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	<title>panthaghati Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>शिमला नगर निगम बिना सूचित किये रात्रि 2:30 बजे पानी की सप्लाई कर बना रहा जनता का अप्रैल फूल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Apr 2016 14:02:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी में नगर निगम प्रशासन रात के 2.30 बजे पानी की आपूर्ति कर आम जनता को एक नई टैंशन दे रहा है। दरअसल नगर निगम ने शहर में पानी की सप्लाई टाइमिंग में बदलाव किया है लेकिन हैरानी इस बात की है कि निगम ने इस बात की सूचना आम जनता तक पहुंचाना मुनासिब [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी में नगर निगम प्रशासन रात के 2.30 बजे पानी की आपूर्ति कर आम जनता को एक नई टैंशन दे रहा है। दरअसल नगर निगम ने शहर में पानी की सप्लाई टाइमिंग में बदलाव किया है लेकिन हैरानी इस बात की है कि निगम ने इस बात की सूचना आम जनता तक पहुंचाना मुनासिब नहीं समझा। </p>
<p>शहर के छोटा शिमला जोन के तहत कसुम्पटी, विकास नगर, न्यू शिमला, खलीनी, झिझड़ी, देवनगर, आंजी, मैहली, पंथाघाटी, बी.सी.एस व मल्याणा इत्याादि क्षेत्रों में रात को पानी की आपूर्ति की जा रही है, वहीं शहर की आधी जनता को निगम के इस नए कारनामे की जानकारी तक नहीं है।</p>
<p>इसके चलते शहर की आधी जनता यह सोच कर परेशान है कि निगम पानी की आपूॢत कर ही नहीं रहा है जबकि पानी की सप्लाई आने के बाद भी लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। जो लोग रात के समय अपना नल खुला छोड़ते हैं वे तो पानी भर लेते हैं लेकिन जो पेयजल आपूर्ति की पुरानी टाइमिंग के अनुसार चले हैं उन्हें सुबह के समय पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, ऐसे में लोग समझ रहे हैं कि पानी की आपूर्ति ही नहीं हो रही है जिससे लोगों की टैंशन और बढ़ गई है। </p>
<p>नगर निगम प्रशासन शहर में पानी की किल्लत को कम करने का दावा कर रहा है लेकिन सप्लाई टाइमिंग में बदलाव करने से यह समस्या और भी बढ़ गई है क्योंकि सप्लाई टाइमिंग में बदलाव से आम जनता बेखबर है,ऐसे में लोगों को दिक्कत बढ़ती जा रही है।</p>
<p><em>File Photo: TNS</em></p>
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		<title>नही मिल रहा पीने का पानी , शिमला में गहरा सकता है पेयजल संकट</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/26/water-problem-in-shimla/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[तरुण शर्मा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Mar 2016 12:39:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- राजधानी शिमला में पिछले चार दिन से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आइपीएच विभाग की ओर से पानी की कम आपूर्ति किए जाने के कारण नगर निगम के जल भंडारण टैंकों का जलस्तर निम्न हो गया है। नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने बताया कि होली पर काफी संख्या में पर्यटक [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  राजधानी शिमला में पिछले चार दिन से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आइपीएच विभाग की ओर से पानी की कम आपूर्ति किए जाने के कारण नगर निगम के जल भंडारण टैंकों का जलस्तर निम्न हो गया है।</p>
<p>नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने बताया कि होली पर काफी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे थे। इससे शहर में पानी का संकट गहरा गया। हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में पानी का संकट और ज्यादा हो सकता है। ऐसे में शिमला में चौथे से पांचवें दिन पानी की आपूर्ति हो सकती है। अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां चौथे से पांचवें दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। </p>
<p>शुक्रवार को छोटा शिमला, लांगवुड, संजौली, टुटू, बालूगंज, खलीणी, कुसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, न्यू शिमला, विकासनगर आदि प्रमुख स्थानों पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। शिमला में शहरवासियों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि आइपीएच विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है। इस कारण पेयजल आपूर्ति कुछ क्षेत्रों में बाधित हो रही है। </p>
<p>शिमला में पीलिया फैलने के बाद अश्विनी खड्ड परियोजना जनवरी महीने से बंद है। इस कारण शहर में 30 से 31 एमएलडी पानी ही आपूर्ति हो रहा है जबकि शिमला शहर की मांग 43 से 45 एमएलडी पानी की है।</p>
<p>Representational Image</p>
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		<title>जतोग-संजौली रूट पर  एकमात्र एच .आर. टी. सी. बस को मनमर्जी से चला रहे चालक, परिचालक : विकास समिति टुटू</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/14/hrtc-bus-service-on-sanjauli-jatog-route/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Mar 2016 13:56:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- विकास समिति टुटू के अध्यक्ष का कहना है कि गत वर्ष परिवहन निगम की जतोग-संजौली रुट पर दो बसों के रुट परमिट होने के बावजूद भी एक बस के पलायन पर भी आम जनता को परिवहन प्रशासन की बेरूखी के कारण उक्त बस सेवा की उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है! विकास समिति [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/14/hrtc-bus-service-on-sanjauli-jatog-route/">जतोग-संजौली रूट पर  एकमात्र एच .आर. टी. सी. बस को मनमर्जी से चला रहे चालक, परिचालक : विकास समिति टुटू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>  विकास समिति टुटू के अध्यक्ष का कहना है कि गत वर्ष परिवहन निगम की जतोग-संजौली रुट पर दो बसों के रुट परमिट होने के बावजूद भी एक बस के पलायन पर भी आम जनता को परिवहन प्रशासन की बेरूखी के कारण उक्त बस सेवा की उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है! विकास समिति टुटू ने कहा क़ि बड़ी जद्दोजहद के बावजूद परिवहन प्रशासन ने इस रुट पर मात्र एक बस चलाई है लेकिन उसका पलायन भी चालकों परिचालकों व् परिवहन प्रशासन की मनमर्जी से हो रहा है! </p>
<p>समिति का कहना है कि उन्होंने क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा जारी ब्यान के मुताबिक़ इस बस सेवा का आखिरी प्रस्थान समय बस अड्डा से जतोग के लिए 9 बजकर कर 15 मिनट निर्धारित किया गया है लेकिन कल जब उन्होने बस में सफर करते हुये चालक परिचालक की जानकारी ली तो पता चला की शाम 6.00 बजे के बाद जतोग के लिए इस बस का प्रस्थान नहीं किया जाता है!</p>
<p>समिति ने कहा कि लंबे समय से बार-बार जतोग,टुटू व आसपास की जनता से समिति को शिकायतें मिल रही हैं की बहाल की गई बस सेवा मनमर्जी से चल रही है! समिति अध्यक्ष ने कहा कि निर्धारित टाईम-टेबल अनुसार परिवहन बस सेवा को न चलाये जाने पर कुछ निम्न स्तर के प्रशानिक अधिकारियों की निजी बस मालिकों के साथ मिली भगत होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है!</p>
<p>समिति ने आरोप लगा के कहा कि जब बाढ़ ही खेत को खाने लग जाये तो फसल कहाँ से उगेगी और यही हाल सिटी एरिया में परिवहन निगम की स्थानीय बस सेवाओं का है! समिति ने यह भी कहा कि बस न चलाने के कारण जतोग बस की सवारियाँ धामी बस में लोकल सवारियों सफर करने को मजबूर है जिस कारण धामी को जाने वाले सवारियों को खली सीटें नहीं मिल पाती!</p>
<p>समिति अध्यक्ष का यह भी कहना है कि निजी बसें तो इस रूट पर बिना परमिट के रात दस बजे तक चल रही है लेकिन परिवहन निगम की बस सेवा परमिट होने के बावजूद भी निर्धारित टाईम-टेबल अनुसार नहीं रात्रि नौ बजे तक भी नहीं चल रही है जबकि न्यू-शिमला,पन्थाघाटी,संजौली इलाकों को रात्रि दस बजे तक सेवाएँ दी जा रही हैं!</p>
<p>समिति ने कहा कि देखा गया है की शिमला में प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमराने के कारण और निजी बस मालिकों की मनमर्जी से बसों को चलाने और रोकने के कारण शहर की जनता को बेहतर सिटी सर्विस नहीं मिल पा रही है जिस कारण शिमला में रोजाना ट्रैफिक जाम लगता है! समिति ने जतोग-संजौली रूट पर दोनों बसों को बहाल करने की और समय पर चलाने की मांग की है ताकि शिमला ग्रामीण जो की मुख्यमंत्री की निर्वाचन क्षेत्र है उसे बेहतर परिवहन सेवा प्राप्त हो सके!</p>
<p><em>Photo: Himachal Watcher/Representational  Image</em></p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2016/03/14/hrtc-bus-service-on-sanjauli-jatog-route/">जतोग-संजौली रूट पर  एकमात्र एच .आर. टी. सी. बस को मनमर्जी से चला रहे चालक, परिचालक : विकास समिति टुटू</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>आईपीएच मंत्री ने दिए  पीलिया को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2013/03/01/%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhawana Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Mar 2013 15:52:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#8220;शिमला शहर में पीलिया रोग अपने पांव पसरता जा रहा है जिसे ले कर प्रशासन द्वारा संभव एहतियात कदम उठाए जा रहे है ताकी इस रोग की चपेट में आने वाले रोगियों की संख्या पर रोक लगाई जा सकें&#8221; शिमला शहर के विकासनगर कसुम्पटी और पंथाघाटी से पीलिया रोग के सबसे ज्यादा मामले सामने आ [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/03/01/%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">आईपीएच मंत्री ने दिए  पीलिया को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3>&#8220;शिमला शहर में पीलिया रोग अपने पांव पसरता जा रहा है जिसे ले कर प्रशासन द्वारा संभव एहतियात कदम  उठाए जा रहे है ताकी इस रोग की चपेट में आने वाले रोगियों की संख्या पर रोक लगाई जा सकें&#8221;</h3>
<p>शिमला शहर के विकासनगर कसुम्पटी और पंथाघाटी से पीलिया रोग के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे है । शिमला शहर मे विशेषकर अश्वनी खडड जलापूर्ति योजना से जुडे क्षेत्रों में पीलिया के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे है। सरकार शहर में फैल रहें इस रोग को फैलने से रोकने के लिए हर संभव उपाए कर रही है।</p>
<p>इसी के चलते सिंचाई एंव जन स्वास्थ्य एंव शहरी विकास विभागों तथा शिमला नगर निगम के अधिकारियों के साथ शहर में फैल रहे पीलिया रोग के मामले को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सिंचाई एंव जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने स्वास्थ्य विभाग तथा शिमला नगर निगम को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां अश्वनी खड्ड से पानी की आपूर्ति की जा रही है। </p>
<p>उन्होंने शहरवासियों को की जा रही पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता जांचने तथा मल्याणा उपचार संयंत्र के बहिःस्राव की गुणवत्ता के लिए अल्पावधि एवं दीर्घावधि उपाय सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को मल्याणा मल निकासी उपचार संयंत्र तथा अश्वनी खड्ड जलापूर्ति योजना के सुनियोजित कार्यान्वयन को सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>वहीं शिमला शहर से लगते क्षेत्रों में प्रदूषित स्थानीय जल स्रोतों के उपयोग को  भी बंद करने के निर्देश दिए है  इन क्षेत्रों में नगर निगम शिमला जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित बनाएगा। नगर निगम जल ग्रहण क्षेत्र में आने वाले सभी मकानों को मल निकासी प्रणाली से जोड़ने के लिए अभियान चलाने के साथ.साथ उन मकानों के पानी के कुनैक्शन काटने के निर्देश भी दिए गए है  जिनके पास मल निकासी कुनैक्शन नहीं है।</p>
<p>वही बैठक में मल्याणा मल निकासी उपचार संयंत्र तथा अश्वनी खड्ड पेयजल आपूर्ति योजना से सैंपल लेने के लिए दो टीमें गठित करने का निर्णय लिया गया। </p>
<p>स्टोक्स ने कहा कि नगर निगम को ज्वाहर लाल नेहरु शहरी नवीकरण मिशन के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर अश्वनी खड्ड जल प्रवाह क्षेत्र में मल निकासी परियोजना की मुरम्मत का कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों का मलबे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने के लिए भी कहा ताकि इसके कारण जलापूर्ति एवं मल निकासी पाइपों को नुक्सान न पहुंचे। उन्होंने नए भवनों में वर्षा जल संग्रहण प्रणाली सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>विद्या स्टोक्स ने वर्षा के दौरान सैप्टिक टैंकों से स्थानीय नालों में बहने वाले मल पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम को ऐसे क्षेत्र चिन्हित कर उन्हें मल निकासी प्रणाली से जोड़ना चाहिए। </p>
<p>नगर निगम के उप महापौर टिकेन्द्र पंवर ने कहा कि मल उपचार संयंत्र से प्रवाहित होने वाले मल के कारण शिमला के कुछ क्षेत्रों में पीलिया के मामले सामने आने का अंदेशा है। </p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2013/03/01/%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">आईपीएच मंत्री ने दिए  पीलिया को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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