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	<title>Pandoh Dam Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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	<title>Pandoh Dam Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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		<title>मंडी: बारात से लौटती गाड़ी खाई में गिरी, दूल्हे के भाई-भाभी और भतीजी समेत पांच की मौत</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2025/04/26/pandoh-dam-car-accident/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Apr 2025 11:28:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मंडी &#8211; 26 अप्रैल 2025 &#8211; शुक्रवार शाम बारात लेकर वापिस लौट रही एक गाड़ी पंडोह डैम के समीप हादसे का शिकार हो गई। गाड़ी अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दूल्हे के बड़े भाई-भाभी और मासूम भतीजी सहित पांच लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडी &#8211;</strong> <em>26 अप्रैल 2025 &#8211;</em> शुक्रवार शाम बारात लेकर वापिस लौट रही एक गाड़ी पंडोह डैम के समीप हादसे का शिकार हो गई। गाड़ी अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दूल्हे के बड़े भाई-भाभी और मासूम भतीजी सहित पांच लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई।</p>
<p>घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर पुलिस को सूचना दी। हादसे में गाड़ी इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी कि शवों को बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।</p>
<p>पुलिस टीम ने किश्ती के माध्यम से शवों को पानी के रास्ते किनारे तक पहुंचाया। मृतकों में दुनी चंद (35) , कांता देवी (30)पत्नी दुनी चंद, काजल ( 8 माह) पुत्री दुनी चंद , दाहलु राम पुत्र थलिया राम और नेपाल मूल की मीना देवी शामिल है।</p>
<p>थाना प्रभारी सदर देश राज ने हादसे की पुष्टि की है। वहीं आज शनिवार को शमशान घाट पर दूल्हे ने एक साथ चार चिताओं को मुखाग्नि दी।</p>
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		<title>ब्यास नदी का बढ़ा जलस्तर, लारजी और पंडोह डैम से छोड़ा गया पानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Jun 2018 15:31:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>मंडी : पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में इजाफा हो गया है। नदी पर बने दो प्रमुख बांधों के जलस्तर में भी इजाफा होने के कारण यहां से पानी छोड़ दिया गया है। सोमवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे लारजी और पंडोह डैम से ब्यास में पानी छोड़ा गया। बीबीएमबी [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडी </strong>: पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में इजाफा हो गया है। नदी पर बने दो प्रमुख बांधों के जलस्तर में भी इजाफा होने के कारण यहां से पानी छोड़ दिया गया है। सोमवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे लारजी और पंडोह डैम से ब्यास में पानी छोड़ा गया। बीबीएमबी प्रबंधन ने कुछ समय पहले ही इसकी चेतावनी जारी कर दी थी। इसी के तहत सुबह जब डैम में जलस्तर अधिक पाया गया तो डैम के गेट खोलकर नदी में पानी छोड़ दिया गया।</p>
<p>इस बावत जिला प्रशासन और नदी के किनारे आने वाली पंचायतों को भी सूचित कर दिया गया। वहीं प्रबंधन की सायरन वैन नदी के किनारे दौड़ाई जा रही हैं और लोगों को आगाह किया जा रहा है कि वे इसके किनारे न जाएं। बीबीएमवी के कार्यकारी अधिशाषी अभियंता राजेश हांडा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण पानी छोड़ा गया है। लारजी डैम से पानी छोड़ने के कारण डैम का जलस्तर बढ़ गया था जिस कारण पानी छोड़ना पड़ा है। उन्होंने लोगों से आहवान किया है कि वे नदी के किनारे न जाएं। जब तक वॉटर लेबल सामान्य नहीं होगा यह पानी छोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2018/06/04/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b2/">ब्यास नदी का बढ़ा जलस्तर, लारजी और पंडोह डैम से छोड़ा गया पानी</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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		<item>
		<title>वैज्ञानिकों का खुलासा- हाइड्रो प्रोजेक्टों के अंधाधुंध निर्माण से चढ़ रहा हिमाचल के पहाड़ों  का तापमान</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2016/07/16/himachals-hydro-power-projects-causing-rise-in-temperature/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Jul 2016 10:33:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हाइड्रो प्रोजेक्टों के अंधाधुंध निर्माण से भी पहाड़ तपने लगे हैं,अध्ययन के अनुसार लारजी और पंडोह डैम के निर्माण के बाद कुल्लू-मनाली के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। शिमला- हाइड्रो प्रोजेक्टों के अंधाधुंध निर्माण से भी पहाड़ तपने लगे हैं। हाइड्रो पावर प्रोजेक्टों के वाटर रेजरवायरों से उत्सर्जित मिथेन गैस से ठंडे पहाड़ों का [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हाइड्रो प्रोजेक्टों के अंधाधुंध निर्माण से भी पहाड़ तपने लगे हैं,अध्ययन के अनुसार लारजी और पंडोह डैम के निर्माण के बाद कुल्लू-मनाली के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।</strong></p>
<p><strong>शिमला- </strong> हाइड्रो प्रोजेक्टों के अंधाधुंध निर्माण से भी पहाड़ तपने लगे हैं। हाइड्रो पावर प्रोजेक्टों के वाटर रेजरवायरों से उत्सर्जित मिथेन गैस से ठंडे पहाड़ों का पारा चढ़ रहा है। डैमों से निकलने वाली सीएच-4 मिथेन गैस आबोहवा को गर्म कर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रही है।<br />
ठंड के चलते प्रदेश के जिन इलाकों में साल भर ऊन के कपड़े पहनने पड़ते थे, वहां अब गर्मियों में पंखे और कूलर चल रहे हैं। हिमाचल के कई इलाकों में पन बिजली परियोजनाओं के विशाल डैमों के निर्माण से मई- जून में तापमान 33 से 41 डिग्री तक चढ़ रहा है।</p>
<p>इनके बनने से पहले यहां तापमान 20 और 24 डिग्री के बीच रहता था। जीबी पंत नेशनल पर्यावरण अनुसंधान केंद्र मौहल के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।</p>
<p><strong>वैज्ञानिकों के अध्ययन में हुआ खुलासा</strong></p>
<p>संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक जेसी कुनियाल की अगुवाई में हुए इस अध्ययन के अनुसार लारजी और पंडोह डैम के निर्माण के बाद कुल्लू-मनाली के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।</p>
<p>इसरो की मदद से मनाली के कोठी में स्थापित ऑब्जर्वेटरी के आंकड़े बताते हैं कि इसका असर ग्लेशियरों पर भी दिखने लगा है। पहले जहां मनाली क्षेत्र के लोग साल भर ऊनी कोट पहने रखते थे।</p>
<p>अब इस क्षेत्र में लोगों को घरों में पंखे लगाने पड़ रहे हैं। इसी तरह गोबिंद सागर डैम के निर्माण से पहले बिलासपुर और पौंग डैम बनने से पहले कांगड़ा में भी इतनी गर्मी नहीं पड़ती थी।</p>
<p><strong>सेब की फसल पर भी असर</strong></p>
<p>बागवानी उपनिदेशक रोशन लाल का कहना है कि कुछ अरसा पहले तक कुल्लू के बजौरा में सेब की फसल होती थी, लेकिन तापमान में एकाएक बढ़ोतरी से अब सेब की बेल्ट बजौरा के बजाय रायसन तक खिसक गई है।</p>
<p>कुल्लू फल उत्पादक मंडल के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय का कहना है कि पहले तापमान कम रहने से पूरा साल पहाड़ों पर बर्फ रहती थी। इससे फसल भी बेहतर रहती थी। सेब की सेल्फ लाइफ ज्यादा थी।</p>
<p>पंखे- कूलर यहां के लिए अनजानी चीजें थीं। लेकिन गर्मी बढ़ने से फसल को तुड़ान के एकदम बाद मार्केट में लाना पड़ता है ताकि यह खराब न हो जाए।</p>
<p><strong>लेह-लद्दाख की ओर मुड़ रहे सैलानी</strong></p>
<p>हिमालय के जानकार और इतिहासकार छेरिंग दोरजे का कहना है कि करीब डेढ़ सौ साल पहले कर्नल जॉनसन, रैनिक, मिनिकन एवं थॉमस जैसे अंग्रेज अफसरों ने कुल्लू व मनाली का मौसम इंग्लैंड की तरह होने के चलते यहां बसने का इरादा बनाया था।</p>
<p>लेकिन, अब अंग्रेज सैलानी भी गर्मियों के मौसम में यहां ठहरने की बजाए लेह-लद्दाख का रुख करने लगे हैं।</p>
<p>Photo: WikiMedia/Representational image</p>
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		<item>
		<title>हिमाचल में राशन डिपुओ में सस्ते दामो पर मिलेगा राशन</title>
		<link>https://hindi.himachalwatcher.com/2015/12/28/cheaper-ration-at-himachal-ration-depot/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Dec 2015 14:10:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य खबरे]]></category>
		<category><![CDATA[Government Ration Depots]]></category>
		<category><![CDATA[GS Bali]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Lakes]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Transportation]]></category>
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		<category><![CDATA[Pandoh Dam]]></category>
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		<category><![CDATA[Water-Ways Himachal]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- हिमाचल के लोगो को अब सरकारी राशन की दुकानों में सस्ते दामो पर राशन मिलेगा ! प्रदेश सरकार अब लोगों को राजमाह 30 रुपए किलो और दूसरी दालें 50 रुपए से कम दामों पर उपलब्ध होंगी। शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान परिवहन और खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा की प्रदेश सरकार [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/12/28/cheaper-ration-at-himachal-ration-depot/">हिमाचल में राशन डिपुओ में सस्ते दामो पर मिलेगा राशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> हिमाचल के लोगो को अब सरकारी राशन  की दुकानों में  सस्ते दामो पर राशन मिलेगा ! प्रदेश सरकार  अब लोगों को राजमाह 30 रुपए किलो और दूसरी दालें 50 रुपए से कम दामों पर उपलब्ध होंगी। शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान  परिवहन और खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने  कहा की प्रदेश  सरकार ने लोगो को सस्ते दामो पर राशन मुहैया करवाने का वादा किया था और विभाग हर संभव कोशिश कर रहा है की लोगो को कम दामो पर डिपू में राशन उपलब्ध हो सखे !और विभाग राशन के दाम भी नही बढ़ाएगा !</p>
<p><iframe width="700" height="400" src="https://www.youtube.com/embed/s8IxmHHi9o0" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></p>
<p>उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के लोगों को राजमाह 30 रुपए किलो, चने 35 रुपए किलो और मसूर की दाल 45 रुपए किलो, तेल 55 रुपए किलो के हिसाब से मिलेगा। और अब डिपुओ में  समय पर राशन भी उपलब्ध होगा ! परिवहन मंत्री ने कहा कि इसके अलावा प्रदेश में जल्द ही 25 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी और केंद्र से 50 बसों की और डिमांड की जाएगी। और लोगो को अब वॉल्वो बसों में डिमांड पर परिवहन निगम कम्बल भी कम दरो पर मुहैया करवाएगा !</p>
<p><strong>हिमाचल की झीलों पर चलेगे वाटर यान </strong></p>
<p>हिमाचल की झीलों पर जल्द वाटरयान चलेगे ! हिमाचल में जल परिवहन  राज्यमें वाटरवेज यानी जलमार्ग तय करने के लिए इन्लैंड वाटर ट्रांस्पोर्ट विशेषज्ञों की टीम पहुंची है। मुंबई से आई विशेषज्ञों की टीम हिमाचल में जल परिवहन की संभावना तलाशेगी। इसके लिए पौंग, गोबिंदसागर, चमेरा व पंडोह झीलों की सर्वे किया जाएगा।  परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा की कि इन्लैंड वाटर ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञों की टीम सभी जगह विस्तार से सर्वे करेगी। यह टीम चारों झीलों की क्षमता का आकलन भी करेगी। बाद में इन्हें नेशनल वाटरवेज घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। </p>
<p>हिमाचल में पहली बार नेशनल वाटरवेज का कंसेप्ट शुरू होने की उम्मीद है। इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के साधन मिलेंगे।इसके अलावा जलमार्ग शुरू होने से सडक़ परिवहन सहूलियत से चलेगा। सडक़ों पर वाहनों की संख्या नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>उनोहने कहा कि  मंडी जिला की पंडोह झील, चंबा की चमेरा व कांगड़ा की पौंग झील में भी वाटरयान चल सकेंगे। इस कवायद का लाभ पर्यटन को भी मिलेगा। लेक सर्फिंग करने के इच्छुक सैलानी हिमाचल की ओर आकर्षित होंगे।</p>
<p>The post <a href="https://hindi.himachalwatcher.com/2015/12/28/cheaper-ration-at-himachal-ration-depot/">हिमाचल में राशन डिपुओ में सस्ते दामो पर मिलेगा राशन</a> appeared first on <a href="https://hindi.himachalwatcher.com">हिमाचल वॉचर</a>.</p>
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