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	<title>illegal construction Archives - हिमाचल वॉचर</title>
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	<description>एक सामाजिक जागृति</description>
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		<title>संशोधित टीसीपी विधेयक पास करना पर अवैध भवनों की ज़िम्मेदारी से हाथ पीछे खीचना सरकार की दोहरी चाल:  भाजपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Sep 2016 14:34:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला-हिमाचल सरकार ने भले ही अवैध भवनों को नियमित करने के लिए विधानसभा में संशोधित टीसीपी विधेयक पास कर दिया हो लेकिन इन भवनों की ज़िम्मेदारी लेने से हाथ पीछे खींच लिए है! प्रदेश सरकार ने इसकी पूरी जिम्मेदारी स्ट्रक्चर पास करने वाले इंजीनियरो पर डाली है! इंजीनियरो ने भी स्पष्ट कर दिया की प्रमाण [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong>हिमाचल सरकार ने भले ही अवैध भवनों को नियमित करने के लिए  विधानसभा में संशोधित टीसीपी विधेयक पास कर दिया हो लेकिन इन भवनों की ज़िम्मेदारी लेने से हाथ पीछे खींच लिए है! प्रदेश सरकार ने इसकी पूरी जिम्मेदारी स्ट्रक्चर पास करने वाले इंजीनियरो पर डाली है! इंजीनियरो ने भी स्पष्ट कर दिया की प्रमाण पत्र सिर्फ उन्हें ही दिया जा सकता है जो भवन उनकी देख रेख में बने है!</p>
<p>सवाल ये उठता है की हिमाचल प्रदेश में कई भवन ऐसे है जो की काफी वर्षो से बने हुए है उन भवनों को न तो किसी भी इंजीनियर व् वास्तुकार ने बनाया है परन्तु वो भवन लोगो ने स्वयं अपने आप बनाये है! हिमाचल प्रदेश नाना प्रकार का प्रदेश है जहां पर शहर व् ग्राम दोनों प्रकार की भोगोलिक परिस्तिथिया है! ग्रामीण लोग अक्सर स्ट्रक्चर इंजीनियर व् वास्तुकार से सलाह नहीं लेते है परन्तु वो स्वयं अपने आप ही भवनों का निर्माण कर लेते है!</p>
<p>यह कहना है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री सतपाल सत्ती का जिन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार के टीसीपी संशोधन विधेयक पर सवाल उठाया है!</p>
<p>सत्ती ने कहा की कांग्रेस सरकार बड चढ़ के लोगो को विश्वास दिलाया कि सारे भवन इनकी शर्तो पर नियमित होंगे पर भाजपा ने जब इसका विरोध किया और इनकी महंगी दरो को सस्ता करने का अहवान किया! और &#8216;As it is, Where it is&#8217; यानि के जिस प्रकार से मकान बने है उसी प्रकार से स्वीकृत किये जाये यह भाजपा के शिमला से विधायक सुरेश भारद्वाज की मांग थी! सत्ती ने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने भाजपा के दबाव में आ कर विधेयक तो वापिस लिया और उस पर पुनः विचार किया और फिर से एक बार टीसीपी विधेयक में संशोधन किए पर आज एक बार फिर कांग्रेस सरकार लोगो को सुविधा देने में असफल रही है और स्वयं ही जनता की सुविधा में बाधा बन रही है !</p>
<p>सत्ती ने कहा की कांग्रेस सरकार ने यह धारा डाल जनता के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है ! इंजीनियर व् वास्तुकार उन्ही भवनों को स्वीकृति देंगे जो उन्होंने बनाये है परन्तु 80% लोग जिन्होंने अपने भवनों का स्वयं निर्माण किया है वो क्या करेगे यह एक बड़ा सवाल निकल कर आता है !</p>
<p>सतपाल सत्ती ने सरकार से जल्द से जल्द इस धारा को वापिस मांग की है की है तथा सरकार से इन भवनों की खुद ज़िम्मेदारी लेने व् एक सरल व्यवस्था खड़ी करने की मांग की है! </p>
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		<title>बेतरतीब,अवैज्ञानिक ढंग से बहुमंजिला इमारते बना खुद ही मौत का सामान तैयार कर रहे सोलन के लोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[हिमाचल वॉचर]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Sep 2016 12:02:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Featured]]></category>
		<category><![CDATA[सोलन]]></category>
		<category><![CDATA[DC Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Quakes]]></category>
		<category><![CDATA[HP State Disaster management Authority]]></category>
		<category><![CDATA[illegal construction]]></category>
		<category><![CDATA[Nagar Parishad Solan]]></category>
		<category><![CDATA[Pawan Gupta]]></category>
		<category><![CDATA[Rakesh Kanwar]]></category>
		<category><![CDATA[Solan city]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शिमला- रसूखदारों और सरकारी तंत्र की शह पर सोलन में बेतरतीब और अवैज्ञानिक ढंग से कंकरीट का जंगल खड़ा हो चुका है। नियमों को ताक पर रखकर निर्मित बहुमंजिला गगनचुंबी इमारतों का जाल हैरत में डालने वाला है। नियमों से यह खिलवाड़ भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में सैकड़ों की बलि लेने को तैयार है। [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला-</strong> रसूखदारों और सरकारी तंत्र की शह पर सोलन में बेतरतीब और अवैज्ञानिक ढंग से कंकरीट का जंगल खड़ा हो चुका है। नियमों को ताक पर रखकर निर्मित बहुमंजिला गगनचुंबी इमारतों का जाल हैरत में डालने वाला है। नियमों से यह खिलवाड़ भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में सैकड़ों की बलि लेने को तैयार है। प्रकृति पर किसी का जोर नहीं। लेकिन भूकंपरोधी भवनों का सही ढंग से निर्माण हो तो नुकसान को कम किया जा सकता है।    </p>
<p>अपार्टमेंट और बड़े भवनों का निर्माण की रफ्तार को प्रकृति ने हिंट भी दिए हैं। बारिश के मौसम में अब तक करीब एक दर्जन इमारतें जमींदोज हुई हैं। अधिकांश इमारतें सोलन और आसपास के क्षेत्रों में गिरी है। बावजूद इसके न तो प्रशासन न ही लोग सबक ले रहे हैं। पैसे और पावर के इस खेल में सब रोटियां सेंक रहे हैं। नगर परिषद सोलन ने इस खतरे को देखते हुए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>भवन निर्माण का नक्शा पास करवाते समय मकान मालिकों से प्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की लिखित गारंटी ली जा रही है। भूकंप की दृष्टि से सोलन पांचवें जोन में आता है। सोलन में अपार्टमेंट कल्चर सबसे खतरनाक है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में सन्नी साइड, देहूंघाट, बडोग, चंबाघाट, कंडाघाट और क्यारीघाट लगभग हर वह क्षेत्र जहां धड़ाधड़ बेतरतीब निर्माण हो रहा है खतरे की घंटी है।</p>
<p><strong>यहां यहां गिरी हैं इमारतें</strong></p>
<p>सोलन में अंबुशा के करीब देहूंघाट, बडोगा, ब्रुरी से चंबाघाट के बीच भवन गिर चुके है। हादसों दो प्रतिष्ठित लोग मारे जा चुके हैं, वहीं कई घायल भी हो चुके हैं। इसके अलावा कंडाघाट में भी हादसे हुए हैं। यह सभी हादसे किसी भूकंप से नहीं बल्कि बारिशों के मौसम के दौरान घटे हैं। हाल ही में कुमारहट्टी में गिरा स्कूल का भवन भी कई सवाल खड़े कर रहा है।</p>
<p><strong>ली जा रही गृह मालिकों से गारंटी</strong></p>
<p>नगर परिषद अध्यक्ष सोलन पवन गुप्ता ने कहा कि जो मामला सामने आता है उसे नोटिस जारी करके कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। दर्जनों लोगों के केस सेक्शन 211 के तहत लंबित पड़े हैं। कुछ न्यायालय में जा चुके हैं। स्थानीय लोगों को तय नियमों के तहत ही निर्माण की अपील की जा रही है। यही नहीं नक्शा पास करवाते वक्त मकान मालिक से अप्रूव नक्शे के आधार पर ही निर्माण की गारंटी ली जा रही है।</p>
<p>डीसी राकेश कंवर ने कहा कि सोलन में भवनों के निर्माण में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। बताया कि अभी कुछ समय पहले आपदा प्रबंधन से बचने के लिए मॉक ड्रिल भी की जा रही है। अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p>Photo: Solan Facebook Page</p>
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