सेंटर पर आना है। यही सब डम्मी एडमिशन का तकाजा है।</p>
<p>Photo:Representational</p>
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