<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>हिमाचल प्रदेश सरकार Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हिमाचल-प्रदेश-सरकार/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 19 Jan 2022 16:33:06 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>हिमाचल प्रदेश सरकार Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/हिमाचल-प्रदेश-सरकार/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये लागत की 17 परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण और शिलान्यास</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/kangra-jairam-thakur-inaugurates-development-projects-in-dharamshala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Jan 2022 16:33:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काँगड़ा]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला]]></category>
		<category><![CDATA[धौलाधार कनवेशन केंद्र]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर]]></category>
		<category><![CDATA[विधायक विशाल नेहरिया]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=15569</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- आज बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा जिला के धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 17 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इसमें 207 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धर्मशाला स्काईवे भी शामिल है। इस लोकार्पण सूचि में मुख्यमंत्री ने 6.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धौलाधार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/kangra-jairam-thakur-inaugurates-development-projects-in-dharamshala/">धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये लागत की 17 परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण और शिलान्यास</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> आज बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा जिला के धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 17 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इसमें 207 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धर्मशाला स्काईवे भी शामिल है।</p>
<p>इस लोकार्पण सूचि में मुख्यमंत्री ने 6.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धौलाधार कनवेशन केंद्र, उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में 2.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग, 8.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धौलाधार गार्डन,6.50 करोड़ रुपये की लागत से अंघर महादेव मन्दिर परिसर में विकासात्मक कार्य का लोकार्पण किया।</p>
<p>वहीं उन्होंने 97 लाख रुपये की लागत से विकसित बहुद्देशीय पार्क धर्मशाला, 10.50 करोड़ रुपये से चामुण्डा मन्दिर के जीर्णोधार कार्य, 4.63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आर्ट एंड क्राफ्ट सेन्टर रझियाणा, 3.60 करोड़ रुपये से बृजेश्वरी मंदिर परिसर में सुधार कार्य, 4.35 करोड़ रुपये से माता बाघ कांगड़ा में विकास कार्य और एडीबी के अन्तर्गत 14.34 करोड़ रुपये की लागत से ज्वालामुखी में निर्मित पार्किंग का भी लोकार्पण किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने 3.58 करोड़ रुपये से निर्मित विलेज हार्ट कांगड़ा, दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आरएफएसएल के टाईप-4 क्वाटर, धागवार में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मिल्कफेड के बिस्कुट प्लांट और 1.58 करोड़ रुपये से आरएफएसएल के डीएनए और साइबर कॉम्पलैक्स खंड का भी लोकार्पण किया।</p>
<p>जयराम ठाकुर ने 1.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आरएफएसएल के एडवांस इंस्टूमेंट लैब और 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धर्मशाला की क्षेत्रीय प्रयोगशाला का शिलान्यास किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नई राहें नई मंजिलें योजना के अन्तर्गत पर्यटन की दृष्टि से शिमला जिले के चाशंल को स्कीइंग और शीतकालीन खेल गंतव्य स्थल, मंडी जिला के जंजैहली को इको-टूरिज्म स्थल,वहीं तो कांगड़ा जिले के बीड़ बिलिंग को साहसिक खेल स्थल और पौंग डैम को जलक्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>
<p>धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया ने कहा कि धर्मशाला शहर में 7000 स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/19/kangra-jairam-thakur-inaugurates-development-projects-in-dharamshala/">धर्मशाला में 283.19 करोड़ रुपये लागत की 17 परियोजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण और शिलान्यास</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एनएचएम  कर्मचारियों की मांगो को हलके में न ले सरकार, 26 जनवरी तक दे रेगुलर स्केल:अनुबंध कर्मचारी संघ</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hp-nhm-staff-regularization-staff-warns-govt-of-strike/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Jan 2022 11:51:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[spotight]]></category>
		<category><![CDATA[एनएचएम]]></category>
		<category><![CDATA[नॅशनल हेल्थ मिशन]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर]]></category>
		<category><![CDATA[हिमचाल राज्य स्वास्थ्य समिति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश अनुबंध कर्मचारी संघ]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश राज्य स्वास्थ्य समिति]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=15225</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- राज्य स्वास्थ्य समिति (नॅशनल हेल्थ मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ के महासचिव गुलशन कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य स्वास्थ्य समिति (एनएचएम) अनुबंध संघ के कर्मचारीयों ने हिमाचल प्रदेश सरकार को 26 जनवरी तक रेगुलर स्केल की मांग को पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा की यदि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारियों की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hp-nhm-staff-regularization-staff-warns-govt-of-strike/">एनएचएम  कर्मचारियों की मांगो को हलके में न ले सरकार, 26 जनवरी तक दे रेगुलर स्केल:अनुबंध कर्मचारी संघ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> राज्य स्वास्थ्य समिति (नॅशनल हेल्थ मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ के महासचिव गुलशन कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य स्वास्थ्य समिति (एनएचएम) अनुबंध संघ के कर्मचारीयों ने हिमाचल प्रदेश सरकार को 26 जनवरी तक रेगुलर स्केल की मांग को पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा की यदि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्मचारियों की रेगुलर पे स्केल की मांग को पूरा कर देती है तो ठीक है अन्यथा कर्मचारियों को मजबूर होकर 2 अप्रैल से हड़ताल का रास्ता भी अपनाना पड़ सकता है जिसकी सुचना मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर,स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव, मिशन डायरेक्टर,निदेशक स्वास्थ्य सहित अन्य अधिकारीयों को दे दी गई है।</p>
<p>महासचिव कुमार ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार एनएचएम के कर्मचारियों की मांगों को हल्के में ले रही है। एनएचएम व स्वास्थ्य विभाग समितियों के अंतर्गत नियुक्त 1700 कर्मचारी है जो की विभिन्न स्वास्थ्य समितियों के अंतर्गत पिछले <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/06/hp-nhm-contractual-staff-warns-hp-govt-of-protest/" target="_blank" rel="noopener">23 वर्षों (1996) से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग </a>के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे हैं परन्तु हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा न तो आज दिन तक इन कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा सका व न ही रेगुलर पे स्केल का लाभ इन कर्मचारियों को दिया जा रहा है जिससे की इन कर्मचारियों में खासा रोष है।</p>
<p>उन्हीने कहा कि हरियाणा सरकार के द्वारा राज्य में कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों को 1 जनवरी 2018 से रेगुलर पे स्केल का लाभ दिया जा रहा है। वहीं दुसरी और एनएचएम के कर्मचारी पिछले लगभग दो वर्षों से विभिन् पदों पर कोरोना काल में अपनी सेवाएं पूरी निष्ठां भावना से देते आ रहे हैं और कई कर्मचारी कोरोना से भी संक्रमित हो रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा की एक ओर सरकार कोविड काल में वेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अपनी पीठ थप– थपा रही है वहीं दूसरी और इस वैश्विक महामारी में भी स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत काम करने वाले स्वास्थ्य समिति (नॅशनल हेल्थ मिशन) अनुबंध कर्मचारियों की सुध न लेना व उनकी सेवाओं को नजरंदाज करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2022/01/11/hp-nhm-staff-regularization-staff-warns-govt-of-strike/">एनएचएम  कर्मचारियों की मांगो को हलके में न ले सरकार, 26 जनवरी तक दे रेगुलर स्केल:अनुबंध कर्मचारी संघ</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>4 वर्षों मे पानी, बिजली, बस किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन की कीमतों में भारी वृद्धि से बढ़ा जनता पर आर्थिक बोझ: चौहान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/28/cpim-shimla-statement-on-hp-govts-four-years-tenure/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Dec 2021 08:47:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी)]]></category>
		<category><![CDATA[जयराम ठाकुर]]></category>
		<category><![CDATA[संजय चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindi.himachalwatcher.com/?p=14974</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला &#8211;भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने आज हिमाचल प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उसकी विफलताओं व जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध शिमला में  प्रदर्शन किया और  उपायक्त कार्यलय से लेकर नाज़ तक जलूस निकाला गया। जिला सचिव संजय चौहान ने सोमवार को जारी किये गए बयान में कहा कि भाजपा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/28/cpim-shimla-statement-on-hp-govts-four-years-tenure/">4 वर्षों मे पानी, बिजली, बस किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन की कीमतों में भारी वृद्धि से बढ़ा जनता पर आर्थिक बोझ: चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला &#8211;</strong>भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने आज हिमाचल प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उसकी विफलताओं व जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध शिमला में  प्रदर्शन किया और  उपायक्त कार्यलय से लेकर नाज़ तक जलूस निकाला गया।</p>
<p>जिला सचिव संजय चौहान ने सोमवार को जारी किये गए बयान में कहा कि भाजपा ने 2017 में चुनाव के दौरान जो जनता से वायदे किये थे सरकार में आने के बाद उन्हें अमल में लाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाए हैं।</p>
<p>चौहान ने कहा कि सरकार ने वायदा किया था कि महंगाई कम करेंगे और रोजगार के अवसर सृजित किये जायेंगे। किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलवाया जाएगा तथा मजदूरी में वृद्धि की जाएगी। कर्मचारियों से वायदा किया था कि पुरानी पेंशन योजना(OPS) बहाल की जाएगी तथा आउटसोर्स, ठेका, अंशकालीन व अन्य के लिए नीति बनाई जाएगी। भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 को लागू कर 4 गुणा मुआवजा दिया जाएगा। चौहान ने कहा कि परन्तु आज तक कोई भी वायदा पूरा नहीं कर पाई है।</p>
<p>चौहान ने यह भी कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्तासीन हुई है प्रदेश में व्यापक महंगाई, बेरोजगारी व कृषि का संकट निरन्तर बढ़ा है। एक ओर सरकार की इन नीतियों के कारण आज प्रदेश पर कर्ज बढ़कर 62000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है और दूसरी ओर सरकार द्वारा लागू की जा रही इन जनविरोधी नीतियों के चलते इन चार वर्षों मे पानी, बिजली, बस किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं के साथ ही साथ राशन की कीमतों में भारी वृद्धि की गई है जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बड़ा है।</p>
<p>संजय चौहान ने कहा कि आज पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस, खाद्य व अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। खाद्य वस्तुओं की महंगाई की दर पिछले 40 वर्षों में सबसे अधिक है। आज रसोई गैस का घरेलू सिलिंडर 1002₹ और व्यवसायिक सिलिंडर 2250₹ में मिल रहा है। बाज़ार में सरसों का तेल 220₹, दाल 100₹, सब्जियां 40से 100₹ तक बिक रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन में कटौती की जा रही है और इसको महंगा किया जा रहा है। इसके कारण आज आम आदमी का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने कपड़ा, जूता, खाने पर GST में वृद्धि कर जनता पर और अधिक महंगाई की मार डाल दी है। सरकार कोविड19 के कारण पैदा हुए संकट कॉल में कोई भी राहत जनता को नहीं दे रही है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि इन चार वर्षों में सरकार द्वारा रोजगार के अवसर बिल्कुल भी सृजित नहीं किये गए हैं और कोविड 19 के कारण सरकार द्वारा लगाये गए लॉकडाउन से प्रदेश में लाखों लोगों के रोजगार पर संकट आया है। इसमें विशेष रूप से दैनिक ध्याड़ी मजदूरी करने वाले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। पर्यटन, परिवहन, छोटा दुकानदार व अन्य कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल, 2017 में जो 0.5 प्रतिशत थी वह भाजपा सरकार में बढ़कर मई, 2020 में 28.2 प्रतिशत हो गई थी। आज भी प्रदेश में 8.5 लाख पढ़ा लिखा युवा रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है और रोजगार के इंतजार में है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन चार वर्षों में प्रदेश में कृषि व बागवानी का संकट बढ़ा है। किसानों को मण्डियों में उनके उत्पाद का उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। मण्डियों में किसानों का शोषण बढ़ा है। किसान प्रदेश में सभी फसलों के लिएसरकार द्वारा कृषि व बागवानी विभाग के माध्यम से खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं पर दी जाने वाली सब्सिडी लगभग समाप्त कर दी है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि चार वर्षों में खाद की कीमतों में 375 से 700 रुपए प्रति बैग तक वृद्धि की गई हैं। कीटनाशकों, फफूंदीनाशको व अन्य लागत वस्तुओं की कीमतों में 40 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। आज भी किसानों व बागवानो के करोड़ों रुपए का भुगतान सरकार ने कई वर्षों से करना है।</p>
<p>चौहान ने आरोप लगाया कि  भाजपा के शासन काल में प्रदेश में महिलाओं, दलित व अन्य सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों पर हमले बढ़े हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों व दलितों पर हमले में निरन्तर वृद्धि हुई है और सरकार इन पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल रही है। इन चार वर्षों में प्रदेश में नशे का कारोबार व्यापक रूप से फैल रहा है और सरकार इस पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। आज प्रदेश का युवा वर्ग बेरोजगारी के चलते नशे की चपेट में आ गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2021/12/28/cpim-shimla-statement-on-hp-govts-four-years-tenure/">4 वर्षों मे पानी, बिजली, बस किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, राशन की कीमतों में भारी वृद्धि से बढ़ा जनता पर आर्थिक बोझ: चौहान</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण महंगा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/12/himachal-vehicle-registration-2017/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Apr 2017 12:59:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीन टैक्स]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल पंजीकरण वाहन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10760</guid>

					<description><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाना महंगा हो गया है। शिमला- हिमाचल प्रदेश में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाना महंगा हो गया है। प्रदेश सरकार की नई नीति के अनुसार वाहनों से पांच से 10 फीसद सेस (उपकर) और वाहन के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/12/himachal-vehicle-registration-2017/">हिमाचल में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण महंगा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाना महंगा हो गया है। </p>
<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल प्रदेश में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण करवाना महंगा हो गया है। प्रदेश सरकार की नई नीति के अनुसार वाहनों से पांच से 10 फीसद सेस (उपकर) और वाहन के अनुसार 500 से चार हजार रुपये तक ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।</p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/18/vehicle-registration-in-himachal-pradesh/" target="_blank">यह भी पढ़ें: हिमाचल में 1अप्रैल से केवल बीएस-IV वाहन होंगे पंजीकृत</a></p>
<p>पंजीकरण फीस के अलावा सेस व ग्रीन टैक्स एक अप्रैल से वसूलना शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में वाहनों पर पहली बार सेस व ग्रीन टैक्स लगाया गया है।पहली अप्रैल से सभी प्रकार के नए वाहनों के पंजीकरण के दौरान वाहन की कीमत पर तीन फीसद तक पंजीकरण फीस वसूली जा रही है। पुराने वाहनों के पंजीकरण के दौरान बीमा में दर्ज कीमत के अनुसार तीन फीसद टैक्स लिया जाता है।</p>
<p>नई अधिसूचना के तहत परिवहन विभाग वाहन की कीमत पर वसूले जाने वाले टैक्स पर पांच से दस फीसद सेस वसूलेगा। नए वाहनों से दस फीसद जबकि पुराने या कमर्शियल वाहनों से पांच फीसद सेस वसूला जाएगा। जिन वाहनों के पंजीकरण के दौरान एकमुश्त टैक्स वसूला जाता है, उन वाहनों से दस फीसद सैस व ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। पंजीकरण के दौरान यदि कोई व्यक्ति सेस या ग्रीन टैक्स का भुगतान नहीं करता है तो उसकी गाड़ी का पंजीकरण भी नहीं होगा।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/04/12/himachal-vehicle-registration-2017/">हिमाचल में अब सभी प्रकार के नए व पुराने वाहनों का पंजीकरण महंगा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिव्यांग कर रहा पैम्फलेट बाँट के गुजारा , सरकार से कर रहा नौकरी की गुहार</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/13/himachal-pradesh-disability-act/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Feb 2017 07:13:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सिरमौर]]></category>
		<category><![CDATA[दिव्यांग]]></category>
		<category><![CDATA[नाजिम खान नाहन]]></category>
		<category><![CDATA[नाहन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10165</guid>

					<description><![CDATA[<p>सिरमौर- कौन कहता है कि दिव्यांग केवल दुसरो पर निर्भर रहने को मजबूर होते है। हम में अधिकतर ने देखा होगा कि कुछ दिव्यांग होने के बावजूद भी मेहनत करना नहीं भूलते। ऐसे ही एक मिसाल पेश की है हिमाचल प्रदेश के नाहन के रानीताल बाग निवासी नाजिम खान ने। 32 वर्षीय नाजिम बचपन से [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/13/himachal-pradesh-disability-act/">दिव्यांग कर रहा पैम्फलेट बाँट के गुजारा , सरकार से कर रहा नौकरी की गुहार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सिरमौर-</strong>  कौन कहता है कि दिव्यांग केवल दुसरो पर निर्भर रहने को मजबूर होते है। हम में अधिकतर ने देखा होगा कि कुछ दिव्यांग होने के बावजूद भी मेहनत करना नहीं भूलते। ऐसे ही एक मिसाल पेश की है हिमाचल प्रदेश के नाहन के रानीताल बाग निवासी नाजिम खान ने।  32 वर्षीय नाजिम बचपन से ही दिव्यांग हैं और जितना संभव हो सके नाज़िम उतनी महेनत कर अपना पेट पलता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नाजिम एक गरीब परिवार से तालुख रखते हैं। इनके पिता मिस्त्री का काम करते हैं तो मां गृहिणी है। गरीब माता पिता अपने बेटे का दिव्यांग होना उन्हें हमेशा ही चिंतित रखता है लेकिन उसके काम करने की लगन से उन्हें कुछ राहत जरूर मिलती है।</p>
<p><strong>संस्थानों के पैम्फलेट बांट कर करता है गुजारा</strong></p>
<p>अभिभावक बताते हैं कि नाजिम 40 प्रतिशत दिव्यांग है, वह सही से बातचीत नहीं कर सकता और हाथ व टांगों में समस्या होने के कारण वह सही से चलने में असमर्थ है और हाथों से काम करने में भी लेकिन जितना हो सके वह काम करता है। नाजिम पिछले कई सालों से अलग-अलग संस्थानों के पैम्फलेट बांटता है और पैम्फलेट बांटकर जो राशि मिलती है उससे अपना गुजारा करता है। हालांकि पैम्फलेट बांटने का काम आसान नहीं है और उसके लिए इधर-उधर चलना पड़ता है लेकिन फिर भी वह यह काम करता है। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री से लगाई नौकरी की गुहार</strong></p>
<p>दिव्यांग नाजिम ने बताया कि वह 40 प्रतिशत तक दिव्यांग है और परिवार गरीब होने के चलते उसे अपना गुजारा चलाना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में उसने मुख्यमंत्री से हाल ही में कोई छोटी नौकरी दिलवाने की गुहार लगाई है ताकि वह अपना पेट पाल सके और उसे दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। नाजिम ने सरकार से गुहार लगाई कि दिव्यांगों की नौकरी पर बल दिया जाए। नाज़िम केवल काम नहीं करता बल्कि समाज सेवा के कार्यों में भी अपनी अहम भूमिका निभाता है।  </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/13/himachal-pradesh-disability-act/">दिव्यांग कर रहा पैम्फलेट बाँट के गुजारा , सरकार से कर रहा नौकरी की गुहार</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमाचल के स्कूलों में अब नहीं पढ़ाए जाएंगे पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन और साइकोलॉजी विषय, जानिए क्योँ लगी  इन विषयों पर रोक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/psychology-and-public-administration-in-himachal-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Jan 2017 11:19:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन]]></category>
		<category><![CDATA[साइकोलॉजी]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=10016</guid>

					<description><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2002 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय को डाइंग कैडर (dying cadre) कर दिया था। इसके बाद स्कूलों में इन विषयों के पद नहीं भरे गए हैं, वर्ष 2008 में साइकोलॉजी और फिलोस्फी विषयों को डाइंग कैडर कर दिया, उम्मीदवार राजनीतिक शास्त्र विषय के लिए आवदेन कर सकतें हैं शिमला- हिमाचल प्रदेश [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/psychology-and-public-administration-in-himachal-schools/">हिमाचल के स्कूलों में अब नहीं पढ़ाए जाएंगे पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन और साइकोलॉजी विषय, जानिए क्योँ लगी  इन विषयों पर रोक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2002 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय को डाइंग कैडर (dying cadre) कर दिया था। इसके बाद स्कूलों में इन विषयों के पद नहीं भरे गए हैं, वर्ष 2008 में साइकोलॉजी और फिलोस्फी विषयों को डाइंग कैडर कर दिया, उम्मीदवार राजनीतिक शास्त्र विषय के लिए आवदेन कर सकतें हैं</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 60 स्कूलों में भविष्य में इन दोनों विषय में एडमिशन देने पर भी रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने राज्य के 60 स्कूलों में पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन (लोक प्रशासन) और साइकोलॉजी के पीजीटी के पद समाप्त कर दिए हैं। अब इन पदों पर सरकार नई भर्ती नहीं करेगी। मौजूदा समय में इन स्कूलों में उक्त विषय के जो पद भरे गए हैं, शिक्षक की सेवानिवृत्ति होने के बाद ही ये पद समाप्त कर दिए जाएंगे। </p>
<p>शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की सूची जारी कर दी है। इस समय राज्य के 41 स्कूलों में पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन और 19 स्कूलों में साइकोलॉजी विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के बाद ये पद समाप्त कर दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>वर्ष 2002 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय को कर दिया था डाइंग कैडर</strong></p>
<p>हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2002 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय को डाइंग कैडर कर दिया था। इसके बाद स्कूलों में इन विषयों के पद नहीं भरे गए हैं। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2008 में साइकोलॉजी और फिलोस्फी विषयों को डाइंग कैडर (dying cadre) कर दिया। अभी केवल उक्त स्कूलों में ही ये विषय पढ़ाए जा रहे हैं। ये उम्मीदवार राजनीतिक शास्त्र विषय के लिए आवदेन कर सकतें हैं। ऐसा प्रावधान सरकार ने पब्लिक एडमिनस्टे्रशन विषय के पदों को समाप्त करने के बाद किया है। सरकार का तर्क है कि इन दोनों विषय में छात्रों की संख्या कम रहती हैं और पब्लिक एडमिनस्टे्रशन विषय का सिलेबस राजनिति शास्त्र में पूरा कवर हो रहा है। ऐसे में छात्र राजनीति शास्त्र पढ़ सकते हैं।</p>
<p><strong>इन जिलों के स्कूलों में पढ़ाए जा रहे ये विषय</strong> </p>
<p>इस समय पब्लिक एडमिनस्टे्रशन विषय बिलासपुर के 2 स्कूलों में, चंबा के 1, हमीरपुर के  5, कांगड़ा के 3, कुल्लू के 3, मंडी के 9, शिमला के 8, सिरमौर के 3, ऊना के 3, हमीरपुर के 2, सोलन के 1 स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा साइकोलोजी विषय कांगड़ा के 7, शिमला के 6, सोलन के 2, चंबा के 1, हमीरपुर के 2 व ऊना के 1 स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/01/24/psychology-and-public-administration-in-himachal-schools/">हिमाचल के स्कूलों में अब नहीं पढ़ाए जाएंगे पब्लिक एडमिनिस्टे्रशन और साइकोलॉजी विषय, जानिए क्योँ लगी  इन विषयों पर रोक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जब विधायक व मंत्री प्रतिमाह 2.40 लाख  में गुजारा नहीं कर सकते तो मिड डे  मील वर्करज 1000रु. प्रति माह में कैसे  करें गुजारा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/29/himachal-mid-day-meal-workers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Dec 2016 06:20:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[मिड डे मील]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश मिड डे मील मिड डे मील कर्मचारी यूनियन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल सीटू]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9742</guid>

					<description><![CDATA[<p>महिलाओं को सशक्त बनाने के वायदे करने वाली सरकार गरीब व विधवा महिलाओं को 1000रु. वेतन देकर उनकी गरीबी का मजाक बना रही है। मिड डे मील वर्करज यूनियन लगातार मिड डे मील वर्करज की मांगों को सरकार के समक्ष उठाती रही है परन्तु सरकार से मात्र आश्वासन ही मिलते है। शिमला- मिड डे मील [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/29/himachal-mid-day-meal-workers/">जब विधायक व मंत्री प्रतिमाह 2.40 लाख  में गुजारा नहीं कर सकते तो मिड डे  मील वर्करज 1000रु. प्रति माह में कैसे  करें गुजारा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>महिलाओं को सशक्त बनाने के वायदे करने वाली सरकार गरीब व विधवा महिलाओं को 1000रु. वेतन देकर उनकी गरीबी का मजाक बना रही है। मिड डे मील वर्करज यूनियन लगातार मिड डे मील वर्करज की मांगों को सरकार के समक्ष उठाती रही है परन्तु सरकार से मात्र आश्वासन ही मिलते है। </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> मिड डे मील  कर्मचारी यूनियन (संबंधित सीटू) की राज्य कमेटी की बैठक में सीटू ने कहा कि उन्हने फैसला लिया है कि मिड डे मील वर्करज की मांगों को मनवाने के लिए और मिड डे मील वर्करज की मांगों के प्रति सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ 20 जनवरी 2017 को पूर्ण हड़ताल की जाएगी। यूनियन ने आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारें लगातार मिड डे मील वर्करज के वेतन में बढ़ोतरी की बात करती है परन्तु उसे लागू नहीं करती। राज्य सरकारों ने 12 सालों से मिड डे मील वर्करज के वेतन में एक रुपए की भी बढ़ोतरी नहीं की है। मिड डे मील वर्करज को मात्र एक हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाता है और वो भी साल में मात्र 10 महीने का दिया जाता है। </p>
<p>लगातार महंगाई बढ रही है परन्तु मिड डे  मील वर्करज के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है। मिड डे मील वर्करज ने सरकार से जानना चाह है कि जब विधायक व मंत्री प्रतिमाह 2 लाख 40 हज़ार में गुजारा नहीं कर सकते तो मिड डे  मील वर्करज 1000रु. प्रति माह में कैसे गुजारा करे। महिलाओं को सशक्त बनाने के वायदे करने वाली सरकार गरीब व विधवा महिलाओं को 1000रु. वेतन देकर उनकी गरीबी का मजाक बना रही है। मिड डे मील वर्करज यूनियन लगातार मिड डे मील वर्करज की मांगों को सरकार के समक्ष उठाती रही है परन्तु सरकार से मात्र आश्वासन ही मिलते है। इससे सरकार का गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो जाता है। प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर मिड डे  मील वर्करज का शोषण कर रही है।</p>
<p>यूनियन ने कहा कि  उन्होंने  फैसला लिया है कि 20 जनवरी से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बजट सत्र में मिड डे  मील वर्करज के वेतन में बढ़ोतरी का प्रावधान करवाने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा।  यूनियन  ने बैठक में मांग की  कि मिड डे  मील वर्करज को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन 6000रु.प्रतिमाह दिया जाए। मिड डे मील वर्करज को चैथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को तुरन्त लागू किया जाए जिसमें मिड  डे मील वर्करज को सरकारी कर्मचारी मानना, ग्रेच्युटी व पैन्शन की सुविधा इत्यादि शामिल है। </p>
<p>मिड डे मील कर्मचारियों यूनियन ने कहा कि मिड डे मील कर्मचारियों को नौकरी से न हटाया जाए, प्रत्येक स्कूल में दो मिड  डे -मील कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए। मिड डे मील कर्मचारियों  से अतिरिक्त कार्य करवाने के लिए अतिरिक्त वेतन दिया जाए। मिड  डे  मील वर्करज के लिए नियुक्ती पत्र व पहचान पत्र दिए जाए। महिला वर्करज के लिए 6 महीने का प्रसुति अवकाश दिया जाए। मिड &#8211; डे &#8211; मील वर्करज को प्रतिमाह वेतन का भुगतान किया जाए। </p>
<p>यूनियन ने मिड डे मील वर्करज की मांगों व सरकार की मिड डे मील वर्करज विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश में 50,000 पर्चे छापने का फैसला लिया है। पर्चे को पूरे प्रदेश के मिड  डे  मील वर्करज में बांटा जाएगा। राज्य कमेटी ने प्रदेश के  पुरे मिड डे मील वकर्मचारियों ने से अपील  करते हुए कहा कि सरकार की मिड डे मील वर्करज विरोधी नीतियों के खिलाफ 20 जनवरी 2017 की हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूर्ण प्रयास करे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/29/himachal-mid-day-meal-workers/">जब विधायक व मंत्री प्रतिमाह 2.40 लाख  में गुजारा नहीं कर सकते तो मिड डे  मील वर्करज 1000रु. प्रति माह में कैसे  करें गुजारा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सिरमौर प्रतिनिधि मण्डल ने मोदी से मिल याद दिलाया राजनाथ सिंह का 2014 लोक सभा की चुनावी रैली में किया वादा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/15/tribal-status-to-trans-giri-areas-in-sirmaur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Dec 2016 13:45:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[सिरमौर]]></category>
		<category><![CDATA[केन्द्रीय जनजातीय विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[केन्द्रीय सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[केन्द्रीय स्वास्थय मंत्री जगत प्रकाश नडडा]]></category>
		<category><![CDATA[नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[सांसद वीरेन्द्र कश्यप]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल जनजातीय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9647</guid>

					<description><![CDATA[<p>प्रतिनिधि मण्डल ने राजनाथ सिंह को नाहन की 2014 की लोक सभा की चुनावी रैली के बारे याद दिलाया जिस में उन्होंने आश्वासन दिया था कि केन्द्र में एन0 डी0 ए0 की सरकार बनेगी तों इस मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जायेगा शिमला- हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के गिरिपार क्षे़त्र को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/15/tribal-status-to-trans-giri-areas-in-sirmaur/">सिरमौर प्रतिनिधि मण्डल ने मोदी से मिल याद दिलाया राजनाथ सिंह का 2014 लोक सभा की चुनावी रैली में किया वादा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रतिनिधि मण्डल ने राजनाथ सिंह को नाहन की 2014 की लोक सभा की चुनावी रैली के बारे याद दिलाया जिस में उन्होंने आश्वासन दिया था कि केन्द्र में एन0 डी0 ए0 की सरकार बनेगी तों इस मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जायेगा</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के गिरिपार क्षे़त्र को जनजातीय घोषित किये जाने को लेकर सिरमौर का एक प्रतिनिधि मण्डल शिमला के सांसद वीरेन्द्र कश्यप के नेतृत्व में पिछले कल प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मिला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के गिरिपार क्षे़त्र को जनजातीय घोषित किये जाने की बात को प्रधानमंत्री के समक्ष रखी। प्रतिनिधि मण्डल ने प्रधान मंत्री से आग्रह किया कि गिरिपार की <a href="https://himachalwatcher.com/2016/12/02/himachal-shocked-after-icds-survey-reports-sale-of-brides-in-poverty-stricken-shillai-region/" target="_blank">शिलाई </a>संगडाह राजगढ कमरूउ व पांउटा साहब कि तहसीलों की 127 पंचायतों जनजातीय घोषित किया जाये। क्योंकि इस क्षेत्र के रिति रिवाज, रहन सहन, खानपान, परम्पराएं एवं मान्यताएं, पिछडापन, न्याय व्यवस्था, वेशभूषा, भाषा एवं संस्कृति पौराणिक सभ्यता, धार्मिक मान्यताएं तथा भोगौलिक परिस्थितियां एक जैसी हैं। और उतराखंण्ड के जोंसार बाबर समान है जोकि 1968 में जनजातीये घोषित  कर दिया जा चूका है। </p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/05/%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE/" target="_blank">पढ़ें: लड़कियों की कथित तस्करी मामले में शिलाई एडीएम की ट्रांसफर से नाराज़ सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे, 7 दिन के भीतर तबादला रद्द करने की दी चेतवानी</a></p>
<p>ज्ञापन में इस बात का आग्रह किया गया है कि हाटी समुदाय को जनजातीय घोषित किया जाये। यह बात सर्मणीय है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्धारा अभी हाल ही में अगस्त 2016 में एक विस्तृत रिपोर्ट केन्द्रीय सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय को भेजी गई है।  शिमला के सांसद वीरेन्द्र कश्यप  ने मांग रखी कि राजगढ तहसील तथा पांवटा साहिब तहसील के गिरिपार क्षेत्र में आती हैं, उन्हें रिपोर्ट में छोड दिया गया है, उन्हें भी जनजातीय किये जाने हेतु कारवाई की जाये।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल की बातों को ध्यान पूर्वक सुना तथा इस पर तुरन्त कार्यवाही हेतु आशवासन दिया। प्रधानमंत्री प्रतिनिधि मण्डल की सिरमौर लिवास व भेष-भूषा को पहने देखकर बहुत प्रंसन्न हुए और उन्होने हिमाचल प्रदेश में रहते हुए व पार्टी का कार्य करते हुए  वहां की कुछ बातों को तरोताजा भी किया ।</p>
<p>प्रतिनिधि मण्डल भारत के गृह मंत्री  राजनाथ सिंह से भी मिला तथा उन्हें भी इस मांग को लेकर उसे जल्दी से जल्दी पूरा करने का आग्रह किया! प्रतिनिधि मण्डल ने राजनाथ सिंह को नाहन की 2014 की लोक सभा  की चुनावी रैली के बारे याद दिलाया जिस में उन्होंने आश्वासन दिया था कि केन्द्र में एन0 डी0 ए0 की सरकार बनेगी तों इस मांग को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जायेगा</p>
<p>प्रतिनिधि मण्डल केन्द्रीय स्वास्थय मंत्री जगत प्रकाश नडडा से उनके सांसद के कार्यालय में मिला और उन्हें इस बारे में पूरी विस्तृत जानकारी देते हुए याद दिलाया कि जब वो विधान सभा में विप़क्ष के नेता तथा बाद में धूमल सरकार में संसदीय कार्य मंत्री थे तो उन्होंने इस मामले को विधान सभा में उठाया था तथा सरकार का एक सकलप भी पेश किया था। नडडा ने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वसत किया कि इस मामले का महत्व को देखते हुए व केन्द्रीय सरकार कि जो भी मदद होगी उस में वह व्यक्तिगत रूचि लेगें।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/15/tribal-status-to-trans-giri-areas-in-sirmaur/">सिरमौर प्रतिनिधि मण्डल ने मोदी से मिल याद दिलाया राजनाथ सिंह का 2014 लोक सभा की चुनावी रैली में किया वादा</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चहेतों की प्रमोशन व तैनाती के लिए सरकार ने अनदेखे किये सारे नियम,  प्रदेश में डीजी रैंक का सिर्फ 1 ही पद पर अफसर 4</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/hp-govt-s-favoritism-towards-officials-mocks-at-rules-and-regulations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Dec 2016 04:26:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[एचपीएस]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9346</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- चहेते अफसरों को प्रमोशन और तैनाती देने के लिए सरकार ने हर कायदे कानून को ताक पर रख दिया है। कहीं चहेतों को प्रमोशन देकर इतना ऊपर पहुंचा दिया कि अब अधीनस्थ पदों के लिए अफसर ही नहीं है। वहीं, मुख्यालय के अफसरों की कमी का रोना रोने के बावजूद एक के बाद एक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/hp-govt-s-favoritism-towards-officials-mocks-at-rules-and-regulations/">चहेतों की प्रमोशन व तैनाती के लिए सरकार ने अनदेखे किये सारे नियम,  प्रदेश में डीजी रैंक का सिर्फ 1 ही पद पर अफसर 4</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> चहेते अफसरों को प्रमोशन और तैनाती देने के लिए सरकार ने हर कायदे कानून को ताक पर रख दिया है। कहीं चहेतों को प्रमोशन देकर इतना ऊपर पहुंचा दिया कि अब अधीनस्थ पदों के लिए अफसर ही नहीं है। वहीं, मुख्यालय के अफसरों की कमी का रोना रोने के बावजूद एक के बाद एक अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति या एक्स कैडर पोस्टिंग पर जाने दिया गया।</p>
<p>सरकार की इस मनमानी का ही नतीजा है कि वर्तमान में प्रदेश में आईपीएस अफसरों का टोटा हो गया है। सरकार ने बुधवार को अपने एक चहेते अफसर को रिटायरमेंट से ऐन पहले पदोन्नत करने के चक्कर में तीन एडीजी रैंक के अफसरों को डीजी पद पर प्रमोट कर दिया। चहेते अफसर तो उसी दिन रिटायर हो गए, लेकिन प्रदेश में अब डीजी रैंक के चार अफसर हो गए हैं, जबकि इस रैंक का सिर्फ एक ही पद है। बाकी तीन अफसरों को अधीनस्थ अफसरों के बराबर के पदों पर तैनात कर रखा है।</p>
<p>वहीं, एडीजीपी सीआईडी, आईजी लॉ एंड ऑर्डर, आईजी वेलफेयर एंड एडमिनिस्ट्रेशन, आईजी सी एंड टीएस के पद खाली चल रहे हैं। सभी पुलिस जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसपी विजिलेंस, बटालियनों के कमांडेंट पद पर भी आईपीएस कैडर के अफसरों को तैनात किया जाना चाहिए। </p>
<p>लेकिन चहेते अफसरों को तैनाती देने के लिए सरकार ने यहां भी नियमों को दरकिनार कर आधा दर्जन से ज्यादा एचपीएस अफसरों को जिलों की कमान सौंप रखी है, जबकि प्रदेश में अफसरों की कमी के बावजूद करीब एसपी रैंक के एक दर्जन आईपीएस अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मंजूरी भी इसी सरकार ने दी है। </p>
<p><strong>इन अफसरों को दे रखी है एक्स कैडर पोस्टिंग</strong></p>
<p>डीजी सोमेश गोयल, डीजी सीताराम मरडी, डीजी पृथ्वी राज, आईजीपी अशोक तिवारी, आईजीपी आनंद प्रताप सिंह। इसके अलावा कई जिलों, बटालियनों में भी पुलिस अफसरों को एक्स कैडर होने के बावजूद पोस्टिंग दे रखी है। </p>
<p><strong>सरकार की मंजूरी से ये हैं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर</strong></p>
<p>डीजी तपन कुमार डेका, एडीजी संजय कुंडू, एडीजी एपी सिद्दीकी, आईपीएस अनुराग गर्ग, ऋत्विक रूद्र, राकेश अग्रवाल, सतिंदर सिंह, एन वेनुगोपाल, सतवंत अटवाल, अभिषेक त्रिवेदी, दिनेश कुमार यादव, जेपी सिंह, डा अतुल कुमार दिगंबर, आसिफ जलाल, बृज मोहन शर्मा, पुपुल दत्त प्रसाद, सोनल मोहन अग्निहोत्री, अभिषेक दुल्लर, रामेश्वर सिंह ठाकुर, वीना भारती, मधु सुधन, एस अरुल कुमार, जी सिवकुमार, अजय कृष्ण शर्मा, विमुक्त रंजन, शुभ्रा तिवारी</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/hp-govt-s-favoritism-towards-officials-mocks-at-rules-and-regulations/">चहेतों की प्रमोशन व तैनाती के लिए सरकार ने अनदेखे किये सारे नियम,  प्रदेश में डीजी रैंक का सिर्फ 1 ही पद पर अफसर 4</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अब सेटेलाइट के जरिये होगी मनरेगा कार्यों की निगरानी, विकास खंडों में जिओ टेगिंग का कार्य शुरू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/30/geo-tagging-of-mgnrega-workers-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Nov 2016 07:19:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[खंड विकास अधिकारी सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[मनरेगा]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=9207</guid>

					<description><![CDATA[<p>प्रदेश के कुछ जगह तो ऐसा भी हुआ है कि कार्य कहीं और हुआ और दिखा दिया कहीं और दिया। यही नहीं कुछ लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर भी पैसे डकारे गए थे, जिओ टेगिंग का कार्य सोलन के सभी विकास खंडों में शुरू किया जा चुका है सोलन- मनरेगा के तहत पंचायतों में चल [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/30/geo-tagging-of-mgnrega-workers-in-himachal-pradesh/">अब सेटेलाइट के जरिये होगी मनरेगा कार्यों की निगरानी, विकास खंडों में जिओ टेगिंग का कार्य शुरू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रदेश के कुछ जगह तो ऐसा भी हुआ है कि कार्य कहीं और हुआ और दिखा दिया कहीं और दिया। यही नहीं कुछ लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर भी पैसे डकारे गए थे, जिओ टेगिंग का कार्य सोलन के सभी विकास खंडों में शुरू किया जा चुका है<br />
</strong><br />
<strong>सोलन-</strong> मनरेगा के तहत पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी अब सेटेलाइट के जरिये की जाएगी। इसके लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। इस पूरी मुहिम को एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत अमलीजामा पहनाया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उस कार्य की जिओ टैगिंग की जा रही है। </p>
<p>निर्माण कार्र्य की होने वाली इस टैगिंग में एक चिप भी लगी होगी जिसे जीपीएस सिस्टम के जरिये कहीं से भी लोकेट किया जा सकता है। इसके लोकेट होते ही निर्माण कार्य से जुड़े तमाम तकनीकी पहलू जांच एजेंसियों के समक्ष होंगे। सरकार और प्रशासन का दावा है कि इससे मनरेगा के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में जहां पारदर्शिता आएगी वहीं भ्रष्टाचार के मामले भी घटेंगे।</p>
<p>गौरतलब है कि मनरेगा के तहत पंचायतों में अक्सर घपले केे मामले सामने आते रहते हैं। प्रदेश के कुछ जगह तो ऐसा भी हुआ है कि कार्य कहीं और हुआ और दिखा दिया कहीं और दिया। यही नहीं कुछ लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर भी पैसे डकारे गए थे। लेकिन बाद में मजदूरी सीधे मजदूरों के खाते में आने से इन मामलों में हालांकि अब कमी आई है। लेकिन निर्माण कार्यों को लेकर अक्सर आरोप अब भी लगते रहे हैं।</p>
<p>अब राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत वर्ष 2013 से पहले पूरे किए गए सभी कार्यों की फोटोग्राफी कर उसे ऑनलाइन किया जाएगा। इससे कोई भी व्यक्ति मनरेगा में हुुए कार्यों का ब्योरा घर बैठे देख सकेगा। इसके लिए भुवन नाम का सॉफ्टवेर तैयार किया है। </p>
<p>पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इसका प्रयोग सोलन और सिरमौर के कुछ विकास खंडों में किया जा चुका है। अब प्रदेश के सभी विकास खंडों में यह कार्य शुरू किया जाएगा। इसे जिओ टेगिंग का नाम दिया है। इससे पहले यह कार्य फोटोग्राफी के जरिये किया जाता था। इसमें बहुत समय लगता था। जीपीएस सिस्टम से कार्य की वास्तविक लोकेशन का पता लग सकेगा जिससे मनरेगा कार्यों पर सरकार की सीधी नजर रहेगी। भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।</p>
<p><strong>सभी खंडों में शुरू कर दिया है काम</strong></p>
<p>खंड विकास अधिकारी सोलन विजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिओ टेगिंग का कार्य सोलन के सभी विकास खंडों में शुरू किया जा चुका है। 2013 के बाद हुए सभी कार्यों की जिओ टेगिंग की जा रही है। इससे कार्य की सही लोकेशन और कार्य की गुणवत्ता का पता लग सकेगा। आने वाले समय में भ्रष्टाचार रोकने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/11/30/geo-tagging-of-mgnrega-workers-in-himachal-pradesh/">अब सेटेलाइट के जरिये होगी मनरेगा कार्यों की निगरानी, विकास खंडों में जिओ टेगिंग का कार्य शुरू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
