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	<title>Shimla Sewage System Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Shimla Sewage System Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>अधिक टैक्स लगा कर जनता का खून चूसने का कार्य कर रहा है नगर निगम, करेंगे निगम चुनाव का बहिष्कार: विकास समिति टुटू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/17/mc-shimla-elections-boycott-by-vikas-samiti-totu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nagender Gupta]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Mar 2016 11:48:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>निगम चुनावों के विरोध के मुख्य कारण पिछले दस वर्षों से मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी के कनेकश्न घरेलू बिलों का भुगतान कमर्शीयल,टैक्स वसूली के लिए भवन नियमित,बिजली -पानी देने के लिए अनियमित,सीवरेज,स्ट्रीट लाईटों, पार्किंग,बिना रेलिंग की गलियां,सार्वजनिक शौचालय,सीढ़ियां जैसे झूठे वादे नगर निगम ने किये और इन मूलभूत सुविधाएं देने में नाकामयाब रहा है! शिमला- [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>निगम चुनावों के विरोध के मुख्य कारण</p>
<p>पिछले दस वर्षों से मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी के कनेकश्न घरेलू बिलों का भुगतान कमर्शीयल,टैक्स वसूली के लिए भवन नियमित,बिजली -पानी देने के लिए अनियमित,सीवरेज,स्ट्रीट लाईटों, पार्किंग,बिना रेलिंग की गलियां,सार्वजनिक शौचालय,सीढ़ियां जैसे झूठे वादे नगर निगम ने किये और इन मूलभूत सुविधाएं देने में नाकामयाब रहा है!  </p>
<p></strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong> विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि टुटू नगर निगम वार्ड नंबर 6 के बुद्धिजीवी राजनीति से ऊपर उठ कर निगम चुनावो का बहिष्कार करने का मन बना रहे हैं! समिति अध्यक्ष ने प्रैस को जारी एक ब्यान में कहा कि नगर-निगम वार्ड बड़े लंबे समय से शिमला व पूर्व और वर्तमान प्रदेश सरकार के झूठे वादो के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है जिस कारण उपनगर में रह रहे भवन मालिक और किरायदार व दूकानदार आगामी वर्ष होने वाले नगर-निगम चुनावों का बहिष्कार करने का मन बना रहे हैं और निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध करने के लिए आगामी रणनीती बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं!</p>
<p>समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता का कहना है कि नगर-निगम शिमला वर्तमान समय में मूलभूत सुविधाएं देने के लिए कोई ठोस नीती नहीं बना रहा है जबकि प्रापर्टी टैक्स,पानी के बढ़ते बिल और अन्य करो को बिना सीवरेज सुविधा के सीवरेज सेस जैसे कर लगाकर जनता का खून चूसने का कार्य कर रहा है!</p>
<p>समिति ने कहा कि नगर निगम शिमला ने तकरीबन दो दशक पूर्व पानी की तंगी के चलते टुटू क्षेत्र को घरेलू इस्तेमाल के लिए पानी मुहैया करवाया था जबकि निगम क्षेत्र के दायरे में आने के बावजूद भी आजतक कमर्शीयल दरों के बिल थमा रहा है! वहीं भाजपा विचारधारा रखने वाले वरिष्ठ वकील टुटू निवासी विवेक शर्मा ने कहा कि नगर-निगम शिमला नए शामिल क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है और दोहरी नीती अपना रहा है टुटू निवासी का ये भी कहना है कि एक ओर तो निगम टैक्स वसूली करने के लिए बहुमंजिला भवनो को नियमित समझता है जबकि दूसरी ओर अवैध करार कर नक्शे स्वीकृत करने के लिए नियमों में प्रावधान न होने के कारण जनता को बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देने में आनाकानी कर रहा है!</p>
<p>वहीं व्यापार मण्डल के अध्यक्ष राजीव सूद का कहना है कि निगम व्यापारियों पर बेफिजूल के प्रापर्टी टैक्स व लाईसेंस फीस लगाकर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है जबकि भवन मालिकों द्वारा प्रापर्टी टैक्स की अदायगी अपरोक्ष रूप से व्यापारी वर्ग को ही चुकानी पड़ती है! राजीव सूद ने कहा कि पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक सड़क पहुँचने के कारण गाँव-गाँव में कारोबार बढ़ रहा है और शहर में कारोबार कम हो रहा है जबकि निगम नए से नए कर लगाकर व्यापारी वर्ग पर आर्थिक बोझ डाल रहा है! </p>
<p>स्वाभिमान पार्टी के जिला प्रवक्ता और कारोबारी सुरेन्द्र बाटला ने कहा कि नगर निगम व सरकार के झूठे वादों से तंग आकर स्थानीय जनता में विरोध के स्वर उठ रहे हैं और लबे समय से सीवरेज सुविधाएं देने और भवन नियमित न करने के लिए निगम नाकामायब साबित हुआ है इसलिए स्थानीय जनता आगामी वर्ष में होने वाले निगम चुनावो का बहिष्कार करने के लिए विकास मंच के झंडे तले खड़े होने को मजबूर हैं!</p>
<p>पार्टी के जिला प्रवक्ता ने बताया कि भंवनों को एकमुश्त बिना शर्त नियमित करने की आड़ में भाजपा और कांग्रेस यहाँ तक की सीपीआईएम(एम) ने आजतक सिर्फ राजनैतिक रोटियाँ सेकने का ही कार्य किया है जबकि जनता को बेहतर मूलभूत सुविधाएं देने के लिए आजतक कोई ठोस नीति न तो प्रदेश सरकार बना पाई है और न ही नगर निगम!</p>
<p>समिति ने कहा कि कांग्रेस पार्टी से सीधे तौर पर संबंध रखने वाले टुटू वासी कमलेश वर्मा,दिवाकर शर्मा,खेम राज,तरुण भारद्धाज,दिनेश कपूर का कहना है कि पिछले दिनो उन्होने युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे व प्रदेश के मुख्यमंत्री से भवनो को नियमित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग और सीवरेज सुविधा की मांग को प्रमुखता से उठाया है!</p>
<p>पार्टी ने कहा की उन्हे उम्मीद है की जल्द ही प्रदेश सरकार कोई ठोस नीति बना कर नगर निगम में शामिल नए क्षेत्रों के भवन मालिकों को भवन नियमित करने के मामले में राहत प्रदान करेगी ताकि मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोगों को उचित सुविधाएं मिल सके! पार्टी का यह भी कहना है कि वर्तमान सरकार के मुखिया शिमला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र के विधायक भी हैं और वह जनता का दुख-दर्द भली भांति जानते हैं! </p>
<p>टुटू विकास समिति अध्यक्ष व् महासचिव व् अन्य पदाधिकारियों ने एक संयुक्त ब्यान में कहा कि वीरभद्र सरकार के गठन के तुरंत बाद उन्होंने भवन नियमतीकरण हेतु कुछ सुझाव शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को भी दिए थे लेकिन अभी तक कोई अमल नजर नहीं आ रहा है!</p>
<p>समिति ने कहा कि टुटू की जनता जागरूक है और बार-बार भवन नियमतिकरण के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है जबकि पिछले 20-25 वर्षों से आश्वासनों पर आश्वासन ही मिल रहे हैं और अब उनका सब्र का बांध टूट रहा है और यदि सरकार और निगम आगामी दिनो में भवन नियमतिकरण के लिए मिलकर कोई ठोस नीति सामने नहीं लाती है तो सभी राजनैतिक पार्टियों को उसका अंजाम आगामी वर्ष में होने वाले विधानसभा और निगम चुनावों में सहना पड़ेगा! </p>
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		<item>
		<title>शिमला निगम सुवधायें देने में नाकाम फिर भी  प्रापर्टी टैक्स दोगुना कर तिरिक्त बोझ क्यों : विकास समिति टुटू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/12/hike-in-shimla-mc-property-tax-not-justified-vikas-samiti-totu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Mar 2016 10:09:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>विकास समिति का यह भी कहना है कि ना सीवरेज व्यवस्था,पीने के पानी की उचित व्यवस्था,उचित पार्किंग,उचित सड़कें,ना स्ट्रीट लाईट और फिर टैक्स दोगुना कर क्या दर्शाना चाहता है नगर-निगम शिमला! शिमला- विकास समिति टुटू ने वित सविंदा योजना समिति की सिफ़ारिशों पर शिमला निगम क्षेत्र में सेल्फ एकूपेन्सी के इलावा अन्य वर्गों में प्रापर्टी [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विकास समिति का यह भी कहना है कि ना सीवरेज व्यवस्था,पीने के पानी की उचित व्यवस्था,उचित पार्किंग,उचित सड़कें,ना स्ट्रीट लाईट और फिर टैक्स दोगुना कर क्या दर्शाना चाहता है नगर-निगम शिमला!</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  विकास समिति टुटू ने वित सविंदा योजना समिति की सिफ़ारिशों पर शिमला निगम क्षेत्र में सेल्फ एकूपेन्सी के इलावा अन्य वर्गों में प्रापर्टी टैक्स को बढ़ाने का विरोध किया है! समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि लेटआऊट रेजीडेंशीयल प्रापर्टी और नान रेजीडेंशीयल प्रापर्टी पर टैक्स लगाने से किरायेदारों और व्यवसायियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली प्रापर्टी पर टैक्स पहले से दोगुना हो जाएगा जो कि तर्कसंगत नहीं है!</p>
<p>समिति  ने कहा कि नगर-निगम शिमला ने भवन मालिकों को खासकर नए शामिल क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने की आड़ लेकर पिछले दिनों पहले ही सुविधाओं से ज्यादा टैक्स लगा दिया है और अब दोगुना कर अतिरिक्त बोझ में डालने की कवायद कर रहा है!</p>
<p>विकास समिति का यह भी कहना है कि ना सीवरेज व्यवस्था,पीने के पानी की उचित व्यवस्था,उचित पार्किंग,उचित सड़कें,ना स्ट्रीट लाईट और फिर टैक्स दोगुना कर क्या दर्शाना चाहता है नगर-निगम शिमला!</p>
<p>ये भी बताया कि नगर-निगम कों चाहिए की वे अपनी फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाए न की आम जनता पर बोझ डाले! समिति अध्यक्ष ने कहा कि जोन ए शिमला शहर में जहां नए निगम क्षेत्र से ज्यादा सुविधाएं हैं वहाँ पर 50% और जोन  बी जहां शिमला शहर के मुक़ाबले उचित सीवरेज,पानी,स्ट्रीट लाईटें व पक्के रास्ते व खेल के मैदान व पार्किंग न होने पर भी इन क्षेत्रों में 100% बढ़ौतरी करना जायज नहीं है!</p>
<p>समिती ने कहा कि 100 वर्ग मीटर सेल्फ ओकुपाईड प्रापर्टी पर बढ़ौतरी न करना सिर्फ जनता कों गुमराह करना है जबकि लेटआऊट रेजीडेंशीयल प्रापर्टी और नान रेजीडेंशीयल प्रापर्टी पर बढ़ौतरी करना सीधे-सीधे किरायदारों और व्यापारी वर्ग या कमर्शीयल कार्य कर रहे अन्य वर्गों पर कुठाराघात है! समिति ने जनहित में नगर-निगम शिमला और निगम पार्षदों से इस प्रस्ताव कों निरस्त करने की मांग की है! </p>
<p><em>Photo: Amit Kanwar/TNS</em></p>
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		<item>
		<title>सामने आया ट्रीटमेंट प्लांट ठेकेदार का दूसरा गैर जिम्मेदाराना कृत्य, गोल्छा प्लांट पांच साल से बंद, 60 गांवों  को पिला रहे गंदा पानी</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/01/29/shimla-juandice-outbreak-golcha-sewerage-plant/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2016 09:49:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मल्याणा से पेयजल में गंदगी मिलाने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अक्षय डोगर का दूसरा गैर जिम्मेदाराना कृत्य सामने आया है। शिमला नार्थ डिवीजन लक्कड़ बाजार की ओर से सीवरेज की गंदगी खुले में बह रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा पिछले पांच साल से बंद पड़ा है। ऐसे में शहर के [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिमला- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मल्याणा से पेयजल में गंदगी मिलाने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अक्षय डोगर का दूसरा गैर जिम्मेदाराना कृत्य सामने आया है। शिमला नार्थ डिवीजन लक्कड़ बाजार की ओर से सीवरेज की गंदगी खुले में बह रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा पिछले पांच साल से बंद पड़ा है। ऐसे में शहर के साथ लगने वाले 60 गांवों के लोग गंदा पानी पी रहे हैं।</p>
<p>सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा है और मशीनें खराब हैं। इस ट्रीटमेंट प्लांट के कारण गोल्छा, नेरी, चवाग, करयाली, नावंग, कडयाची सहित कई गांवों के लोग सीवरेजयुक्त पानी जो जहर के समान है, पीने को मजबूर हैं। प्रदूषण फैलने के कारण आसपास के क्षेत्रों में लोगों का रहना मुश्किल हो चुका है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य (आईपीएच) विभाग के अधिकारी हर महीने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पड़ताल के लिए जाते हैं।</p>
<p>हैरानी यह है कि मल्याणा क्षेत्र में पीलिया फैलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने जांच करने के लिए रजिस्टर लगाया। उससे पहले कोई जांच नहीं होती थी। अक्षय डोगर के पास मल्याणा व गोल्छा सीवरेज प्लांट का ठेका है। पांच साल से सारी मशीनरी खराब होने पर भी ठेका अक्षय डोगर को दिया गया है। हालत यह है कि शिमला की सारी गंदगी व सीवरेज सीधी नाले में जा रही है।</p>
<p><strong>सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा का हाल</strong></p>
<p><strong>1 अलग नहीं हो रही सीवरेज की गंदगी व पानी </strong></p>
<p>गोल्छा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में सबसे पहले इनलैट टैंक बना है। यहां स्क्रीनिंग मशीन खराब होने के कारण सीवरेज की गंदगी व पानी अलग नहीं हो पा रहा है। चौड़ा मैदान, अनाडेल व कैथू से आने वाली सीवरेज लाइन संप वैल मशीन खराब होने के कारण एरिएशन टैंक तक भी न पहुंच कर सीधे नाले में जा रही है। संप वैल मशीन की मोटरें खराब होने के कारण टैंक गाद से भर गए हैं और यह सारी गंदगी नाले में बह रही है।</p>
<p><strong>2 टैंकों में नहीं हो रही सफाई</strong></p>
<p>प्लांट में तीन एरिएशन टैंक बनाए गए हैं। इनमें एक भी टैंक नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहा है। एक टैंक में प्लांट के शुरू होने से ही मशीनें खराब पड़ी हैं। दूसरे टैंक में मिक्सर के पंखे टूटे हुए हैं। एक टैंक में ही मिक्सर के पंखे काम कर रहे हैं जिसे बीच-बीच में बंद करना पड़ता है।</p>
<p><strong>3 अधिक लोड से रुकता है टैंक</strong></p>
<p>प्लांट में क्लेरिफाई सिस्टम के दो टैंक बनाए गए हैं। इनमें से एक टैंक काम कर रहा है जबकि एक बीते पांच साल से खराब पड़ा हुआ है। क्लेरिफाई सिस्टम का एक टैंक भी कभी कभार अधिक लोड के कारण रोकना पड़ता है।</p>
<p><strong>4 खराब है एक फ्लैश मिक्सर</strong></p>
<p> प्लांट में दो फ्लैश मिक्सर बनाए गए हैं। इनमें से एक मिक्सर काम कर रहा है और एक खराब पड़ा हुआ है। इस सिस्टम में सीवरेज के पानी को ट्रीट करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जाता है। यह सिस्टम भी ब्लीचिंग पाउडर के अभाव में नकारा साबित हो रहा है। इतने बड़े प्लांट में नाममात्र ही ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जा रहा है।</p>
<p><strong>5 नाले में बहाई जा रही स्लज</strong></p>
<p>प्लांट में स्लज के लिए अलग से प्लांट लगाया गया है। मशीनरी खराब होने के कारण यह भी कार्य नहीं कर रहा है। ऐसे में स्लज को सीधा नाले में बहाया जा रहा है। इससे नाले का पानी भी दूषित हो रहा है।</p>
<p><strong> 6 भूस्खलन से काम का नहीं रहा फ्लाक लीटर का टैंक</strong></p>
<p>फ्लाक लीटर का टैंक प्लांट में बनाया गया है जिसमें पानी को ट्रीट करने के बाद बाहर छोड़ा जाता है। वर्ष 2009 में भूस्खलन होने के कारण यह टैंक प्लांट में नकारा हो गया है। अब सारी गंदगी सीधे नाले में जा रही है। इसे नाले में छोड़ने के लिए बनाई गई नाली भी टूट चुकी है। इसके पाइप नाले में टूटे पड़े हैं जिस कारण प्लांट का गंदा पानी बहकर इधर-उधर पहाड़ियों से बहकर साथ लगते नाले में बह रहा है।</p>
<p><strong>प्लांट की क्षमता </strong></p>
<p>सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा की क्षमता 5.80 एमएलडी है। यहां पर केवल 2.30 एमएलडी सीवरेज ही आ रही है। यह सीवरेज भी प्लांट में सही ढंग से ट्रीट नहीं हो रही है। </p>
<p><strong>जेनरेटर की भी सुविधा नहीं</strong></p>
<p>प्लांट में जेनरेटर की सुविधा न होने के कारण लाइट जाने की स्थिति में सीवरेज को ट्रीट नहीं किया जाता है। सारी सीवरेज को सीधा नाले में बहा दिया जाता है।</p>
<p><strong>पशुओं को भी सीवरेजयुक्त पानी</strong></p>
<p>सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ लगते नाले में जहां सीवरेज का गंदा पानी मिलाया जाता है, वह आगे जाकर नेरी, चबावग, करयाली, क्यारी, नावग, कड़याहैची, नयासेर, सनयोग आदि गांवों से होकर जाता है। इसी नाले के पानी से लोग खेती, पशुओं को पिलाने के अलावा कई स्थानों पर पीने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। </p>
<p> strong>इन क्षेत्रों से प्लांट में जाती है गंदगी</strong><br />
शिमला के नार्थ डिवीजन गोल्छा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में लौंगवुड, दुधली, भराड़ी, कफ्टाधार, कलैस्टन, लक्कड़ बाजार, चौड़ा मैदान व कैथू से सीवरेज की गंदगी जा रही है।<br />
<strong>यह मशीनरी है खराब</strong></p>
<p>स्क्रीनिंग, एरिएशन टैंक, क्लेरिफाई सिस्टम, फ्लैश मिक्सर, पलाक लीटर, स्लज बनाने की मशीन</p>
<p><strong>ठीक करवाई जा रही मशीनरी</strong></p>
<p>सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा में कुछ मशीनरी खराब पड़ी है जिसे ठीक करवाया जा रहा है। प्लांट में पहुंच रही सीवरेज की गंदगी को ट्रीट किया जाता है।</p>
<p> रूप लाल, कनिष्ठ अभियंता, आइपीएच विभाग </p>
<p>PHOTO Hindustan times/Representational image </p>
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