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	<title>Sudhir Sharma Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Sudhir Sharma Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में विधायक निधि के तहत वाई-फाई सुविधाएं: प्रदेश सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Sep 2016 10:38:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने ‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ के तहत उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में वाई-फाई सेवाओं के लिए धन उपलब्ध करवाने के लिए विधायकों को अधिकृत किया है ताकि डिजिटल इण्डिया पहल के अर्न्तगत लोगों को डिजिटल सुविधा से जोड़ा जा सके। उन्होंने [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने आज यहां कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने ‘विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना’ के तहत उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में वाई-फाई सेवाओं के लिए धन उपलब्ध करवाने के लिए विधायकों को अधिकृत किया है ताकि डिजिटल इण्डिया पहल के अर्न्तगत लोगों को डिजिटल सुविधा से जोड़ा जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोगों को सुदृढ़ करने में यह एक बड़ा कदम सिद्ध होगा और डिजिटल विश्व में यह तकनीकी में एक अग्रणीय प्रयास है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह पहल सांसद आदर्श ग्राम योजना कार्यक्रम के तहत भारत संचार निगम लिमिटेड, डिजिटल इण्डिया पहल के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कुनेक्टीविटी प्रदान करने के लिए वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने के लिए आरम्भ की गई है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>युग हत्या प्रकरण से शिमला निगम  की दिक्कतें बढ़ी, 5 सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हो सकता है बड़ा फैसला</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/09/02/shimla-mc-in-trouble-in-wake-of-yug-murder-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Sep 2016 09:43:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- युग हत्या प्रकरण में हिमाचल की सबसे पहली नगर निगम शिमला की दिक्कतें बढ़ती हुई दिख रही हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पांच सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इस मामले में बड़ा फैसला हो सकता है। पूरे घटनाक्रम से जुड़ी फाइल संबंधित महकमें के मंत्री सुधीर शर्मा को कमेंट के लिए [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>   युग हत्या प्रकरण में हिमाचल की सबसे पहली नगर निगम शिमला की दिक्कतें बढ़ती हुई दिख रही हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पांच सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इस मामले में बड़ा फैसला हो सकता है। पूरे घटनाक्रम से जुड़ी फाइल संबंधित महकमें के मंत्री सुधीर शर्मा को कमेंट के लिए भेज दी गई है। इसके बाद सरकार से उच्च स्तर पर बैठक के बाद नगर निगम के भाग्य पर फैसला हो सकता है। </p>
<p>अभी तक निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा ही नहीं, सरकार भी सवालों के घेरे में लाती रही है। पहले पीलिया प्रकरण के कारण आईपीएच के साथ नगर निगम की किरकिरी हुई। अब युग प्रकरण में जिस तरह से कोताही बरतने के आरोप टैंकों की सफाई के संदर्भ में लग रहे हैं, उससे परेशानियां और बढ़ सकती है। शहरी विकास एक्ट में इस बात का प्रावधान है कि महकमा बिना मंत्रिमंडल की संस्तुति के किसी भी स्थानीय निकाय को औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बर्खास्त कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में शहरी विकास विभाग द्वारा कानून विभाग से सलाह-मशविरा किया गया है। निगम में शुरू से ही कांग्रेस का वर्चस्व रहा है।</p>
<p><strong>सरकार हो बर्खास्त</strong></p>
<p>नगर निगम के मेयर संजय चौहान का कहना है कि  नगर निगम को नहीं, सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। यह कानून व्यवस्था का मसला है। यदि सात दिनों में पुलिस गंभीरता दिखाती, जब बच्चे को जाखू में रखा था तो उसकी जान बच सकती थी। निगम का इसमें कोई दोष नहीं है। रिपोर्ट में यदि कोई कोताही सामने आएगी तो निगम अफसरों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।</p>
<p><strong>प्रशासक बिठाने की तैयारी</strong></p>
<p>नगर निगम को यदि बर्खास्त किया जाता है तो यहां प्रशासक की व्यवस्था होगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बिना ही शहरी विकास विभाग निगम को बर्खास्त करने के लिए एक्ट के तहत अधिकृत है। बावजूद इसके मंत्रिमंडल के सहयोगियों से इस मामले पर चर्चा हो सकती है।</p>
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		<item>
		<title>आरटीआई में खुलासा: करोड़ों के क़र्ज़ में डूबे हिमाचल के मंत्री सपरिवार कर रहे विदेश की सैर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/09/rti-on-hp-government-expenditure-on-foreign-trips/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Mar 2016 10:44:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Forest Minister Thakur Singh Bharmouri]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Government]]></category>
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		<category><![CDATA[World Bank]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आरटीआई में खुलासा: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विद्या स्टोक्स को छोड़ सभी ने क्लेम किया लाखों का डीए,सपरिवार की विदेश की सैर या फिर जमे रहे हलकों में, शांडिल को छोड़ किसी को नहीं मिली सचिवालय में बैठने की फुरसत संसाधनों की कमी से साल दर साल करोड़ों के कर्ज में दब कर गरीब होते [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आरटीआई में खुलासा: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विद्या स्टोक्स को छोड़ सभी ने क्लेम किया लाखों का डीए,सपरिवार की विदेश की सैर या फिर जमे रहे हलकों में, शांडिल को छोड़ किसी को नहीं मिली सचिवालय में बैठने की फुरसत</strong></p>
<p>संसाधनों की कमी से साल दर साल करोड़ों के कर्ज में दब कर गरीब होते हिमाचल प्रदेश के विकास की इबारत विश्व बैंक, नाबार्ड और भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों से उधार लेकर लिखी जा रही है। लेकिन कई मंत्री मंत्री इस हालत को जानते हुए भी समझने को तैयार नहीं हैं। हां, विद्या स्टोक्स की तरह दरियादिली कोई नहीं दिखा रहा। सचिवालय प्रशासन विभाग का 2015 में छह माह का रिकॉर्ड बताता है कि दौरों में मंत्रियों की कमाई भी मोटी हो रही है। </p>
<p>मंत्री सिडनी, बैंकॉक, दुबई, न्यूयार्क, बोस्टन, यूरोप, स्पेन, इंग्लैंड जैसे देशों की सैर करने में रुचि दिखा रहे हैं लेकिन शिमला सचिवालय के कार्यालयों बैठना अधिकतर को पंसद नहीं।</p>
<p>क्लेम किया जा रहा डीए सरकारी खजाने में लाखों की सेंध लगा रहा है। प्रदेश या अन्य राज्यों में विभागीय कार्यों की एवज में जो दैनिक भत्ते मंत्री क्लेम कर रहे हैं, उन पैसों को लेने में तो जैसे मंत्रियों में होड़ लगी हैं। अन्य राज्यों में भी जनसुनवाई के हवाले से लाखों वसूले जो रहे हैं। </p>
<p>एक मंत्री ने प्रदेश के बाहर अपना नियमित स्वास्थ्य चैकअप और टेस्ट जहां करवाए, उस राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के निदेशक और दूसरे पदाधिकारियों से बैठक का हवाला डीए क्लेम करने के लिए दिया। अगले ही दिन साहब उस राज्य के निजी स्वास्थ्य संस्थान में दाखिल हुए।<br />
कई मंत्रियों ने उडनख़टोलों में की विदेशों की सैर के लिए लाखों रुपये का डीए लिया। एक मंत्री ने देश के भीतर अपने पूरे परिवार को दिल्ली से हिमाचल की सैर उडनख़टोले में करवाई पर खर्चा पूरा सरकार से ही लिया। एक अन्य मंत्री ने जीवन संगिनी को सैर करवाई। कई ने विदेश जाकर निजी दौरे के नाम पर कई दिन सरकारी घोषित किए। वहां की योजनाएं यहां के पहाड़ पर कितनी चढ़ीं, जनता उसे जानती है और इंतजार में है। और तो और, शताब्दी में खाए खाने का भी डीए लिया। काबिले-जिक्र यह कि यह डीए, गाडिय़ों, पेट्रोल, मंत्री स्टाफ सहित अन्य के लाखों खर्च का यह मात्र चुटकी भर है।</p>
<p><strong>हिमाचल मंत्रियों का चंद दिनों का दैनिक भत्ता</strong></p>
<table class="footable">
<thead>
<tr>
<th></th>
<th>मंत्री का नाम</th>
<th>दैनिक भत्ता (रुपये)</th>
<th>अवधि</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/virbhadra-singh_.jpg" alt="Virbhadra-Singh_" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4189" /></td>
<td>मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह</td>
<td>1,39,248</td>
<td>85</td>
</tr>
<tr>
<td><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/mukesh-agnihotri.jpg" alt="mukesh-agnihotri" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4195" /></td>
<td>उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री</td>
<td>93,000</td>
<td>32</td>
</tr>
<tr>
<td><img decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/thakur-singh-bharmouri.jpg" alt="Thakur Singh Bharmouri" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4196" /></td>
<td>वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी</td>
<td>2,49,802</td>
<td>134</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/urban-development-minister-sudhir-sharma.jpg" alt="Urban-Development-Minister-Sudhir-Sharma" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4197" /></td>
<td>शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा</td>
<td>2,83,018</td>
<td>174</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/dhani-ram-shandil.jpg" alt="Dhani-Ram-Shandil" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4198" /></td>
<td>सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग धनीराम शांडिल</td>
<td> 1,67,335</td>
<td>185</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/panchayati-raj-minister-anil-sharma.jpg" alt="panchayati raj minister Anil Sharma" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4200" /></td>
<td>पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा</td>
<td>3,70,750</td>
<td>177</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/gs-bali.jpg" alt="GS Bali" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4201" /></td>
<td>परिवहन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली</td>
<td>2,51,637</td>
<td>76</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/prakash-choudhary-minister-of-excise-and-taxation-himachal.jpg" alt="Prakash-Choudhary-Minister-Of-Excise-and-Taxation-himachal" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4205" /></td>
<td>आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी</td>
<td> 2,74,627</td>
<td>154</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/thakur-kaul-singh.jpg" alt="Thakur Kaul Singh" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4202" /></td>
<td>स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह</td>
<td>2,18,576</td>
<td>151</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/sujan-singh-pathania.jpg" alt="sujan-singh-pathania" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4203" /></td>
<td>ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया</td>
<td>1,40,850</td>
<td>163</td>
</tr>
<tr>
<td><img loading="lazy" decoding="async" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2016/03/vidya-stokes.jpg" alt="vidya-stokes" width="100" height="100" class="alignleft size-full wp-image-4204" /></td>
<td>आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स</td>
<td>&#8211;</td>
<td>&#8211;</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>राहत यह है कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस लिहाज से समझदार हैं। विद्या स्टोक्स ऐसा कोई पैसा नहीं लेती तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस मामले में सबसे शालीन हैं। उन्होंने सबसे कम दैनिक भत्ता क्लेम किया है। दूसरे नंबर पर ऊर्जा मंत्री व तीसरे स्थान पर धनी राम शांडिल हैं। जबकि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अधिकतर मंत्रियों ने वहां डीए क्लेम नहीं किया हैं। एक मंत्री की जानकारी देने में जीएडी ने गुरेज किया।</p>
<p><strong> प्रकाश चौधरी ने की विदेश की सैर</strong></p>
<p>प्रकाश चौधरी औसतन बीस प्रतिशत ही शिमला में सचिवालय में अपने स्टाफ के साथ बैठे। अस्सी फीसद दौरे उनके विदेश, दिल्ली, चंड़ीगढ़ सहित अपने विधानसभा क्षेत्रों में ही रहे। 24 सितंबर को शिमला से विदेश के लिए रवाना हुए। एक दिन बाद दिल्ली एयरपोर्ट से बैंकाक के लिए निकले, फिर यहां से सिडनी पहुंचे। इतने सफर तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार के डॉलर खर्चे। मगर इसके बाद सिडनी में वेलिंगटन घूमे। चार से लेकर दस अक्टूबर तक उन्होंने टीए-डीए क्लेम नहीं किया और ऑकलैंड में रुके। उन्होंने यह निजी दौरा बताया है। वापस दिल्ली पहुंचे। 14 अक्टूबर को शिमला पहुंचे। धर्मशाला में शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान अपने दम पर रहे, कोई सरकारी खर्च नहीं लिया।</p>
<p><strong>भरमौरी को भाता है भरमौर में रहना</strong></p>
<p>प्रदेश के वन मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्रों के लोगों के बीच रहना पंसद करते हैं। अक्तूबर में तो दो दिन ही वन मंत्री शिमला आए हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ के दौरों पर भी कम ही जाते हैं। घरेलू एयरपोर्ट से चंडीगढ़ दिल्ली में हवाई सेवाएं अगस्त महीने में बैठकों के लिए उपयोग की। मुख्यमंत्री के साथ हेलीकॉप्टर में भी घूमे, उनके साथ जनसभाओं में गए। दिल्ली दौरे के दौरान हालांकि अपने साथ एक सहयोगी को भी हवाई यात्रा सरकारी खर्च पर करवाई। अपने विधानसभा क्षेत्र में दौरे किए। 19 से लेकर 23 नवंबर 2015 तक निजी गाड़ी में घूमे, मगर डीए लेना नहीं भूले।</p>
<p><strong>सचिवालय में बैठने का रिकॉर्ड शांडिल के नाम</strong></p>
<p>सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री अधिक सचिवालय में बैठना पंसद करते हैं। अन्य मंत्रियों में सबसे अधिक सचिवालय में बैठने का उनका रिकॉर्ड रहा हैं। जुलाई महीने में 27 दिन तक वह शिमला सचिवालय में बैठे, एक साथ इतने दिनों तक सचिवालय में मौजूदगी का रिकॉर्ड उपरोक्त अवधि में अन्य किसी के नाम नही रहा हैं। अन्य महीनों में औसतन 6 माह में तीस फीसद तक सचिवालय में मौजूद रहे जबकि पचास प्रतिशत तक अपने विधानसभा क्षेत्र और शेष में बाहरी राज्यों के दौरों और मंत्रालय के साथ बैठकों में गए। नई दिल्ली और चंडीगढ़ दौरों के दौरान बोर्डिंग पास पर 5500 रुपये के लिए क्लेम सरकार से लिया। सितंबर में प्रदेश के बाहर के दौरों के लिए हवाई सेवा टिकट क्लेम किया है। विदेश दौरे पर नहीं गए।</p>
<p><strong>अक्टूबर में एक ही दिन शिमला रहे सुधीर</strong></p>
<p>शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा अधिकतम समय शिमला से बाहर ही रहें हैं। दिल्ली चड़ीगढ़ के दौरे विभागीय बैठकों के नाम पर थे। इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से हिमाचल में एयरपोर्ट विस्तार, विभाग की विभिन्न योजनाओं के फॉलोअप कई मंत्रालयों में किए। अक्तूबर में तो सिर्फ एक दिन शिमला सचिवालय में बैठे। बैजनाथ में पैराग्लाइडिंग वल्र्ड कप की मेजबानी में भी व्यस्तता रही। नौ अक्टूबर को शिमला से दिल्ली रवाना हुए और फिर पूरे महीने शिमला ही नहीं आए। हां दिल्ली में मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द रहे।<br />
नवंबर अंत से लेकर मध्य दिसंबर तक चंडीगढ़ दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहे। 21 नवंबर को धर्मशाला से गग्गल तक 10,955 रूपए की टिकट , फिर 22 से लेकर 28 नवंबर तक विभिन्न मंत्रालयों में योजनाओं का फीडबैक लिया और प्रदेश का पक्ष रखा। अगले दिन अपनी बेटी आध्या और पत्नी रीना के साथ दिल्ली से गग्गल पहुंचे। इस दौरान 8,027 रूपए क्लेम किए। शीतकालीन विधानसभा सत्र के बाद सात दिसंबर को परिवार सहित दिल्ली गए, 21 हजार रुपए की टिकट लगी और वापसी 13 दिसंबर को भी हवाई सेवा से की उसके टिकट भी 16000 के आसपास दिए। </p>
<p><strong>दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में गए सुजान</strong></p>
<p>प्राप्त जानकारी में सुजान सिंह पठानिया ने एक टुअर ऐसा भी डीए के लिए क्लेम किया हैं जिसका जिक्र अन्य मंत्रियों ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान नहीं किया हैं। 19 सितंबर को शिमला से दिल्ली सरकारी गाड़ी में रवाना हुए और बीस को वहां कैबिनेट बैठक में भाग लिया और मुख्यमंत्री के साथ रहे। उसके बाद अगले दिन शिमला पहुंचे। विदेश सैर नहीं की, शिमला सचिवालय में बैठना भी अधिक पंसद नहीं किया। मगर दिल्ली चंडीगढ़ का दौरे विभागीय कार्यो के लिए हवाई सेवाओं के जरिए खूब की। फतेहपुर में ही अधिक जमे रहे।</p>
<p><strong>अपना खर्च करते हैं मुख्यमंत्री</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिमला में कम बैठे, दिल्ली, चंडीगढ़ के दौरे विभागीय कार्यो के चलते अधिक किए। अन्य राज्यों में भी गए मगर, उन्होंने अन्य मंत्रियों के लिए मिसाल कायम की कि निजी दौरों के लिए सरकारी खर्च के लिए क्लेम नहीं किया। अधिकतर दौरों का स्वयं भुगतान किया, जो निजी दौरे घोषित किए हैं। 19 जुलाई को लखनऊ बाई एयर, 25 जुलाई को सड़क मार्ग से जालंधर, मगर स्वयं खर्च उठाया।</p>
<p><strong>दिल्ली, चंडीगढ़ और नगरोटा में रहे बाली</strong></p>
<p>परिवहन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली इस अवधि में औसतन दस प्रतिशत ही सचिवालय में रहे। अधिकतर अपने विधानसभा क्षेत्र और दिल्ली चंडीगढ़ के दौरे पर रहे। सभी दौरों में दिल्ली चंडीगढ़ में अपनी निजी गाड़ी का प्रयोग किया, मगर डीए का लाभ लेना परिवहन मंत्री नहीं भूले हैं। सरकारी गाड़ी का प्रयोग नहीं किया।</p>
<p><strong>अरे वाह पेरिस, इंग्लैंड घूम आए अनिल शर्मा</strong></p>
<p>अनिल शर्मा का लंदन और पेरिस में निजी दौरे पर रहे हैं। इस दौरान उनकी पत्नी सुनीता शर्मा उनके साथ रहीं। कालका से दिल्ली शताब्दी एक्सप्रैस में नौ जुलाई को गए और 23 को दिल्ली से इसी माध्यम से वापस चंडीगढ़ पहुंचे। उसके बाद सरकारी गाड़ी में शिमला पहुंचे। टीए नियम दो सेक्शन एक के तहत दो लाख रुपये की एवज में 208500 रुपये दो सीटों के लिए क्लेम किए। 14 से 27 नवंबर तक इंग्लैंड की यात्रा पर रहे,सरकारी खर्चा नहीं मांगा।</p>
<p><strong>बस दिल्ली, चंडीगढ़ में ही रहे मुकेश</strong></p>
<p>उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री अस्सी प्रतिशत तक दिल्ली चंडीगढ़ में ही रहे। दस प्रतिशत शिमला और इतनी ही फीसद में अपने हलके में गए। जीएडी ने उनकी जानकारी मात्र 32 दिनों की ही दी है। जून अंत से लेकर जुलाई 2015 तक की जानकारी सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में दी हैं।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर दुबई, न्यूयार्क घूमे</strong></p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री ने विदेश दौरा किया। हालांकि इस अवधि में बीमार भी थे। विधानसभा क्षेत्र में तीस प्रतिशत तक ही जा पाए। 8 नवंबर को दुबई रवाना हुए। 14 नवंबर को वापस दिल्ली आए। इसके बाद विशाखापतनम, हैदराबाद, तिरुपति के लिए उड़ान भरी, डीए भी लिया। विशाखापटनम के लिए 11843 रुपये फ्लाइट टिकट के लिए क्लेम किया। यहां रात्रि विश्राम रहा और अगले दिन 19 नवंबर को डिजास्टर मैनेजमेंट विषय पर दूसरे विश्व सम्मेलन में पहुंचे। यहां से हैदराबाद गए, इसके लिए 5177 तथा तिरुपति के लिए 2883 रुपये क्लेम किए। रोचक यह रहा कि ट्रीटमेंट पर जाने से पहले जब चंडीगढ़ में रहे तो पीजीआई निदेशक और अन्य अथॉरिटी के साथ मैराथन बैठकें की थी। 10 से 14 जुलाई तक वे वहीं रुके। इस दौरान पांच दिन का डीए 1500 रुपये के हिसाब से लिया। अगले दिन से वह फोर्टिस में दाखिल हुए और 3 अगस्त तक वहीं रहे। इस दौरान टीए, डीए एडवांस में लिया था। दो सितंबर को शताब्दी से ट्रेन से दिल्ली गए।</p>
<p><strong>स्टोक्स नहीं लेती कोई खर्च</strong></p>
<p>सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स सरकारी खर्चा दौरों के लिए लेती ही नहीं हैं। शिमला में अन्य मंत्रियों और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अधिक वह सचिवालय कार्यालय में मौजूद रहती हैं। प्रदेश से बाहर दौरों पर कम ही रही है,अपने विधानसभा क्षेत्र में भी शिमला से कम दिखी है।</p>
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