<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Poor Health Services Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<atom:link href="https://hindi.himachalwatcher.com/tag/poor-health-services/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/poor-health-services/</link>
	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
	<lastBuildDate>Wed, 26 Oct 2016 10:38:11 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://hindi.himachalwatcher.com/wp-content/uploads/2025/05/HW-Logo-80x80.png</url>
	<title>Poor Health Services Archives - हिमाचल वॉचर</title>
	<link>https://hindi.himachalwatcher.com/tag/poor-health-services/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल में आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा ना होने के कारण जनता मोटी रकम खर्चने  को मजबूर</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/no-dialysis-facility-at-igmc-shimla-for-outdoor-patients/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Oct 2016 10:38:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[Dialysis Facility]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh Health Minister]]></category>
		<category><![CDATA[IGMC Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[NRHM]]></category>
		<category><![CDATA[Poor Health Services]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=8337</guid>

					<description><![CDATA[<p>भराड़ी में आउटडोर मरीजों से डायलिसिस के 2,500 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कुमारहट्टी में 1100 से 1500 रुपए लिए जा रहे हैं। शिमला- हिमाचल प्रदेश में मात्र 03 अस्पताल ऐसे हैं जहां आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं, प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में यह सुविधा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/no-dialysis-facility-at-igmc-shimla-for-outdoor-patients/">हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल में आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा ना होने के कारण जनता मोटी रकम खर्चने  को मजबूर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भराड़ी में आउटडोर मरीजों से डायलिसिस के 2,500 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कुमारहट्टी में 1100 से 1500 रुपए लिए जा रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>शिमला-</strong>  हिमाचल प्रदेश में मात्र 03 अस्पताल ऐसे हैं जहां आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा उपलब्ध है। इतना ही नहीं, प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में यह सुविधा नहीं है। अभी तक केवल सोलन, मंडी और धर्मशाला तीन ऐसे अस्पताल हैं जहाँ पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। अगर बात  प्रदेश के सबसे बड़े  अस्पताल  आईजीएमसी की करे तो  महज इनडोर मरीजों के लिए ही डायलिसिस की सुविधा है उपलब्ध है , जबकि आउटडोर मरीजों के लिए यहां डायलीसिस की व्यवस्था नहीं है। आउटडोर मरीजों को डायलिसिस के लिए भराड़ी, कुमारहट्टी या चंडीगढ़ जाना पड़ता है। यहां पर मरीजों से दुगने और तीगुने दाम वसूले जा रहे हैं। </p>
<p>शिमला के भराड़ी में आउटडोर मरीजों से डायलिसिस के 2,500 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कुमारहट्टी में 1100 से 1500 रुपए लिए जा रहे हैं। सोलन, मंडी और धर्मशाला में करीब एक साल पहले ही सेंटर शुरू किए गए हैं। यहां पर इनडोर के साथ -साथ आउटडोर मरीजों को भी डायलिसिस देने की सुविधा है। किडनी फेल होने की स्थिति मरीज को कई बार अस्पताल जाकर डायलिसिस करवाना होता है। ऐसे मरीजों को अस्पताल में दाखिल नहीं किया जाता और उन्हें सप्ताह में एक या दो बार डायलीसिस करवाने की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें आउटडोर डायलिसिस दिया जाता है।</p>
<p><strong>पहले थी आईजीएमसी में  आउटडोर पेशेंट्स के लिए डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना </strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि पहले आईजीएमसी में ही आउटडोर पेशेंट्स के लिए डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना थी। एनआएचएम ने इसके लिए प्रोपोजल भी तैयार कर दिया था, लेकिन आईजीएमसी में सेंटर खोलने के लिए जगह ही मुहैया नहीं करवाई गई। इसके बाद यह सेंटर धर्मशाला में खोला गया। प्रदेश में डायलीसिस सेंटर अभी तक आईजीएमसी में ही सुविधा मिल रही थी, जिससे दूरदराज के मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। सीटीवीएस विभाग में हार्ट संबंधी मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए लंबी-लंबी तारीखें दी जाती थीं।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/26/no-dialysis-facility-at-igmc-shimla-for-outdoor-patients/">हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल में आउटडोर मरीजों के डायलीसिस की सुविधा ना होने के कारण जनता मोटी रकम खर्चने  को मजबूर</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Oct 2016 12:53:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[himachal BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Health Services]]></category>
		<category><![CDATA[Poor Health Services]]></category>
		<category><![CDATA[Satpal Singh Satti]]></category>
		<category><![CDATA[Virbhadra Singh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://hindi.himachalwatcher.com/?p=7672</guid>

					<description><![CDATA[<p>केन्द्र द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का निकल गया कचूमर शिमला- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/">मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>केन्द्र द्वारा इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का निकल गया कचूमर<br />
</strong><br />
<strong>शिमला- </strong>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों के दिल्ली दौरों ने प्रदेश के प्रशासनिक ढाॅंचे को अस्त व्यस्त करके रख दिया है और रही सही कसर मुख्यमंत्री और संगठन में उपजे तनाव ने पूरी कर दी है। इस अव्यवस्था से उपजे निराशा के वातावरण का सीधा असर प्रदेश के विकास पर पड़ रहा है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र द्वारा उम्मीद से अधिक आर्थिक सहायता का भी प्रदेश सरकार उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही से पहले शिमला में पीलिया फैला जिसमें 35 लोगों की मृत्यु के साथ 33000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। फिर डेंगू और अब स्क्रब टाईफस 25 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। प्रदेश सरकार का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना शर्मनाक है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने प्रदेश के चार मैडिकल काॅलेजों के लिए 600 करोड़ रू0 दिए और पांच जिलों में ट्रामा केयर सैन्टर स्वीकृत किए। इसके साथ विŸाीय वर्ष 2014-15 में नैशनल हैल्थ मिशन के तहत 234 करोड़ रू0 व वर्ष 2015-16 में 298.48 करोड़ रू0 की आर्थिक सहायता प्रदान की है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में 7552 आशा वर्कस लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने 15.24 करोड़ रू0 के साथ 2744 अनुबन्ध पर रखे जाने वाले कर्मियों के पदों की स्वीकृति दी है और धन भी उपलब्ध करवाया है। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश को 33 करोड़ रू0 और प्रदेश में गरीब लोगों को मुफत दवाईयां उपलब्ध करवाने के लिए 61 करोड़ रू0 स्वीकृत किए हैं। इसी के साथ प्रदेश में आधारभूत संरचनाएं खड़ी करने के लिए 60 करोड़ रू0 और गाड़ियां व ऐम्बूलैंस खरीदने के लिए 3.46 करोड़ रू0 का प्रावधान किया है। </p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इतना कुछ देने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस सरकार इस धन का उचित उपयोग नहीं कर पा रही है। प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और स्वयं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में ही स्वास्थ्य सेवाओं का कचूमर निकल गया है।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/10/01/poor-health-services-in-himachal-pradesh-despite-aid-from-centre/">मुख्यमंत्री पद की आस में मंत्रियों और मुकदमों में व्यस्त मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों ने अस्त व्यस्त किया प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा: सत्ती</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
