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	<title>बाल मजदूरी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>बाल मजदूरी Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>बच्चों से खतरनाक किस्म की मजदूरी कराना गंभीर अपराध:विवेक खनाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Mar 2022 14:51:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[spotlight]]></category>
		<category><![CDATA[उमंग फाउंडेशन शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[मदजूर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बच्चों से खतरनाक किस्म की मज़दूरी कराना गंभीर अपराध है। 14 साल के अधिक आयु के बच्चों से ढाबे में 6 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। उन्हें तीन घंटे के बाद एक घंटे का आराम दिया जाना जरूरी है। यह बात वह उमंग फाउंडेशन द्वारा &#8220;मज़दूरों के कानूनी अधिकार, समस्याएं और [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> बच्चों से खतरनाक किस्म की मज़दूरी कराना गंभीर अपराध है। 14 साल के अधिक आयु के बच्चों से ढाबे में 6 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। उन्हें तीन घंटे के बाद एक घंटे का आराम दिया जाना जरूरी है। यह बात वह उमंग फाउंडेशन द्वारा &#8220;मज़दूरों के कानूनी अधिकार, समस्याएं और समाधान&#8221; विषय पर वेबिनार में वरिष्ठ सिविल जज एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव विवेक खनाल ने कही।</p>
<p>उन्होंने कहा कि असंगठित मजदूरों के शोषण का खतरा ज्यादा होता है। देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद का 50% हिस्सा असंगठित मजदूरों के योगदान से ही अर्जित होता है।</p>
<p>विवेक खनाल ने संगठित एवं असंगठित श्रमिकों से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा की 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक किस्म के कामों में नहीं लगाया जा सकता। इनमें औद्योगिक राख, अंगारे, बंदरगाह, बूचड़खाना, बीड़ी, पटाखा, रेलवे निर्माण, कालीन, पेंटिंग एवं डाईंग आदि से जुड़े कार्य शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि 14 से 18 वर्ष तक के बच्चे रेस्टोरेंट या ढाबे में काम के तय 6 घंटे तक ही काम कर सकते हैं। शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच उन से काम नहीं लिया जा सकता।</p>
<p> उन्होंने बताया कि भवन निर्माण एवं अन्य कामगार बोर्ड में पंजीकृत होने के बाद श्रमिकों को अनेक प्रकार की सुविधाएं एवं सामाजिक सुरक्षा मिल जाती है। </p>
<p>विवेक के अनुसार असंगठित मजदूरों के लिए कानून भी काफी कम हैं। जबकि उनकी स्थिति ज्यादा खराब होती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाली महिला मजदूरों के बच्चों को संभालने के लिए उन्हीं में से एक वेतन देकर आया का काम भी दिया जाता है। </p>
<p>राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि कि प्राधिकरण की ओर से समाज के जिन वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती है उसमें एक श्रेणी मजदूरों की भी है।</p>
<p> इसके अतिरिक्त महिला, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, और तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले बुजुर्ग इस योजना में शामिल हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बद्दी में मजदूरों के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। </p>
<p>इसके अलावा विभिन्न जिलों में वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र चलाए जा रहे हैं। एक अलग पोर्टल पर सरकार ई-श्रम कार्ड भी बना रही है।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। </p>
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		<title>बंधुआ मजदूरी और शोषण मामले में शिमला की पीड़ित जुड़वा बच्चियों को अगवा करने की धमकी देने वाला गिरफ्तार (विडियो)</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/03/03/bonded-child-labor-case-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Mar 2017 11:18:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सिरमौर]]></category>
		<category><![CDATA[आईजीएमसी शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[जुड़वा नाबालिग बच्चियां]]></category>
		<category><![CDATA[पांवटा साहिब]]></category>
		<category><![CDATA[पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी]]></category>
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		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल शोषण]]></category>
		<category><![CDATA[यौन उत्पीड़न]]></category>
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		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पांवटा साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। शिमला- सिरमौर जिले के पावटा साहिब में नाबालिग बच्चियों के बाल मजदूरी, मारपीट और आरोपन यौन उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में  पांवटा साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। </strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> सिरमौर जिले के पावटा साहिब में नाबालिग बच्चियों के बाल मजदूरी, मारपीट और आरोपन यौन उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा करने के लिए बच्चियों के पिता को 5 लाख रुपए का लालच देने और एक बच्ची को अपहरण की धमकी देने के आरोप में शिमला पुलिस ने गुरुवार को पंकज शर्मा नामक युवक को हिरासत में ले लिया। पिछले कुछ दिन पहले ही इन पीड़ित नाबालिग जुड़वा बहनो को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था।   </p>
<p>जानकारी के अनुसार  बच्चियों के पिता ने शिमला के पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत में कहा था कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार बार आ रहा था। </p>
<p>ज्ञात रहे कि पीड़ित बच्चियां और उनके पिता बहुत गरीब घर से ताल्लुख रखते हैं ! पिता अनपढ़ और शिमला के दूरदराज़ के गांव का निवासी है जिसका फायदा उठाकर आरोपी पहले पैसों का लालच और फिर धमकियाँ देकर से बयान बदलने का दबाव बना रहा था !</p>
<p><strong>विडियो</strong></p>
<div style="position:relative;height:0;padding-bottom:56.21%"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/j0nIXbYghzg?ecver=2" style="position:absolute;width:100%;height:100%;left:0" width="641" height="360" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></div>
<p>हिमाचल वॉचर से बात करने पर पीड़ित बच्चियों के पिता ने बताया कि सिरमौर जिले के रोनहाट का निवासी पंकज पुत्र दीपा 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक रोज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उनके पास बार-2 आ रहा था और फोन के ज़रिये भी संपर्क बनाए हुए था। </p>
<p>बच्चियों के पिता ने यह भी बताया कि पंकज पांवटा साहिब के अभियुक्त विजय भल्ला तथा उषा भल्ला के खिलाफ दर्ज मुकदमे को रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहा था। जिसकी एवज में वो उन्हें 5 लाख रुपए देने की पेशकश कर रहा था! विजय भल्ला नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में बाल यौन अपराध रोकथाम कानून के अंतर्गत  गिरफ्तार किया गया है। उसकी पत्नी उषा भल्ला बच्चियों के साथ मारपीट और बाल मजदूरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा की गई है। पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने पंकज के प्रस्ताव को नकारते हुए पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को लिखित शिकायत कर दी है। </p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/27/himachal-bonded-child-labor-case/" target="_blank">पढ़ें:शिमला की जुड़वां बहनों से बंधवा मजदूरी और यौन शोषण का मामला: 1 गिरफ्तार, 3 दिन के पुलिस रिमांड पर</a></p>
<p>बच्चियों के पिता ने हिमाचल वॉचर को यह भी बताया कि अस्पताल में पहले दो अनजान व्यक्ति भी आए थे जो उन्हें पहले 3 लाख रुपए देने की बात कर थे! दोनों अज्ञात लोगो ने बच्चियों के पिता से कहा कि वे 3 लाख रुपए शाम को लेकर आएंगे और उसके बाद वे चले गए। पीड़ित पिता ने यह बताया कि शाम को वे दोनों अज्ञात व्यक्ति तो नहीं आए लेकिन पंकज जरूर आया और सहानुभूति देने के साथ-2 उन्हें अपने दिए गए बयानों को पलटने के लिए दवाब बनाने लगा।  </p>
<p>पीड़ित पिता का कहना है कि पंकज ने उन्हें फोन किया था लेकिन वह उस समय अस्पताल के कमरे में नहीं थे और उनका फोन भी कमरे में ही था तभी उनकी बेटी ने फोन उठाया और पंकज ने पहले पीड़ित बच्ची से प्यार से बात की और यह पूछा कि उसके पिता कहाँ है जब बच्ची ने कहा कि उसके पिता इस समय उनके साथ मौजूद नहीं है यह सुन कर पंकज ने पीड़ित बच्ची से कहा कि अपने पिता को कह देना कि तुम दोनों इस वक़्त अकाली हो तो तुम्हें कोई उठा के भी ले जा सकता है यह शब्द सुन कर पहले से सदमे का शिकार इस बच्ची की मानसिक हालात और भी बिगड़ गई थी। </p>
<p>जब यह वाकया बच्चियों के पिता को पता चला तो उन्होंने इसकी शिकियत पुलिस से कर दी।  पिछले कल यानि 2 मार्च को  पंकज फिर इस पीड़ित परिवार से मिलने आया आईजीएमसी अस्पताल आया था जहँ पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ सम्भन्दित थाने ले गयी। पीड़ित पिता ने कहा कि उन्हें डर है की भविष्य में उन्हें कसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।  </p>
<p>पीड़ित पिता ने हिमाचल वॉचर को बताया कि अपना बयान दर्ज करवाने के लिए शुक्रवार को दोनों बच्चियां और उनके पिता पुलिस सुरक्षा में पावनता साहिब के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक तीनो लोगों को बयान होने के बाद पुलिस सुरक्षा में घर पहुँचाया जायेगा। जानकारी के अनुसार पुलिस नाबालिग बच्चियों को घटना स्थल पर भी लेजा सकती है।   </p>
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		<item>
		<title>शिमला शहर के ढाबों व दूकानों  में बाल-मजदूरी कर रहे 6 बच्चों को चाइल्डलाईन ने संयुक्त अभियान में कराया मुक्त</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/21/child-laborer-rescued-in-shimla-city-by-childline-shiimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Feb 2017 13:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[एच डब्ल्यू कम्युनिटी]]></category>
		<category><![CDATA[चाइल्डलाईन]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बाल-मजदूरी आज भी हमारे समाज का एक भयावह सच है! गरीबी होने की सजा भुगत रहे बच्चे अभी भी ढाबों में अक्सर काम करते दिख जाते हैं! इसी बात का प्रमाण है शिमला शहर से बचाये गए छह बच्चे जो अलग-2 ढाबों और दुकानों में शोषण का शिकार हो रहे थे! मंगलवार को शिमला [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> बाल-मजदूरी आज भी हमारे समाज का एक भयावह सच है! गरीबी होने की सजा भुगत रहे बच्चे अभी भी ढाबों में अक्सर काम करते दिख जाते हैं! इसी बात का प्रमाण है शिमला शहर से बचाये गए छह बच्चे जो अलग-2 ढाबों और दुकानों में शोषण का शिकार हो रहे थे! मंगलवार को शिमला महिला पुलिस थाना, श्रम विभाग तथा चाइल्डलाईन शिमला के संयुक्त अभियान से शहर के विभिन्न ढाबों तथा दूकानों से इन बच्चों को बाल-मजदूरी से छुड़ाया गया।</p>
<p>उक्त टीम में पुलिस पुलिस विभाग से  संजना- महिला आरक्षी, कौशल्या तथा थाना प्रभारी रीना तथा चाइल्डलाईन शिमला से कुमारी सानु, नितिका, विरेन्द्र, भगत राम ठाकुर तथा समन्वयक दिनेश कुमार एवं श्रम विभाग से निरीक्षक हेमराज पटयाल तथा सोहन लाल जलोटा शमिल थे। </p>
<p>उपरोक्त छः नाबालिग बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य सुभाष वर्मा के समक्ष पेश किया गया। उक्त बच्चों को अस्थाई आश्रय के आदेश जारी कर उन्हें फिलहाल आश्रय प्रदान किया गया है।</p>
<p>वर्मा ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को बाल-मजदूरी से दूर रखें तथा पढ़ाई की तरफ प्राथमिकता देकर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनायें।  साथ ही साथ लोगों से यह आवेदन किया है कि किसी भी बच्चे को बल-मजदूरी करते देखने पर प्रशाशन या पुलिस को सूचना दें ताकि असाक्षरता से इनका भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके ! </p>
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		<item>
		<title>बच्चों के साथ हो रहें शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रति चाइल्ड लाइन शिमला ने लोगों को किया जागरूक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/17/child-line-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Feb 2017 13:03:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[चाइल्ड लाइन शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाला कॉलोनी संजोली]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[बाल-विवाह]]></category>
		<category><![CDATA[महिला एवं बाल विकास मंत्रालय]]></category>
		<category><![CDATA[मानसिक शोषण]]></category>
		<category><![CDATA[शारीरिक शोषण]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- बच्चों के साथ हो रहें शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चाइल्ड लाइन शिमला द्वारा बंगाला कॉलोनी संजोली में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बाल मजदूरी, शिक्षा का अधिकार, बच्चों के साथ हो रहे अत्यायार एवं शोषण, बाल-विवाह, बाल व्यापार, के बारे में विस्तृत जानकारी जानकारी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/17/child-line-shimla/">बच्चों के साथ हो रहें शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रति चाइल्ड लाइन शिमला ने लोगों को किया जागरूक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  बच्चों के साथ हो रहें शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चाइल्ड लाइन शिमला द्वारा बंगाला कॉलोनी संजोली  में  जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बाल मजदूरी, शिक्षा  का अधिकार, बच्चों के साथ हो रहे अत्यायार एवं शोषण, बाल-विवाह, बाल व्यापार, के बारे में विस्तृत जानकारी जानकारी दी गई। </p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla.jpg" alt="Child Line Shimla" width="800" height="600" class="alignnone size-full wp-image-10270" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-300x225.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-768x576.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-80x60.jpg 80w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-265x198.jpg 265w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-696x522.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/Child-Line-Shimla-560x420.jpg 560w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>चाइल्ड लाइन शिमला द्वारा तथा 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई कि चाइल्डलाइन शिमला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की एक परियोजना है । यह परियोजना मंत्रालय द्वारा बच्चों के हितों की सुरक्षा व देख-रेख के लिए चलाई गयी है चाइल्डलाइन का टोल फ्री नंबर 1098 है जो कि पुरे भारत में एक समान है । चाइल्ड लाइन बच्चों के हितों के लिए 24×7 तत्पर सेवा दे रही है ।इस कार्यक्रम के अंत में बच्चों के साथ कैंडल मार्च  का आयोजन भी किया गया।  </p>
<p><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla.jpg" alt="bangla colony sanjauli Shimla" width="800" height="600" class="alignnone size-full wp-image-10269" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla.jpg 800w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-300x225.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-768x576.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-80x60.jpg 80w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-265x198.jpg 265w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-696x522.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2017/02/bangla-colony-sanjauli-Shimla-560x420.jpg 560w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>इस जागरूकता कार्यक्रम में बंगला कॉलोनी के कमेटी के प्रधान श्री चंचल कुमार, लगभग 70-80 बच्चे तथा उनके अविभावक, तथा एएनएम सोनिया कुमारी तथा एचपीवीएच के अधिकारी इत्यादि तथा चाईल्डलाईन के सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2017/02/17/child-line-shimla/">बच्चों के साथ हो रहें शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रति चाइल्ड लाइन शिमला ने लोगों को किया जागरूक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>केलांग में बंधक बनाए गए 4 मजदूर बच्चों का खुलासा, दैननिय हालात में रख जबरन करवाते थे काम</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/forced-child-labor-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Dec 2016 04:45:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल और स्पीति]]></category>
		<category><![CDATA[कुल्लू न्यायालय]]></category>
		<category><![CDATA[केलांग]]></category>
		<category><![CDATA[बाल अधिकार]]></category>
		<category><![CDATA[बाल मजदूरी]]></category>
		<category><![CDATA[लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक रमन मीना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लाहौल-स्पीति- हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति पुलिस ने बंधक बनाए गए आज 4 मजदूरों को छुड़वाया है। यह सभी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब इन अभियुक्तों को कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/12/03/forced-child-labor-in-himachal-pradesh/">केलांग में बंधक बनाए गए 4 मजदूर बच्चों का खुलासा, दैननिय हालात में रख जबरन करवाते थे काम</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लाहौल-स्पीति- </strong>  हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति पुलिस ने बंधक बनाए गए आज 4 मजदूरों को छुड़वाया है। यह सभी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अब इन अभियुक्तों को कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाएगा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि यह बच्चे लाहौल-स्पीति के केलांग से मनाली जा रही बस में छुपकर भागने की कोशिश कर रहे थे इतने में मारुती वैन में सवार 2 लोगों ने बस को रोककर उसमें सवार 4 बच्चों को मारते पिटते वहां से फरार हो गए। पुलिस ने नंबर के आधार पर वैन का पता लगाया और इन बच्चों तक पहुंची।</p>
<p>जहां इन्हें दयनीय हालत में रखा गया था और जबरदस्ती काम करवाया जाता था। यह तीनों युवक बिहार में गया के बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक पुलिस बच्चों की उम्र की जानकारी हासिल नहीं कर पाई है। लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक रमन मीना के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए केलांग थाने में अभियोग संख्या 82/2016 दर्ज किया गया है जिसमें आईपीसी धारा 341, 342, 323, 367, 374, 506, 120 b तथा बंधुआ मजदूर प्रणाली (उत्सादन) अधिनियम 1976 के अनुसार 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और बच्चों का मैडिकल करवाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सपुर्द किया गया है।</p>
<p>अभियुक्तों को अब कुल्लू न्यायालय में पेश किया जाना है। इनमें से 3 युवकों को तीन साल पहले यहां लाया गया था जबकि एक युवक को अभी 5 महीने पहले यहां लाया गया है। उनके अनुसार पिछले काफी समय से कई गिरोह सक्रिय है जो बाहरी राज्यों से गरीब बच्चों को खरीद कर यहां बेचकर इनसे काम करवाया जाता है।</p>
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