<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Sirmaur District Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sirmaur-district/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sirmaur-district/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 16 Mar 2016 04:00:34 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Sirmaur District Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/sirmaur-district/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>आए थे सुरिक्षत प्रसव करवाने लेकिन ले जानी पड़ी अर्थी, अब बिना मां  के कैसे जी पाऐंगे दुधमुंह बच्चे</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-himachal-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Feb 2016 12:04:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Healtjh Department]]></category>
		<category><![CDATA[IGMC Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Jaundice Deaths Himachal]]></category>
		<category><![CDATA[Kamla Nehru Hospital Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla Jaundice Outbreak]]></category>
		<category><![CDATA[Sirmaur District]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=3985</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- आईजीएमसी अस्पताल में एक प्रसूता महिला की पीलिया से मौत हो गई। महिला को कमला नेहरू अस्पताल से आईजीएमसी शिफ्ट किया गया था वहां महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में रखा गया। महिला का नाम बबली ठाकुर बताया जा रहा है और यह सिरमौर की रहने वाली बताई जा रही [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-himachal-2/">आए थे सुरिक्षत प्रसव करवाने लेकिन ले जानी पड़ी अर्थी, अब बिना मां  के कैसे जी पाऐंगे दुधमुंह बच्चे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> आईजीएमसी अस्पताल में एक प्रसूता महिला की पीलिया से मौत हो गई। महिला को कमला नेहरू अस्पताल से आईजीएमसी शिफ्ट किया गया था वहां महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में रखा गया। महिला का नाम बबली ठाकुर बताया जा रहा है और यह सिरमौर की रहने वाली बताई जा रही है। </p>
<p>अस्पताल में 22 फरवरी को मौत हो गई थी लेकिन उस दिन मौत की असल वजह का पता नहीं चल पाया था। बुधवार को अस्पताल प्रबंधन के पास रिपोर्ट आई जिसमें हेपाटाइटस ई का जिक्र किया गया है। प्रसूता महिलाओं की एक के बाद एक हो रही मौतों पर सवाल उठ रहे हैं। </p>
<p>मां की मौत से दुधमुंह बच्चे कैसे जी पाऐंगे इस पर भी प्रश्न चिंह लग गया है। इस बारे में राज्य सरकार को जागरूक करने की जरूरत है। महिला के परिजन उसे प्रदेश के सबसे बड़े कमला नेहरू अस्पताल में सुरिक्षत प्रसव करवाने आए थे लेकिन उसकी अर्थी ले जानी पड़ी। ऐसे में सरकार के उन दावों की पोल खुल जाती है जिसमें वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में सार्वजनिक तौर पर अपनी पीठ थपथपाते नजर आते हैं। </p>
<p>आम जनता के सामने खुल रही पोल को बड़ी ही चालाकी से दबाने की कोशिश करते हैं और मीडिया की मनगंढ़त रिपोर्ट करार देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते फिर रहे हैं। अब क्या बबली ठाकुर वाले मामले में भी प्रदेश सरकार इसे पीलिया से हुई मौत नहीं मानेगी यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। </p>
<p>हांलाकि अस्पताल प्रशासन इस मौत पर रहस्यमयी चुपी साधे है और कुछ भी बोलने को तैयार नहीं लेकिन पुख्ता सूत्र इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि महिला की मौत हेपाटाइटस ई से ही हुई है।  </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/02/25/jaundice-deaths-in-himachal-2/">आए थे सुरिक्षत प्रसव करवाने लेकिन ले जानी पड़ी अर्थी, अब बिना मां  के कैसे जी पाऐंगे दुधमुंह बच्चे</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिमला, सोलन के बाद अब सिरमौर के लोग पीलिया की चपेट में</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/29/jaundice-cases-in-sirmaur-district/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2016 10:07:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[HP Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Jaundice]]></category>
		<category><![CDATA[jaundice in Sirmaur]]></category>
		<category><![CDATA[Sirmaur District]]></category>
		<category><![CDATA[Solan city]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=3487</guid>

					<description><![CDATA[<p>शिमला- प्रदेश की राजधानी शिमला को हिलाकर रख देने वाले पीलिया की सनसनी से अभी प्रदेश उभरा नहीं है कि प्रदेश की राजधानी के पड़ोसी जिले भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। जिला सिरमौर में भी पीलिया के मामले प्रकाश में आए हैं। केवल नाहन अस्पताल में ही करीब आठ मामले ऐसे प्रकाश में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/29/jaundice-cases-in-sirmaur-district/">शिमला, सोलन के बाद अब सिरमौर के लोग पीलिया की चपेट में</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> प्रदेश की राजधानी शिमला को हिलाकर रख देने वाले पीलिया की सनसनी से अभी प्रदेश उभरा नहीं है कि प्रदेश की राजधानी के पड़ोसी जिले भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। जिला सिरमौर में भी पीलिया के मामले प्रकाश में आए हैं। केवल नाहन अस्पताल में ही करीब आठ मामले ऐसे प्रकाश में आए हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक पिछले करीब दो सप्ताह से जो लोग शिमला गए थे तथा शिमला में फैले पीलिया की बीमारी का कुछ असर उनमें भी देखने को मिला है। जिला के गिरिपार क्षेत्र में भी पीलिया ने अपने लक्षण दिखाने शुरू कर दिए हैं। </p>
<p>क्षेत्र में करीब दो दर्जन के आसपास लोग पीलिया की चपेट में हैं जो जिला के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के विकासनगर व देहरादून में उपचार करवा रहे हैं। यही नहीं, कुछ लोग निजी क्लीनिकों व झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जिला के हरिपुरधार, जरवा, भलाड़, हलाहं, घुंडवी, चाड़ना, भवाई, सेंज व खूड़ द्राबिल समेत दर्जनों गांव में दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की बीमारी की चपेट में हैं। </p>
<p>स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से आईपीएच विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक नाहन अस्पताल में जिन लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे लोग हैं जो या तो शिमला में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या वहां पर किसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र के गांव बांदल निवासी वैद्य सबला राम शर्मा ने बताया कि उनके पास पीलिया रोग से पीडि़त रोजाना 10 से 12 मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान वह 40 से अधिक पीलिया मरीजों का इलाज कर चुके हैं। </p>
<p>पीलिया से पीडि़त चाड़ना निवासी रविंद्र नेगी, सतपाल, योगराज व कोटी कंडा निवासी तुलाराम आदि ने विभाग से मांग की है कि ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में उचित दवाइयों का प्रबंध किया जाए तथा चिकित्सकों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी जाए। उधर, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय शर्मा ने बताया कि करीब आधा दर्जन मामले पीलिया के सामने आए हैं, परंतु इन लोगों की हिस्ट्री शिमला से जुड़ी हुई है।<br />
विभाग स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।<br />
<strong><br />
सोलन में छह नए मामले आए सामने</strong><br />
  सोलन शहर के बाद अब पीलिया आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांव पसारने लगा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को 17 मरीजों के खून की जांच की गई, जिसमें से छह रोगियों में पीलिया होने की पुष्टि हुई है। विभाग द्वारा सभी मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में टेस्ट किया गया था</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/29/jaundice-cases-in-sirmaur-district/">शिमला, सोलन के बाद अब सिरमौर के लोग पीलिया की चपेट में</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
