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	<title>Private Schools Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Private Schools Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, नियम तोड़ने पर NOC होगी रद्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:23:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[कैम्पस वॉच]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला:  हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला: </strong> हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर होने वाली मनमानी पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>अक्सर देखा गया है कि कई निजी स्कूल अभिभावकों पर बच्चों की किताबें, कॉपियां और वर्दी किसी एक तय दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह की किसी भी व्यवस्था को तुरंत समाप्त करें।</p>
<p><strong>शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि:</strong></p>
<ul>
<li>स्कूल स्वयं किताबें या कॉपियां नहीं बेच सकेंगे।</li>
<li>किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से किताबें, कॉपियां या वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।</li>
</ul>
<p><strong>नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सार्वजनिक होंगे निर्णय</strong></p>
<p>शिक्षा विभाग ने सभी सेकेंडरी और प्रारंभिक उपनिदेशकों, स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पीटीए के माध्यम से अभिभावकों का जनरल हाउस आयोजित किया जाए। इस बैठक में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद से संबंधित विषय को गंभीरता से रखा जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जनरल हाउस में लिए गए निर्णयों को स्कूलों के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।</p>
<p><strong>नियम तोड़े तो रद्द होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)</strong></p>
<p>शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अवहेलना की जाती है या विभाग को शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द किया जा सकता है।</p>
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		<item>
		<title>तारा हॉल स्कूल में निष्पक्ष पीटीए के गठन, परन्तु ऑकलैंड स्कूल पर अनैतिक हथकंडे अपनाने का आरोप</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/07/22/pta-constituted-in-shimlas-tarahall-and-auckland-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2019 14:37:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Auckland Shimla]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच ने ऑकलैंड व तारा हॉल स्कूलों में पीटीए के गठन को मंच के आंदोलन की जीत करार दिया है। मंच ने तारा हॉल स्कूल में निष्पक्ष पीटीए के गठन पर स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों को बधाई दी है परन्तु ऑकलैंड स्कूल में पीटीए के गठन पर सवाल खड़े किए हैं व इसे [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-छात्र अभिभावक मंच ने ऑकलैंड व तारा हॉल स्कूलों में पीटीए के गठन को मंच के आंदोलन की जीत करार दिया है। मंच ने तारा हॉल स्कूल में निष्पक्ष पीटीए के गठन पर स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों को बधाई दी है परन्तु ऑकलैंड स्कूल में पीटीए के गठन पर सवाल खड़े किए हैं व इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा बताया है।</p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा व सह संयोजक बिंदु जोशी ने कहा है कि ऑकलैंड स्कूल प्रबंधन ने पीटीए के गठन के दौरान कई अनैतिक हथकंडे अपनाए। पीटीए के गठन से पहले स्कूल प्रबंधन ने कई अभिभावकों को टेलीफोन करके अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वोट देने के लिए अनचाहा दबाव बनाया व उन्हें प्रबंधन के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की। मंच ने कहा कि इस बात की पोल बॉयज स्कूल की कक्षा दो के चुनाव के दौरान खुल गयी जब एक उम्मीदवार ने अभिभावकों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान साफ तौर पर बोला कि उन्हें स्कूल प्रबंधन ने खड़ा किया है इसलिए अभिभावक उन्हें वोट दें। इस पर विवाद हो गया व अभिभावकों ने उस उम्मीदवार के खिलाफ खुली बगावत करके दूसरे उम्मीदवार को भारी मतों से जिता दिया।</p>
<p>मंच ने कहा कि ऐसा ही एक उदाहरण कक्षा छः में आया जहां पर चुनाव रोस्टर को जानबूझ कर बदलकर महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। इस पर कक्षा छः की दोनों सेक्शनों के सभी अभिभावक खड़े हो गए व उन्होंने इसे फिक्सिंग करार दिया। उन्होंने साफ कह दिया कि कक्षा छः से छात्र अभिभावक मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ही प्रतिनिधि होंगे। पूरी कक्षा ने बिना किसी चुनाव के ही विजेंद्र मेहरा को निर्विरोध चुन लिया जिसे बाद में अभिभावकों के दबाव में स्कूल प्रबंधन को मानना पड़ा।</p>
<p>मंच ने आरोप लगाया कि यह चुनाव पूरी तरह धांधलियों से भरपूर रहा। चुनाव के बाद चुनी गई कार्यकारी कमेटी के चुनाव में स्कूल प्रबंधन के लगभग दस लोग घुस आए व उन्होंने चुनाव को जबरन पांच मिनट में ही निपटा दिया जिसमें उन्होंने पहले से ही प्रबंधन द्वारा फिक्स उनके कुछ चहेतों को अपनी योजना के तहत मुख्य जिम्मेवारी सौंप दी। मंच ने कहा कहा कि इस कमेटी के चुनाव में इन लोगों का जबरन घुसना व कमेटी सदस्यों पर अनचाहा दबाव बनाना व उन्हें प्रभावित करना गैर संवैधानिक है। कार्यकारी कमेटी के चुनाव का नामांकन भी नहीं करवाया गया व इसे केवल एक औपचारिकता बनाकर रख दिया गया। बगैर किसी नामांकन व चुनाव के ही यह कमेटी गठित कर दी गयी।</p>
<p>अभिभावक मंच ने कहा कि ऑकलैंड स्कूल का पीटीए का चुनावी रोस्टर गैर संवैधानिक था। चुनाव की प्रक्रिया नर्सरी से शुरू न करवाकर जान बूझकर प्लस टू से शुरू करवाई गई। किसी भी रोस्टर में सामान्य श्रेणी से शुरुआत होकर आरक्षित श्रेणी तक जाती है परन्तु यहां पर जान बूझ कर इस रोस्टर को बदल दिया गया ताकि प्रबंधन के चहेते चुनाव में जीतें।</p>
<p>मंच ने निदेशक उच्चतर शिक्षा से मांग की है कि भविष्य में निजी स्कूलों में होने वाले पीटीए के गठन को और ज़्यादा पारदर्शी बनाया जाए ताकि शिक्षा के अधिकार कानून 2009,हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम 1997 व नियम 2003 तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 2014 की गाइडलाइनज़ का पूर्णतः पालन हो व ऑकलैंड स्कूल की तर्ज़ पर पीटीए गठन में धांधली न हो।</p>
<p>अभिभावक मंच ने कहा कि 153 साल पुराने ऑकलैंड स्कूल में आज पहली मर्तबा पीटीए का गठन हुआ। यह छात्र अभिभावक मंच की पहली जीत है व इस जैसे सभी निजी स्कूलों के गाल पर करारा तमाचा है। निजी स्कूलों की तानाशाही के दी दिन अब लद रहे हैं। मंच ने कहा है कि संघर्ष जारी है और अगला पड़ाव निजी स्कूलों में भारी फीसों व अन्य विषयों को संचालित करने के लिए विधेयक लाने का है जिसका प्रारूप उच्चतर शिक्षा निदेशक ने बना दिया है। सम्भवतः इस विधानसभा सत्र में यह विधेयक पेश हो जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>किसके दबाव में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट सार्वजानिक नहीं कर रहा निदेशालय: अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/22/make-inspection-report-of-himachals-private-schools-public-student-parent-forum/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Apr 2019 14:08:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट को तुरन्त सार्वजनिक किया जाए। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि 8 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय पर हुए महाधरने के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशक ने कई टीमें बनाकर प्रदेश में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन का कार्य [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/22/make-inspection-report-of-himachals-private-schools-public-student-parent-forum/">किसके दबाव में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट सार्वजानिक नहीं कर रहा निदेशालय: अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>छात्र अभिभावक मंच ने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट को तुरन्त सार्वजनिक किया जाए।</p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि 8 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय पर हुए महाधरने के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशक ने कई टीमें बनाकर प्रदेश में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन का कार्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंपा था। प्रदेश भर के निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन के 14 दिन का समय अब खत्म हो गया है। अधिसूचना के हिसाब से अब सभी निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा निदेशक के टेबल पर होनी चाहिए। इस अधिसूचना के तहत प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्थित निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन 9 व 10 अप्रैल को निर्धारित की गई थी। उच्चतर शिक्षा निदेशक की अधिसूचना में स्पष्ट था कि दो दिनों की इंस्पेक्शन के बाद 11 अप्रैल को जिला मुख्यालयों के स्कूलों की रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को सौंप दी जाएगी।</p>
<p>उन्होंने शिक्षा निदेशक से पूछा है कि वे इन स्कूलों की रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं और रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने के पीछे उनपर आखिर किसके दबाव है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों के निजी स्कूलों के अलावा अन्य निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन का कार्य भी अब खत्म हो गया है। जिला मुख्यालयों के इतर अन्य निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन की टाइम लिमिट भी 22 अप्रैल को खत्म हो गई है।</p>
<p>मंच ने कहा है कि शिक्षा विभाग अब जनता व अभिभावकों को स्पष्ट करे कि इंस्पेक्शन रिपोर्ट में निजी स्कूलों के संदर्भ में क्या आंकड़े व तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि वह पूरे प्रदेश के निजी स्कूलों की रिपोर्ट तुरन्त सार्वजनिक करें अन्यथा अभिभावकों का रोष उनको झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक केवल कागजी कार्यवाही व लीपापोती से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।</p>
<p>मंच ने कहा है किअभिभावकों को जमीनी स्तर पर निजी स्कूलों की लूट व मनमानी के खिलाफ ठोस कार्रवाई चाहिए। अगर शिक्षा विभाग ने इस पूरे मसले पर संतोषजनक कार्रवाई न की तो निश्चित तौर पर शिक्षा विभाग के खिलाफ अभिभावक और ज़्यादा मुखर होकर दोबारा से सड़कों पर उतर आएंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/22/make-inspection-report-of-himachals-private-schools-public-student-parent-forum/">किसके दबाव में निजी स्कूलों की इंस्पेक्शन रिपोर्ट सार्वजानिक नहीं कर रहा निदेशालय: अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>सालाना 1000 हज़ार 200 करोड़ के व्यापार में कमीशनखोरी के साथ 625 करोड़ शुद्ध मुनाफा कमा रहे हिमाचल के निजी स्कूल: अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/21/private-education-a-1000-crores-business-in-himachal-pradesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Apr 2019 13:55:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच नें आज एक प्रेस विज्ञप्ति ज़ारी कर कहा कि निजी स्कूल हिमाचल प्रदेश में सालाना 1000 हज़ार 200 करोड़ रुपये के व्यापार कर रहे हैं। मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के नाम पर खुला व्यापार चल रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों में फीसों के नाम [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/21/private-education-a-1000-crores-business-in-himachal-pradesh/">सालाना 1000 हज़ार 200 करोड़ के व्यापार में कमीशनखोरी के साथ 625 करोड़ शुद्ध मुनाफा कमा रहे हिमाचल के निजी स्कूल: अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-छात्र अभिभावक मंच नें आज एक प्रेस विज्ञप्ति ज़ारी कर कहा कि निजी स्कूल हिमाचल प्रदेश में सालाना 1000 हज़ार 200 करोड़ रुपये के व्यापार कर रहे हैं।</p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के नाम पर खुला व्यापार चल रहा है। प्रदेश में निजी स्कूलों में फीसों के नाम पर व्यापार लगभग 1000 हज़ार 200 करोड़ रुपये का है जिसमें शुद्ध मुनाफा लगभग 525 करोड़ रुपये का है।</p>
<p>मेहरा ने कहा कि अभिभावकों पर हर वर्ष किताबों,ड्रेस व स्कूल कार्यक्रमों के नाम पर भी अभिभावकों को बुरी तरह से ठगा जा रहा है। इन चीजों की बिक्री पर कम से कम 10 से लेकर 300 प्रतिशत तक की कमीशनखोरी है।</p>
<p>निजी स्कूलों में किताबों,ड्रेस व स्कूल कार्यक्रमों में प्रति वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये अभिभावकों से किताबों,ड्रेस व स्कूल कार्यक्रमों की कमीशन के रूप में वसूले जा रहे हैं। इस तरह फीसों के रूप में निजी स्कूलों द्वारा 525 पच्चीस करोड़ रुपये की मुनाफाखोरी में कमीशनखोरी के 100 करोड़ जोड़ दिए जाएं तो प्रतिवर्ष शुद्ध मुनाफा 625 करोड़ रुपये हो जाता है। मंच का का कहना है कि इस तरह पूरा शिक्षा तंत्र एक बाजार में तब्दील हो गया है जिसे प्रदेश सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को संचालित करने के लिए निजी शिक्षण स्थान(नियामक आयोग) अधिनियम 2010 लागू किया गया लेकिन निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए कोई रेगुलेटरी कमीशन नहीं बनाया गया। अगर शिक्षा के इस बाजार पर रोक लगानी है ताकि शिक्षा अधिकार के बजाए विशेषाधिकार न बने तो फिर ठोस कानून ही इस शिक्षा माफिया पर नकेल लगा सकता है।</p>
<p>अभिभावकों कि मांग है कि इसलिए प्रदेश सरकार को अगले विधानसभा सत्र में हर हाल में निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए ठोस कानून पटल पर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लग पाए।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/21/private-education-a-1000-crores-business-in-himachal-pradesh/">सालाना 1000 हज़ार 200 करोड़ के व्यापार में कमीशनखोरी के साथ 625 करोड़ शुद्ध मुनाफा कमा रहे हिमाचल के निजी स्कूल: अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>हर वर्ष एडमिशन फीस का बोझ डाल गर्ल एजुकेशन की राह में बाधाएं उत्पन्न कर रहा शिमला का निजी स्कूल: अभिभावक</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/19/chelsea-school-shimla-charging-annual-admission-fees-faces-protest-from-parents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Apr 2019 12:15:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[शिमला]]></category>
		<category><![CDATA[Chelsea school Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[girl education]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दसवीं में एनुअल फीस उन्नतीस हज़ार रुपये थी परन्तु जब उन्हीं छात्राओं ने प्लस वन में एडमिशन ली तो उनकी फीस में सीधा पच्चीस हजार रुपये का इज़ाफ़ा करके उनसे चौबन हज़ार रुपये वसूले गए&#124; शिमला&#8211;प्राइवेट स्कूलों में इन्स्पेक्शन्स के बावजूद शिकायतें सामने आ रही है जंहा से पता चल रहा है कि फीसों में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/19/chelsea-school-shimla-charging-annual-admission-fees-faces-protest-from-parents/">हर वर्ष एडमिशन फीस का बोझ डाल गर्ल एजुकेशन की राह में बाधाएं उत्पन्न कर रहा शिमला का निजी स्कूल: अभिभावक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दसवीं में एनुअल फीस उन्नतीस हज़ार रुपये थी परन्तु जब उन्हीं छात्राओं ने प्लस वन में एडमिशन ली तो उनकी फीस में सीधा पच्चीस हजार रुपये का इज़ाफ़ा करके उनसे चौबन हज़ार रुपये वसूले गए|</strong></p>
<p><strong>शिमला</strong>&#8211;<a href="http://hindi.himachalwatcher.com/tag/private-schools/">प्राइवेट स्कूलों में इन्स्पेक्शन्स</a> के बावजूद शिकायतें सामने आ रही है जंहा से पता चल रहा है कि फीसों में बढ़ोतरी जारी है। स्कूल अभी भी छात्रों से सालाना एडमिशन फीस वसूल रहे हैं ।छात्र-अभिभावक मंच ने चेलसी स्कूल में प्लस वन क्लास में दस हज़ार रुपये एडमिशन फीस वसूलने पर विरोध प्रकट किया है। मंच ने स्कूल की रसीद की एक फोटो मीडिया को दी है।</p>
<p><a href="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12607" src="http://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike.jpg" alt="chelsea school shimla annual fee hike" width="1000" height="650" srcset="https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike.jpg 1000w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike-300x195.jpg 300w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike-768x499.jpg 768w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike-696x452.jpg 696w, https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2019/04/chelsea-school-shimla-annual-fee-hike-646x420.jpg 646w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></p>
<p>मंच ने तुरन्त इस फीस को कुल फीस में मर्ज करने की मांग की है और कहा है कि अन्यथा चेलसी स्कूल के बाहर अभिभावक मोर्चेबन्दी करेंगे।</p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि चेलसी स्कूल लगातार मनमानी व लूट करता रहा है। इस स्कूल की तानाशाही व मनमानी कुछ वर्ष पूर्व भी छात्राओं की मानसिक प्रताड़ना पर सवालों के घेरे में रही थी। कई राष्ट्रीय स्तर की मानवाधिकार संस्थाओं व बच्चों की संस्थाओं ने भी स्कूल की कार्यप्रणाली पर प्रश्रचिन्ह लगाया था। परन्तु यह स्कूल इसके बावजूद भी मनमानी करने से नहीं रुक रहा है व मनमानी जारी है।</p>
<p>अभिभावकों का कहना है कि इस स्कूल स्कूल से ही दसवीं करने के बाद जब छात्राओं ने जब प्लस वन में एडमिशन ली तो उनसे एडमिशन फीस के मद में दस हज़ार रुपये वसूले गए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि यह स्कूल नर्सरी,पहली,छठी,नौंवी व ग्यारहवीं कक्षाओं में छात्राओं से एडमिशन फीस लेकर ही लगभग पचहत्तर लाख रुपये का डाका अभिभावकों की जेब पर डालता है।</p>
<p>अभिभावकों का कहना है कि पिछले दिनों शिक्षा विभाग द्वारा की गई इंस्पेक्शन में भी इन सब बातों पर पर्दा डाला गया है। दसवीं में इस स्कूल की एनुअल फीस उन्नतीस हज़ार रुपये थी परन्तु जब उन्हीं छात्राओं ने प्लस वन में एडमिशन ली तो उनकी फीस में सीधा पच्चीस हजार रुपये का इज़ाफ़ा करके उनसे चौबन हज़ार रुपये वसूले गए। संयोजक मेहरा ने कहा कि इस तरह दस हज़ार रुपये एडमिशन फीस की लूट के साथ ही एक वर्ष में पच्चीस हजार रुपये की सीधी लूट की गई। मेहरा ने आरोप लगाया है कि चेल्सी स्कूल ने पच्चीस हज़ार रुपये की फीस बढ़ोतरी करके अभिभावकों का आर्थिक व मानसिक शोषण किया है। छात्राएं लगातार नर्सरी से इसी स्कूल में पढ़ रही हैं परन्तु बार-बार उनसे एडमिशन फीस लेने का क्या तुक बनता है।</p>
<p>उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि इंस्पेक्शन की रिपोर्ट कब आएगी। क्या तब जब सारे अभिभावक ठगे जा चुके होंगे। अभिभावकों ने शक ज़ाहिर किये है कि कहीं इंस्पेक्शन प्रक्रिया व इंस्पेक्शन रिपोर्ट अभिभावकों से छलावा तो नहीं। उन्होंने पुछा है कि आखिर कब तक अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी,लूट व भारी फीसों के लिए बलि का बकरा बनते रहेंगे।</p>
<p>मंच का आरोप है कि शिक्षा विभाग क्यों जानबूझकर इंस्पेक्शन रिपोर्ट में देरी कर रहा है। मेहरा ने कहा कि चेलसी स्कूल सीबीएसई की 2005 की गाइडलाइनज़ की भी पालना नहीं कर रहा है जिसके अनुसार अगर किसी की दो ही बेटियां हैं व वे दोनों बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ती हैं तो एक बेटी की फीस बिल्कुल माफ़ होनी चाहिए।</p>
<p>मंच का ये भी आरोप है कि इस स्कूल में केंद्र व प्रदेश सरकार की सिंगल गर्ल चाइल्ड पॉलिसी के तहत भी फीस में कोई छूट नहीं दी जा रही है। इस तरह गर्ल एजुकेशन को प्रोमोट करने के लिए यह स्कूल कोई कार्य नहीं कर रहा है। इसके विपरीत हर वर्ष एडमिशन फीस का बोझ बच्चियों पर डाल कर गर्ल एजुकेशन की राह में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/19/chelsea-school-shimla-charging-annual-admission-fees-faces-protest-from-parents/">हर वर्ष एडमिशन फीस का बोझ डाल गर्ल एजुकेशन की राह में बाधाएं उत्पन्न कर रहा शिमला का निजी स्कूल: अभिभावक</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<title>शिक्षा विभाग की करवाई के बाद बच्चों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहा शिमला का निजी स्कूल:अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/12/shimlas-private-schools-targeting-children-of-protesting-parents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Apr 2019 11:24:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच ने खलीणी स्थित निजी स्कूल पर प्रदर्शन में शामिल हुए परिजनों के बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने व डराने धमकाने के आरोप लगाए हैं! याद रहे अभिभावक मंच के प्रदर्शनों के बाद शिक्षा विभाग अब निजी स्कूलों में निरिक्षण कर रहे है और सारे रिकॉर्ड कब्ज़े में ले रहे हैं! [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>छात्र अभिभावक मंच ने खलीणी स्थित निजी स्कूल पर प्रदर्शन में शामिल हुए परिजनों के बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने व डराने धमकाने के आरोप लगाए हैं! याद रहे अभिभावक मंच के प्रदर्शनों के बाद शिक्षा विभाग अब निजी स्कूलों में निरिक्षण कर रहे है और सारे रिकॉर्ड कब्ज़े में ले रहे हैं! इस बात को लेकर निजी स्कूलों ने विरोध जताया है! <strong><br />
</strong></p>
<p>मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि कथित स्कूल की मनमानी सभी हदों को पार कर चुकी है। एक तरफ इस स्कूल ने भारी फीसें लादकर अभिभावकों का शोषण किया वहीं दूसरी ओर स्कूल की मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले अभिभावकों पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।</p>
<p>भारी फीसों व निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कथित स्कूल के जो अभिभावक 8 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय के बाहर महाधरने में शामिल हुए थे उनके बच्चों को स्कूल में मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें क्लासरूम में खड़ा करके डराया धमकाया जा रहा है। इस से बच्चे काफी मानसिक तनाव में हैं। बच्चे सहमे और डरे हुए हैं। उनके अभिभावक और ज़्यादा दबाव में हैं। शिक्षा विभाग द्वारा शिमला पब्लिक स्कूल पर इंस्पेक्शन व छापेमारी के बाद बच्चों की मानसिक प्रताड़ना और ज़्यादा बढ़ गई है।</p>
<p>विजेंद्र मेहरा ने उच्चतर शिक्षा निदेशक श्री अमरजीत शर्मा से मांग की है कि कथित स्कूल में बच्चों की मानसिक प्रताड़ना करने वालों के खिलाफ चाइल्ड राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट के अनुसार मुकद्दमा दायर किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के इस मामले में चाइल्ड राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट के साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(एफ) के तहत बच्चों को प्राप्त नैतिक व भौतिक अधिकारों को छीनने के खिलाफ भी मुकद्दमा दायर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिमला पब्लिक स्कूल प्रबंधन तुरन्त बच्चों व अभिभावकों की मानसिक प्रताड़ना बन्द करे अन्यथा शिमला पब्लिक स्कूल को मंच आंदोलन का केंद्र बना देगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुछ अन्य स्कूल भी हैं जहां पर बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है इसलिए शिक्षा निदेशक तुरन्त कार्रवाई अमल में लाएं। उन्होंने निजी स्कूलों को चेताया है कि अब बच्चों व अभिभावकों को डराने धमकाने की नीति बन्द करें।</p>
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		<title>निजी स्कूलों की फीसों में में इस वर्ष नहीं होगी कोई बढ़ोतरी, ज़्यादा फीसें वसूल चुके स्कूलों से रीइंबर्स करवाई जाएगी राशी: निदेशक शिक्षा</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/08/himachal-pradeshs-private-schools-would-have-to-reimburse-excess-fees-hp-education-director/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Apr 2019 18:16:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
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		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच के निजी स्कूलों की लूट व भारी फीसों के खिलाफ एक के बाद एक धरना प्रदर्शनों के बाद आज निदेशक उच्चतर शिक्षा ने मंच पदाधिकारियों से मीटिंग कर ये आश्वाशन दिया है की अब निजी स्कूलों के खिलाफ करवाई अमल में लायी जाएगी!निदेशक ने कहा कि 9 अप्रैल से ही अब निजी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>छात्र अभिभावक मंच के निजी स्कूलों की लूट व भारी फीसों के खिलाफ एक के बाद एक धरना प्रदर्शनों के बाद आज निदेशक उच्चतर शिक्षा ने मंच पदाधिकारियों से मीटिंग कर ये आश्वाशन दिया है की अब निजी स्कूलों के खिलाफ करवाई अमल में लायी जाएगी!निदेशक ने कहा कि 9 अप्रैल से ही अब निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होगी व स्कूलों की इंस्पेक्शन शुरू होगी!</p>
<p>आज मंच ने शिक्षा निदेशालय शिमला पर हल्ला बोला। मंच ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि सुबह ग्यारह बजे से अभिभावक निदेशालय के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। बारह बजे के करीब अभिभावकों की भीड़ से पूरा निदेशालय परिसर भर गया। बारह बजे से शुरू हुआ धरना तीन बजे तक चला।</p>
<p>मंच ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ही निदेशक ने मंच पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुला लिया। इसके बाद मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल निदेशक उच्चतर शिक्षा से मिला। मीटिंग लगभग एक घण्टा चली। मीटिंग में निदेशक उच्चतर शिक्षा के साथ सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक भी शामिल रहे। </p>
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<p>प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निदेशक उच्चतर शिक्षा ने मंच पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि अब निजी स्कूलों के प्रबंधन से बातचीत का समय खत्म हो चुका है। अब एक्शन का समय है। इसलिये 9 अप्रैल से ही अब निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होगी व स्कूलों की इंस्पेक्शन शुरू होगी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इस वर्ष फीसों में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं होगी। जिस भी स्कूल ने ज़्यादा फीसें वसूली हैं उनसे अभिभावकों को बढ़ी हुई फीस रीइंबर्स करवाई जाएगी। स्कूलों में स्थापित किताबों व कपड़े की दुकानों को सील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब स्कूल फंक्शनों के नाम पर निजी स्कूल प्रबंधनों की मनमर्जी नहीं चलेगी व कोई भी स्कूल एमआरपी से अधिक रेट नहीं वसूल पायेगा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि अब स्कूल फंक्शन करने से पहले निजी स्कूलों को शिक्षा निदेशालय से इज़ाज़त लेनी होगी व उसमें वितरित की जाने वाली चीजों के रेट शिक्षा निदेशालय से अप्रूव करवाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को अपनी बसें चलाने की डेडलाइन जारी की जाएगी। शिक्षा निदेशालय एचआरटीसी को पत्र लिखकर बसों में बस पास की एवज में हर छात्र को सीट सुनिश्चित करने के  लिए दिशानिर्देश देगा व ओवरलोडिंग पर एचआरटीसी बसों पर कार्रवाई की सिफारिश करेगा। जितने दिन छात्र  एचआरटीसी बस करेंगे उनसे पूरे महीने के बजाए उतने ही दिनों के पैसे बसूले जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले पन्द्रह दिन के भीतर हर निजी स्कूल में पीटीए का गठन हर हाल में कर दिया जाएगा।</p>
<p>निदेशक उच्चतर शिक्षा से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में बिंदु जोशी,फालमा चौहान,भावना,जसबीर,कौशल्या,रमा रावत,मीना,कलावती,रंजना वर्मा,बबली,कुसुम,कौशल्या,लक्ष्मी,पन्ना श्याम,निशा,सुजाता,राखी,सुमन,रोहित चौहान,जसबीर कौर,भावना,रोशनी,पूनम आदि थे! </p>
<p>मंच ने शिक्षा निदेशक को चेताया है कि मंच को दिए गए आश्वासन अगर तीन दिनों के भीतर लागू नहीं हुए तो मंच की मीटिंग करके तीसरे चरण के आंदोलन की शुरुआत होगी। उन्होंने ऐलान किया कि आंदोलन तब तक चलेगा जब तक की निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लगती। </p>
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		<item>
		<title>अभिभावक डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में खुलकर सामने आएं:अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/06/himachal-student-parent-forum-appeal-others-to-join-protest-against-private-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Apr 2019 14:52:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-छात्र अभिभावक मंच पिछले एक महीने से प्रदेश के निजी स्कूलों और सरकार के गले की फांस बना हुआ है! लगातार कई विरोध प्रदर्शनों के बाद अब मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी,लूट व भारी फीसों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत लगभग 10 हज़ार पैम्फलेट बांटकर व शिमला शहर में लगभग दो हज़ार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/06/himachal-student-parent-forum-appeal-others-to-join-protest-against-private-schools/">अभिभावक डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में खुलकर सामने आएं:अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>-छात्र अभिभावक मंच पिछले एक महीने से प्रदेश के निजी स्कूलों और सरकार के गले की फांस बना हुआ है! लगातार कई विरोध प्रदर्शनों के बाद अब मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी,लूट व भारी फीसों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत लगभग 10 हज़ार पैम्फलेट बांटकर व शिमला शहर में लगभग दो हज़ार पोस्टर लगातार दूसरे चरण के आंदोलन का अभियान पूर्ण किया। आंदोलन के इस चरण में 8 अप्रैल को 11 बजे शिक्षा निदेशालय में महाधरना होगा। ये जानकारी मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में मीडिया को दी!  </p>
<p>उन्होंने शिमला शहर के अभिभावकों से 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ खुलकर सामने आएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के निरन्तर संघर्ष व आंदोलन के कारण ही 18 मार्च की अधिसूचना जारी हुई है। अभिभावकों की एकता के कारण ही सभी जिलों में उपनिदेशकों को निजी स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठक करनी पड़ी व स्कूलों के संचालन के लिए उचित दिशानिर्देशन करना पड़ा। इसके फलस्वरूप ही निदेशक उच्चतर शिक्षा को नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर 15 अप्रैल तक सख्त कार्रवाई करने व उनकी मान्यता रद्द करने की डेडलाइन जारी करनी पड़ी। </p>
<p>मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि वह निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए शीघ्र ही कानून व पॉलिसी लाए तथा रेगुलेटरी कमिशन का गठन करे अन्यथा आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि वे 18 मार्च 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना लागू करवाएं व जो स्कूल इसकी अवहेलना कर रहे हैं उनकी मान्यता तुरन्त रद्द की जाए व उन पर हिमाचल उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के कारण काँटेम्पट ऑफ कोर्ट के तहत  आपराधिक मुकद्दमे दर्ज किए जाएं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि उसके संरक्षण के कारण ही निजी स्कूल कुकुरमत्तों की तरह फल फूल रहे हैं व शिक्षा के बाजारीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। </p>
<p>मंच ने हिमाचल उच्च न्यायालय से गुज़ारिश की है कि वह 27 अप्रैल 2016 के हिमाचल उच्च न्यायालय के आदेशों की लागू करवाये व अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाये।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/06/himachal-student-parent-forum-appeal-others-to-join-protest-against-private-schools/">अभिभावक डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में खुलकर सामने आएं:अभिभावक मंच</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>रोक के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया में बच्चों के साथ-2अभिभावकों का इंटरव्यू कर रहे निजी स्कूल</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/03/shimlas-private-schools-interview-parents-before-admissions-despite-prohibition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Apr 2019 14:16:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Parents-Student Forum]]></category>
		<category><![CDATA[Private Schools]]></category>
		<category><![CDATA[St Edwards School Shimla]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- छात्र अभिभावक मंच ने आज सेंट एडवर्ड स्कूल हिमलैंड पर प्रदर्शन किया। छात्र अभिभावक मंच ने कहा कि सेंट एडवर्ड स्कूल न केवल फीसों,यूनिफॉर्म,किताबों,पिकनिक,ट्रिप,टूअर,एनुअल फंक्शन के नाम पर भारी लूट कर रहा है अपितु यह स्कूल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णयों की भी खुली अवहेलना कर रहा है जोकि उच्च न्यायालय की हाल ही [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/03/shimlas-private-schools-interview-parents-before-admissions-despite-prohibition/">रोक के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया में बच्चों के साथ-2अभिभावकों का इंटरव्यू कर रहे निजी स्कूल</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> छात्र अभिभावक मंच ने आज सेंट एडवर्ड स्कूल हिमलैंड पर प्रदर्शन किया। छात्र अभिभावक मंच ने कहा कि सेंट एडवर्ड स्कूल न केवल फीसों,यूनिफॉर्म,किताबों,पिकनिक,ट्रिप,टूअर,एनुअल फंक्शन के नाम पर भारी लूट कर रहा है अपितु यह स्कूल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णयों की भी खुली अवहेलना कर रहा है जोकि उच्च न्यायालय की हाल ही कि लताड़ से भी स्पष्ट है।</p>
<p>मंच ने कहा कि यह स्कूल हर वर्ष हज़ारों रुपये की फीस बढ़ोतरी कर रहा है। इसके अलावा शिक्षा का अधिकार कानून 2009 व मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वर्ष 2014 की गाइडलाइनज़ का खुला उल्लंघन कर रहा है तथा बच्चों व उनके अभिभावकों का इंटरव्यू करके प्रवेश प्रक्रिया में इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है जबकि क़ानून इंटरव्यू सिस्टम पर रोक लगाता है तथा इसे बच्चों व अभिभावकों की मानसिक प्रताड़ना करार देता है।</p>
<p>मंच ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय वर्ष 2014 में अपनी अधिसूचना के ज़रिए स्पष्ट कर चुका है कि शिक्षा का अधिकार कानून प्राइवेट स्कूलों व भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत स्थापित अल्पसंख्यक संस्थानों पर भी लागू होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्राइवेट स्कूलों में छात्रों की केपिटेशन फीस,सिक्योरिटी व सेफ्टी आदि को मॉनिटर करने के लिए भी शिक्षा का अधिकार कानून में प्रावधान किया है।</p>
<p>मंच के सदस्यों ने सेंट एडवर्ड स्कूल के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शन को मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा व हिमी देवी ने सम्बोधित किया। मंच ने फीसों के सन्दर्भ में 27 अप्रैल 2016 तथा पार्किंग व्यवस्था सहित बच्चों की सेफ्टी व सिक्योरिटी के संदर्भ में हाल ही में दिए गए हिमाचल उच्च न्यायालय के दोनों निर्णयों को लागू करने की मांग की। मंच ने घोषणा की है कि 8 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय में होने वाले विशाल धरने में सांडों लोग भाग लेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा है कि 15 अप्रैल 2018 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निजी शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सेफ्टी व सिक्योरिटी को सुनिश्चित करने के लिए निजी शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधनों को जवाबदेह बनाने के लिए दिशानिर्देश दिए थे। इसके तहत माननीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार व प्रदेश सरकारों को निर्देशित किया था कि छः महीनों के भीतर इन संस्थानों को मॉनिटर करने के लिए नियम बनने चाहिए और ये लागू होने चाहिए। इसके साथ ही 27 अप्रैल 2016 को हिमाचल उच्च न्यायालय ने फीसों को संचालित करने,एडमिशन फीस व बिल्डिंग फंड पर रोक लगाने के संदर्भ में आदेश दिया था। इस सबके बावजूद हिमाचल सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया है।</p>
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		<title>प्राइवेट की जगह पब्लिक शब्द इस्तेमाल कर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हिमाचल के निजी स्कूल :अभिभावक मंच</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2019/04/01/himachals-private-schools-tricking-parents/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Apr 2019 11:38:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Parents-Students Forum]]></category>
		<category><![CDATA[Private Schools]]></category>
		<category><![CDATA[shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Vijender Mhera]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला&#8211; छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी व भारी फीसों के खिलाफ आज दिनांक 1 अप्रैल को सरस्वती पैराडाइज़ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी संजौली के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया ये स्कूल 18 मार्च की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना के बावजूद छात्रों व अभिभावकों पर भारी फीसें लाद रहे हैं। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला</strong>&#8211; छात्र अभिभावक मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी व भारी फीसों के खिलाफ आज दिनांक 1 अप्रैल को सरस्वती पैराडाइज़ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी संजौली के बाहर प्रदर्शन किया। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया ये स्कूल 18 मार्च की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना के बावजूद छात्रों व अभिभावकों पर भारी फीसें लाद रहे हैं। </p>
<p> मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि निजी स्कूल की मनमानी का आलम यह है कि प्राइवेट स्कूल होने के बावजूद ये स्कूल अपने बिजनेस को चमकाने के लिए अपने नाम के साथ प्राइवेट के बजाए पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करके जनता व अभिभावकों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। </p>
<p> मेहरा ने कहा कि इन स्कूलों का दोगलापन कमाल का है कि अपने स्कूल में छात्रों व अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए ये स्कूल प्राइवेट के बजाए पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करते हैं परन्तु जब भारी फीसें वसूलनी हों तब ये कहते हैं कि हम पब्लिक अथवा सरकार के स्कूल नहीं हैं इसलिए हम पर फीस के संदर्भ में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता। </p>
<p>विजेंद्र मेहरा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों को पब्लिक स्कूल शब्द इस्तेमाल करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के द्वारा फीसों में भारी बढ़ोतरी की जा रही है व आई कार्ड के नाम पर भी भारी ठगी की जा रही है। इसके अलावा पिकनिक को स्वैच्छिक करने के बजाए अनिवार्य करके अभी भी हज़ारों रुपये वसूले जा रहे हैं।</p>
<p> सरस्वती पैराडाइज़ स्कूल में आई कार्ड व डायरी के नाम पर 260 रुपये वसूले जा रहे हैं।  उन्होंने सरस्वती पैराडाइज़ स्कूल से भारी फीसों में तुरन्त कटौती की मांग की है अन्यथा इस स्कूल के खिलाफ मोर्चेबन्दी कि चेतावनी दी! </p>
<p>इससे पहले अभिभावक ऑकलैंड, चैप्सली, और <a href="http://hindi.himachalwatcher.com/2019/03/30/shimlas-private-school-earning-profits-higher-than-big-industries/">डी ऐ वी स्कूल</a> के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके लिए इन अभिभावकों पर पुलिस मुकदम्मे भी दर्ज़ हैं!    </p>
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